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Tuesday, December 25, 2018

बहन को मजे से चोदा

incest sex यह घटना अब से करीब 4 साल पहले की है. मेरी बहन कपड़ो पर इतना ध्यान नही
देती थी। बहुत बार ऐसे बैठती थी की उसके बोब्स या फिर पेंटी नज़र आते
थे। मै इन्हे देखकर गर्म हो जाता था. कभी-कभार बाथरूम मे जाकर मुठ मार
लेता। अक्सर मै खेल-खेल मे अपनी रूपाली को छू-लेता या फिर उसके दूध पकड
के दबा
देता।
एक बार हमारे घर वाले मामा के यहाँ गये थे. आउट ऑफ स्टेशन. मे और मेरी
बहन नही गये. मैने अपनी हरकते करना शुरू कर दी. बात-बात पर उसके बोब्स पर
हाथ मारना. उसके बोब्स दबा देना। एक दिन रात को मैने एक बहुत हॉट फिल्म
देखी. मे गर्म हो गया। मैने देखा मेरी बहन बेड पर एक टॉप और स्कर्ट पहन
कर सो रही थी. मुझसे रहा नही गया।
मे धीरे से उसके बेड के पास जाकर बैठ गया. उसकी बॉडी को देखता रहा. धीरे
से उसके बोब्स टॉप के उपर से सहलाने लगा। फिर मैने उसकी स्कर्ट की ओर
देखा. मैने उसका स्कर्ट उपर सरका दिया। वाह क्या नज़ारा था. बहन की
गोरे-गोरे पैर. थोड़ी देर उसके पैर को सहलाता रहा. फिर मे तोडा और उपर
गया और सहलाने लगा और फाइनली उसकी वाइट “वी” शेप की वाइट पेंटी दिखी.
मुझसे रहा नही गया और मैने उसके चूत को सहलाया और चूमा. इससे मेरी बहन
जाग गयी।
वो हैरान थी और बोली ” भैया ! यह क्या कर रहे हो? शर्म नही आती अपनी बहन
के साथ ” मे बोला तू लड़की है. मे लड़का हूँ. मुझे मन किया तो मैने छू
लिया ” वो बोली ” नही, यह ग़लत है… मम्मी पापा को पता चलेगा तो क्या
बोलेंगे? तुम मेरे रूम से चले जाओ “. मे चुप-चाप चला गया।
अगले दिन सब कुछ नॉर्मल था. मुझे फिल्म देखने का बड़ा मन कर रहा था. मे
मार्केट गया और वहाँ से एक अच्छी और कुछ सेक्सी फिल्म ले आया। मेरे रूम
मे मेरा अलग टी वी. है। मैने एक सेक्सी फिल्म देखी और दूसरे को आधे मे
छोड़ कर नहाने चला गया. जब मे नहा रहा था तो मेरी बहन बाथरूम के बाहर से
चिल्लाई के उसे स्केल नही मिल रहा। मेने कहा के मे बाहर आ कर देता हूँ.
तो वो रूम मे टीवी पर लगी सेक्सी फिल्म देखने लगी।
उसने ऐसी फिल्म पहले नही देखी थी. मे बाहर आया तो देखा वो फिल्म देख रही
थी. मैने कुछ नही कहा.चुप-चाप हमने फिल्म देखी और अपना लंच किया. फिर
मैने बहन से पूछा ” और एक फिल्म देखनी है ?”. तो उसने कहा हां। मैने पहले
वाली सेक्सी फिल्म लगा दी. हम दोनो बेड पर पेट के बल लेट कर फिल्म देखने
लगे. फिल्म मे बहुत से हॉट सीन थे. उन्हे देख कर रूपाली भी गर्म हो गयी।
देखते -देखते मैने अपना हाथ उसके स्कर्ट के उपर सहलाने लगा. वो बोली ”
नही भैया यह सब नही.” मे बोला ” मे तो सिर्फ़ कपडे के उपर से मजा ले रहा
हूँ. थोरी देर टच करने दो कपडे के उपर से ही प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़.” वो बोली
” ठीक हे पर उपर से ही “.मैने कहा हा-हा और उसके पिछवाड़े को स्कर्ट के
उपर से सहलाने लगा. दबाने लगा।
फिर धीरे से उसके स्कर्ट के अंदर उसकी पेंटी के उपर. वो फिर बोली ” तुमने
कहा था उपर से ही सहलाओगे ” मे बोला ” हा तो पेंटी के कपडे के उपर ही तो
है”।
उसे भी मजा आने लगा था तो चुप-चाप फिल्म देखने लगी. अब मे पेंटी के उपर
से सहला रहा था. फिर मैने उसके अन्दर की तरफ उसकी चूत को भी सहलाने,
दबाने लगा. उसके मूह से कभी-कभी दबी सी आवाज निकलती ” ओह आ मम” । मैने
उसका स्कर्ट पीछे से उठाया और उसके गोरे-गोरे पिछवाड़े को देखने लगा। फिर
पेंटी के उपर से ही किस किया. अब तक उसने आँखे बंद कर ली थी।
मैने उसे सीधा लिटाया और उसके पेंटी के उपर उसके चूत को किस करने लगा. वो
“आ म्म्म ओह भैया आआ” करने लगी. मैने जब देखा की वो गर्म हो गयी है तो
मैने उसके पेंटी के साइड से अंदर हाथ घुसा दिया और उसकी चूत पेंटी के
अंदर सहलाने लगा। वो “अहह म्म्म नहियीई भैया” बोल रही थी। मैने ने उसकी
पेंटी उतार दी. तब वो होश मे आई और बोली ” नही यह सब ठीक नही है भैया.
मम्मी पापा को पता चलेगा तो क्या सोचेंगे?” मैने कहा ” कुछ ग़लत नही है
और उन्हे पता नही चलेगा. बस एक बार रूपाली प्लज़्ज़्ज़”।
मे उसकी चूत को चूमने लगा और उसे पागल कर दिया. उसकी चूत को किस
करते-करते अपने दोनो हाथ उसकी टॉप के अंदर ले जा कर उसकी ब्रा के अंदर
उसकी चुचियाँ यानी दूध ओर बोब्स दबाने लगा। उसे बहुत मजा आने लगा. मैने
ने पूछा ” कैसा लग रहा है? ” उसने कहा ” आह बहुत अच्छा भेया “।
फिर मैने उसके पूरे कपडे उतार कर उसे एक दम नंगा कर दिया. अब मे उसकी
पूरी बॉडी को चूम रहा था, सहला रहा था. मैने उसकी एक चूची मुहं मे लेकर
चूसने लगा तो दूसरे को हाथ से दबा रहा था. और वो मेरा सर के बाल सहला रही
थी।
15 मि. बाद मैने उसकी चूत मे अपना लंड लगाया और प्रेशर दिया. वो चिल्ला
गयी ” नहि..ईई भैया बहुत दर्द हो रहा है. फिर मैने उसकी चूत पर तोडा
वॅसलीन लगा कर फिर से घुसाया अपने लंड को। 3-4 बार ट्राइ करने पर मेरा
पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया. तोडा सा खून भी निकला। फिर थोडी देर
बाद उसे मजा आने लगा. वो बोली ” अहहहहह भैया बहुत मज़ा आ रहा
हे..इईईईईईई. जोर से करो “।
हम दोनो पसीना -पसीना हो रहे थे. मुझे लगा की वो झड गयी है . पर मे
कंटिन्यू करता रहा और कुछ देर बाद मुझे लगा की मेरा निकलने वाला है तो
मेने टाइम पर लंड निकाल कर सारा माल उसकी छाती पर और मूह पर डाल दिया। ओर
फिर मे उसके बगल मे लेट गया. ओर फिर वो बेड पर से उठी ओर बाथरूम मे चली
गयी।
उसके बाद तो हम दोनों कभी भी समय मिलता तो हम सेक्स या छेड़छाड़ करे बगेर नही रहते।

दोस्त की बीवी की चुदाई

xxx story इस हिस्से के सभी प्यारे दोस्तो एवं सहेलियों को मेरा प्यार भरा नमस्कार
में अपने अनुभव के साथ आ गया हूँ. बात अभी दो दिन पहले की ही है. मुझे
चोदने की बुरी आदत हो गई है. जब तक एक बार चुदाई ना कर लू नींद ही नही
आती. मेरी वाइफ भी एक दम ठंडी पड़ी रहती है. उसे उकसाने के बाद बड़ी
मुश्किल से वो करने देती है.
दोस्तो आप लोग मेरी समस्या समझ रहे होगे. कितनी विकट समस्या और ऊपर से
चुदाई का आलम एक तो मदहोशी का आलम उपर से लंड ने गदर ढाई है. यारो मत
पूछो मेरी तबीयत की चुदाई की कितनी याद आई है. फनफनाते लंड को कैसे दबाता
हूँ. मैंने यारो कई बार हाथो से ही रग़ड कर उसकी जान निकाली है.
जब जिसकी ज़रूरत हो और खुदा से जिसे दिल से माँगो तो वो मिल ही जाती है.
ठीक यही हुआ मेरे साथ, मेरे साथ के मेरे घनिष्ट मित्र अपने परिवार के साथ
अचानक आ गए. उन्हे अपनी पत्नी को लखनऊ ले के जाना था.
उनके बच्चे की तबीयत खराब हुई तो बीच रास्ते मे ही उन्होने निश्चय किया.
की ओम मल्होत्रा के घर चलते है. वैसे भी राकेश को मेरे यहां आने मे
दिक्कत नही होती है. ड्रिंक करने का शोकीन है शाम 8:00 बजे से ही बोतल की
ढक्कन खुल जाती है.
लेकिन बुराई ये है 3-4 पेग के बाद उससे सम्भलती नही बेहोश हो जाता है.
यही हुआ अभी, उसे सम्भालना पड़ा समय ज़्यादा हो गया था. मैंने अपनी वाइफ
को बोला बच्चो के साथ तुम सो जाओ. वो मेरे और राकेश के बच्चो को ले कर
सोने चली गई.
ईधर मै और राकेश की वाइफ राकेश को सम्भालते हुए आपस मे बाते करने लगे. ये
राक्षस भी जब साले को हजम नही होती तो इतनी क्यो पी लेता है. “तों वो
बोली” इनका तो रोज का यही हाल है. बच्चे को सम्भालू या इन्हे – तब तो
बड़ी दिक्कत होती होगी ना.
हाँ कई दिन गुजर जाते है, रात मे इनसे बात किए हुए-तब तो रात के काम भी
नही हो पाते होगे. मैने घुमा कर कहा. हाँ,(आहे भरते हुए उसने कहा)-तब तो
आप प्यासी रह जाती होगी, अगर आप कहे तो मै आप की मदद करू. (बड़ी हिम्मत
जुटा कर कहा था.)उसकी मुस्कुराती आँखो से इशारा मिलते ही में उसके पास आ
गया. और उसके होटो पर आकर किस जड़ दिया. आँखो मे खुला आमंत्रण था. मै जोश
मे आ गया और उसके होटो को मूहँ मे भर कर चूसने लगा. और जोरो से चूसा उधर
हाथो से बोब्स दबाए जा राहा था. दबाते-दबाते मै उसकी चूत की तरफ अपना हाथ
ले गया और चूत मे उंगली डाली.
उसकी चूत गजब की गीली हुई पड़ी थी. और वो खुद मदहोश हुए जा रही थी. तवा
एक दम गरम था. मै भी पूरे जोश मे बस मन कर रहा था लंड को निकाल कर जल्दी
से चूत मे डाल दू. उस रात 3 बार उसकी चुदाई की धीरे- धीरे बताता हूँ.
होटो को जेसे ही छोड़ा वो सिस्काए मरने लगी जान………न्न्-ाीननन्……न्‍नन्न्
ज…लल्ल्ल्ल…….दी से चो………दददददो चू…..तत्त……त्त्त्तत्त बेचैन है. मैने
जल्दी से उसके कपड़े उतार दिए और अपने भी उतार दिए मूहँ मे उसके बोब्स के
निप्पल डाल कर चूसने लगा. बस खा जाने वाले अंदाज मे चूसे जा रहा था.
और वो सिसकारिया मारे जा रही थी आहह…… जान और ज़ोर से चूसो मज़ा आ गया
जान ऐसा तो राकेश ने कभी भी नही किया मैने अपना लंड उसके हाथ मे दे दिया.
हाथ मे मोटा लंड पकड़ते ही चीख निकल गई और बोली ” इतना मोटा लंड कैसे
घुसेगा ” वो मस्त हुई जा रही थी. और मैरा सब्र बी ख़त्म हुऐ जा रहा था.
मै उसके उपर आ गया. लंड को उसकी चूत से सटाया और धक्का देते ही पूरा सिर
अंदर घुस गया.
वो चीखी मैने जल्दी से उसका मुहँ दबाया और बोला चिल्लओ मत सब जाग जाएंगे.
वो आहिस्ते से दर्द बयां करने लगी आआआ… जान मार दिया तूने! मै धीरे-धीरे
लंड को अंदर करने लगा बस थोड़ी देर मे ही वो मस्ती की चाले भरने लगी— ”
मेरे राजा जमके चोदो तुम्हारा लंड तो बड़ा ही मस्त है ” आज जम के चोदो.
आआआअ जिओ मेरे रररररा…….आआआ………ज्ज्ज्ज्ज्जा…और चोदो आआआ हह आआआआ वो भी
नीचे से गांड उछाल उछाल कर चुदा रही थी. वो मस्त हो कर चुदा रही थी. और
मै धक्के लगाए जा रहा था. मेरे राजा निककककककककककक…लल्ल………. रहा है मेरी
चुत का पानी वो झड़ रही थी आहाआआआआ जान ये ल्ल्ल्ललो मेरे
लन्न्न्न्नन्न…… न्ड्चुत का
प्प्प्प्पा………प्प्पा…न्न्न्नीन्न्न्नीन्नी…………ईईईईईईईईईईईई ये कहते हुए
मै उसकी चुत मे ही झड़ गया.
हम दोनो चिपक कर लेट गये. उसने मुझे कस कर चिपका लिया था बता रही थी आज
बहुत दिनों बाद उसने चुदाई का आनंद लिया था. इतनी मस्ती उसे बस सुहागरात
वाले दिन ही आई थी. उसके बाद वो कभी सन्तुष्ट नही हो पाई. अब तो वो खुल
कर बाते किए जा रही थी….उसने फिर से लंड को पकड़ लिया था, मै बोला “क्या
हुआ अभी मन नही भरा क्या”.
उसने कहा “नही और चुदाई करो ना” अभी चोदे हुए 15 मिनट ही हुए थे उसका मन
फिर से करने लगा मैने उसकी टॅंगो को चौड़ा किया और उसकी चूत चाटने लगा.
वो बोली ये क्या कर रहे हो, ऐसा करते हुए मै समझ गया कि उसने आज तक चूत
चटाई का मज़ा नही लिया है. मै ज़ोरों से उसकी चूत चाटने लगा. वो मादकता
मे डूबने लगी………………… “चूत वो बला है, जो अच्छों-अच्छों का मन डूला दे.
बुड्डो को भी जवान बना दे, बुझे लंड मे भी जान डाल दे.”
यही हाल हुआ मेरे झडे हुए लंड का और फंफना के खड़ा हो गया. मै उसकी चूत
को जोरो से चाट रहा था आआआआअहह………..आ……..न………ई………..ल मेरी
ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्जजा….. आआआआअ………….न्न्आआआननननन……….. ऐसे…क्यययायायाया
……………किईईईईई……ऐऐऐऐऐऐऐएऐ…………. ज़ाआाआआआआ ……..रहेऐऐऐऐऐऐऐ……………. होऊऊऊऊओ.
उसने मेरे बालो को कस के पकड़ लिया
मज़्ज़्ज़्जाज़्ज़्ज़्जजाज़्जा……आआआआआआ ………….रहा है.
ववववाआआहाहाह……….उसकी इतनी मस्त चूत चटाई किसी ने नही की, मैने अपनी जीभ
को जैसे ही उसकी चूत मे घुसाया तों वो चीख उठी आहा मार डाला मेरे बालो को
ज़ोर से नोच लिया मेरी तो बारह यहीं बजा दी. चूसो राजा और ज़ोर से…… थक
गये हो तो बताओ मै ऊपर आ कर चुदवा लू……. इस भोसडी को….. ओह अब मैं
नहीहीईईईईईईईईईईईई………….रुक्कककककककक सकती हूँ.
यह लो मै आ गई हूँ अब राजा तुम भी आ जाओ” वो अपनी मस्ती मे बोले जा रही
थी मै समझ गया था. अब इसकी चूत मे लंड डालना पड़ेगा लेकिन इस बार जल्दी
नही थी. मै उसे लंड चूसाना चाह रहा था. इतना अंदाज़ा लग गया था. की जब
राकेश ने कभी इसकी चूत नही चूसी तो साले ने लंड भी नही चूसाया होगा.
ये अभी मस्त हैं तो मस्ती मे पूरा लंड चूस लेगी मैने उससे लंड चूसने को
बोला पहले तो कुन्मुनाई जब बताया अभी और मस्ती आएगी तो वो लंड चूसने को
राज़ी हो गई. तुम्हारा लंड बडा जानदार है……. बहुत आच्छा लग रहा
हाईईईईईईईईईईईईईई….. हाईईईईईई और ज़ोर सीईई मेरे राज्ज्जज्जज्जा…… और
ज़ोर…… ..सीईए…….मेरे मूहँ को ही चोदोगे क्या लंड हेहेहेहे……. ओह
म्ह………हह वो गजब से चूसे जा रही थी. मै सोच रहा था. जो अभी मना कर रही थी
और वो अब कितनी मस्त हो कर लंड को मूहँ मे लिए जा रही हैं.
मैने उसे 69 पोज़िशन मे लिटाया और चालू हो गया आज उसे लंड और चूत के सारे
तरीके सीखा देना चाहता था. जिससे अगली बार और मस्ती मे चूदाई कर सकू कुछ
बी बताना नही पडेगा. अब तो उसे चोदने का मन हो रहा था.
लंड को उसकी चूत से सटा कर ज्यो ही अंदर डाला वो चीख उठी ओह चोदो मेरे
राजा…… क्या जानदार लोडा है……मेरी चूत को चोद-चोद कर निहाल कर दो…… मारो
राजा मारो…….कस कस कर धक्के मारो…….चोद
दो…..चो…..ओओओओ……..ददद……डालो…हाईईईईईईईई……..मैमैमैमै…….म….अअअ……रररर……….
गइईईई”………. और वो भल भला कर झर गयी 1:30 घंटे चुदाई चली.
जो पाठक चूत का मजा ले रहे है वो समझ रहे होंगे दूसरे राउंड मे चुदाई का
क्या मज़ा होता है.
धन्यवाद

पड़ोसी प्रिया दीदी

indian sex story हाय फ्रेंड्स. में सूरत से मे अपने मम्मी पापा के साथ रहता हूँ यह मेरी
B.A की एग्जाम देने के बाद की कहानी है हमारे बाजू मे एक फैमिली रहती थी
उनकी बेटी का नाम प्रिया है पर उनको घर मे सब प्रिया कह कर बुलाते थे
प्रिया दीदी की नई नई शादी हुई थी, मे प्रिया को 5-6 साल से जानता था. अब
आगे की बात एग्जाम के बाद मे ऐसे ही अपने दोस्तो के साथ इंटरनेट कैफे
जाने लगा. मे अपने एक दोस्त निखिल के साथ एक कंप्यूटर शेयर करता था निखिल
मेरे से इंटरनेट के बारे मे ज़्यादा जानता था. तो ज़्यादा करके वही साइट
सर्च करता था.एक दिन मे इंटरनेट कैफे देर से पहूँचा तो देखा निखिल
कंप्यूटर पे बेठा हूआ था. मेने देखा वो
ज़्यादा भाई-बहन की स्टोरी पढ़ रहा था. मे उसी समय निखिल को बोला यार यह
सब बंद कर ले मूझे अच्छा नही लगता. फिर निखिल बोला यार तुझे मालूम नही
कभी एक बार तेरे बाजू मे प्रिया [सेजल] दीदी के बारे मे सोच के देख बहूत
मज़ा आयेगा. मे यह सुनते ही उसे बोला चल यार मे घर जाता हूँ.
तो निखिल बोला बेठ ना यार तो मे बोला नही यार, फिर वो बोला तू एक बार
दीदी के बारे मे सोच के देख. फिर मे उसे पागल बोलते हूये वहाँ से घर की
और निकल पड़ा. मे जेसे ही घर पहूँचा तो मेने एक बड़ा सा बैग अपने कमरे मे
देखा. और मेरे कमरे के बाथरूम से पानी की आवाज़ आ रही थी. मम्मी किचन मे
शाम का खाना बना रही थी.और पापा कही बाहर गये थे. मे तुरंत किचन मे गया
और मम्मी से पूछा दीदी आई हे क्या. तो मम्मी बोली हाँ. मे दीदी के बारे
मे बताता हूँ. प्रिया दीदी की उम्र 28 साल की है. रंग गोरा. दीदी की शादी
8 महीने पहले हूई थी और दीदी पहली बार शादी के बाद सूरत आई थी वो अपने
मम्मी – पापा को सरप्राइज देना चाहती थी तो बिना फोन किये ही सूरत आ गई
पर उनका नसीब खराब था की कोई घर पर नही था प्रिया दीदी के मम्मी पापा
ऑफीस के काम से बाहर गये हुये थे. तो हमारे घर पे थी मे अपने रूम मे जाकर
उन्हे ढूँढने लगा की. फिर अचानक किसी ने पीछे से मूझे पकड़ लिया और मेरे
गालो को चूमा. मैने तुरंत पीछे देखा प्रिया अपने भीगे बालो पे टावल लपेटे
ग्रीन नाइटी पहने बिल्कुल एक औरत की तरह दिख रही थी. मेने दीदी से कहाँ
तुम तो बिल्कुल बदल चुकी हो. फिर दीदी ने पूछा तुम्हारी एग्जाम कैसी रही.
और हम लोग बाते करने लग गये. जब मे दीदी के साथ बाते कर रहा था तो मूझे
मेरे दोस्त निखिल की बाते याद आने लगी मूझे बड़ी अजीब सी फीलिंग होने
लगी. मेरे ना चाहते हूये भी मे दीदी के फिगर को देखने लगा. फिर बाहर से
पापा आये. और वो भी दीदी के साथ बाते करने लगे. उदाहरण — आपके पति क्या
करते हे बोम्बे मे किस जगह रहते हो उनको क्यों साथ नही लेकर आई और भी
बाते करने लगे.
फिर मे वहाँ से निकल कर फोन करने चला गया. मेने तुरन्त निखिल को फोन करके
अपनी हालत बताई. फिर निखिल बोला मे ना कहता था ऐसा मेरे साथ भी हुआ था और
सुन ऐसा सबके साथ होता हे क्योकि हम पहले इंसान है बाद मे रिश्तेदारी मे
है इसी का नाम जिंदगी हे. फिर मेने फोन रख दिया. फिर मे दीदी मम्मी पापा
सब लोग खाना खाने बेठे खाना खाते हूये मेने देखा दीदी बिल्कुल टीवी
सीरियल की प्रेरणा जेसी दिख रही थी. पहले दीदी बहुत पतली थी लेकिन अब तो
दीदी की गांड पूरी कुर्सी की दोनो साइड से बाहर निकल रही थी दीदी के
बूब्स बहुत बड़े बड़े और आम की तरह थे. मूझे पता नही जीजू ने दीदी को ऐसा
क्या किया की दीदी इतनी भारी भारी हो गई. फिर हम लोग खाना खाने के बाद
टीवी देखने लगे. मे और दीदी सोफे पर बेठे थे. और मम्मी पापा बाजू के सोफे
पे बेठे थे. रात के 10 बजे थे. फिर मम्मी और पापा अपने कमरे मे सोने के
लिए चले गये.
फिर दीदी ने अपने आप को सोफे की एक साइड अपना सर रख लिया और अपने दोनों
पेरो को मोड के सोफे पे ले लिये. फिर दीदी ने कहाँ मेरे पेर बहूत दर्द कर
रहे हे प्लीज़ दबा दो. मेने कहाँ जी दीदी. फिर दीदी ने अपने पेर मेरी गोद
मे रख दिये फिर मैने दीदी के पेर दबाना शूरू किया. दीदी के पैर दबाते
हूये मे अब गरम हो रहा था. अब मेरा नज़रिया बिल्कुल बदल रहा था. फिर मेने
अपने हाथ थोड़ा ऊपर ले जाके दीदी के घुटनो को दबाने लगा. अब मेरे हाथ कभी
कभी जांघों तक फेरने लगा. दीदी की जाघे बहूत नरम थी. अब मेरा लंड दीदी के
पेरो से दबा हूआ खड़ा हो रहा था मे उसे रोक नही पा रहा था. फिर अचानक
दीदी ने पूछा क्या तुमने कोई गर्लफ्रेंड बनाई. मेने शरमाते हूये कहाँ नही
दीदी फिर दीदी बोली इसलिये तुम मेरे पेर घुटनो से ऊपर दबा रहे हो. मे
तुरंत शरमाते हूये सॉरी बोला तो दीदी बोली अरे पगले इस मे कोई बड़ी बात
नही इस उम्र मे ऐसा होता हे फिर दीदी ने कहाँ चलो अब मेरी कमर भी दबा दो.
दीदी को मुस्कुराते हूये यह सब बोलते हूये मूझे बहुत अच्छा लगा. फिर दीदी
और मे हमारे बेडरूम मे चले गये फिर दीदी मेरे बेड पर उलटी लेट गई.
फिर मे दीदी के बाजू मे बेठ कर दीदी की कमर को दबाने लगा. मे दीदी से
बोला आप 1 मिनिट इन्तजार करो में अभी आया. और मेरा लंड खड़ा होने के
कारण मे 61-62 यानी हस्तमैथुन करने के लिये बाथरूम मे चला गया और दीदी ने
2 मिनिट इन्तजार करने के बाद डाइरेक्ट ही बिना बोले बाथरूम मे आ गई और
मुझे लंड को आगे पीछे करते देख लिया और मे शर्म के मारे बाहर आ गया फिर
दीदी बोली मे बोम्बे से आई तब से तुम मूझे कुछ अलग नज़र से देख रहे हो
क्या मूझे तुम इतना पसन्द कर रहे हो. फिर मेने कुछ जवाब नही दिया तो दीदी
बोली शरमाओ मत मे तुझको डाटूगी नही. फिर मेने निखिल और मेरे बीच हुई सब
बाते बता दी. फिर दीदी ने मुस्कुराते हूये कहाँ तो बोलो मेरे नादान बच्चे
मे तुम्हारे लिये क्या कर सकती हूँ. तो मेने अपना सर शरम से नीचे झुका
दिया. फिर दीदी बोली अच्छा एक काम करो रूम की लाइट दरवाजा बंद करके यहाँ
आओ. फिर मे लाइट और दरवाजा बंद करके पलंग की और आ रहा था तो रूम मे बहुत
अंधेरा था और जेसे मे पलंग के करीब आया तो दीदी ने अचानक मेरा हाथ पकड़
के मूझे अपनी गोद मे बिठा दिया रूम मे इतना अंधेरा था की जब मेने अपने दो
हाथ दीदी की जांघों पे रखे तब मूझे पता चला की दीदी ने अंधेरा होते ही
अपनी नाइटी निकाल के सिर्फ़ ब्रा और पेन्टी मे थी फिर दीदी ने मेरी टी
शर्ट निकाल दी और मेरी पेंट भी निकाल दी फिर दीदी ने अपनी ब्रा खोल कर
कान मे कहाँ एक मिनिट खड़े हो जाओ तो मे अपनी पेन्टी निकाल दूँ.
फिर मैने दीदी की गोद से खड़ा होकर देखा तो दीदी अब अंधेरे मे सफ़ेद
पेन्टी अपनी बड़ी गांड ऊपर करके निकाल रही थी. अब मेरा लंड बहुत कड़क हो
चुका था. फिर दीदी पलंग के किनारे बेठे मेरा हाथ पकड़ के मूझे अपनी दोनो
जांघो के बीच ले लिया और अपने दोनो नरम होठों से मेरे होठों को चूमने लगी
फिर दीदी ने अपनी दोनो भारी जांघों से मेरी कमर को पकड़ के मूझे घुटनो के
बल पलंग के किनारे हाफ स्टेंडिंग पोज़ मे कर दिया. फिर दीदी ने अपने एक
हाथ को नीचे लेकर अपनी हथेली मेरे दोनो बॉल्स और लंड पे फेरने लगी अब
मेरा लंड खीच के ऊपर नीचे होने लगा तो दीदी ने मेरे कान मे कहाँ अच्छा लग
रहा हे ना. मे शरमा के हसं दिया तो दीदी भी हँसते हूये मेरा एक हाथ पकड़
के अपने बूब्स पे रखा दीदी का बूब्स बहुत नरम और मुलायम थे और दीदी की
निपल छोटी छोटी और दानो जैसी निकली हुई थी फिर दीदी ने मेरा दूसरा हाथ
पकड़ के अपनी
गीली चूत पे रख दिया. दीदी की चूत का हिस्सा बहुत ही गरम था और दीदी के
चूत के दोनो सूजे हूये लिप्स ऐसे लग रहे थे जेसे मानो सास ले रहे हो. फिर
दीदी ने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रख दिया और हँसते हूये बोली
बच्चे एक बात का ख्याल रखना की तेरा वीर्य जब निकलने लगे तो उसे बाहर
निकाल ना. क्योकी मेरे पति यानी तेरे जीजू को अभी बच्चा नही चाहिये.
फिर उतना बोलते ही दीदी ने अपने दोनो पेरो से मेरी कमर को अपनी और कमर से
चिपका दिया अब मेरा पूरा लंड दीदी की चूत मे चला गया था फिर मेने अपने
दोनो हाथो से दीदी की कमर पकड़ के मे अपनी कमर हिलाने लगा फिर दीदी ने
अपनी चूत अपने हाथो के बल मेरे लंड से दबाने लगी. अब मेरा लंड बहुत जोरो
से दीदी की चूत मे फिसल रहा था. और में अपने लंड को दीदी की चूत में जोर
जोर से डाल रहा था जिससे दीदी को भी मजा आ रहा था और फिर 15 मिनिट तक ऐसा
करने के बाद अब मेरे लंड से पानी निकलने जा रहा था की मेने अपना लंड बाहर
निकाल दिया और मेरी चुदाई का सारा वीर्य दीदी की जांघ पे निकाल दिया फिर
दीदी ने भी अपनी उगंली तेज़ी से चूत पे रगड के चूत का पानी निकाल दिया और
मूझे अपने साथ नंगे बदन सुला दिया और दीदी ने उस रात मुझको खूब मजे दिये.

बचपन का मज़ा

hindi porn stories हाय दोस्तो आपका और टाइम ख़राब करने के बजाये स्टोरी की तरफ आता हूँ यह
उस वक़्त की बात हे जब मैं 18 साल का था और मुझ पर सेक्स का फुल जोश था.
मेंरे घर मैरी कजिन नेहा और उसकी माँ और बडा भाई रहने के लिये आये हुये
थे. एक दिन जब मेंरी माँ और नेहा की माँ और भाई कुछ खरीदारी के लिये जाने
लगे तो नेहा की माँ मेंरे पास आई और कहने लगी नेहा की तबीयत कुछ ठीक नही
हे उसे जुखाम हो रही हैं तुम उसका ख्याल रखना हम उसे घर पर छोड़ कर जा
रहे हैं मैने कहाँ आप बिल्कुल फ़िक्र ना करे मैं देख लूँगा नेहा की उम्र
उस वक़्त 18 साल थी मगर उसकी उठान बिल्कुल 22 या 23 साल की लड़की की तरह
थी मैने घर वालो के जाने के बाद अपने कंप्यूटर पर एक ब्लू फिल्म की सी.डी
लगा ली और देखने लगा थोडी देर के बाद मेंरे रूम की घन्टी बजी तो मैने
सी.डी बंद करके दरवाज़ा खोला तो देखा नेहा दरवाज़े पर खडी थी वो कहने लगी
मुझे अकेले मैं डर लग रहा है मैं आपके पास बैठ जाऊं मैने कहाँ हाँ क्यो
नही आ जाओ. वो मेंरे बेड पर आकर बैठ गई उसने फ्रोक पहन रखा था और नीचे
सिर्फ़ चड्डी पहन रखी थी मैं उसे देखता ही रह गया.
थोडी देर तक इधर उधर की बाते करने के बाद वो कहने लगी मुझे बाथरूम जाना
हे मैने कहा हाँ चली जाओ वो तुरन्त बाथरूम की तरफ भागी मगर रास्ते ही मैं
उसे एम.सी आ गई और उसकी चड्डी और फिरोक गंदी हो गई बाथरूम मैं जाकर उसने
अपनी फिरोक और चड्डी को धोया और फिर मुझे आवाज़ देकर. कहने लगी मेंरे
कपड़े गंदे हो गये हैं प्लीज़ आप मुझे दुसरे कपड़े ला दो मैरे रूम से
मैने कहाँ इसमें शर्माने वाली क्या बात हे तुम बाहर आ जाओ और खुद ही ले
लो मगर वो नही आई तब मै उसके कमरे में जाकर एक फिरोक और चड्डी लाया जब
मैं अपने रूम मैं आया तो देखा वो मेंरे कमरे मैं नंगी खडी होकर मैरे
कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देख रही थी मैने कहाँ यह क्या कर रही हो तो कहने
लगी की आप भी तो देख रहे थे. जब मैने देखा की वो खुद राज़ी है तो मैने
कहाँ तुमको अच्छी लगती है तो कहने लगी हाँ मगर मैने आज तक किसी लड़के को
नंगा नही देखा मैने कहाँ तुम्हारी यह इच्छा मैं पूरी कर देता हूँ और फिर
मैने उसे अपनी गोद मैं नंगा ही बैठा लिया और हम दोनों ब्लू फिल्म देखने
लगे फिल्म देखते हुये मेंरा भी लंड तन गया और मैने आहिस्ता आहिस्ता उसके
बोबो और चूत पर हाथ फैरना शुरु कर दिया उसे मज़ा आने लगा कुछ देर बाद जब
वो पूरी तरह से गरम हो गई तब उसने मेंरी कमीज़ और पैंट उतार दी और मैने
भी अपनी चड्डी उतार कर अपना लंड उसके हाथ में दे दिया वो उसे घूर कर
देखने लगी और कहने लगी यह क्या चीज है और यह किस काम आती है मैने कहा यह
इस सुराख (छेद की तरफ इशारा करके) मैं जाती हे और फिर बहुत मज़ा आता है
तो वो कहने लगी यह सुराख तो बहुत छोटा है इसमें यह कैसे जाता होगा मैने
कहाँ अभी बताता हूँ और फिर मैने उसे अपनी गोद मैं बिठा कर अपना लंड उसकी
चूत के सुराख पर रखा और कहाँ अब आहिस्ता से इस पर बैठ जाओ वो कहने लगी
मुझे तकलीफ़ हो रही है.
मैने कहाँ थोडी देर होगा फिर मज़ा आयेगा मगर. उसे ज़्यादा दर्द हो रहा था
तो मैने टेबल से ऑयल की बोतल उठाई और अपने लंड और उसकी चूत पर अच्छी तरह
से लगाया और एक चॉकलेट का पैकेट खोल कर उसे खाने के लिये दिया और कहाँ
इसे आराम से खाओ मैं तुम्हारा मज़ा बड़ाता हूँ और फिर उसे नीचे लिटाकर
उसकी चूत मैं अपना लंड डाल कर एक झटका दिया मेरा 4 इंच के लंड का 1 इंच
हिस्सा उसकी चूत मैं चला गया मैने जब उसका चेहरा देखा तो उसे ज़्यादा
दर्द नही हुआ तो मैने आहिस्ता से अपना लंड और अंदर डालना शुरु कर दिया.
अब मेंरा लंड 3 इंच तक अंदर चला गया था. नेहा ने चोकलेट खा ली थी और अब
उसे दर्द हो रहा था और वो मुझसे अपना लंड बाहर निकालने के लिये कहने लगी
मैने आहिस्ता आहिस्ता लंड को अंदर बाहर करना शुरु कर दिया.
कुछ देर के बाद उसे भी मज़ा आने लगा अब मैने उसके होठों पर किस करना शुरु
कर दिया और अपने होठों से अच्छी तरह उसके होंठ मिलाते हुये और चुमते हुये
एक जोरदार झटका मारा तो मेंरा पूरा लंड उसकी चूत मैं चला गया उसके मुहँ
से भयानक चीख निकली जो मेंरे होठों की वजह से अंदर ही दब गई वो बुरी तरह
से तड़पने लगी उसकी चूत की सील टूट चुकी थी और खून आ रहा था मैने कुछ देर
तक अपना लंड उसी स्टाइल मैं रखा और उसे किस करने के साथ साथ उसके बोबे भी
दबाता रहा कुछ देर बाद जब उसे भी मज़ा आने लगा तब मैने अपना लंड आगे पीछे
करना शुरु कर दिया तक़रीबन 10 मिनिट के बाद उसकी चूत से गरम गरम पानी
निकल आया और वो ठंडी पड गई मगर मैं अभी झड़ा नही था मैने उसे जोर जोर से
चोदना शुरु कर दिया वो कहने लगी मुझे बाथरूम जाना है मुझे पेशाब आ रही है
मैने कहाँ यहीं कर दो तो वो कुछ देर तक सहन करती रही और फिर उसने पेशाब
नीचे ही कर दी. मगर मैने उसे छोड़ा नही और चोदता रहा और फिर कुछ देर के
बाद मैं भी झड़ गया और फिर मैने उसको पेट के बल लेटाकर उसकी गांड का छेद
देखा जो की एम.सी की वजह से काफ़ी गंदा हो गया था मगर उसका साइज़ काफ़ी
बड़ा था मैने अपना लंड जो की अब फिर से चुदाई के लिये तैयार था उसे उसकी
गांड के होल मैं डालना शुरु कर दिया नेहा कहने लगी यह आप क्या कर रहे हो
मुझे पोटी भी आ रही है और तकलीफ़ भी हो रही है मैने कहाँ यहाँ डालने से
तुम्हारी पोटी आना बंद हो जायेगी और फिर अपने लंड को आहिस्ता से उसके
सुराख मैं डाल कर धक्का मारा तो मेंरा लंड 1 इंच अंदर चला गया.
उसकी गांड में एम.सी की वजह से काफ़ी चिकनाहट थी और मेंरा लंड आराम से
अन्दर जा रहा था मैने यह देख कर अपना लंड आहिस्ता आहिस्ता पूरा उसकी गांड
मैं डाल दिया और अब आहिस्ता आहिस्ता उसकी गांड मारने लगा मुझे बहुत मज़ा
आ रहा था और अब नेहा को भी मज़ा आ रहा था मैने आहिस्ता आहिस्ता रफ़्तार
तेज करते हुये उसकी गांड मारना चालू रखा तक़रीबन 15 मिनिट के बाद उसकी
चूत ने दोबारा पानी छोड़ दिया अब में पूरे मजे ले रहा था और उसे खूब जोर
जोर से धक्के लगा रहा था और फिर कुछ देर के बाद में भी झड़ गया और अपना
सारा वीर्य उसकी गांड के अंदर ही डाल दिया और अपना लंड उसकी गांड में ही
डला रहने दिया और उसके बराबर में ही लेट गया कुछ देर बाद जब लंड सूकड कर
छोटा हो गया तब मैने उसे गोद में उठाया और बाथरूम में ले जाकर उसे भी
नहलाया और खुद भी नहाया और फिर बाहर फर्श को साफ़ किया और उसे दूध और शहद
पीने को दिया और खुद भी पीया. तो दोस्तों यह थी मेरी जवानी की कहानी अब
भी नेहा जब हमारे घर आती है मुझसे ज़रूर चुदवाती है और अब तो उसके 3
बच्चे भी हैं जो बिल्कुल नेहा के और मेरे हैं क्योकि उसके पति का लंड बहुत
छोटा है और ज़्यादा खड़ा भी नही होता.