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Sunday, December 16, 2018

मामी की जवानी के मजे लिए

मेरा नाम संजय है और मैं मध्य प्रदेश के एक छोटे से कस्बे से आता हूं। मेरी उम्र 26 वर्ष हो चुकी है। हमारे यहां पर नौकरियां नहीं है इस वजह से मैंने अपने मामा को फोन किया और कहा कि मुझे वह शहर में ही नौकरी लगा दें। उन्होंने मुझे कहा कि तुम एक काम करो, तुम मेरे पास आ जाओ मैं तुम्हें नौकरी लगा दूंगा। वैसे भी हम लोग घर पर अकेले हैं। मेरे मामा का नाम धीरेंद्र है और वह जयपुर में रहते हैं। उनकी पत्नी का नाम मीना है और वह भी बहुत अच्छे हैं। उनके दोनों बच्चे सरकारी नौकरी हैं। इस वजह से वह घर पर नहीं रहते हैं और वह घर पर अकेली हैं। मैंने अपने पिताजी से बात करी तो वह कहने लगे कि तुम शहर ही चले जाओ। क्योंकि वहां पर तुम अच्छी नौकरी भी मिल जाएगी और तुम अपने हिसाब से काम भी कर पाओगे।
मैंने भी पूरा फैसला कर लिया था और मैं जयपुर चला गया। जब मैं जयपुर गया तो मेरे मामा मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए और वह मेरे घर के हाल चाल पूछने लगे। मैंने उन्हें बताया कि घर पर तो सब ठीक है पर मेरी स्थिति कुछ ठीक नहीं चल रही। क्योंकि मुझे अपने यहां पर कोई भी काम नहीं मिल पा रहा है। मेरे मामा ने कहा तुम उसकी चिंता मत करो, मेरी काफी जान पहचान है। मैं तुम्हारी कहीं ना कहीं नौकरी लगवा ही दूंगा। तुम उसके लिए बेफिक्र रहो और मेरी मामी भी बहुत ज्यादा अच्छी है। उन्होंने भी मुझे कहा कि तुम्हें किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है। तुम सिर्फ अपना ध्यान रखो  अब मैं अपने मामा लोगों के साथ ही रहने लगा लेकिन कहीं ना कहीं मुझे उनके साथ रहना अच्छा नहीं लग रहा था। क्योंकि मैं सोच रहा था जब मेरी नौकरी लग जाएगी तो मैं अलग रहने लगूंगा।

मेरे मामा ने मेरे लिए नौकरी ढूंढ ली। मैं वहां पर नौकरी करने जाने लगा। उन्होंने मेरे लिए एक ऑफिस में बात की थी वहां पर मैं काम करने लगा। मुझे वहां पर काम करते हुए अब कुछ समय होने लगा था। मैंने एक दिन अपने मामा से कहा कि अब मैं अपने लिए कहीं अलग घर देख लेता हूं। आप लोगों को मेरी वजह से तकलीफ होती होगी। वह मुझ पर बहुत गुस्सा हो गए और कहने लगे कि तुम्हें कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है। हम दोनों तो घर में अकेले ही हैं। यदि तुम कहीं और रहोगे तो हमें अच्छा थोड़ी लगेगा। उन्होंने मुझे इस बात के लिए साफ इनकार कर दिया और कहा कि तुम्हें बिल्कुल भी अलग नहीं रहना है। मेरे मामा बहुत ही अच्छे हैं और वह मेरा बहुत ही ध्यान रखते हैं। मुझे ऐसा लगता है कि जैसे वह मुझे अपने बच्चे की तरह रखते हैं। अब मैं अपने काम पर जाने लगा और वह जब अपने ऑफिस से वापस आ जाते तो हम लोग साथ में समय बिताते थे। एक दिन जब मामा जी ऑफिस से लौट रहे थे तो उनकी बाइक में किसी ने टक्कर मार दी और वह वहीं गिर पड़े। जिस वजह से उन्हें थोड़ा चोट आई थी  अब हमें उन्हें हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। वह हॉस्पिटल में एडमिट है क्योंकि उन पर काफी ज्यादा चोट आई थी और वह घायल भी हो गए थे।
वह कुछ दिनों तक हॉस्पिटल में ही रहने वाले थे और मैं घर पर ही सारा काम देखा करता था। मुझे उनकी बहुत ही चिंता होती थी क्योंकि हॉस्पिटल में मेरी मामी उनके साथ ही रहती थी और डॉक्टर ने उन्हें आराम करने के लिए भी कह दिया था। कुछ दिन बाद वह सही होने लगे तो डॉक्टर ने उन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया और अब हम उन्हें घर पर ले आए। मैंने उनका बहुत ध्यान रखा। जिससे वह मुझे कहने लगे कि तुमने मेरा बहुत ही ज्यादा ध्यान रखा है। मैं तुमसे बहुत ही खुश हूं और मुझे बहुत ही अच्छा लगा कि जब तुमने मेरा इस तरीके से ध्यान रखा लेकिन मैं कहीं ना कहीं इस बात से दुखी था कि उन्हें बहुत ज्यादा चोट आई थी और जिसकी वजह से वह काफी समय तक अपने ऑफिस नहीं जा सकते थे। क्योंकि डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी और वह ऑफिस नहीं जा सकते थे। अब मैं ही ऑफिस जाया करता था और जब मैं वापस आता हूं तो मेरी मामी मेरे लिए खाना बना कर रखती थी। क्योंकि ऑफिस से आते वक्त मुझे बहुत देर हो जाती थी। ऑफिस में मेरे अब दोस्त बनने लगे थे। जिनके साथ में उठने बैठने लगा था क्योंकि वह लोग जयपुर के ही रहने वाले थे। जैसे-जैसे मेरी दोस्ती जयपुर में ज्यादा बढ़ती गई तो अब मैं उनके साथ ही शराब पी लिया करता था। पहले मुझे शराब की लत नहीं थी परंतु अब मुझे शराब की आदत होने लगी थी। जब भी मैं ऑफिस से वापस लौटता था तो मैं हमेशा ही शराब पीकर घर लौटता था लेकिन इस बात की भनक कभी मेरे मामा को नहीं लगी और ना ही मेरी मामी को इस बात की जानकारी थी। क्योंकि मैं जब भी घर लौटता हूं तो उनके साथ बहुत ही अच्छे से बर्ताव करता था और वह बहुत ही खुश रहते थे। क्योंकि मैं उनके हर काम कर दिया करता था। घर में जितनी भी चीजें या सामान लानी होती थी तो मैं वह सब अपनी छुट्टी के दिन ले आता था। मैं उनसे अलग रहने की भी बात नहीं कर सकता था। क्योंकि मैंने उनसे जब पहले इस बारे में चर्चा की थी तो उन्हें बहुत ही ज्यादा बुरा लगा था।
मैं अलग रहने की सोच तो रहा था क्योंकि अब मेरे दोस्त और मैं साथ मे पार्टी कर लिया करते थे। इस वजह से मैं सोचता था कि कहीं पर मैं अलग से घर ले लूँ। जिससे कि हम लोग वहीं पर पार्टी कर लिया करेंगे और मुझे अपनी लाइफ जीने में भी अच्छा लगेगा। ऑफिस में ही मेरी एक गर्लफ्रेंड बन गई थी। जिससे कि मैं फोन पर काफी देर बातें किया करता था और वह भी मुझसे बहुत देर तक फोन पर बातें किया करती थी। कई बार मेरी मामी ने मुझे फोन पर बातें करते हुए देख लिया था। परंतु फिर भी वह मुझे कुछ नहीं कहती थी और उन्होंने शायद इस बारे में मेरे मामा से भी कहा था। मेरे मामा मुझे कहते रहते की यदि तुम्हें कोई लड़की पसंद हो तो तुम मुझे बता देना। मैंने कहा नहीं, ऐसी कोई भी बात नहीं है। मुझे कोई भी लड़की पसंद नहीं है। मैं सिर्फ अपने ऑफिस से ही मतलब रखता हूं और अपने ऑफिस से सीधा घर आ जाता हूं।


मैं अपनी गर्लफ्रेंड से फोन में बात कर रहा था और मैं मुट्ठ मार रहा था। तभी मेरी मामी मेरे कमरे में आ गई और उन्होंने मुझे देख लिया। अब वह मेरे पास आई और उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया। मैं अभी भी अपनी गर्लफ्रेंड से फोन पर बात कर रहा था और वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसे जा रही थी। उन्होंने इतने अच्छे से मेरे लंड को चूसा कि मेरा वीर्य गिरने वाला था और जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो उन्होंने मेरे लंड को  बाहर निकालते हुए अपने कपड़े खोल दिया। वह दोबारा से मेरे लंड को हिलाने लगी अब मैंने अपना फोन काट दिया और उनकी योनि के अंदर अपना लंड डाल दिया। मैंने जब उनकी बड़ी-बड़ी चूतडो को अपने हाथ में पकड़ा तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था क्योंकि उनमें अब भी बहुत जवानी बची हुई थी। जैसे ही मैंने अपने लंड को उनकी योनि में डाला तो वह कहने लगी कि तुमने मेरी इच्छाओं को पूरा कर दिया है। इतने वर्षों से तुम्हारे मामा मेरी इच्छा पूरी नहीं कर पा रहे थे और तुमने तो मेरी इच्छाओं को अच्छे से पूरा कर दिया है। अब मैं उन्हें ऐसे ही चोदे जा रहा था और वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। वह अपनी चूतडे मुझसे मिलाए जा रही थी। मैं भी उन्हें बड़ी तेजी से धक्के दिया जा रहा था मुझे इतना मजा आ रहा था उन्हें धक्के मारने में की मेरा शरीर पूरा गर्म हो चुका था और उनके चूतड़ों से भी आग निकलने लगी थी। मैं उनके चूत की गर्मी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। फिर भी मैं उन्हें धक्के मारे जा रहा था पर एक समय बाद  मेरा वीर्य गिरने वाला था और वह उनकी चूत के अंदर ही गिर गया। जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो मुझे बहुत ही मजा आया और वह मुझे कहने लगी कि अब तुम मेरी चूत हमेशा ही मारा करो। क्योंकि तुम्हारे मामा की बस की बात नहीं है इसलिए तुम ही मेरी इच्छाओं को पूरा किया करोगे। यदि तुम ऐसा नहीं करोगे तो मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड के बारे में तुम्हारे मामा को बता दूंगी अब मुझे उनकी चूत मारनी ही पड़ती है।

जब मैं चुदी पहली बार

मेरा नाम राकेश है और मैं एक बड़ा कारोबारी हूं। मैं दिल्ली का रहने वाला हूं और मेरी उम्र 35 वर्ष है। मुझे काम करते हुए काफी वर्ष हो चुके हैं। पहले मैं नौकरी किया करता था लेकिन बाद में मैंने हिम्मत करते हुए अपना काम खोल लिया और जब मैंने अपना काम खोला तो फिर बाद में मुझे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परंतु उसके बाद जैसे कैसे मैंने अपने काम को संभाल लिया और अब मेरा काम बहुत ही अच्छे से चल रहा है। मैं अपने काम से बहुत खुश भी हूं। क्योंकि मुझे अब बहुत अच्छा मुनाफा भी होने लगा है और मेरे घर वाले भी इस बात से बहुत खुश हैं। जब मेरी शादी हुई तो उस समय मेरी स्थिति कुछ ठीक नहीं थी। परंतु फिर भी मैंने शादी कर ली। क्योंकि मेरे पिताजी मुझे जिद कर रहे थे और कह रहे थे कि मैं शादी कर लूं। उनकी जिद की वजह से मैंने शादी कर ली लेकिन जब मैंने शादी की तो मैंने अपनी पत्नी को सब कुछ बता दिया। तो उसने मेरे साथ बहुत ही एडजेस्ट किया लेकिन धीरे-धीरे जब मेरा वक़्त अच्छा होता गया और मैं अच्छे पैसे कमाने लगा तो अब वह बहुत ही खुश थी और मुझे कहती कि शुरुआत में आपने कितनी दिक्कतें झेली थी। परंतु अब आपका बिजनेस बहुत ही अच्छा चल पड़ा है और मैं भी बहुत खुश हूं।
मैं अपने कारोबार के सिलसिले में अक्सर इधर उधर जाता रहता हूं और इस बार भी मैं अपने कारोबार के सिलसिले में जयपुर जा रहा था। मैंने सोचा कि मेरा एक पुराना दोस्त है तो मैं उससे जयपुर में मिल लेता हूं। जब मैंने उसे फोन किया तो वह बहुत ही खुश हुआ और कहने लगा कि तुमने इतने वर्षों बाद मुझे फोन कैसे कर लिया। मैंने उसे कहा कि तुम तो मुझे कभी फोन करने वाले नहीं हो। तो मैंने सोचा आज मैं ही तुम्हें फोन कर देता हूं। इस वजह से मैंने तुम्हें फोन किया। जब मैंने उसे बताया कि मैं जयपुर आ रहा हूं तो वह बहुत खुश हुआ और कहने लगा कि तुम मेरे घर पर ही रुकने वाले हो। मैं उसे मना नही कर पाया और मैं उसके घर चला गया। जब मैं उसके घर गया तो वह मुझसे मिलकर बहुत ही खुश हुआ और कहने लगा तुम इतने वर्षों बाद मुझे मिले हो। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। अब हम दोनों बैठकर बातें कर रहे थे। तभी संतोष की पत्नी आ गई और संतोष ने मुझे उससे इंट्रोडक्शन करवाया। उसका नाम सुरभि है। अब हम तीनों बैठकर बातें कर रहे थे तो संतोष हमारी कुछ पुरानी यादें ताजा कर रहा था और मुझे भी बहुत खुशी हो रही थी। बातें करते-करते अब हमारे काम की बात आ गई। संतोष ने मुझे पूछा कि तुम्हारा कारोबार कैसा चल रहा है।

मैंने उसे बताया कि मेरा कारोबार तो बहुत ही बढ़िया चल रहा है। शुरुआत में तो बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परंतु अब काम अच्छा चल पड़ा है और जब मैंने संतोष से इस बारे में पूछा तो वह कहने लगा कि मेरी स्थिति तो कुछ ठीक नहीं चल रही। मैं नौकरी से बहुत ज्यादा परेशान हो गया हूं और मुझे अब लगने लगा है कि मैं अपना ही कोई छोटा मोटा कारोबार शुरू कर लू लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा कि मुझे क्या काम शुरू करना चाहिए। मैंने उसे कहा, मैं तुम्हारी तुम्हारा कारोबार खोलने में मदद कर सकता हूं। वह यह बात सुनकर बहुत खुश हो गया और कहने लगा कि लेकिन मुझे उसके लिए इन्वेस्टमेंट डालनी पड़ेगी और वह मेरे पास नहीं है। मैंने उसे कहा तुम उसकी चिंता मत करो। मैं तुम्हें सेटअप लगा कर दे दूंगा। उसके बाद तुम अपने काम को चला लेना। अब वह बहुत खुश हुआ और उसकी पत्नी भी बहुत खुश थी लेकिन मैंने उसे कहा कि तुम्हें उसके लिए दिल्ली आना पड़ेगा और दिल्ली से ही काम करना पड़ेगा। वह कहने लगा ठीक है मैं अपनी नौकरी से कुछ दिनों बाद रिजाइन दे दूंगा और दिल्ली आ जाऊंगा। सुरभि यहां रह लेगी। मैं अपना काम कर के जयपुर से वापस अपने घर लौट गया और कुछ दिनों बाद संतोष का फोन आया और कहने लगा कि मैं दिल्ली आना चाहता हूं। तुम मुझे बताओ मुझे कब आना है। मैंने उसे कहा कि तुम 5 दिन बाद आ जाना। क्योंकि मैं अभी कुछ काम के सिलसिले में बाहर जा रहा हूं और दो-तीन दिन बाद मैं लौट आऊंगा। अब संतोष भी मेरे साथ दिल्ली आ गया और वह मेरे साथ ही काम करने लगा। मैंने उसे एक सेटअप लगा कर दे दिया और उसके बाद वह काम करने लगा। मैंने उसे रहने के लिए अपना एक फ्लैट दे दिया था और वह वहीं पर रह रहा था। धीरे-धीरे संतोष का काम भी अच्छा चलने लगा और वह मुझसे कहने लगा कि तुम्हारी बदौलत अब मेरा काम भी अच्छा चलने लगा है। मैं बहुत खुश हूं और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।
अब संतोष भी बहुत खुश था और मैं भी उससे बहुत खुश था। एक बार मुझे काम के सिलसिले में जयपुर जाना था तो मैंने इस बारे में संतोष से जिक्र किया। वह कहने लगा तुम मेरे घर पर ही चले जाना और मेरी पत्नी से भी मिल लेना। मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हारे घर पर चला जाऊंगा और सुरभि से भी मिल लूंगा। अब मैं जयपुर चला गया जब मैं जयपुर गया तो सुरभि मुझे देखकर बहुत खुश हुई और मुझसे संतोष के बारे में पूछने लगी। मैंने उसे कहा कि वह बहुत अच्छा है और बहुत ही अच्छे से काम कर रहा है वह इस  बात से बहुत ही ज्यादा खुश थी। मैंने सुरभि से कहा कि मैं फ्रेश हो लेता हूं उसके बाद मैं थोड़ी देर आराम करता हूं। जब मैं बाथरुम में गया तो मैंने सुरभि की लाल रंग की पैंटी दिखी जिससे कि मेरा मन खराब हो गया मैं उसे सुघने लगा। जब मैं बाहर आया तो मुझे सुरभि को देखकर बहुत ही ज्यादा उत्तेजना आने लगी और मैं उसकी गांड को देखने लगा मै उसके बड़े बड़े स्तनों को देख रहा था। जब सुरभि मेरे पास बैठी हुई थी तो मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसके होठों को अपने होठों में ले लिया। मैं उसे बहुत ही अच्छे से किस करने लगा अब उसके होंठों से खून भी निकल रहा था। वह भी पूरी उत्तेजना में आ गई और मैंने तुरंत अपने लंड को बाहर निकालते हुए उसके मुंह में डाल दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को उसके मुंह के अंदर डाला तो वह बहुत ज्यादा खुश हो गई। मै अपने लंड को अंदर बाहर करती जा रही थी मुझे भी बहुत मजा आ रहा था।
थोड़ी देर बाद मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए तो मैंने देखा उसने पिंक कलर की पैंटी पहनी हुई है और वह उसमें बहुत ही सेक्सी लग रही थी। मैंने उसकी पैंटी को खोलते हुए उसकी चूत मे हाथ लगाना शुरु किया उसकी चूत मे हल्के हल्के बाल थे। मैंने उसकी चूत के अंदर जैसे ही उंगली डाली तो उसकी चूत से पानी निकलने लगा और वह बहुत ही उत्तेजित होने लगी। थोड़ी देर में मैंने भी उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी योनि में घुसेड़ा तो उसके मुंह से चीख निकल पड़ी और वह बहुत ज्यादा मूड में आ गई। अब मैं उसे ऐसे ही बड़ी तीव्रता से चोदने लगा। उसे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसे चोदे जा रहा था मैंने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया और उसे चोदता रहा। थोड़ी देर में मैंने उसके स्तनों को भी अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करना शुरू कर दिया उनसे दूध निकल रहा था मैंने वह सब अपने मुंह में लेकर निकाल लिया। मैं अब उसके होठों को किस करते हुए बहुत ही ज्यादा मस्त हो रहा था। मैं उसे बड़ी तीव्रता से धक्के दिए जा रहा था उसका बदन भी पूरा लाल होने लगा और मुझे उसका बदन देखकर बहुत ही मजा आ रहा था। लेकिन मुझसे उसकी चूत की गर्मी नहीं झेली जा रही थी। फिर भी मैं उसे चोदने पर लगा हुआ था और बड़ी तेज धक्के दिए जा रहा था। मैंने उसे इतनी तीव्रता से चोदना शुरू किया कि उसका पूरा शरीर और भी गरम हो गया। वह पसीना-पसीना हो गई अब वह इतना ज्यादा पसीना हो चुकी थी कि मुझसे भी बिल्कुल नहीं रहा गया। मैंने तुरंत ही अपने वीर्य को उसकी योनि में डाल दिया जैसे ही मैंने अपने वीर्य को उसकी योनि में डाला तो वह बहुत ज्यादा खुश हुई। वह कहने लगी आपने तो संतोष की कमी को पूरा कर दिया है मुझे बहुत ही अच्छा लगा जब आप ने मुझे चोदा। जब भी मैं जयपुर जाता हूं तो सुरभि की चूत जरूर मारता क्योंकि उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट है और मुझे उसे चोदने में एक अलग ही अनुभूति होती है।

Wednesday, November 1, 2017

वो देती गयी और मैं उसकी बुर लेता गया


मेरे प्यारे सभी भाई और मेरी प्यारी सेक्सी आंटी और लडकिया | मैं सेक्स का बहुत बड़ा फैन हूँ | मुझे यहाँ स्टोरीज पढना बहुत अच्छा लगता है | मेरा नाम शशांक है और ये मेरी गर्लफ्रेंड कि स्टोरी है जिसका नाम अर्चना साहू है | वो बहुत सेक्सी और भरे बदन की लड़की है उसका फिगर 26 24 40 है उसकी गांड बहुत बड़ी है और गोल है | अच्छे अच्छे लोगो के लंड के खड़े हो जाते है जब कोई उसको चलते हुए देखता है | मैं भोपाल में रहता हूँ और मैं जिम में ट्रेनर हूँ मैं पढाई में ज्यादा अच्छा नहीं था इसलिए मैं बस ग्रेजुएशन कर के रुक गया और जिम लाइन में अपना कैरिएर बनाने कि ठान लिया | मैं आप लोगों को ज्यादा बोर न करते हुए सीधे स्टोरी पे आता हूँ |
ये बात तब कि है जब मैं जिम जाना स्टार्ट किया था और वो भी वहा आती थी उसको एक मॉडल बनना था वहा सबके पर्सनल ट्रेनर हुआ करते थे इसलिए उसे ठीक तरह से कोई व्यायाम नहीं बता पता था और वो ऐसे ही गलत गलत करती थी | मुझे इस चीज़ कि अच्छी नॉलेज थी तो मैंने उससे कहा कि मैंने भी अभी जिम स्टार्ट किया हूँ पर मुझे साड़ी एक्सरसाइज आती है | फिर मैंने उसे बताना और सही तरीके से करना चालू किया वो भी खुश थी कि चलो उसे कोई फ्री में र्त्रैनेर तो मिला | हम ऐसे ही प्रैक्टिस किया करते थे कभी वो मुझे सपोर्ट देती कभी मैं | ऐसे ही प्रकटिसे करते करते हमे तीन महीने हो गए और हमारी बीच दोस्ती हो गयी थी | एक दिन ऐसे ही मूवी देखने का हमने प्लान बनाया और हम मूवी देखने सिनेमा हाल गए | मैंने टिकेट खरीदी उसने कोक और पॉपकॉर्न खरीदे फिर हम बेठे हमने लास्ट कार्नर कि सीट ली हुई थी और वहा ज्यादा लोग नहीं थे हमारे आगे  वाली सीट पे | फिर मूवी देखने लगे ऐसे ही यहाँ वहा कि बाते भी कर रहे थे उसने तब मुझे बताया कि वो एक नार्मल घर कि लड़की है और उसे मॉडलिंग में बचपन से ही इंटरेस्ट है पर उसे उसके घर वाले मना करते थे तो वो यहाँ भोपाल आ गयी पढाई के लिए पर उसने अभी घर में नहीं बताया कि वो मॉडलिंग के लिए भी तयारी कर रही है | ऐसे ही यहाँ वहा कि बाते करते करते मूवी ख़त्म हो गयी और हम जाने को निकल रहे थे कि बहुत जोर कि बारिश होने लगी | हम आधे रास्ते तक ही पहुचे थे कि हम भीग गए थे बहुत ज्यादा | उसने वाइट कलर कि सलवार सूट पहनी थी जो स्किन टाइट थी तो जब वो भीगी तो उसके नितंभ और दूध कि ब्रा एक दम साफ़ साफ़ दिख रही थी  उसने मुझे शर्मा के देखा और मैंने नजरे फेर लिया क्युकी मै उसके प्रति गलत नहीं सोचता था | मैं तुरंत भीगते भीगते गया एक शॉप वह से एक सारी और ब्लाउज खरीद लाया और उसे ला के दिया वो बहुत खुश हो गई | उसने मुझे थंक्स कहा तो मैंने उससे कहा कि दोस्ती में नो सॉरी नो थैंक यू उसे बहुत अच्छा लगा | फिर मैंने उसे घर छोड़ा और फिर मैं भी अपने घर आ गया मुझे सर्दी हो गयी थी तो मैं कुछ दिनों से जिम नहीं जा पा रहा था उसने मुझे कॉल कि कि क्यू नहीं आ रहे हो तो मैंने उसे कहा कि मेरी तबियत ख़राब है तो वो भी जिम से जल्दी निकली और मेव्रे घर आ गयी  मैं भी यहाँ रूम ले के रहता था और काले रहता था और कोई दिक्कत नहीं थी कि कोई मुझे किसी चीज़ के  लिए टोकता | वो आई और जूस ले के आई तो मैंने उसे थैंक्स कहा तो उसने कहा कि दोस्ती में नो सॉरी नो थैंक यू फिर हम हसने लगे वो मेरे लिए सूप बनाने लगी और वो टाइट कपड़ो में बहित सुंदर लगती थी और वो बहुत गोरी भी थी | उसने मुझे सूप बना के दिया फिर मैंने पिया एक दिन कि बात है उसे अपने कोल्लागे कि फीस बी देनी थी  और घर का किराया भी पर उसके पुरे पैसे किसी ने चुरा लिए थे तो वो बहुत परेशां हो गयी | उसने मुझे बताया तो मैंने उसे कहा  कि मैं सिर्फ कॉलेज कि फीस दे सकता हूँ रेंट के पेसे देने के लिए मेरे पास भी नहीं बचेंगे तो मैंने उसे सुग्गेस्ट किया कि तुम मेरे साथ रह लो | उसे  अच्छा नहीं लगा तो मैंने उसे कहा कि भरोसा रखो कुछ नहीं होगा फिर मैंने मनाने पर वो मान गयी | उसने अपना सामान मेरे रूम में शिफ्ट कर ली और हम साथ रहने लगे | उसके बाद हम साथ में घूमते खाना बनाते और जिम जाते बस वो कॉलेज अकेले जाती थी क्युकी मुझे और भी कुछ काम रहता था इसलिए | फिर धीरे धीरे हममे नजदीकियां बढ़ने लगीं और हम एक दुसरे से प्यार करने लगे एक दिन कि बात है | जब घर में लाइट चली गयी थी और बाहर बहुत जोर की बारिश होने लगी थी तो मैं कैंडल लेने भी नहीं जा पाया अँधेरे में हम आपस में टकराते और कहीं यहाँ वहां टकराते बहुत हसी आती हमको जब किसी को लगती और वो आह करके चिल्लाता ऐसे ही चलते चलते मेरा हाथ उसकी गांड में लगा तो उसने पकड़ लिया | उसने पूछी क्या कर रहे हो तो मैंने कहा यार धोके से लग गया वो गुस्सा हो गयी थी फिर बाद में उसने मेरे लंड पे हाथ मारी तब मैंने उसका हाथ पकड़ लिया तो वो शर्म से लाल हो गयी थी | मैंने उसे अपनी तरफ खीचा और सीने से लगा लिया | उसके बड़े बड़े दूध मेरे सीने से लगे और वो बोली कि ये क्या कर रहे हो | मैंने उसे बोला कि जो हम अनजान बन कर एक दुसरे के साथ हरकते करते हैं उसे आज हम एक नाम दे ही देते हैं उसे समझते देर न लगी और उसने कहा कि मैं सेक्स नहीं करुँगी | मैंने आज तक सेक्स नहीं किया है | तो मैंने उसे कहा कि सेक्स तो मैंने भी नही किया है तो क्यू न आज कर के देखते है पहले तो वो मना कर रही थी | फिर बाद में उसने हा कर दी  मैंने उसे अपने तरफ फिर से खीचा और अपने होंठ उसके होंठ पे रख दिए मैं उसे जोर जोर से किस करने लगा | उसकी जीभ  से जीभ लड़ाने लगा | अब वो भी गरम होने लगी तबी और उसने भी मेरा साथ देना चालू कर दिया | अब हम एक दुसरे के साथ से अच्छे से किस कर रहे थे और मैं उसके दूध भी दबाते जा रहा था फिर मैं उसके पीछे आ गया और उसकी गर्दन पे किस करने लगा और वो सिस्कारिया ले रही थी | मैं सामने हाथ करके उसके दूध मसल रहा था और उसकी गर्दन भी चाटते जा रहा था उसे बहुत अच्छा लग रहा था उसे मेरा एसा करना फिर मैं उसके सामने आ के उसका टॉप उतारा और फिर उसके बाद उसकी ब्रा | जेसे ही ब्रा उतारा लाइट आ गयी उसके दूध बहुत ही गोरे  दिख रहे थे क्या कमाल के दूध थे उसके मजा आ गया था | फिर मैं उसके पिंक निप्पल चूसने लगा और उसके दूध दबाते जा रहा था | उसके मुह से अआहा आहा अहहः आहा अ अह कि आवाज़े आ रही थी जो मुझमे जोश पैदा कर रही थी | फिर मैं उसकी कमर चाटते हुए उसकी स्कर्ट उतारा और फिर उसकी पेंटी भी उसे शर्म नहीं आ रही थी | अब बस वो ऊन्मून्ह्ह अआहा ऊऊन्ह्ह कर रही थी | मैंने ज्यादा देर नहीं कि और उसे लेटा कि उसकी टांग चौड़ी किया तो देखा कि उसकी छूट भी गुलाबी थी | मेरे मुंह में तो पानी आ गया था | मैं तुरंत ही अपनी जीभ डाल के उसकी छूट चाटने लगा और वो जोर जोर से आः आः अहाहाहा उऊंज्नंह उऊंन्ह्ह क्या कर रहे हो | शशांक मार डालोगे क्या मैंने झूठ कहते हुये कहा कि नहीं जान तेरी चूत पे बहुत प्यार आ रहा है फिर मैं उसकी छूट करीब 20 मिनट तक चाटा | उसी टाइम वो एक बार झड चुकी थी फिर मैं उसके सामने नंगा हुआ तो मेरा लंड देख के डर गई थी | क्युकी मेरा लंड 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है उसने कहां कि तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है | मैं इसे अन्दर नहीं ले पाउंगी  तो मैंने उसे कहा कि कोई दिक्कत नहीं होगी आराम से अन्दर चला जायगा | मैंने उसकी छूट में सरसों का आयल लगाया और अपने लंड में भी आयल लगाया | मैंने उसकी टाँगे पकड़ी और धीरे से अपना लंड उसकी छूट में डाला वो चीख उठी और मना करने लगी कि अआः अआहा नही अब मैं झेल पाऊँगी तुम्हारा लंड | मैंने जोर कर अपना लंड डाला फिर धीरे धीरे उसे भी मजा आने लगा और बहुत देर तक हमने चुदाई की | अब हम रोज चुदाई करते हैं उसे मेरा लंड ओरे ममुझे उसकी चूत बहुत पसंद है | हमने शादी भी कर ली है और अच्छे से रह रहे है | फ्रेंड्स आपको सभी को मेरी स्टोरी कैसी लगी बताना जरुर मैं आगे भी अपनी स्टोरीज भेजता रहूँगा उम्मीद करता हूँ कि आप सभी लोगो को मेरी ये स्टोरी बोर नही कि होगी |

Tuesday, October 31, 2017

चुदाई अपने कॉलेज की लड़कियों के साथ

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दोस्त की साली को चोदा

हेल्लो दोस्तों मैं एक बार फिर एक कहानी लेकर आया हूँ | मेरा नाम अजय है मैं एक बार फिर अपनी कहानी लेकर आया हूँ | मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 25 वर्ष है | मेरे लंड की लम्बाई 6 इंच है जिसे देख कर अच्छी अच्छी लौंडियों की चूत मैं पानी आ जाता है | मैं एक साधारण युवक हूँ जो अपनी लाइफ को अपने हिसाब से इंजॉय करता हूँ |
दोस्तों वैसे मेरी जिन्दगी मैं कई मोड़ आये है | ये कहानी भी उन्ही में से एक है जो की मेरे साथ घटी हुई है और मैं आप लोगों के बीच आज लेकर आया हूँ | मुझे पता है की ये आप को पसंद आयेगी तो दोस्तों मैं आप सब का समय खराब न करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ |
दोस्तों मैं अपने एक ख़ास दोस्त की शादी मैं गया हुआ था वंहा पर मैं अपने दोस्तों के साथ खड़ा होकर इंजॉय कर रहा था | तभी मेरी नजर एक भाभी पर पड़ी जिनकी उम्र लगभग 26 या 27 की होगी कमाल लग रही थी | उनके चूतडो का उठान देख कर किसी का भी सामान हिलोरे लेने लगे और उनके गोल-गोल बूब्स देखकर तो मेरा सामान खड़ा होने लगा बड़ी मुस्किल से मैंने उसे सम्हाला और फिर मैं अपने दोस्तों के बीच बिजी हो गया |
पर सायद उन्होंने मुझे देख लिया था की मैं उनके बूब्स को देख रहा था इसी वजह से मैंने जब मुड कर देखा तो वो मुझे देख रही थी | तो मैंने नजरे वह से हटा ली पर मेरा मन नहीं मान रहा था तो मैंने अपने दोस्त से पुछा की जिसकी शादी थी की ये कौन है | तब मुझे पता चला की वो तो मेरे दोस्त की बड़ी साली है |
मेरी नजरे पूरी शादी में उन्ही पर टिकी रही और सायद उन्होंने ने भी इस बात पर गौर किया था | क्योंकि वो भी मुझे बहुत देर से घूरे जा रही थी | तो मैंने उनकी तरफ देख के प्यारी सी स्माइल की जिसका जवाब उन्होंने भी स्माइल से दिया | मानो मेरी तो लाटरी लग गयी हो फिर हम सब खाना खाने पहुंचे तो मैं अपने लिए प्लेट लेने गया तो वो भी प्लेट लेने मेरे पास आ गयी तो मैंने अपनी प्लेट उनको थमा दी और मैंने दूसरी प्लेट खुद ले ली वो मुस्कुरा कर वह से चली गयी | फिर पूरी शादी मैं हम एक दुसरे से इशारों से बाते करते रहे चलते वक़्त मैंने अपना मोबाइल नंबर चुपके उनको दे दिया और काल करने को कहकर मैं वहा से चला आया | उस रात मैं सो नहीं पाया मैं जब भी आँखें बंद करता उनका चेहरा मेरी आँखों के सामने घूमने लगता मैं उनके बारे मैं सोंच कर पागल हुआ जा रहा था की न जाने कब वो मुझे चोदने को मिलेंगी कब उनके उठे हुए मम्मे मसलने को मिलेंगे | उस रात तो मैं उनके नाम की मुठ मार के सो गया और उनके सपनो मैं खो गया |
अगले दिन उनका फ़ोन आया तो मैंने फोन उठाया क्या सेक्सी आवाज़ थी | लग रहा था की जैसे मैं 16 साल की लड़की से बात कर रहा हूँ | उसने अपना नाम सरिता बताया | मैंने कहा सरिता मुझे तुमसे प्यार हो गया है मैं तुम्हे बहुत चाहता हूँ | तो सरिता ने कहा की वो भी मुझे पसंद करती है | फिर हम दोनों एक दुसरे से रोज बाते करने लगे |
उसने बताया की उसके पति बिजनेस मैंन हैं और ज्यादातर घर से बाहर ही रहते है | और उसके घर मैं उसके सास-ससुर वो ही रहती है | और वो रोने लगी तो मैंने उसे चुप कराया और उसे पुछा की वो रो क्यों रही है | तो उसने बताया की उसके पति का चक्कर एक लड़की के साथ है और वो सही से उसकी आग नहीं बुझा पाता और उसका लंड भी बहुत छोटा इसी के कारण शादी के तीन साल बाद भी आज तक वो आज तक माँ नहीं बन सकी और उसके सास-ससुर उसे ताने देते रहते है |
मैं तो एक दम से उचल पड़ा जो बात मैं बोलना चाहता था की मैं उनकी चूत के लिए पागल हूँ | पर उसने ही वो बात बोल दी मैंने कहा की वो परेशान न हो मैं हूँ मैं उसकी प्यास बुझाऊंगा |
इस तरह हम दोनों एक दुसरे से गरम-गरम बाते किया करते थे और वो अपनी चूत मैं ऊँगली डाल कर और मैं मुट्ठ मार कर अपना कम चलने लगे | एक दिन की बात है | सुबह का समय था सरिता का फोन आया उसने बताया की उसके सास-ससुर आज बाहर जा रहे है | और आज शाम को मुझे अपने घर बुलाया आज वो समय आ ही गया जिसका हम दोनों को इन्तजार था | मैं तो खुशी से पागल होने लगा था | उस दिन मैं दिन भर सरिता के ख्यालो मैं खोया रहा | और शाम को मैं उसके घर पहुंचा और उसके दरवाजे की घंटी बजाई सरिता ने दरवाजा खोला तो मैं तो उसे देखता ही रह गया नीले कलर की नाइटी में कहर था रही थी |
उसे देखते ही मेरा लंड पैन्ट फाड़कर बाहर आने लगा तो उसने कहा अन्दर आओ राजा क्या आँखों से चोदोगे क्या तो मैं फिर उसके घर के अन्दर गया |
और उसने दरवाज़ा जैसे ही बंद किया मैंने उसे उठा कर अपनी बाँहों मैं ले लिया और उसके बेडरूम मैं ले जाकर बेड पे पटक दिया और अपने होंठों को उसके होंठो पर रख कर जोर से चुम्मा लेने लगा वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी वो मेरे बालो को पकड कर कसके किस कर थी | फिर मैं उसके मम्मो को मसलने लगा क्या मस्त मम्मे थे | एक दम कडक जैसे कि किसी ने छुआ ही न हो वो मदहोस होने लगी | मैंने उसकी नाइटी निकाल कर फेंक दी अब वो सिर्फ ब्रा और पैन्टी मैं मेरे सामने थी क्या गज़ब लग रही थी काली ब्रा और पैन्टी मैं फिर मैंने उसे उल्टा किया और उसके पीठ पर किस करने लगा और ब्रा के हुक खोल कर उसकी ब्रा निकाल कर फैंक दी और उसके मम्मो को आज़ाद कर दिया | और उसकी चूत मैं ऊँगली करने लगा उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी | मैंने उसकी पैंटी निकाल दी और उसकी चूत पर अपना मुह रख कर उसे चाटने लगा और उसके मम्मो को अपने हांथों मैं लेकर मसलने लगा | वो मेरे सर को पकड़ कर मेरे मुह को अपनी चूत की ओर दबा रही थी | और जोर से सिस्कारिया ले रही थी | अब वो बहुत गरम हो चुकी थी उसने मेरी पैन्ट खोल दी और मेरा लंड को निकाल कर उससे खेलने लगी मेरा मोटा लंड देख कर वो बहुत खुश थी | उसने मेरा लंड अपने मुह मैं डाल लिया और उसे चूसने लगी मेरा लंड लोहे की राड की तरह कड़क हो चूका था | उसने मुझसे कहा की अब मुझे मत तडपाओ मेरे राजा डाल दो अपना लंड मेरी चूत में | बुझा दो इसकी प्यास बहुत दिनों से प्यासी है और तुम्हारे लंड का इंतज़ार कर रही है | मैंने अपने लंड के सुपाडे पर थोडा सा थूक लागाया और उसकी टाँगे फैलाकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा | साथ मैं उसके मम्मो को मसलने लगा और एक जोर के धक्के के साथ मैंने अपना आधा लंड उसकी चूत मैं घुसा दिया वो एक दम चीख उठी इतने दिनों से सुखी पड़ी उसकी चूत टाइट हो चुकी थी| उसकी चीख निकलते ही मैंने अपने होंठो को उसके होंठो पर रख दिया और किस करने लगा और धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा अब वो मेरा साथ देने लगी थी | मैंने भी धक्को की स्पीड बढ़ा दी और अपना पूरा लंड उसकी चूत मैं पेल दिया |
अब वो भी मज़ा ले रही थी और गांड उठा-उठा मेरा साथ दे रही थी उसकी मादक सिस्कारिया आह ओह्ह उम्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्हओ अह्ह्ह फक मी अहह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह आह्ह आह्ह्ह उम्म्ह्ह ओह्ह्ह कम ऑन फक मी अहह ओह्ह्ह उम्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह ओह्ह्ह अहह्ह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह्ह येस्स ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह ओम्ह्ह्ह यस्स्स्स उम्म्हह्ह अह्ह्ह आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्म उम्ह्ह्ह अह्ह्ह्हा उम्ह्ह उम्ह्ह्ह पूरे कमरे में गूँज रही थी | उसकी मादक सिस्कारियों से मेरा जोश और बढ़ रहा था मैं और जोर से धक्के लगाने लगा | 15 मिनट की चुदाई के बाद वो झड गयी पर मैं कहा झड़ने वाला था | मैं बराबर धक्के लगाये जा रहा था और उसकी चुचियो पर अपना मुह रख कर उन्हें अपनी जीभ से सहला रहा था | वो आह्ह ओह्ह नो ओह्ह आह्ह्ह एस ओह्ह नो अह्ह्ह उम्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह अह्ह्ह उम्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह की आवाज़े निकाल रही थी और मेरे बालो मैं हाँथ डालकर सहला रही थी | अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने उससे पूंछा की बाहर निकालू या अन्दर ही रहने दूँ उसने कहा अन्दर ही रहने दो | मैं धक्के लगाता गया उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया उसके बाद हम एक दुसरे के ऊपर ऐसे लेटे रहे और एक दुसरे को चूमते रहे सरिता ने कहा आज जो मुझे आनंद मिला है वो आज तक मेरे पति मुझे नहीं दे पाए मेरी चूत धन्य हो गयी आज तुम्हारा लंड पाकर आज से चूत तुम्हारी फिर मने उस रात तीन बार चोदा और सुबह होते ही अपने घर चला आया | उसके बाद मैंने सरिता को कई बार चोदा |आज एक बच्चे की माँ है और वो मेरा बच्चा है