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Tuesday, December 25, 2018

बचपन का मज़ा

hindi porn stories हाय दोस्तो आपका और टाइम ख़राब करने के बजाये स्टोरी की तरफ आता हूँ यह
उस वक़्त की बात हे जब मैं 18 साल का था और मुझ पर सेक्स का फुल जोश था.
मेंरे घर मैरी कजिन नेहा और उसकी माँ और बडा भाई रहने के लिये आये हुये
थे. एक दिन जब मेंरी माँ और नेहा की माँ और भाई कुछ खरीदारी के लिये जाने
लगे तो नेहा की माँ मेंरे पास आई और कहने लगी नेहा की तबीयत कुछ ठीक नही
हे उसे जुखाम हो रही हैं तुम उसका ख्याल रखना हम उसे घर पर छोड़ कर जा
रहे हैं मैने कहाँ आप बिल्कुल फ़िक्र ना करे मैं देख लूँगा नेहा की उम्र
उस वक़्त 18 साल थी मगर उसकी उठान बिल्कुल 22 या 23 साल की लड़की की तरह
थी मैने घर वालो के जाने के बाद अपने कंप्यूटर पर एक ब्लू फिल्म की सी.डी
लगा ली और देखने लगा थोडी देर के बाद मेंरे रूम की घन्टी बजी तो मैने
सी.डी बंद करके दरवाज़ा खोला तो देखा नेहा दरवाज़े पर खडी थी वो कहने लगी
मुझे अकेले मैं डर लग रहा है मैं आपके पास बैठ जाऊं मैने कहाँ हाँ क्यो
नही आ जाओ. वो मेंरे बेड पर आकर बैठ गई उसने फ्रोक पहन रखा था और नीचे
सिर्फ़ चड्डी पहन रखी थी मैं उसे देखता ही रह गया.
थोडी देर तक इधर उधर की बाते करने के बाद वो कहने लगी मुझे बाथरूम जाना
हे मैने कहा हाँ चली जाओ वो तुरन्त बाथरूम की तरफ भागी मगर रास्ते ही मैं
उसे एम.सी आ गई और उसकी चड्डी और फिरोक गंदी हो गई बाथरूम मैं जाकर उसने
अपनी फिरोक और चड्डी को धोया और फिर मुझे आवाज़ देकर. कहने लगी मेंरे
कपड़े गंदे हो गये हैं प्लीज़ आप मुझे दुसरे कपड़े ला दो मैरे रूम से
मैने कहाँ इसमें शर्माने वाली क्या बात हे तुम बाहर आ जाओ और खुद ही ले
लो मगर वो नही आई तब मै उसके कमरे में जाकर एक फिरोक और चड्डी लाया जब
मैं अपने रूम मैं आया तो देखा वो मेंरे कमरे मैं नंगी खडी होकर मैरे
कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देख रही थी मैने कहाँ यह क्या कर रही हो तो कहने
लगी की आप भी तो देख रहे थे. जब मैने देखा की वो खुद राज़ी है तो मैने
कहाँ तुमको अच्छी लगती है तो कहने लगी हाँ मगर मैने आज तक किसी लड़के को
नंगा नही देखा मैने कहाँ तुम्हारी यह इच्छा मैं पूरी कर देता हूँ और फिर
मैने उसे अपनी गोद मैं नंगा ही बैठा लिया और हम दोनों ब्लू फिल्म देखने
लगे फिल्म देखते हुये मेंरा भी लंड तन गया और मैने आहिस्ता आहिस्ता उसके
बोबो और चूत पर हाथ फैरना शुरु कर दिया उसे मज़ा आने लगा कुछ देर बाद जब
वो पूरी तरह से गरम हो गई तब उसने मेंरी कमीज़ और पैंट उतार दी और मैने
भी अपनी चड्डी उतार कर अपना लंड उसके हाथ में दे दिया वो उसे घूर कर
देखने लगी और कहने लगी यह क्या चीज है और यह किस काम आती है मैने कहा यह
इस सुराख (छेद की तरफ इशारा करके) मैं जाती हे और फिर बहुत मज़ा आता है
तो वो कहने लगी यह सुराख तो बहुत छोटा है इसमें यह कैसे जाता होगा मैने
कहाँ अभी बताता हूँ और फिर मैने उसे अपनी गोद मैं बिठा कर अपना लंड उसकी
चूत के सुराख पर रखा और कहाँ अब आहिस्ता से इस पर बैठ जाओ वो कहने लगी
मुझे तकलीफ़ हो रही है.
मैने कहाँ थोडी देर होगा फिर मज़ा आयेगा मगर. उसे ज़्यादा दर्द हो रहा था
तो मैने टेबल से ऑयल की बोतल उठाई और अपने लंड और उसकी चूत पर अच्छी तरह
से लगाया और एक चॉकलेट का पैकेट खोल कर उसे खाने के लिये दिया और कहाँ
इसे आराम से खाओ मैं तुम्हारा मज़ा बड़ाता हूँ और फिर उसे नीचे लिटाकर
उसकी चूत मैं अपना लंड डाल कर एक झटका दिया मेरा 4 इंच के लंड का 1 इंच
हिस्सा उसकी चूत मैं चला गया मैने जब उसका चेहरा देखा तो उसे ज़्यादा
दर्द नही हुआ तो मैने आहिस्ता से अपना लंड और अंदर डालना शुरु कर दिया.
अब मेंरा लंड 3 इंच तक अंदर चला गया था. नेहा ने चोकलेट खा ली थी और अब
उसे दर्द हो रहा था और वो मुझसे अपना लंड बाहर निकालने के लिये कहने लगी
मैने आहिस्ता आहिस्ता लंड को अंदर बाहर करना शुरु कर दिया.
कुछ देर के बाद उसे भी मज़ा आने लगा अब मैने उसके होठों पर किस करना शुरु
कर दिया और अपने होठों से अच्छी तरह उसके होंठ मिलाते हुये और चुमते हुये
एक जोरदार झटका मारा तो मेंरा पूरा लंड उसकी चूत मैं चला गया उसके मुहँ
से भयानक चीख निकली जो मेंरे होठों की वजह से अंदर ही दब गई वो बुरी तरह
से तड़पने लगी उसकी चूत की सील टूट चुकी थी और खून आ रहा था मैने कुछ देर
तक अपना लंड उसी स्टाइल मैं रखा और उसे किस करने के साथ साथ उसके बोबे भी
दबाता रहा कुछ देर बाद जब उसे भी मज़ा आने लगा तब मैने अपना लंड आगे पीछे
करना शुरु कर दिया तक़रीबन 10 मिनिट के बाद उसकी चूत से गरम गरम पानी
निकल आया और वो ठंडी पड गई मगर मैं अभी झड़ा नही था मैने उसे जोर जोर से
चोदना शुरु कर दिया वो कहने लगी मुझे बाथरूम जाना है मुझे पेशाब आ रही है
मैने कहाँ यहीं कर दो तो वो कुछ देर तक सहन करती रही और फिर उसने पेशाब
नीचे ही कर दी. मगर मैने उसे छोड़ा नही और चोदता रहा और फिर कुछ देर के
बाद मैं भी झड़ गया और फिर मैने उसको पेट के बल लेटाकर उसकी गांड का छेद
देखा जो की एम.सी की वजह से काफ़ी गंदा हो गया था मगर उसका साइज़ काफ़ी
बड़ा था मैने अपना लंड जो की अब फिर से चुदाई के लिये तैयार था उसे उसकी
गांड के होल मैं डालना शुरु कर दिया नेहा कहने लगी यह आप क्या कर रहे हो
मुझे पोटी भी आ रही है और तकलीफ़ भी हो रही है मैने कहाँ यहाँ डालने से
तुम्हारी पोटी आना बंद हो जायेगी और फिर अपने लंड को आहिस्ता से उसके
सुराख मैं डाल कर धक्का मारा तो मेंरा लंड 1 इंच अंदर चला गया.
उसकी गांड में एम.सी की वजह से काफ़ी चिकनाहट थी और मेंरा लंड आराम से
अन्दर जा रहा था मैने यह देख कर अपना लंड आहिस्ता आहिस्ता पूरा उसकी गांड
मैं डाल दिया और अब आहिस्ता आहिस्ता उसकी गांड मारने लगा मुझे बहुत मज़ा
आ रहा था और अब नेहा को भी मज़ा आ रहा था मैने आहिस्ता आहिस्ता रफ़्तार
तेज करते हुये उसकी गांड मारना चालू रखा तक़रीबन 15 मिनिट के बाद उसकी
चूत ने दोबारा पानी छोड़ दिया अब में पूरे मजे ले रहा था और उसे खूब जोर
जोर से धक्के लगा रहा था और फिर कुछ देर के बाद में भी झड़ गया और अपना
सारा वीर्य उसकी गांड के अंदर ही डाल दिया और अपना लंड उसकी गांड में ही
डला रहने दिया और उसके बराबर में ही लेट गया कुछ देर बाद जब लंड सूकड कर
छोटा हो गया तब मैने उसे गोद में उठाया और बाथरूम में ले जाकर उसे भी
नहलाया और खुद भी नहाया और फिर बाहर फर्श को साफ़ किया और उसे दूध और शहद
पीने को दिया और खुद भी पीया. तो दोस्तों यह थी मेरी जवानी की कहानी अब
भी नेहा जब हमारे घर आती है मुझसे ज़रूर चुदवाती है और अब तो उसके 3
बच्चे भी हैं जो बिल्कुल नेहा के और मेरे हैं क्योकि उसके पति का लंड बहुत
छोटा है और ज़्यादा खड़ा भी नही होता.

Wednesday, November 1, 2017

ट्रेन के टॉयलेट में भाभी चोदी

हेल्लो यारो.. My Hindi Sex Stories की सभी स्टोरीस मैंने पढ़ी हुई हैं और आज मुझे अपनी train sexy story भेजने का मन हुआ. ये ट्रेन में मेरे साथ हुई सच्ची घटना है. एक मस्त अनजान भाभी को मैंने ट्रेल के टॉयलेट के छोड़ डाला. पढ़िए मेरा एक्सपीरियंस..
मेरा नाम मेहुल हैं और मैं 21 साल का हूँ. यह सच्ची घटना आज से दो साल पहले हुई थी जब मैं अपने मम्मी पापा के साथ मुंबई से अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस में जा रहा था. हम लोग थ्री टायर एसी में सफ़र कर रहे थे और ट्रेन के वेस्टर्न टॉयलेट में मैंने एक मारवाड़ी सेक्सी भाभी की चूत मारी थी. यह मारवाड़ी भाभी वापी से ट्रेन में चढ़ी थी अपने पति के साथ. आइये आपको इस कहानी को विस्तार से बताता हूँ.
मेरी बहन लतिका की शादी अमृतसर में हुई हैं और हर साल एक बार हम दो दिन के लिए उसे मिलने जाते है. हम मुंबई से पश्चिम एक्सप्रेस से ही अक्सर जाते हैं, और अगर ट्रेन में जगह ना मिले तो फ्लाईट से चले जाते हैं. मैं अभी बी.इ. लास्ट सेम में हूँ और यह बात तब की हैं जब में फोर्थ सेम में था. मैंने अपने मम्मी पापा के साथ अमृतसर जा रहा था. पश्चिम एक्सप्रेस के थ्री टायर एसी डिब्बे में बहार की गर्मी महसूस नहीं हो रही थी. ट्रेन आधी घंटा लेट चली थी और वापी आते आते तो मैं आधी नींद सो चूका था. वापी उतर के मैंने चिप्स और ड्रिंक ली और दरवाजे के ऊपर ही खड़ा रह गया. तभी मैंने देखा की एक सेक्सी भाभी जिस की उम्र कुछ 30 के करीब होगी वो ट्रोली बेग खिंच के आ रही थी.उसके पीछे एक बूढा भी छोटी सी बेग ले के आ रहा था. ट्रेन यहाँ ज्यादा रूकती नहीं थी इसलिए मुझे लगा की हो ना हो वो हमारे ही डिब्बे में होंगी. इस सेक्सी भाभी ने बड़े गोगल्स लगाये थे और उसने मेरे सामने देख के वही डिब्बे का नंबर पूछा. मैंने उसे हाथ से इशारा किया. भाभी अपनी सेक्सी गांड दिखाते हुए डिब्बे में चढ़ गई. साथ में आया बूढा तो उसे बेग दे के निचे उतर गया, शायद यह सेक्सी भाभी अकेली ही ट्रेन से जाने वाली थी.
मेरा दिल जोर जोर से धडक रहा था, क्यूंकि यह सेक्सी भाभी को देख के पुरे रस्ते मस्त टाइम पास हो सकता था. वो एक ही डिब्बे में थी इसलिए दरवाजे पे खड़े रहने के बहाने से भी उसे ताड़ सकते हैं. मैंने ड्रिंक खतम की उसके पहले तो ट्रेन चल पड़ी. मैंने दरवाजे पे खड़े खड़े हुए ही चिप्स ख़तम की और कान में हेडफोन वापस लगा के मैंने जब अपने कम्पार्टमेंट में आया तो हक्काबक्का रह गया. इस सेक्सी भाभी का नम्बर वही पर था. वो मेरे मोम से बाते कर रही थी. मेरी सिट साइड अपर थी और मैंने ऊपर चढ़ के इस सेक्सी भाभी की गली देखना चालू किया. तभी मेरी मोम ने इस सेक्सी भाभी को कहा, ये मेरा बेटा मेहुल हैं, अन्जिनियरिंग कर रहा हैं. मैंने भाभी को स्माइल दी और उसने भी बड़े सेक्सी अंदाज से स्माइल का जवाब दिया. मैंने उपर अखबार खोल के बैठा था और इस बहाने उसकी गली को देखे जा रहा था. भाभी की क्लेवेज काफी गहरी थी, इस से साफ़ जाहिर था की उसके चुंचे काफी बड़े होंगे. मेरा लंड खड़ा हो रहा था. लेकिन मोम डेड के वहाँ होने की वजह से मैं कुछ कर नहीं सकता था.
थोड़ी देर बाद भाभी ने डिब्बे से कुछ खाना निकाल के खाया, उसने मोम डेड को और मुझे भी खाने के लिए कहा. मोम ने एक बाईट ली और मैंने और डेड ने मना कर दिया. खाने के बाद यह सेक्सी भाभी अपनी अपर बर्थ पे आ गई. मोम डेड ने भी सिट उठा दी. मोम मिडल बर्थ में और डेड लोवर में लेट गए. सामने की तीनो सीटो में अभी कोई नहीं आया था. मेरे निचे एक सरदार जी मुंबई से चढ़े हुए थे, लेकिन वो तो ट्रेन चालु होने से पहले से ही सो गए थे. भाभी अब बिलकुल मेरे सामने थी. मैंने उन्हें देख रहा था. वो सोने के लिए चद्दर खोल के लेटी हुई थी. मेरी नजर बार बार उसकी तरफ जाती थी. सेक्सी भाभी के उभरे हुए अंगो को देख एक लंड के अंदर अजब सा तनाव आया था. भाभी ने कुछ देर तक सोने की ट्राय की लेकिन शायद उसे शोर से नींद नहीं आई. मैं अब भी उसे हर दूसरी मिनिट देख रहा था. पहले तो यह सेक्सी भाभी जैसे की मुझ में इंटरेस्टेड नहीं हो वैसे इधर उधर नजरे घुमाती रही. लेकिन थोड़ी देर बाद उनकी तिरछी नजरे भी मेरे तरफ घुमने लगी. वो बार बार किसी ना किसी बहाने मेरी तरफ देख रही थी. अब वो मुझे हलकी हलकी स्माइल भी दे रही थी. मैं मनोमन सोच रहा था, भाभी एक बार सिग्नल दे दो तुम्हारी चूत में अपनी ट्रेन हम चला देंगे. वैसे भी मोम डेड तो पुरे रास्ते में 75% वक्त सोये रहते हैं इसलिए उनकी टेंशन नहीं थी. भाभी अब मेरी तरफ घूरने लगी. मैंने भी अपनी नजरे उसके उपर से हटाई ही नहीं.
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रंडी कहीं की साली
मैंने सोचा की ऐसे देखादेख से कुछ पता नहीं चलेगा, और अमृतसर आ जाएगा. मैंने सिट से निचे उतरा और जाके दरवाजे के पास की खुली जगह पे खड़ा हुआ. यहाँ का बैरा अंदर किसी खाली सिट में जाके सोया होंगा क्यूंकि वहाँ पर उस वक्त मेरे अलावा कोई नहीं था. मैंने अपने हेडफोन की वोल्यूम कम कर दी. पता नहीं मुझे ऐसा क्यूँ लग रहा था की वह सेक्सी भाभी यहाँ आएगी. 10 मिनिट तक तो ऐसा कुछ हुआ नहीं. मैं मनोमन सोच रहा था की चल बेटे मेहुल बाथरूम जा के सेक्सी भाभी को सपनो में चोद ले. मैं मुठ मारने का पक्का मन बना चूका था तभी मैंने देखा की वह भाभी सिट से निचे उतर गई थी. वो इधर ही आ रही थी. मेरे बदन में एक शीतलहर सी दौड़ गई. भाभी वहाँ आ के रुकी और बोली, हाई…अंदर बहुत बोर लग रहा हैं ना…!!!
मैंने उसके सेक्सी चुंचो की तरफ कुत्ते की तरह देखते हुए कहा, हाँ अंदर सच में बोर लग रहा हैं. उसने अपनी पानी की बोतल से सिप लेते हुए कहा, कहाँ जा रहे हो आप लोग. मैंने कहा, अमृतसर. मैंने उसे पूछा और आप. मैंने भी वहीँ जा रही हूँ. उसने आगे पूछा, कहाँ रहते हो वहाँ पे. मैंने कहा, हम तो यही मुंबई में ही रहते हैं. मेरी दीदी और जीजाजी वहाँ रहते हैं…और आप? सेक्सी भाभी ने आँखों को छोटी करते हुए कहा, मैं वहीँ रहती हूँ, वैसे मैं अँधेरी की हूँ लेकिन मेरे पति की वहाँ साड़ी शो-रूम हैं. मैंने उसके चुंचो से नजर हटा के उसकी तरफ देख के कहा, अमृतसर तो मुंबई से बहुत छोटा हैं, आप एडजस्ट हो गई. भाभी ने अपने चुंचो की उपर मेरी नजर को देखा था लेकिन फिर भी उसने आधे खुले अपने चुंचो के उपर पल्लू नहीं डाला और बोली, मैं सच में मुंबई मिस करती हूँ. कहाँ यहाँ की तेज और रंगीन लाईफ, डिस्को, पबिंग, ड्रिंकिंग, वन-नाईट स्तेंड्स…और वहाँ तो बस में घर की बिल्ली बन गई हूँ….!!
ओत्तेरी, साली यह सेक्सी भाभी तो पार्टी एनीमल थी, मैंने ख़ासकर उसके वन-नाईट स्टेंड वाली बात पे ध्यान किया और उसे कहा, सही बात हैं, लेकिन वन-नाईट स्टेंड तो आप वहाँ भी डेटिंग साईट से कर सकते हैं. उसने हँसते हुए कहा, नहीं यार उसपे मेरा अनुभव इतना अच्छा नहीं हैं. एक बार 55 साल का बुढा 28 की उम्र बता के मुझे मिलने आया था. वैसे तुम तो काफी हेंडसम हो, गर्लफ्रेंड वगेरह हैं या नहीं. मैंने कहा, आज से एक महीने पहले तक थी, अभी हाल में ब्रेकअप हुआ हैं (मैंने जानबूझ के जुठ कहा था, अकेले लडको को भाभी और आंटियां ज्यादा लाइक करती हैं.) सेक्सी भाभी ने मुझे देख के कहा, फिर तो दिक्कत होती होंगी एक महीने से……और वो हंसने लगी, उसके हंसी और बातो का मतलब सीधे मेरी सेक्स लाइफ के ऊपर थी. पता नहीं मुझे उस वक्त क्या हुआ, मैंने उस हंसती हुई सेक्स बम की आँखे देख रुक नहीं पाया. मैंने भाभी के दोनों गालो को अपने हाथो में ले के उसके होंठो के ऊपर किस कर दी. यह सब एकदम से हो गया और भाभी को संभलने का जरा भी मौका नहीं मिला. उसने मेरी छाती के उपर जोर जोर से दो मुक्के लगाये और मैंने उसे छोड़ दिया.

रिक्शेवाला और स्कूल गर्ल

ये sex story है एक कमीने रिक्शेवाले की जो एक Indian school girl को अपनी बातों में फसा के उसकी जवानी की शुरुआत कर देता है। मेरा दावा है की इस erotic sex kahani पढ़ के आपका भी निकल जायेगा।
एक गर्ल्स स्कूल के सामने दो रिक्शेवान खड़े होकर बतिया रहे थे।
“स्कूल में छुट्टी होने वाली है…”-एक रिक्शेवान बोला।
“सुबह से बोहनी नहीं हुई….शायद भाड़ा मिल जाय…..”-दूसरा बोला।
“भाड़ा मिले न मिले लौंडिया तो देखने को मिलेगी।….”
“कल तू क्यों नहीं आया था?….एक कन्टास माल मिली थी।….दूध की तरह गोरी-गोरी टाँग…..उसके घर के सामने ही
मूतने के बहाने मूठ मारा था।”
“कल मेरी साली जाने वाली थी तो सोचा क्यों न रगड़ दूँ….”
“तो….रगड़ दिया….”
“सोच तो यही रहा था….लेकिन साली के नखरे बहुत हैं….बोल रही थी मैं किसी रिक्शेवाले को नहीं दूँगी….मन तो कर रहा
था वहीं लिटाकर उसकी गाड़ चोद दूँ लेकिन बीवी थी इसलिये बच गई बहन की लौड़ी….”
“तो….कुछ तो किया ही होगा…”
“ऐसे कैसे छोड़ देता…..चूची इतनी कस के मीजा है कि एक महीना मुझे याद करेगी….”
“जियो शेर…..और नीचे वाले में ऊँगलीबाजी नहीं की…”
“मन तो कर रहा था 5 कि पाँचों घुसा दूँ लेकिन फिर भी 3 तो घुसेड़ कर ही माना……”
“तेरी जगह मैं होता तो लिटाकर चाप दिया होता साली को……वो मर्द ही क्या जो हाथ में आई चूत को छोड़ दे….”
“घर में बीवी नहीं होती तो बचने वाली कहाँ थी……लेकिन शादी से पहले तो बोरी (चूत) में छेद करके ही मानूँगा…”
“ये हुई न मर्दो वाली बात…….”
तभी घंटी बजी।
यानि छुट्टी हो गई थी।
नीले चेकदार स्कर्ट और सफेद शर्ट में हाई स्कूल व इंटर की लड़कियाँ निकलने लगीं।
ऐसा लग रहा था जैसे पूरा भेड़ो का झुंड ही भागता चला आ रहा हो।
सारी लड़कियाँ अच्छे घरों की थी इसलिये गोरी, मोटी और चिकनी टांगें देख-देख कर
सारे रिक्शावालों का लौड़ा फन्नाने लगा।
सब कि सब एक से एक कन्टास थी। अगर छाँटने को कहा जाय तो जो भी हाथ में आ जाय वही बेहतर।
“साली क्या खाती हैं ये सब……..एक दम दूध मलाई की तरह चिकनी…”
“सब ताजा-ताजा जवान हुई मुर्गियाँ हैं……नरम गोस्त है अभी….पकड़ के दबोच लो तो खून फेंक दें……”
“गाँड़ देख सालियों की…..एकदम चर्बी से लद गई है…….जिसके हत्थे चढ़ेगीं छेदे बिना नहीं छोड़ेगा….”
तभी एक मस्त कुँवारी कच्ची लड़की एक के पास आकर बोली-
“भइया, मिश्रा कालोनी चलने का क्या लोगे?”
लड़की के आते ही दोनों की भाव-भंगिमायें ऐसी हो गई मानों दुनिया के सबसे शरीफ इंसान वही हो।
“जो समझ में आये दे देना अब आप लोगों से क्या माँगें”- शराफ़त से उसने बोला तो लेकिन लड़की की चूचियों का उभार
और उसकी तन्नाई हुई नुकीली चोच देखकर उसका लौड़ा चड्ढी में लिसलिसाने लगा था।
“नहीं पहले भाड़ा बोलो तब बैठूंगी….बाद में आप 10 का 20 मागो तो….”
“अच्छा चलो 15 दे देना……”
लड़की ने दूसरे रिक्शेवाले से पूछा-
“भइया…आप कितना लोगे?”
अभी तक दोनों में बड़ा याराना लग रहा था लेकिन लड़की के सामने आते ही दोनों मानों कटखने कुत्ते की तरह एक दूसरे
को देखने लगे थे।
“अब बेवी जी आप से क्या मोल-तोल करें…10 ही दे दीजियेगा……सुबह से बोहनी नहीं हुई आप के
हाथों से ही बोहनी कर लूँगा……”
लड़की झट से उस रिक्शेवाले के रिक्शे पर बैठ गई।
पहला वाला उसे जलती निगाहों से घूरता रहा।
पर दूसरे वाले की तो बल्ले-बल्ले निकल पड़ी थी।
इधर रास्ते में-
“अच्छा हुआ बेवी जी आप उसके रिक्शे में नहीं बैठी…”
“क्यों?”-लड़की ने पूछा।
“अरे वो बहुत कमीना है……”
“मतलब…..”-लड़की की दिलचस्पी कुछ बढ़ी।
“कैसे कहे आपसे?…….आपको बुरा लग सकता है।”
लड़की कुछ देर सोचती रही।
30 मिनट के इस सफर में बोर होने से अच्छा था कि रिक्शेवाले की चटपटी बातें ही सुनी जाए।
“बताओ तो क्या हुआ…..”
“अरे वो लड़कियों से बदतमीज़ी करता है…”
“किस तरह की बदतमीज़ी…..”
ये वो उमर होती है जब लड़कियों को बदतमीज़ी शब्द सुनकर ही गुदगुदी हो जाती है।”
“अरे वो लड़कियों को लेकर बहुत गंदा-गंदा बोलता है…..”
“क्या बोलता है?”
“आप लोगों को देखकर बोलता है क्या माल है यार…….बस एक बार मिल जाय….”
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खेत में फासी कुंवारी चिकनी माल
लड़की हल्के से फुसफुसाकर हंस पड़ी।
“मैं सच कह रहा हूँ बेवी जी….भगवान कसम…..इससे भी गंदी-गंदी बातें बोलता है…”
रिक्शेवान को लग रहा था कि लड़की चालू टाइप की है। इसलिये वो जानबूझकर मजा ले रहा था।
“पूरी बात बताओ न क्या-क्या बोलता है?….”
“अब जब आप इतना कह ही रही है तो बोल ही देता हूँ….”-रिक्शेवाले का लौड़ा चड्ढी में फनफनाने लगा-“…बोल रहा था
कि कितनी चिकनी-चिकनी हैं जैसे जवान मुर्गी……”
“अच्छा……सच में बहुत कमीना है…”-लड़की भी मस्त होकर सुन रही थी।
“अरे इतना ही नहीं……कह रहा था इनकी उस पर कितनी चर्बी चढ़ गई है….”
“किस पर?”-लड़की ने जानबूझकर रिक्शेवाले को बढ़ावा दिया।
“अब आपके सामने नाम कैसे ले?”
“तुम बताओ ताकि पता तो चले कि वो कितना कमीना है…..”- लड़की की धड़कने बढ़ने लगीं थीं।
न जाने रिक्शावान क्या बोले।
“बात तो सही है आपकी…जब तक आपको बताउंगा नहीं तब तक आप जानेगीं कैसे कि कितना बड़ा कमीना है……..बोल
रहा था कि आप लोगों की गाँड़ पर कितनी चर्बी चढ़ गई है।”
लड़की का हँसने का मन कर रहा था लेकिन किसी तरह उसने कंट्रोल किया।
नासमझ बनने का नाटक करती हुई बोली- “ये क्या होता है?”
रिक्शेवाले को लगा की अंग्रेजी पढ़ने वाली लड़कियों को क्या पता की गाँड़ क्या होता है। इसलिये वो मस्ती से बताने लगा-
“अब आप लोग अंग्रेजी में पता नहीं क्या बोलती है लेकिन हम लोग उसे गाँड़ ही बोलते हैं…..”
“किसे?” -लड़की ने और बढ़ावा दिया। उसे ये सब सुनकर काफी मजा आ रहा था।
“अरे वहीं जहाँ से आप लोग पादती हैं…..”
“शिट…..”-लड़की को बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि रिक्शेवाला इतना खुला-खुला बोल देगा-
“….आप लोग करते होंगे
हम लोग नहीं करते इतना गंदा काम……”
लड़की की बात सुनकर रिक्शेवाले का लौड़ा फनफना गया था। चड्ढी के अंदर एकाध बूँद माल भी चूँ गया था। उसे तो
अजीब सी मस्ती चढ़ रही थी।
“अब झूठ न बोलिये बेवी जी…….पादती तो आप भी होगी……हमारे सामने कहने से शर्मा रही हैं…..भला गाँड़ है तो पाद
निकलेगी ही….इसमें शर्माने की क्या बात है….”
“ये सब काम गंदे लोग करते हैं……..हम लोग नहीं….”
लड़की की गाँड़ डर के मारे सच में चोक लेने लगी कि कहीं वो सच में ही न पाद निकाल बैठे और रिक्शेवान को आवाज
सुनाई दे जाय।
“अब आपका तो पता नहीं बेवी जी लेकिन जब हम अपनी बीवी को रात में गाँड़ में चापते हैं तब वो ज़रूर पाद मारती
है…..हो सकता है शादी के बाद आपके साथ भी हो……अरे मैं भी क्या बात कर रहा हूँ…….आप इतनी सुन्दर है…..आपकी
गाँड़ भी मोटी है…..आपका पति तो पक्का आपकी गाँड़ चोदेगा……..और जब चोदेगा तो पाद तो निकलेगी ही….”
रिक्शेवाला अपनी औकात भूल बैठा था। मस्ती का खुमार ऐसा उस पर चढ़ गया था कि वो क्या-क्या बके जा रहा है उसे
पता नहीं चल पा रहा था।
“अच्छा अब चुप करो और चुपचाप रिक्शा चलाओ……”- लड़की ने जब देखा की रिक्शेवाला कुछ ज्यादा ही अंट-शंट बकने
लगा है तो उसने उसे हड़काया।
रिक्शावाले की मस्ती को मानों ब्रेक लगा हो।
“सॉरी बेवी जी……लगता है कुछ ज्यादा ही बोल गया…..”
इसके बाद रिक्शे पर कुछ पलों के लिये संनाटा छाया रहा।
रिक्शेवाले की हिम्मत न पड़ी दुबारा कुछ भी बोलने की।
लेकिन अब लड़की को अपने भीतर एक अजीब सी बेचैनी महसूस हो रही थी।

माँ की चूत में लंड डाल भी दे बेटा

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होटल में गर्लफ्रेंड की चुत चुदाई की कहानी


नमस्ते फ्रेंड्स, आपने मेरी पहली कहानी
आई लव यू कह कर बुआ को चोदा
पढी. आज मैं जतिन अमदाबाद से फिर से आपके लिए एक मजेदार चुदाई की कहानी लेकर आया हूँ.
ये प्यार भरी दास्तान मेरी और मेरी प्यारी गर्लफ्रेंड मीनल की है.
आप लोगों को मैं अपना परिचय दे दूं, मैं 24 साल का स्लिम बॉडी वाला युवक हूँ. मेरा रंग एकदम खुलता गेहुआं है. मेरा लंड 6 इंच लम्बा और औसत से अधिक मोटा है. अब मैं कुछ मीनल के बारे में भी बता दूं. उसकी उम्र मुझसे दो साल बड़ी है वो 26 साल की है. उसका फिगर 36-30-34 का है, फेयर कलर है और वो एक हुस्न की परी है. कोई भी उसे देखकर उसको प्रपोज़ करके चोदने की ज़रूर सोचेगा क्योंकि वो एक मस्त माल है.
यह कहानी एक साल पहले की है. मैं एक रेस्टोरेंट में कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर की जॉब करता था. हमने होटल में फ्रेंडशिप डे की पार्टी अरेंज की थी. लगभग 100 लड़के और लड़कियां उसमें शामिल हुए, सबने खूब एंजाय किया.
जब वो सभी वापस जा रहे थे, तो मैंने उनके व्यूज लिए, सबने अच्छे व्यूज दिए थे.
मैंने उसमें एक नाम मीनल का देखा. उसका पूरा नाम लिखा था तो अगले दिन मैंने उसे फेसबुक पर सर्च किया. मुझे उसकी आईडी मिल गई. जब मैंने मीनल की प्रोफाइल देखी तो क्या खूबसूरत लग रही थी. वो एकदम हेरोइन लग रही थी. जब मैंने उसकी डिटेल्स चैक की.. तो उसका स्टेटस सिंगल का था. मेरे मन में आया कि बेटा पटा ले इसको, वैसे भी.. तू भी सिंगल है और वो भी, सो मैंने लगे हाथ उसको रिक्वेस्ट सेंड कर दी. फिर सेम डे शाम को उसका मैसेज आया.
मीनल- हू आर यू?
मैं- हैलो.. मैं रेहान, हाउ आर यू?
मीनल- इह.. आई एम गुड.. एंड आई कॅन सी योर नेम हियर.. बट हाउ यू नो मी?
मैं- यू नो.. कल तुम रेस्तरां में आई थीं अपने फ्रेंड्स के साथ.. तभी मैंने तुम सभी के व्यूज लिए थे, तुमने भी अपने व्यूज दिए थे और उसी की डिटेल से मैंने तुमको सर्च किया है.
मीनल- ओह ये बात थी.. गुड..
फिर ऐसे ही बातें होती रहीं और हम अच्छे फ्रेंड्स बन गए. इसके बाद तो कई बार वो ऑर्डर करके फूड अपने ऑफिस में भी मंगवाती थी. हम दोनों काफ़ी घुलमिल गए थे.
उसने अपनी लाइफ की स्टोरी बताई कि उसके डैड की डैथ हो गई है.. सो अब वो ही अपनी फैमिली की ज़िम्मेदारी संभालती है.
मुझे उसकी कहानी सुनकर बहुत दुख हुआ और तब से मुझे उससे प्यार होने लगा.
काफ़ी दिन तक रेग्युलर बातों में ही बीत गए. फिर जुलाई में उसका बर्थ-डे था, तो मैंने उसको गिफ्ट करने के लिए एक ड्रेस खरीद ली. फिर जब उसका ऑफिस से निकलने का टाइम होता है, उस वक्त मैं वहाँ गया और उसको कॉल किया. तब वो मेरे पास आई और उसे मैंने गिफ्ट दी. पहले तो वो नहीं ले रही थी, लेकिन मेरे फोर्स करने पर उसने गिफ्ट ले लिया. उसने प्यारी सी स्माइल पास की और वो अपने घर चली गई.
मेरी रात में उससे बात हुई, उसने बताया- मैंने ड्रेस पहन कर देखी है, मुझ पर बहुत अच्छी लग रही है… थैंक्स.
मैंने कहा- दोस्ती में कोई थैंक्स या सॉरी नहीं चलता..
उसने तब भी मुझे थैंक्स कहा, मुझे बहुत खुशी हुई. अब हम दोनों और भी क्लोज़ हो गए थे.
एक बार मैंने उससे मिलने के लिए कहा और हम एक पिज़्ज़ा सेंटर पर मिले. वो ब्लैक कलर की ड्रेस में थी, बहुत ही सुंदर लग रही थी.
हमने फ़ूड ऑर्डर किया और साथ में खाया. इस दौरान मैंने उससे कहा- तुम वाकयी बहुत बहादुर लड़की हो.. पूरे घर की जिम्मेदारी को तुम अकेले संभाल रही हो.
मेरी बात सुनकर उसकी आँखों में आँसू आ गए थे. मेरे पूछने पर उसने बताया कि आज उसे अपने डैड की याद आ रही है.
मैंने उसके चेहरे पर उसके बहते आंसुओं को अपने हाथों से साफ़ किया और उससे कहा- बेबी, तुम क्यों अकेली फील करती हो.. मैं हूँ ना यार..
वो सर हिलाकर हाँ कहने लगी.
फिर हम वहाँ से निकल कर एक पार्क में गए, वहाँ एक शांत स्थान पर जाकर बैठ गए. मैंने उसे चॉकलेट दिया और ‘आई लव यू..’ बोला, उसने मेरे प्रपोज़ल को एक्सेप्ट किया और मेरे कंधे पर सर रखकर बात करने लगी.
मुझे वो पल बहुत ही सुहाना लगा, अब मेरा भी अकेलापन दूर हो गया था, सो हमने बहुत देर बातें की.
कुछ देर बाद अँधेरा घिरने लगा था तो मैंने उसके माथे पर किस किया और हम लोग वहाँ से निकल गए.
हमारे बॉस का एक दूसरा होटल भी था, तो दो दिन बाद वहाँ मीनल के ऑफिस की मीटिंग थी. उसने मुझे बताया तो मैं भी वहाँ पहुँच गया. क्योंकि मैं रेस्तरां का स्टाफ था तो वहाँ मुझे एंट्री मिल गई थी. मैं जब मीनल से मिला तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था.
वो उस दिन वाइट शर्ट और ब्लू जीन्स में थी.. बहुत ही हॉट लग रही थी. मेरे दिल में तब रोमांस करने का सूझा, तो मैंने होटेल के मैनेजर से रिक्वेस्ट करके एक रूम 2 घंटे के लिए ले लिया. चूंकि वो मुझे जानता था कि मैं उसी कंपनी का हूँ. उसने मुझे कमरे की चाभी दे दी.
फिर मैंने मीनल को मैसेज किया कि प्लीज़ कम ऑन फर्स्ट फ्लोर, आई वांट टू मीट यू..
मीटिंग हॉल दूसरे फ्लोर पर था, जहाँ मीटिंग चल रही थी. मीनल मेरे कहने पर आई और उसके हाथ को पकड़कर मैं उसे उस रूम में ले गया.
वो डर गई थी और कहने लगी- रेहान क्या कर रहे हो यार.. कोई आ जाएगा, तो दिक्कत हो जाएगी.
मैंने कहा- ये रूम कुछ समय के लिए मेरा है, यहाँ कोई नहीं आएगा जान.
मैंने रूम का डोर अन्दर से लॉक किया और मीनल को हग किया. उसने भी अपने हाथ मेरी पीठ पर रखकर मुझे एक तगड़ा सा हग किया.
कुछ देर हम दोनों यूं ही एक-दूसरे की बांहों में बने रहे. फिर मैं उसे अपनी गोद में उठाकर बेड पर ले गया और उसके ऊपर आ गया. उसके चेहरे को सर से लेकर गालों तक चूमने लगा. उसने अपने हाथ मेरी पीठ पर रख दिए और वो मुझे सहलाने लगी.
मैं गर्म होने लगा, उसके होंठों को चूमते हुए उसे स्मूच करने लगा. वो भी मेरा साथ दे रही थी. मैंने उसकी जीभ को चूसा तो वो मस्त होने लगी.
अब मैंने उसे चूमते हुए उसकी नेक पर किस किया और चाटने लगा, वो अपने मम्मों को ऊपर कर रही थी. वो भी मदहोश होने लगी थी. मैंने उसकी शर्ट के बटन खोलते हुए उसे किस करना चालू रखा.
वो मुझे ये सब आराम से करने दे रही थी, शायद वो भी यही चाह रही थी. सो अब शर्ट के बटन खोलने के बाद मैं नीचे होकर उसके पेट को चूम चाट कर ऊपर को बढ़ रहा था.
उसने बहुत ही नूडल स्ट्रिप वाली टाईट समीज पहनी हुई थी, इसमें मेरी जान बहुत ही क्यूट लग रही थी.
ऊपर होते हुए अब मैंने उसकी समीज निकाल दी, वो पिंक एयरटाइट ब्रा में थी. उसके मम्मों का कातिल नज़ारा मेरी नजरों के सामने था. उसकी ब्रा में में बाहर निकलने को आतुर मम्मों को देख कर गरम होने लगा और उसके मम्मों को ब्रा के ऊपर ही किस करके उसकी क्लीवेज पर अपनी जीभ से चाटने लगा.
वो मादक सिसकारी भर रही थी. उसने भी मेरी शर्ट और वेस्ट निकाल दी. मैंने नीचे होकर मैंने उसकी जीन्स का बटन खोला, ज़िप नीचे की और उसकी चुत की महक को फील किया.
वाह… ऐसी खुशबू तो पर्फ्यूम की भी नहीं होती.. एकदम मस्त महक थी. चुत की खुशबू से मैं और हॉट हो गया. मैंने उसकी जीन्स को नीचे खिसका दिया. उसने भी जीन्स निकालने में अपने चूतड़ों को उठाकर पूरा सहयोग दिया.
अब वो मेरे सामने पिंक ब्रा और पेंटी में थी. उसका मक्खन सा मुलायम बदन किसी हेरोईन से कम नहीं था. मैंने उसकी चुत को पेंटी के ऊपर ही किस करके उसकी जाँघों को चाट कर टाँगों को चूमा.. और फिर उसको अपने ऊपर ले लिया.. मैं नीचे हो गया.
अब वो मेरे बदन को चूम रही थी. गर्दन से लेकर नीचे तक उसने मुझे जी भर के चूमा. फिर उसने अपना हाथ बढ़ाकर मेरी जीन्स खोली और निकाल दी. मेरा लंड तो टाइट ही था वो लंड का उभार देखकर बहुत खुश हुई और अपने होंठों से अपने दांतों काट रही थी. साथ ही मेरे लंड को सहला भी रही थी.
फिर उसने प्यार से मेरे लंड को कच्छे से आज़ाद किया. अपने मुलायम हाथों में लंड को लिया, मुझे हॉट और सेक्सी फीलिंग हुई. अब वो लंड को रगड़ते हुए नीचे को हुई. मैंने उसकी आँखों में देखा तो उसने मुस्कुराते हुए मेरे लंड का सुपारा अपनी जीभ से चाटा और लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.
मेरा लंड जब उसके मुँह में जा रहा था तब बहुत ही सुख का अनुभव हो रहा था. उसकी गर्म-गर्म जीभ से मेरे लंड की मसाज हो रही थी. करीब 5 मिनट के बाद जब मैं झड़ने जैसा हुआ, तो मैंने उसके मुँह से लंड निकाला और उसको नीचे करके उसके ऊपर आ गया.
अब उसकी चुत चोदने की बारी थी. मेरा लंड तो वैसे ही उसके थूक से गीला था. बस मैंने लंड को उसकी चुत के होल पर सैट किया, थोड़ा वहाँ लंड से चुत की फांकों को रगड़ा. तो वो ‘आअहह..’ कर उठी.
वो बोली- प्लीज़ जान, अब जल्दी करो प्लीज़..
मुझे भी उसकी चुदाई करनी थी, तो मैंने चुत के अन्दर एक धक्का लगा दिया. मेरा लंड एक ही झटके में ही सरसराता हुआ अन्दर चला गया, क्योंकि लंड गीला था. वो सिहर सी गई, उसे बहुत पेन हो रहा था, उसको लेकिन मज़ा भी आ रहा था.
उसने मुझे टाइटली हग किया हुआ था. कुछ देर की पीड़ा के बाद मैं आगे-पीछे करते हुए उसे धकापेल चोद रहा था.
उसकी मस्ती को देखते ही मैंने लंड की स्पीड बढ़ा दी.
वो ‘आअहह..उम्म्ह… अहह… हय… याह… य्अहह.. जानन्न्..’ कर रही थी. कुछ ही देर में वो झड़ गई थी क्योंकि उसका गर्म लावा मुझे मेरे लंड पर महसूस हुआ.
मैंने चुदाई ज़ारी रखी तो कुछ ही पलों बाद वो भी अपने चूतड़ उठाकर चुदवाने लगी थी. अब झड़ने की मेरी बारी थी तो मैंने लंड बाहर निकाल कर उसके पेट पर माल गिरा दिया. उसने अपने हाथों से लंड की मुठ मारके मेरा बाक़ी का रस भी निकाल दिया.
मेरा पूरा माल उसके पेट पर गिरा उसे अच्छा फील हुआ, फिर किस करके हम दोनों उठे और फ्रेश होकर वापस निकल गए.
वो मीटिंग में चली गई और मैं अपनी ड्यूटी पर आ गया.
दोस्तो, यह थी मेरी रियल सेक्स स्टोरी.
मुझे इस सेक्स स्टोरी पर आप सबके मेल का इन्तजार रहेगा