Showing posts with label bhai bahan ki chudai. Show all posts
Showing posts with label bhai bahan ki chudai. Show all posts

Wednesday, December 19, 2018

मेरी छोटी बहन की चुत की तड़फ



हाय फ्रेंड्स.. मेरा नाम बिक्की अरोड़ा है. मैं पंजाब के पटियाला का रहने वाला हूँ. मैं अन्तर्वासना पर बहुत सारी सेक्स स्टोरी पढ़ चुका हूँ और आज भी नियमित रूप से सेक्स कहानी पढ़ने के लिए सबसे पहले अन्तर्वासना साईट को ही खोलता हूँ. इधर की रंगीन कहानी पढ़ कर आज मेरे मन में एक विचार आया कि क्यों न मैं भी आप सभी अपनी आंखों देखी घटना आप सब को बताऊं.
चूंकि हर चीज़ शेयर करने का एक प्लॅटफॉर्म होता है और जब कोई साईट पर आपकी गोपनीयता बनी रहने की उम्मीद होती है, तो मुझे क्या, किसी को भी अपनी बात खुल कर रखने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए. आज इसी विचार को लेकर मुझे हिम्मत मिली और मैं अपना अनुभव आप सबके साथ शेयर कर रहा हूँ.
यह घटना मेरी छोटी बहन के साथ की है जो अभी पढ़ रही है. यह बात उन दिनों की है जब हमारा पूरा परिवार अपने मामा के घर रहने घूमने गया था. वैसे तो मैं अपनी बहन के बारे में कोई निगेटिव बात दिमाग़ में नहीं लाता था, पर एक घटना ने मुझको झकझोर के रख दिया. यह घटना मेरी आंखों के सामने हुई, पर मैं कुछ ना कर सका बल्कि उसी बहाव में खुद बह गया.
मेरी बहन, जिसका नाम पल्लवी है, को मैं अक्सर देखता था कि वो जब भी सोती थी, तो वो कमरा बंद करके अकेले ही सोती थी. मेरे मन में कुछ कुछ संदेह सा होता था.. क्योंकि वो उम्र के जिस दौर से गुजर रही थी, वो मैं पार कर चुका था.. इसलिए मुझे इस बात का गहरा अनुभव था.
जब हम सभी मामाजी के घर पर थे. तो एक दिन की बात थी, मैं मामा जी के घर की छत पर टहल रहा था. तभी बगल के घर की खिड़की से एक लड़का दिखा. उसका नाम करण था, वो किसी को फ्लाइयिंग किस दे रहा था. मैं कुछ समझ नहीं पाया.
मैंने जब छत से नीचे आके देखा तो वो मेरी बहन के कमरे की ओर देख कर किस कर रहा था. मेरी बहन रूम बंद करके अन्दर थी. मैं फिर से छत पर आ गया.. और उसको छुप कर देखने लगा.
कुछ देर बाद करण ऐसे ही सेक्स करने का इशारा कर रहा था.
मैंने सोचा कि इन लोगों की हरकतों को रंगे हाथ पकड़ा जाए. मैं उस समय तो करण को कुछ नहीं बोल सकता था, क्योंकि इससे मेरी बहन का इज़्ज़त खराब होने का डर था. लेकिन मैं अब उन दोनों पर चुपके से ध्यान रखने लगा. करण मेरे मामाजी के घर भी आता था. मैं इस बात को लेकर उसके साथ कुछ कर भी नहीं सकता था.
मेरी बहन मुझसे छोटी थी और जब तक मैं उसे रंगे हाथ नहीं पकड़ता, तब तक मैं उसको भी कुछ नहीं बोल सकता था. सो मैंने अब उन दोनों पर नजर रखना शुरू कर दिया.
एक दिन मेरी बहन पल्लवी नहा कर आई और कमरे में कपड़े चेंज कर रही थी. तो करण फिर से उसको कुछ इस तरह का इशारा कर रहा था जैसे वो किसी चीज को लाइक कर रहा हो.
मुझको लगा कि अन्दर कमरे में बहुत कुछ गड़बड़ चल रही है. इसी वजह से मुझे ये भी लगने लगा कि करण रात में मेरी सिस्टर के कमरे में आता है.
एक दिन मैंने अपना फोन में हिडन कैमरा ऑन करके उसके कमरे की खूंटी में टांग कर चार्जिंग पिन को लगा दिया. ताकि इस तरह से उसको शक ना हो.
जब मैंने सुबह फोन निकाला तो जो वीडियो उसमें शूट हुआ था, उसको देख करके मैं दंग रह गया. मैं सोच भी नहीं सकता था कि मेरी बहना पल्लवी, जिसको इतने अच्छे संस्कार मिले हों, वो ये सब काम भी कर सकती है.
मुझे उस वीडियो में चल रही क्लिप को देख कर कई दिनों तक ये चिंता बनी रही थी.
दरअसल करण जिस तरह से उसके मुँह में अपना लंड डाले हुए चुसवा रहा था … वो ऐसा लग रहा था मानो पल्लवी कोई पॉर्न स्टार हो. दूसरे सीन में वो लंड चुसवाता हुआ पल्लवी की गांड पर तेज तेज थप्पड़ भी बरसा रहा था, जिससे पल्लवी के चूतड़ एकदम लाल हो गए थे.
मैं ये सब याद कर कर के पागल हो गया. मुझे पल्लवी को लंड चूसते देख कर ये ध्यान ही नहीं रहा था कि यह लड़की मेरी सगी बहन है, हम दोनों एक ही माँ के जाये हैं. नतीजा यह हुआ कि अंत में मैं भी पल्लवी को चोदने का प्रयास करने में जुट गया. मैंने सोचना चालू किया कि ये सब उसके साथ कैसे करूँ.
मैं एक दिन दोपहर में उसके कमरे में गया और अपने मोबाइल में फीड उस लंड चुसाई वाले वीडियो को, उसके रूम के टीवी में कनेक्ट करके प्ले कर दिया.
मेरी भगिनी ने सेक्स वीडियो को देखा तो वो घबरा गई और उसके पास कुछ बोलने कहने को कोई शब्द ही नहीं थे.
अब मुझे मेरी सेक्सी बहन को कुछ बोलने की आवश्यकता ही रह गई नहीं थी. वो मेरे करीब आकर रोने लगी- भैया.. आप किसी को मत बोलना.. आप जो चाहो कर लो, पर इस बात को किसी से मत बोलना.
मेरा गुस्सा उफान पर था. मैंने बहन की गांड पर 5-6 झापड़ जड़ दिए और उसको बोला- अब तू रंडी बन गई है.. तू मुझे भाई मत बोल.
उस दिन तो मैं वहां से चला गया.
दो दिन तक जब भी मेरा मन होता, मैं उस वीडियो को देखने लगता. तीसरे दिन मैंने उससे कहा कि रात में तुम मेरे कमरे में आ जाना.
रात हुई, सब लोग खाना खाकर सोने चले गए. मैं भी अपने कमरे में आ गया. मैंने कमरे के दरवाजे को खुला छोड़ दिया था. करीब 11:30 बजे वो मेरे कमरे में आई और सिसक सिसक के रोने लगी.
मैंने कहा- जो हुआ सो हुआ.. अब चुप हो जाओ.. जब तुमको चुदाई ही करवाना था तो मुझको बोल देती.
इतना कहते हुए मैंने एक ब्लू मूवी चालू कर दी. मैंने टीवी का वॉल्यूम म्यूट कर दिया था. जैसे जैसे ब्लू मूवी की चुदाई आगे बढ़ने लगी, मेरी बहन की कामुकता जागती गई. मैंने उसे देखा तो वो नंगी होने लगी और अपना रंग दिखाने लगी. में लेटा हुआ सब देख रहा था.
वो मेरे करीब आई और चिपकने लगी. मैंने उसको दूर हटाया तो वो मुझको उत्तेजित करने के लिए अपने कपड़े खोलने लगी.
मैं जीवन में पहली बार अपनी बहन की चूचियों को देख रहा था. क्या मस्त चूचियां थीं … एकदम से तनी हुई. मुझे तो पता भी नहीं था कि उसके चूचियों के निप्पल डार्क ब्राउन रंग के हो गए हैं. नीचे देखा तो उसकी चूत में झांटें भी आ गई थीं.
अगले दस मिनट में मेरे सामने एक 18 साल की लड़की पूरी तरह नंगी खड़ी थी. उसका साइज़ तो नहीं बता सकता, पर हां जब वो पीछे घूमी, तो उसकी उठी हुई गांड देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.
अब मैं सोचने लगा कि इसलिए ही करण इसकी गांड पर थप्पड़ बरसा रहा था.
अब उसकी गांड पर थप्पड़ बरसाने की बारी मेरी थी. मैं उसको अपनी गोद में लेकर उसकी गांड को मसलने लगा. उसके मम्मों को मसलने लगा. मैं भूल चुका था कि वो मेरी छोटी बहन है. मैं उसके साथ रंडी जैसे व्यवहार करने लगा.
पहले मैं 20 मिनट तक उसके चूचों को मसलता रहा. जब वो गर्म हो चुकी तो उसने मुझे खड़ा किया और खुद नीचे बैठ कर मेरा पैन्ट खोल कर मेरे लौड़े को, जो 6 इंच से कुछ ज़्यादा ही होगा, उसको निकाल लिया.
मैंने उसको इशारा किया तो वो मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. मैं उसके माथे को पकड़ के उसके मुँह में अपना लंड पेल रहा था. वाह क्या चूसना सीख गई थी एकदम रंडी जैसे लंड चूस रही थी.
इस वक्त उसके चूचे मेरे हाथों में दबे थे. उसके कसे लेकिन मुलायम मम्मों, जैसे गुब्बारों में पानी भरा हो, का क्या कहना. फिर मैंने उसको घोड़ी बना दिया. पीछे आकर उसकी चुत को चूमना शुरू किया.
उसकी चुत से पानी की धार आ रही थी. मैं उसकी चुत को मस्ती से चूस रहा था.
दस मिनट उसकी चुत को चूसने के बाद मैंने अपनी छोटी बहन की चुत में अपना लंड लगाया और एक ही झटके में पूरा लंड घुसा दिया. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उसकी चुत बहुत ही टाइट थी. वो इससे पहले एक दो बार ही चुदी थी. मैं उसकी चुत को करीब 15 मिनट तक चोदता रहा.
वो मेरे लंड की मोटाई को झेल नहीं पा रही थी, जिससे वो हल्के स्वर में चिल्लाए जा रही थी- आह … भैया छोड़ दो … मुझे दर्द हो रहा है … आपका बहुत बड़ा है.
जब भी वो चिल्लाती, मैं उसके मुँह को दबा कर अपनी स्पीड और तेज कर देता था. कुछ देर बाद वो झड़ गई. मगर मैं अभी गरम था. तो मैंने उसकी चुत को चोदने के बाद उसकी गांड मारने का सोचा.
मैंने उसको बेड के किनारे पर घोड़ी बना कर दिया और मैं नीचे खड़ा हो गया. जैसे ही मैंने उसकी गांड में अपना लंड लगाया, वो समझ गई. वो उठ कर बैठ गई और मेरे पैर पकड़ते हुए बोली- भैया, प्लीज़ गांड मत मारो.. बहुत दर्द होता है.. और आपका तो बहुत बड़ा है.
मैंने उसके चूचों को दबाते हुए कहा- रंडी साली.. जब करण तेरी गांड मार रहा था.. तो दर्द नहीं कर रहा था.
वो चुप रह गई.
फिर मैंने उसको घोड़ी बना कर उसकी गांड में लंड पेलना शुरू किया.
अगर अन्तर्वासना के पाठकों को मेरी छोटी बहन की गांड देखना हो तो वे उसे वीडियो पर देख सकते हैं.
उसकी मस्त गांड देख कर आपलोगों को भी उसकी गांड में लंड पेलने का मन करने लगेगा.
अब मैं उसकी गांड को लंड पेल कर बेरहमी से चोद रहा था. वो चिल्ला रही थी, लेकिन मैं बिना परवाह किए, उसकी गांड को चोदे जा रहा था.
थोड़ी देर में मैं झड़ने लगा.. मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके मुँह में पेलने लगा. कुछ देर बाद मैंने सारा माल उसके मुँह में ही निकाल दिया और मैंने उसकी नाक को दबाए रखा क्योंकि मैं चाहता था कि वो मेरे लंड के माल को उगल ना दे. जब उसने मेरे लंड का पूरा पानी पी लिया, तभी मैंने लंड को बाहर निकाला.
अब जब भी मेरा सेक्स करने का मन होता है तो मैं अपनी बहन को चोद लेता हूँ. अब वो रोती भी नहीं है, मजे से पूरी गांड उठा कर गांड और चूत मरवाती है.
आप लोग मेल करके बताएं कि आपको मेरी बहन की गांड चूत चुदाई स्टोरी कैसी लगी. यह मेरा पहली कहानी थी.
bikkyarrora0007@gmail.com

Sunday, December 16, 2018

पड़ोस में रहने वाली लड़की को उसके गांव जाकर चोदा

मेरा नाम रवि है और मैं गाजियाबाद का रहने वाला हूं। मेरे पिताजी बैंक में मैनेजर हैं और हम लोग गाजियाबाद में ही रहते हैं। मैंने अपनी पढ़ाई भी गाजियाबाद से ही की है और मेरी उम्र 26 वर्ष है। मैंने एक अच्छे कॉलेज से अपनी पढ़ाई की है। उसके बाद से मैं घर पर ही हूं। क्योंकि मेरे पिताजी चाहते हैं कि मैं बैंक में ही नौकरी करूं। इसलिए वह मुझे बैंक की तैयारी ही करवा रहे हैं और मैं उसी तैयारी में लगा हुआ हूं। एक दिन मेरे पिताजी ने कहा कि हम लोग एक नया घर लेने की सोच रहे हैं। फिर अगले दिन हम लोग वहां पर घर देखने के लिए चले गए। वहां पर बहुत ही अच्छे से कॉलोनी बनाई हुई थी। तो मेरे पिताजी ने कहा कि हम लोग यहां पर घर ले लेते हैं। अब हम लोगों ने वहां पर ही घर ले लिया और कुछ समय बाद हम लोग वहीं पर शिफ्ट हो गए। क्योंकि वह नई कॉलोनी बनी थी और वहां पर सारी फैसिलिटीज थी। इसलिए हम लोगों ने वहीं पर रहना उचित समझा। हमारे पड़ोस में भी नए-नए लोग आ रहे थे और सभी लोग नये थे। इसलिए किसी का एक दूसरे से परिचय नहीं था लेकिन धीरे-धीरे सब का परिचय होने लगा। अब हमारे सामने वाले घर में एक फैमिली रहने के लिए आई। उनका परिचय भी हमारे साथ हो चुका था और वह लोग भी बहुत ही अच्छे थे। अब मैं ऐसे ही अपनी तैयारी में लगा हुआ था अपने घर से जाता था लेकिन मेरे जीवन में कुछ नया नहीं हो रहा था। इसलिए मुझे सब कुछ बहुत ही बोरिंग लग रहा था। अब मेरे दोस्त भी सब मेरे घर से दूर रहते थे। इसलिए मैं उनसे मिलने भी नहीं जा पाता था। मैं काफी परेशान हो रहा था।
एक दिन मेरे पड़ोस में एक सुंदर सी लड़की दिखाई दी। जब मैंने उसे देखा तो मेरी आंखें उसे देखकर फटी की फटी रह गई। क्योंकि वह बहुत ही ज्यादा सुंदर थी और हम लोग जहां पर रह रहे थे। वह वही पर आई हुई थी। मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि हमारे आस पास कोई लड़की रहने के लिए आने वाली है। जितनी भी फैमिली हमारे बगल में थी वहां पर सब लोग शादीशुदा थे और सबके छोटे-छोटे बच्चे थे। जब मैंने उसे देखा तो मुझे वह बहुत ही पसंद आई। मैं सोचने लगा कि मैं इससे कैसे बात करूं। मेरी उससे बात ही नहीं हो पाती थी। मेरा उससे कोई परिचय भी नहीं था। एक दिन मैंने अपनी मां से पूछा कि हमारे पड़ोस में एक लड़की रहने आई है। वह कहां पर रहती है। वह कहने लगे हमारे बिल्कुल सामने वाले घर में ही। जो नई फैमिली अभी शिफ्ट हुई है उन्हीं की बहन है। मैंने उन्हें कहा क्या हम लोगों की बात उन लोगों से नहीं होती। वह कहने लगी, अभी हम लोग यहां पर नये है। इसलिए इतनी बात किसी से भी नहीं होती और तुम्हारे पिताजी तो वैसे भी काम में बिजी रहते हैं। अब मेरे अंदर उत्सुकता बढ़ने लगी है उसका नाम जानने के लिए। कि मैं उसका नाम कहां से पता करता। एक दिन कुरियर वाला आया और वह घर ढूंढ रहा था। तो मैंने उसे पूछा कि किसके नाम का कुरियर है। वह कहने लगा कि यहां पर कोई आयशा नाम की लड़की रहती है। मैंने उसे बताया कि यहां पर सब लोग नए हैं और कोई आयशा नाम की लड़की नहीं रहती है। फिर मैंने उससे वह कोरियर और लिया और उस पर जो पता लिखा था वह हमारे सामने वाले घर का पता था। अब मैं समझ गया कि हमारे सामने वाले घर में जो लड़की है उसका नाम आयशा है। मैं बहुत ही खुश हो रहा था कि मुझे उसका नाम पता चल गया लेकिन मैं अभी उससे बात नहीं कर सकता था। मैंने उस कोरियर वाले को कहा कि तुम चले जाओ। मैं यह कोरियर पहुंचा दूंगा। अब उसने मुझसे साइन करवाया और वह वहां से चला गया। जब वह वहां से चला गया तो मैं वह कुरियर लेकर उनके घर चला गया।
मैंने उनके दरवाजे को खटखटाया तो वहां से आयशा आई और मैंने उसे कहा कि आपका नाम आयशा है। वह कहने लगी हां मेरा नाम ही ऐसा है। मैंने उसे कहा यह कोरियर आपका है। मैंने जब उसे वह कुरियर दिया तो उसने मुझे थैंक्यू कहा और पूछने लगी आप भी यहीं रहते हैं। मैंने उसे कहा कि हां मैं भी यही आपके बगल वाले घर में ही रहता हूं। अब हमारी बातें होने लगी और मैंने उससे पूछा कि आप क्या करती हैं। वह कहने लगी कि अभी मैं बैंक की तैयारी कर रही हूं। मैंने उसे कहा कि मैं भी बैंक की ही तैयारी कर रहा हूं। यह सुनकर वह खुशी हुई और कहने लगी कि चलो यह तो बहुत अच्छी बात है। अब हम लोगों की बातें होने लगी और वह जब भी मुझे मिलती तो मुस्कुरा देती और मैं उससे बातें करने लग गया था। बीच-बीच में मैं उससे कभी बैंक के बारे में कोई क्वेश्न पूछ लिया करता तो वह मुझे बता देती थी और कभी उसे कुछ समझ नहीं आता तो वह मुझसे पूछ लिया करती। ऐसे ही हम लोगों की बातें बढ़ती चली गई। एक दिन मुझे आयशा मिली और कहने लगी कि मैं गांव जा रही हूं। मैंने उससे पूछा कि तुम गांव क्यों जा रही हो। वो कहने लगी कि गांव में मेरे पिताजी की तबीयत ठीक नहीं है। इसलिए मुझे जाना पड़ रहा है। मेरे भाई के पास समय नहीं है तो उन्होंने मुझे कहा कि तुम ही गांव हो आओ। जब मैंने यह बात सुनी तो मुझे बहुत दुख हुआ और मुझे लगा कि शायद मैं कभी नहीं मिल पाऊंगा। मैंने उससे पूछा तुम्हारा गांव कहां पर है। तो उसने मुझे बताया कि हमारा गांव मध्य प्रदेश में है।
अब वह अपने गांव चली गई। जब वह अपने गांव गई तो मुझसे भी रहा नहीं गया और मैं भी उसके गांव चला गया। अब मैं गांव पहुंच गया। फिर मुझे आयशा मिली उसने मुझसे पूछा कि तुम यहां क्या कर रहे हो। मैंने उसे बताया कि बस ऐसे ही घूमने आया था। अब हमारी बातें हो रही थी तो वह मुझसे पूछने लगी कि तुम कहां रुके हो। मैंने उसे बोला रुकने का तो देख लेंगे पर मैं ऐसे ही घूमते हुए आ गया था। वह मुझे कहने लगी कि तुम एक काम करो मेरे घर पर ही रुक जाना। मैं पहले उसे मना कर रहा था लेकिन उसने बहुत जिद की और मैं उसके घर पर ही रुक गया। उसने मुझे अपने पिताजी से मिलाया और अपनी मां से भी मिलाया। उसके पिताजी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी। मैंने उनसे पूछा आप की तबीयत कैसी है। वह कहने लगे कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है और दवाइयां चल रही है। आयशा की मां भी मुझसे बहुत बात कर रही थी और आयशा भी अपने माँ बाप के साथ बहुत खुश थी। हम लोग कुछ देर बाद उनकी छत पर चले गए और हम लोग वहीं बैठ कर काफी देर तक बातें करने लगे। बातों बातों में मैंने उससे अपने दिल की बात कह दी और वह कहने लगी कि क्या तुम मेरे लिए मेरे गांव आए हो। मैंने उसे कहा हां मैं सिर्फ तुम्हारे लिए ही तुम्हारे गांव आया हूं। मुझ से रहा नहीं जा रहा था इस वजह से मैं तुम्हारे गांव आ गया। वह यह बात सुनकर बहुत खुशी हुई और मेरे गले मिल गई।
जब वह मेरे गले लगी तो मेरे अंदर की सेक्स भावना जाग गई और मैंने उसके होठों को किस कर लिया। मैने उसे वहीं जमीन में लेटाते हुए किस करना शुरू कर दिया मैं उसके स्तनों को भी अपने हाथ से दबाता जा रहा था और वह बहुत उत्तेजित होने लगी। अब मैंने उसे कहा कि मुझे तुम्हारी चूत मारनी है उसने खड़े होकर अपनी सलवार को नीचे कर दिया। मेरे सामने उसकी चूतडे थी जब मैंने उसके चूतड़ों को देखा तो मैं बहुत खुश हो गया और मैंने तुरंत ही उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डालना शुरू किया। जैसे ही मैंने उसकी चूत मे अपने लंड को डाला तो मेरा लंड अंदर ही नहीं जा रहा था। क्योंकि वह उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट थी लेकिन मैंने कोशिश करते हुए जैसे ही मैंने अंदर उसकी चूत मे डाला तो उसका खून निकलने लगा और मुझे बहुत मजा आने लगा। मैं ऐसे ही उसे धक्के दे रहा था और मुझे बहुत आनंद आ रहा था। मैंने उसे इतने अच्छे से चोदा की वह चिल्ला रही थी और अपने चूतडो को मेरी तरफ सरकाती जाती उसे दर्द भी बहुत हो रहा था जिस वजह से उसके गले से आवाज निकल रही थी। मुझे तो बहुत आनंद आ रहा था जब मैं उसे धक्के दे रहा था। उसकी चूतडे इतनी गोरी थी कि उस पर जैसे ही मेरा हाथ लगता तो वह लाल हो जाती। मैं उसे ऐसे ही चोदने पर लगा हुआ था। कुछ देर में उसका झड़ गया तो वह मेरे सामने ऐसे ही खड़ी थी और मैंने अब इतनी तेज गति से उसे चोदना शुरू किया कि मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर गिर गया। जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो मुझे उसे देख कर बहुत खुशी हुई और मैंने उसे गले लगा लिया। उसने अपने सलवार का नाड़ा बांधा और हम दोनों नीचे चले गए।

Friday, December 14, 2018

दोस्त की कजिन की धमाकेदार चुदाई

नमस्कार दोस्तों | मैं रितेश वर्मा आपका स्वागत करता हूँ | अपनी चुदाई और मस्त गांड पेलाई से भरी हवश की इस कहानी में | मेरी उम्र 29 साल की है | मैं एक बैंक में नौकरी करता हूँ | वैसे तो लोगों के हिसाब से मैं एकदम शरीफ आदमी हूँ लेकिन मेरे अंदर चुदाई के लिए कितनी हवस भरी पड़ी है वो तो बस मैं ही जानता हूँ या वो जिनकी मैंने चूत फाड़ी है | मैं ये चुदाई का खेल आज से नही करीब पिछले 10 सालों से खेल रहा हूँ | आज मन में आया कि क्यों न कुछ यादें आप लोगों से साझा करू | मेरे शरीर को देख कर कोई ये हिसाब नही लगा सकता है कि मेरी उम्र इतनी है | आखिर मैंने ऐसे जो मेन्टेन कर रखा है अपने शरीर को | अब अपने लंड का भी तो ज्ञान दे दूं | मेरे लंड महराज 7 इंच लम्बे है | चुदाई के मामले में तो इनका कोई तोड़ नही | ऐसी चुदाई करते हैं की चूत का भोसड़ा बना कर रख देते हैं और अगर गांड में घुसे तो फिर तो गांड फटना पक्का | मेरी शादी 2 साल पहले हो गई थी | मैंने अपनी बीवी की तो जम कर चुदाई की | इतनी की उसकी चूत का भोसड़ा बन गया | उसकी गांड मार मार कर तो मैंने ऐसे कर दिया है कि अब उसकी गांड हमेशा उठी ही रहती है | पहले तो उसे दिक्कत हुई फिर वो भी मज़े से मुझसे चुदवाने लगी |
वैसे तो मेरी जिन्दगी में चुदाई के किस्सों की कमी नही है लेकिन उनमे से सबसे यादगार चुदाई के बारे में आज बताता हूँ | मेरे और मेरे दोस्त की बहन की चुदाई का किस्सा | ये बात 4 साल पहले की है | अभी मेरी नौकरी नही लगी थी | अभी मैं बैंक के पेपर की तैयारी कर रहा था | मेरा एक दोस्त है अनुराग | जो मेरे साथ बचपन से रहा हम ने साथ में पढाई की और खूब मस्त भी की | वो बहुत ही सीधा लड़का था | एमें अक्सर उसके घर जाया करता था | हम वहां साथ में बैठ कर टीवी देखते और पढाई भी करते | अनुराग का घर ज्यादा दूर नही है इसी लिए हमारा ज्यादा समय साथ में ही बीतता था | एक बार मैं अनुराग के घर गया तो देखा कि उसके घर कुछ मेहमान आये हुवे हैं | मैं वापस जाने लगा | तभी अनुराग  आ गया | वो मुझे अपने साथ में अपने कमरे में ले गया | और बताया कि उसके घर पर उसके मामा जी का परिवार आया हुआ है | हम बैठ कर साथ में टी वी देखने लगे तभी एक लड़की कमरे में आयी | क्या मस्त माल थी |उसका फिगर 36-30-32 था | एक दम कड़क पटाका लग रही थी |  उसके बड़े बड़े मम्मे तो बस देखते ही मुंह में रख लेने का मन हो रहा था | वो जैसे ही कमरे में आयी मैं उसे घूरने लगा वो भी मुझे बड़े ध्यान से देखने लगी | तभी अनुराग ने बताया कि ये उसके मामा जी की लड़की है | इसका नाम इशिका है | और ये अभी लखनऊ से स्नातक कर रही है | वो उसके बारे में बताये जा रहा था लेकिन मैं तो बस इशिका को ताड़ने में लगा हुआ था | तभी अनुराग ने बताया कि वो यहाँ दो महीने रुकने के लिए आयी है | फिर तो मैंने सोच लिया कि कैसे भी इसे पटाउँगा | फिर तो मैं अब रोज़ अनुराग के घर जाने लगा और ज्यादा से ज्यादा समय अनुराग के घर पर रहने लगा | जिससे मेरी इशिका से बहुत जल्दी दोस्ती हो गई |
एक बार की बात है शाम के वक्त मेरे मन में आया क्यों न एक बार इशिका से मिल आऊ | ये सोच कर मैं अनुराग के घर चला गया | जब मैं पहुंचा तो मैंने डोर बेल बजाई | तो फिर इशिका ने दरवाजा खोला | उसने बताया कि कि अनुराग घर पर नही है | तो मै वापस जाने लगा तो इशिका ने मुझे रोका और कहा आओ वो अभी आ जायेगा तब तक बैठो | मै मान गया  और उसके साथ अंदर चला गया | तभी मैंने देखा कि घर में कोई नही था पूछने पर इशिका ने बताया कि आंटी बाज़ार गई है | ये सुन कर मेरी धड़कने बढ़ गई | तभी मैंने सोचा कि ये एक अच्छा मौका है | थोड़ी देर बाद बाते करते करते मैंने झट से इशिका का हाँथ पकड़ा और बोला इशिका मैं तुमसे प्यार करता हूँ जब से तुम्हे देखा है | बस तुम्हारे लिए जी रहा हूँ | मैं तुमसे कब सीपने मन की बातें बताना चाह रहा था लेकिन नही बता पा रहा था | कह दो कि तुम भी मुझसे प्यार करती हो | वो मुझे ध्यान से देखने लगी | मैं डर गया लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और गले से लगा लिया |और बोली रितेश मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ | आई लव यु | मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना नही रहा | ऐसा लग रहा था मानो मेरा सपना पूरा हो गया हो | हम कुछ देर ऐसे ही चिपके रहे |  मुझे अब कुछ अजीब सा हो रहा था मैंने तुरंत उसके गले पर किस कर दिया | उसने भी मुझे किस किया | फिर मैंने उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिये और जोर जोर से स्मूच करने लगा वो बेकाबू हो रही थी | फिर मैंने उसके मम्मों पर हाँथ रख दिया और धीरे से दबाया उसकी आह्ह.. निकल गई | उसने मन किया और बोली ये सब आज नही कोई आ जायेगा | फिर फिर मैं मान गया और एक गाल पर किस दिया और चला आया | मेरा लंड तो खड़ा हो चुका था | इसी लिए मुझे मुठ मार कर अपने लंड को शांत करना पड़ा |

फिर क्या था अब तो रोज़ 2 – 3 बार मैं किसी न किसी बहाने अनुराग के घर जाता और  आँखों ही आँखों में इशिका से बात होती | तो कभी मौका पा कर मैं उसे किस कर देता तो कभी उसके बूब्स को दबा देता था | एक बार शाम को इशिका ने मुझे फ़ोन कर के अर्जेंट घर बुलाया मैं डर गया | मैं जल्दी से भाग कर अनुराग के घर गया जैसे ही बेल बजाई | इशिका ने दरवाज खोला मैंने पुछा कि क्या हुआ तो उसने कहा अन्दर चलो बताती हूँ | मैं अंदर गयेशिका ने दरवाज़ा बंद किया और झटके से मेरे पास आ गई और मेरे लिप्स पे लिप्स रख दिए | मैंने कहा क्या हुआ तो उसने बोला कि तुमने मेरे अंदर जो आग भड़काई है | उसे आज बुझा दो | मैं अब और नही सह सकती फिर क्या था किसो का दौर शुरू हो गया | वो मुझ को तेज़ तेज़ से किस किये जा रही थी | फिर क्या था मेरा भी लंड एकदम तैयार हो गया था | मै उसके बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा | वो मोअन करने लगी | आह्ह्ह्ह… आह्हह…. आई लव यू बेबी …. | मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसे कमरे में लेकर गया | और जोर जोर से उसके बूब्स को दोनों हाँथो से दबा कर पीने लगा | वो अब और भी जोर से चिल्ला रही थी | फिर मैं नीचे बैठ गया | और मैंने धीरे से इशिका की चूत को किस किया वो एकदम चिहुक गई आह्हह … अब मुझे और न तड़पाओ मेरी जान | मैंने कहा आज मैं तुम्हे पूरा मज़ा दूंगा  और | मैंने अपनी जबान उसकी चूत में डाल दी और उसे चाटने लगा | इशिका के मुहं से निकलती हुई आवाजें और भी तेज हो गई | थोड़ी ही देर में उसने पानी छोड दिया |मै उसका सारा रस पी गया | खड़ा हुआ मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था | मैंने इशिका से लंड चूसने को कहा तो उसने मन कर दिया मुझे बुरा लगा लेकिन मैंने भी जबरदस्ती नही की | फिर मैंने इशिका को बेड पर सीधा लिटा दिया और अपना लंड अन्दर घुसाना चाहा | लेकिन उसकी चूत बड़ी टाईट थी इसलिए मेरा लंड फिसल गया | उसने मेरे लंड को पकड के सही लगाया और फिर मैं धीरे धीरे कर के अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया और उसको चोदने लगा | अभी वो चिल्ला रही थी | उसे पहले तो थोडा दर्द हुआ फिर मज़ा भी आने लगा | पहले तो मैंने एकदम धीरे धीरे चोदा | फिर मेरी स्पीड बढ़ गई | वो भी आह्ह्हह्ह्ह्हह्ह… आय्ह्ह्ह…अय्य्य्हह्ह्ह कर के हिल रही थी | और अब मस्त चुदवा रही थी |  उसके बाद मैं सीधा लेट गया और  वो मेरे ऊपर आ कर बैठ गई और मेरा लंड अपनी चूत में ले लिया | और खूब कूद कूद कर मज़े से चुदी | ऐसे ही करीब 2 घंटे तक मैंने उसे चोदा | फिर मै अपने घर चला गया |
कुछ दिनों के बाद इशिका वापस चली गई | फिर उसने मुझसे दोबारा कांटेक्ट नही किया | बाद में पता चला कि उसकी शादी हो गई | वो दोबारा मुझे नही मिली लेकिन उसकी चुदाई के बारे में जब भी सोचता हूँ मेरा लड़ खड़ा हो जाता है |

Wednesday, December 12, 2018

पहली बार चुदाई मौसी के साथ



दोस्तो, मेरा नाम तेजस्व है. ये मेरी पहली और रियल सेक्स स्टोरी है. आपको कैसी लगी, पढ़ने के बाद ज़रूर बताना.
मैं बचपन से ही पढ़ाई में अच्छा था. मैं दिखने में भी अच्छा था और मेरा रंग भी गोरा था, इसलिए कई लड़कियां मेरी फ्रेंड थीं. लेकिन उस समय मैं सेक्स के बारे में नहीं जानता था.
वक्त के साथ धीरे-धीरे मैं बड़ा होता गया. जब मैं जवान हुआ तो सेक्स की इच्छा भी मन में होने लगी. स्कूल में दोस्तों से सेक्स की बातें भी सुनता था. दोस्त अपनी सेक्स स्टोरी बताते थे … लेकिन मुझे ये बातें थोड़ी अच्छी लगती तो थोड़ी बुरी भी, क्योंकि घर में यही बताया जाता था कि इस तरह की बातें करना गंदी बात होता है. लेकिन संगत और कमउम्र का असर होने लगा था.
इस समय तक मेरा क्लास की लड़कियों को देखने का नज़रिया भी बदल गया था. अब जब भी किसी लड़की को देखता तो मेरी नज़र उसके मम्मों पर ही टिक जाती थीं और मन में सेक्स करने की इच्छा होने लगती थी. लेकिन किसी से कह नहीं पाता था.
बात उन दिनों की है, जब मैं 11 2वीं क्लास में था. मैं उस समय एकदम जवान पट्ठा हो गया था. वो सर्दियों के दिन थे. उस दिन जब मैं स्कूल से लौट कर घर आया तो पता चला कि मेरी दूर के रिश्ते की मौसी आई हुई हैं. वो मेरी हम उम्र ही थीं. मैंने उन्हें देखा तो बस देखता ही रह गया.
क्या बला की माल थीं. उनका गोरा रंग, पतला शरीर, मस्त मम्मे, उठी हुई गांड आह … दिल खुश हो गया.
मम्मी ने मेरे और मौसी के लिए खाना लगा दिया था. हम दोनों खाना खाते- हुए बातें कर रहे थे. बात ही बात में ही पता चला कि वो 12वीं क्लास में हैं.
मौसी इतनी खूबसूरत थीं कि बस मैं उनसे प्यार कर बैठा. लेकिन मैं कहने से डर रहा था कि कहीं वो बुरा ना मान जाए.
रात हुई … पापा अलग कमरे में सो गए. एक बेड पर मैं सो गया, बगल की खाट पर मेरी माँ और मौसी लेट गईं. हम अपनी-अपनी रज़ाई में दुबके हुए थे. मुझे नींद नहीं आ रही थी. मैं अपनी मौसी से प्यार का इज़हार करना चाह रहा था लेकिन डर रहा था.
फिर हिम्मत जुटा कर मैंने उनके हाथ पर अपना हाथ रखा, उन्होंने कुछ नहीं कहा तो मुझमें थोड़ी हिम्मत आ गई. मैंने उनका हाथ थोड़ा सा दबाया … इस पर उन्होंने कुछ नहीं कहा तो मैंने उनका हाथ धीरे-धीरे सहलाना शुरू कर दिया … पर मौसी ने कोई रिएक्शन नहीं किया. मैं समझ गया कि वो भी कुछ चाहती हैं.
मैंने धीरे से उसके कान में ‘आई लव यू …’ कहा तो उन्होंने मेरा मुँह दबा दिया. मौसी को डर था कि कहीं बगल में लेटी मम्मी सुन ना लें. मैं समझ गया. मैंने उनका हाथ धीरे से अपनी रजाई के अन्दर कर लिया लिया और उनकी उंगलियों को चाटने लगा. जब मुझे लगा कि अब मम्मी सो गई हैं तो मैंने मौसी के मम्मों पर हाथ रख दिया और दबाने लगा.
मौसी के चूचे बहुत ही मस्त थे. मैं पहली बार किसी लड़की के मम्मों को छू रहा था. मेरा लंड पूरा टाइट हो गया था. अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था. लेकिन मौसी सेक्स करने को अभी राज़ी नहीं थीं … शायद उन्हें कुछ डर था. अब तक हम दोनों एक-दूसरे के बारे में बहुत कम जानते थे.
अगले दिन रविवार था … इसलिए हमने एक-दूसरे से बहुत सारी बातें की. मौसी अब मुझसे बहुत खुल गई थीं.
रात हुई … सब सोने लगे लेकिन आज ना तो मेरी आँखों में नींद थी, ना ही मौसी की. कुछ देर बाद मैंने उन्हें अपनी रज़ाई में बुला लिया. डर हम दोनों को लग रहा था कि कहीं मम्मी जाग ना जाएं. ये मेरी जिंदगी में पहली बार हो रहा था. जब मैं किसी जवान लड़की के साथ एक ही बिस्तर पर लेटा था.
मैंने धीरे-धीरे उनके हाथों को सहलाना शुरू किया, वे मुझसे चिपक गईं. मैंने अपने होंठ उनके कोमल और गुलाबी होंठों पर रख दिए. मैं फिल्मों में चूमा-चाटी के सीन कई बार देख चुका था. सो थोड़ा आइडिया था. मेरा मन कर रहा था कि हम एक-दूसरे को यूं ही बांहों में जकड़े हुए पड़े रहें.
मैं मौसी के गुलाबी होंठों को बहुत देर तक चूसता रहा. कुछ देर बाद मौसी ने मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी. कभी मैं उनकी जीभ को चूसता, तो कभी वो मेरे होंठ चाटती रहीं. उस समय हम दोनों जन्नत की सैर कर रहे थे.
यह मेरा पहला चुम्बन था तो बहुत नया लग रहा था. मैं मौसी के साथ जिंदगी भर यूं ही किस करते रहना चाहता था.
फिर धीरे से मैंने अपना हाथ उनके चूचे पर रख दिया. मौसी के चूचे मीडियम साइज़ के थे.
धीरे-धीरे हम अपने होश खोते जा रहे थे. हम दोनों की साँसें गर्म और तेज हो रही थीं. मेरा लंड पैन्ट फाड़ कर बाहर आना चाह रहा था. मैं अपने हाथ धीरे से उनके पेट पर ले गया और उनकी नाभि में गुदगुदी करने लगा तो वो उछल पड़ीं. मैंने जैसे ही अपना हाथ और नीचे ले जाना चाहा, तो उन्होंने मुझे रोक दिया. मैं समझ गया कि मौसी अभी ऊपर ही मज़ा लेना चाहती हैं.
मैंने उनकी ब्रा को खोल दिया और उनके मम्मों को आज़ाद कर दिया. मैं पहली बार चूचियों को देख रहा रहा था, सो मैं तो ऊपर वाले की इस नियामत को देखता ही रह गया.
मौसी के दोनों मस्त उभार देख कर मुझे नशा सा चढ़ रहा था. मैं उन दोनों उभारों के ऊपर टंके हुए सबसे मस्त मूंगफली के दाने के बराबर गुलाबी रंग की घुंडियों को मसलने लगा. अगले ही पल मैं तो उन पर लगभग टूट ही पड़ा और निप्पलों को चाटते हुए मींजने लगा. मैं अपने जीवन में पहली बार किसी लड़की के दूध दबा रहा था सो मुझे होश ही नहीं रहा कि इसमें दर्द भी हो सकता है, मैं बहुत तेज दबाने लगा तो मौसी दर्द से कराहने लगीं.
फिर मैं बस मौसी के दूध हौले से सहलाने लगा. धीरे-धीरे मैंने अपनी जीभ से उनका पूरा पेट चाटा चूमा. वो पूरी तरह मदहोश हो चुकी थीं और मुझसे बेल की तरह लिपट गई थीं.
मैंने इसी बीच उनकी सलवार का नाड़ा खोल दिया तो वो शर्माने लगीं. मैं उन्हें किस करने लगा और रात के अंधेरे में ही उनकी चड्डी भी उतार दी. चड्डी के उतरते ही वो अपनी बुर ढकने लगीं.
मैंने समय ना गंवाते हुए अपने सारे कपड़े उतार दिए और उनसे चिपक गया. जैसे ही मैंने लंड को उनके शरीर को छुलाया, वो तो एकदम से पागल हो गईं. उनकी साँसें गर्म और तेज हो गईं.
मैंने नीचे को होकर अपने होंठ उनकी बुर पर रखा … तो दोस्तों की सारी बातें याद आने लगीं. मौसी की बुर जैसी भट्टी की तरह गर्म हो गई थी. मुझे बुर के छेद का अंदाज़ा नहीं था इसलिए मौसी ने अपने हाथ से मुझे अपनी बुर का रास्ता दिखाते हुए मेरी उंगली अपनी बुर के छेद में लगा दी.
मैं बुर के स्पर्श से दंग रह गया. मौसी की बुर फूल से भी कोमल थी. उनकी बुर पानी से पूरी तरह गीली हो चुकी थी. मैं समझ गया था कि मौसी चुदाई के लिए तैयार हैं.
मैंने सबसे पहले अपनी एक उंगली को उनकी बुर में डाली और अन्दर-बाहर करने लगा. कुछ देर बाद उन्होंने खुद मेरा लंड अपनी बुर के छेद पर रखवा लिया. मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उनकी बुर पर लंड से हल्का दबाव बनाया तो लंड फिसल गया. मैंने फिर ट्राइ किया तो लंड हल्का सा अन्दर घुस गया. लंड के अन्दर घुसते ही वो छटपटा उठीं और मुझसे अलग होने की कोशिश करने लगीं. मैंने उन्हें जोर से पकड़ किया और एक धक्का दे मारा. वो बहुत जोर से चीखने को हुईं … लेकिन उनकी आवाज़ बाहर ना आ सकी.
मैं मौसी के होंठों पर अपने होंठ लगाए हुए था. अब मैं उनकी चुदाई किए जा रहा था. उनके हाथ के नाख़ून मेरी पीठ में गड़ रहे थे. मौसी मेरे लंड के कारण छटपटा रही थीं और उनकी कुंवारी बुर से खून बह रहा था … वो दर्द से तड़फ रही थीं.
कुछ देर बाद जब उनका दर्द कुछ कर कम हुआ तो मैंने एक जोरदार झटका मारते हुए अपना पूरा लंड मौसी की बुर में उतार दिया. वो एक बार फिर पागलों की तरह तड़फने लगीं, लेकिन चीख बाहर ना आ सकी. मुझे पता था कि उनको बहुत दर्द हो रहा है … लेकिन मैं मौका हाथ से खोना नहीं चाहता था.
मैं मौसी को लगातार किस किए जा रहा था और उनकी चूचियों को सहला रहा था. कुछ देर बाद जब मौसी का दर्द कम हुआ तो मैं मस्ती से धक्के लगाने लगा. अब वो भी गांड उठा कर मेरा साथ दे रही थीं. कुछ समय बाद मौसी मुझसे बहुत जोर से चिपक गईं और अकड़ कर ढीली हो गईं.
मुझे उनकी बुर से निकलता गर्म पानी उनके झड़ने का अहसास करा रहा था. कुछ देर मैं उन्हें चोदता रहा. तभी मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे अन्दर से कोई लावा फटने वाला है. मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी … कुछ ही धक्कों के बाद मैंने अपना सारा पानी उनकी बुर में गिरा दिया … और उनसे चिपक कर लेट गया.
दो जवान दिलों का मेल हो गया था. वो मेरी बांहों में पिघलती रहीं.
मैं आज अपनी सारी हसरतों को पूरी करना चाह रहा था. अभी हम दोनों टीन एज वाले थे, सो दिलों में खूब जोश था. कुछ देर बाद हम दोनों ने फिर से सेक्स किया.
सुबह होने से पहले वो फिर मम्मी की रज़ाई में घुस गईं.
मौसी के संग चुदाई की कहानी आगे भी है … आपके इस सेक्स स्टोरी पर मेल मिलने के बाद मैं उसे भी लिखूँगा.
मेरी पहली चुदाई की कहानी कैसी लगी ज़रूर बताएं.
tejasvsamrat11@gmail.com

मम्मी पापा की चुदाई देख सिस्टर के साथ सेक्स किया

दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है. मुझसे यदि कोई भूल हो जाए तो अपना समझ कर माफ कर देना. मेरा नाम साहिल है, मैं गुजरात से हूं.
यह कहानी मेरी ओर मेरी बहन के बीच की है. मेरी बहन मुझसे सवा साल छोटी है. वैसे तो ये कहानी बहुत पहले से ही शुरू हो चुकी थी जब मम्मी और पापा की चुदाई देख कर मेरा चुदाई करने का मन होने लगता था. उसी वजह से मैं वो सब अपनी बहन पर आजमाता था जैसे कि मैं उसकी गांड में उंगली कर देता था या कभी उसकी चुचियों को दबा देता था … वगैरह वगैरह.
बाद में जब मैं 20 साल का हुआ, तब एक रात को मैंने देखा कि मेरे पापा मम्मी की गांड मार रहे थे और मम्मी ‘आह्ह … ओह … उचए … उम्मम … ओहह …’ कर रही थीं. उस दिन मेरा मन खराब हो गया. उस वक्त रोज की तरह मेरे साथ मेरी छोटी बहन बगल में ही सो रही थी.
मैंने उसे देखा, वो सलवार कमीज़ में थी और मेरी तरफ गांड करके सोई हुई थी. जब मैंने उसकी गांड देखी, तब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी गांड पर अपना हाथ रख दिया. वो कुछ न बोली. शायद वो गहरी नींद में सो रही थी. इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैंने उसके करीब जाकर उसकी गांड को अपने लंड के साथ टच कर दिया व एक हाथ उसके मम्मों पर रख दिया.
इतने में ही उसने करवट ली. मैं डर के मारे पीछे को हो गया और सोने का नाटक करने लगा.
कुछ देर बाद कोई हलचल न होने के बाद मैंने फिर से अपना लौड़ा उसके पीछे चिपका दिया. अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, इसलिए मैंने बहन की सलवार का नाड़ा खोलने के लिए हाथ बढ़ाया और नाड़ा मिलते ही खोल दिया. फिर उसकी सलवार को नीचे कर दिया. उसने लाल रंग की पैन्टी पहनी थी. उसकी बड़ी गांड देख कर मेरा लंड तन कर पूरा 7″ का हो चुका था.
फिर मैंने उसको सीधा लिटा दिया और उसकी पैन्टी भी नीचे को कर दी. अब मैंने उसकी चूत को देखा और देखता ही रह गया. मेरी बहन की चूत एकदम गोरी चूत थी. उसकी चूत पर अभी कुछ बाल निकलने ही शुरू हुए थे. उसकी चूत की झांटें छोटे छोटे ब्राउन से रेशमी बाल जैसे थे. फिर मैंने उसकी चूत के पास होकर चूत की एक चुम्मी ली और चूत चूसने लगा. तभी उसने करवट ली, जिससे मैं डर गया और उसके कपड़े ठीक कर दिए.
फिर मैंने बाथरूम में जा कर मुठ मार कर खुद को शांत किया और सो गया.
अगले दिन सुबह जब मैं उठा, तो मेरी बहन कुछ काम कर रही थी और मम्मी नाश्ता बना रही थीं. मुझे उठा हुआ देखकर बहन ने गुड मॉर्निंग कहा और कहा कि मम्मी ने चाय बना दी है, आप पी लो.
मैं चाय पीते हुए अपनी बहन की गांड देख रहा था. थोड़ी देर बाद वो कमरे में झाड़ू लगाने आई. वो झुक कर झाड़ू लगा रही, जिससे उसके गहरे गले वाले कुरते में से उसके हिलते हुए मम्मे दिख रहे थे. मैं अपना लंड सहलाता हुआ उसके बड़े बड़े मम्मों को देख रहा था.
उसने मुझे लंड सहलाते हुए देखा तो शायद वो ये जान चुकी थी कि मैं क्या घूर रहा हूं. इसलिए उसने पूछा- क्या देख रहे हो भैया?
मैं हड़बड़ा कर बोला- कुछ नहीं … बस ऐसे ही ये ये … कुछ नहीं!
बस ये बोल कर मैं वहां से चला गया.
फिर जब रात को जब मैं घर आया, तो उस वक्त करीब रात के 11:30 बज गए थे. पापा के रूम में से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाज आ रही थी. मैंने की-होल में से झाँक कर देखा तो मेरी मम्मी, पापा के ऊपर चढ़ी हुई थीं और पापा नीचे से लंड पेल रहे थे. मम्मी उछल उछल कर चुदवा रही थीं. मैं उनकी चुदाई देख कर गर्म हो गया और अपना लंड सहलाने लगा. कुछ देर में ही वो दोनों झड़ गए और मम्मी यूं ही निढाल होकर पापा के ऊपर गिर गईं.
बाद में पापा ने कहा कि आज मैं तुम्हें डॉगी स्टाइल में चोदूंगा. मम्मी ‘जी हुजूर …’ कहते हुए डॉगी के पोज में खड़ी हो गईं.
वैसे मैं आप सभी को बता दूं कि मेरी मम्मी की उम्र इस वक्त अभी 51 साल की होंगी और उनका फिगर 38-36-42 का होगा. वे एकदम सफेद दूध जैसी हैं.
उनकी चुदाई देखने के बाद मैं अपने कमरे में पहुंचा. मेरी बहन सो चुकी थी. मैंने दरवाजा बंद किया और मेरी बहन की गांड के ऊपर एक हाथ रख कर सहलाने लगा. बाद में मैंने उसकी सलवार नीचे कर दी और उसकी येलो कलर की पैन्टी भी सरका दी. फिर मैंने उसको सीधा करके एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, वो एकदम से जाग गई.
मैंने उसके मुँह पे हाथ रख दिया ताकि वो चिल्ला न सके. मैंने उससे कहा कि मेरी बात सुनो, प्लीज चिल्लाना मत … पहले मेरी पूरी बात सुन लो.
उसने हां में जवाब देते हुए सिर हिलाया तो मैंने अपना हाथ हटा दिया.
मैं चुप रहा तो वो समझ गई कि मैंने सिर्फ उसको न चिल्लाने के लिए यूं ही कहा था कि मेरी बात सुन लो.
उसने अपने कपड़े ठीक से पहने और मुझसे बोली कि तुम्हें शर्म नहीं आती अपनी बहन के साथ ऐसा करते हुए?
मैंने कहा- सॉरी मुझे माफ़ कर दो … अब से ऐसा कुछ नहीं होगा सॉरी.
उसने ओके कहा और वो सोने लगी. लेकिन मैं कहां मानने वाला था. मैं उसके साथ सट कर सोने लगा. मैंने उसे अपने से चिपका कर कर सोने लगा. वो मुझे खुद से दूर करने लगी.
उसने कहा- तुम ये क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- क्या अब मैं अपनी बहन के साथ सो भी नहीं सकता?
उसे मुझ पर दया आ गई और वो बोली- हां सो जाओ … लेकिन और कुछ मत करना … वरना पापा को बता दूँगी.
मैंने हां कहा और हम सोने लगे.
कुछ देर बाद मुझसे चिपक कर सो गई, तो मेरे लंड ने फिर से मुँह उठाना शुरू कर दिया. मैंने उसके चूचे दबाने के शुरू कर दिए. क्या मस्त बूब्स थे मेरी बहन के … एकदम कड़क छोटे छोटे.
कुछ देर यूं ही उसके मम्मे दबाने के बाद मैंने अपनी जीभ उसके निप्पल पर रख दी. शायद वो जाग चुकी थी, पर उसने की कुछ कहा नहीं. इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई. फिर मैंने उसकी कमीज़ को उतार दिया और ब्रा भी निकाल दी.
तभी मेरी बहन ने अपनी आंखें खोलीं और शरारती मुस्कान देते हुए बोली- तुम नहीं मानने वाले ना.
मैंने हंसते हुए ना में सिर हिला दिया और उसे किस करने लगा.
अब वो भी मेरा साथ देने लगी. क्या मस्त रसीले होंठ थे उसके … एकदम नर्म पिंक से … फूले हुए मोटे मोटे रसभरे होंठ थे.
करीब 5 मिनट के बाद हम दोनों की चुदास जाग गई … तो मैंने उसकी सलवार उतार दी और पैन्टी भी निकाल दी.
क्या लंड उठा देने वाला फिगर था उसका … मैं तो बस देखता ही रह गया. उसका फिगर 28-24-26 का था … वो एकदम स्लिम थी. उसके कपड़े उतारने के बाद मैंने उसको फिर से बेड पर लिटा दिया और उसकी चूत चाटना शुरू कर दिया. बस पांच मिनट में ही वो झड़ गई.
मैं उसकी चूत को चाटना चालू रखा, तो वो जल्द ही फिर से गर्म हो गई.
इसके बाद मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत पर सैट किया और धक्का दे दिया लेकिन मेरा लंड फिसल गया. यह मेरा पहला अनुभव था. अब मैंने अपने लंड पर थोड़ा थूक लगाया और अपने हाथ से लंड पकड़ कर बहन की चूत के होल पर सैट करके आहिस्ता आहिस्ता दबाया. अभी मेरे लंड का सिर्फ टोपा ही अन्दर गया था कि मेरी बहन कसमसाने लगी. तभी मैंने एक जोर का धक्का दे मारा और मेरा दो इंच लंड चुत के अन्दर घुस गया. उसकी वजह से मेरी बहन की चीख निकल गई. मैंने जल्दी ही मेरे होंठ उसके होंठ पर रख दिए और उसे किस करने लगा ताकि उसकी आवाज बाहर न निकल पाए. कुछ पल बाद उसकी आवाज भी दब गई थी और दर्द भी कम होने लगा था.
कुछ देर रुकने के बाद मैंने फिर से धक्के लगाने शुरू कर दिए. पहले आधा, बाद में पूरे का पूरा लौड़ा उसकी चूत में घुस चुका था.
अब वो भी गांड उठाते हुए मेरा साथ दे रही थी. पन्द्रह मिनट की धकापेल चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था, तो मैंने अपना लौड़ा बाहर निकाला और उसके मुँह में देने लगा … लेकिन उसने लंड मुँह में लेने से मना कर दिया और बाथरूम में चली गई. मैंने हाथ से हिला कर अपना काम पूरा किया और उसके पीछे बाथरूम में आ गया. वो फव्वारे के नीचे नंगी नहा रही थी. मैंने पीछे से उसको पकड़ लिया और उसकी गांड में लौड़ा दबाने लगा. उसने अपनी एक टांग कमोड पर रखी और अपने हाथ से मेरा लंड अपनी चूत पर सैट कर लिया. फिर हम दोनों सेक्स करने लगे. बीस मिनट तक चुदाई करने के बाद हम दोनों झड़ गए.
अब हम दोनों ही काफी थक चुके थे इसलिए कमरे में आ गए और बेड पर नंगे ही एक दूसरे से चिपक कर सो गए.
इसके बाद हम दोनों मम्मी पापा की चुदाई देखते और गर्म होकर उनके जैसे ही चुदाई के आसनों का मजा लेते.

Wednesday, November 1, 2017

बहन को चोद कर गर्भवती किया


Bahan Ko Chod Kar Garbhwati Kiya


दोस्तो, अन्तर्वासना में यह मेरी पहली चुदाई की कहानी है. मेरा नाम राजवीर है, मैं दिल्ली का रहना वाला हूँ. मेरी उम्र 25 साल है.
मैं एक साधारण से परिवार से हूँ. मेरे घर में मेरे पापा-मम्मी और एक छोटी बहन है, उसका नाम शैली है. उसकी उम्र 22 साल है. उसकी फिगर कमाल की है. मेरी बहन की शादी को लगभग एक साल हो गया है. उसकी शादी ग्वालियर में हुई थी.
शादी से पहले ही मैं और वो बहुत रंगरेलियाँ मना चुके थे. मैंने उसके जिस्म के एक-एक भाग को तबियत से रगड़ा हुआ था. वो भी मेरे लंड की बहुत दीवानी थी. उसकी शादी के 3 साल पहले तक मैंने उससे घर के हर कोने में हर तरह से चुदाई की हुई थी. शैली भी मेरे संग चुदाई में मेरा पूरा साथ देती थी.
हम दोनों साथ में नहाते थे, जब भी अकेले होते तो बिना कपड़ों के ही घूमते थे. पर जब से उसकी शादी हुई, मैं बिल्कुल अकेला पड़ गया.
फिर मेरी किस्मत ने साथ दिया. शैली ससुराल से पूरे 10 दिनों तक रहने के लिए यहाँ आ गई. हमने फोन पर ही प्लानिंग कर ली थी. मम्मी-पापा एक शादी के चक्कर में शहर से दूर गए हुए थे. वो जिस दिन निकले, उसी दिन शैली आ गई. अब हमारे पास पूरे 10 दिन और मस्ती के लिए पूरा घर खाली था.
मैं उससे स्टेशन पर रिसीव करने गया. वहाँ पर हम दोनों बिल्कुल नॉर्मली मिले. मैंने सामान उठाया और हम कार में आकर बैठ गए. शैली ने कार में बैठते ही मुझे गले से लगा लिया. अगले 5 मिनट तक हम यूं ही चिपके रहे, फिर हमने एक किस की और वहाँ से घर की ओर निकल पड़े.
घर आकर शैली ने अपने आने की वजह बताई कि उसके ससुराल वाले अब उससे बच्चे के लिए बोलने लगे हैं कि परिवार को अगला वंश कब मिलेगा?
मैंने पूछा- तो इसमें दिक्कत क्या है?
फिर शैली ने बताया कि वो अपना पहला बच्चा मुझसे चाहती है, अपने पहले प्यार से.. इसलिए ही वो बहाना बना कर यहाँ आई है.
मैंने भी दिलासा देते हुए कहा- तेरी कोख में ही भरूँगा.. तू ही पहले मेरे बच्चे को जन्म देगी.
फिर हम शाम की तैयारी में लग गए. शाम हुई और मैं जल्दी से नहा कर शॉर्ट में घूमने लगा. शैली ने भी जल्दी से तैयारी कर ली. हमने डिनर किया और फिर शैली नहाने बाथरूम में चली गई. लगभग 20 मिनट बाद जब शैली बाहर निकली तो मैं हैरान रह गया. वो पहले से भी ज़्यादा गदराई हुई और सेक्सी लग रही थी. उसका जिस्म बिल्कुल चमक रहा था और उसने हल्का सा गहरे गले का टॉप और नीचे छोटी सी स्कर्ट पहन रखी थी, जो मुश्किल से उसकी चूत को ढक पा रही थी.
मैं उसे इस तरह देख कर अपना लंड सहलाने लगा. वो दूसरे रूम में जाकर हल्का सा तैयार होकर मेरे कमरे में आई.
उसने आते ही लाइट बंद कर दी.
मैं उसके करीब गया और उसे अपनी बांहों में भर लिया. मैंने फिर उसके जिस्म की तारीफ की और उससे बेतहाशा चूमने लगा, उसने भी मेरा पूरा साथ दिया. मैं अपने एक हाथ से उसकी चुचियों को टटोलने लगा और अपना दूसरा हाथ उसकी स्कर्ट में डाल कर उसकी गांड की लकीर को सहलाने लगा.
शैली आहें भरने लगी, मैं उसे ऐसी ही पोज़िशन में बेड के करीब ले गया. वहाँ जाकर मैंने उससे गले पर काटने-चूसने लगा. मैंने उसकी दूध से भरी चूचियां दबा-दबा कर जी भर के काटी और खूब चूसीं.
फिर मैंने शैली के जिस्म से उसका टॉप अलग कर दिया और एक-एक करके उसकी स्कर्ट फिर उसकी पेंटी भी उतार दी. शैली ने झट से मेरे शॉर्ट में हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया और दूसरे हाथ से मेरे कपड़े उतार दिए.
फिर मैंने अपना लंड हल्का सा हिलाया शैली को इशारा किया और शैली ने मेरे 7.5 इंच का लंड पूरा अपने मुँह में भर लिया और बड़े प्यार के साथ उसे चूसने लगी. वो मेरे लंड को बड़ी बेकरारी से चूस रही थी. मैंने उसकी चुचियाँ मसलनी शुरू की, जैसे-जैसे मुझे मज़ा आने लगा मैंने शैली के मुँह में ही झटके मारने शुरू किए और अगले 5 मिनट में शैली के मुँह में ही झड़ गया. शैली ने मुँह से लंड बाहर निकालना चाहा, पर मैंने निकालने नहीं दिया बल्कि उसे क्स कर पकड़ कर पूरा माल ज़बरदस्ती उसे पिला दिया. उसने भी पूरा रस गपागॅप पी लिया.
फिर उसने अपना मुँह साफ़ किया. मैंने उसे उठाया और किस करने लगा. वो भी अब तक बहुत गरम हो गई थी. मैंने उसे गोद में उठा कर बिस्तर पर पटका और उसकी टाँगों के बीच में आ गया.
उसकी चूत में से क्या मस्त खुशबू आ रही थी. मैंने अपनी बहन की चूत चाटनी शुरू की. चुत पर जीभ के स्पर्श से वो तो मानो स्वर्ग में पहुँच गई थी. पूरा कमरा उसकी आवाजों से गूँज रहा था. वो बिस्तर को मसले जा रही थी और मैं उसकी चूत चाटता जा रहा था. फिर उसने मेरे सिर को कस कर अपने चूत पर दबा लिया. मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है. अगले ही पल उसका शरीर अकड़ गया और एक तेज़ धार उसने मेरे मुँह में छोड़ दी. मैं भी उसका चूत रस पी गया. इतने में वो थक गई.. पर मेरा लंड दूसरे चक्कर के लिए जाग गया था.
मैंने शैली से कहा- तैयार हो जा मेरी जान.. आज तू अपने भाई का लंड फिर से लेने वाली है.
वो खुश हो गई, मैंने उससे चित लिटाया और उसके ऊपर आ गया. लंड को चुत पर सैट करके उसकी चूत में एक ही झटके में अपना आधा लंड घुसा दिया. वो दर्द से चिल्ला पड़ी, मैंने परवाह ना करते हुए लंड थोड़ा पीछे निकाला और एक और झटके के साथ पूरा घुसा दिया. उसकी आँखों से आँसू निकल आए. फिर मैंने उसकी चीख को कवर करने के लिए अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और कुछ देर तक उसे यूं ही चूमता रहा.
फिर उसकी चूत में धीरे-धीरे अपना लंड हिलाने लगा और 5 मिनट बाद शैली की चूत में ज़ोर-ज़ोर से शॉट मारने लगा. शैली दर्द से कराहती रही, चीखती रही. पूरा कमरा उसकी आहों से गूँज रहा था, पर वो साथ भी पूरा दे रही थी.
करीब 10 मिनट तक मैं उससे इसी तरह चोदता रहा, फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उससे चूमने लगा. वो थोड़ा शांत हो गई.. पर बहुत खुश भी थी. फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में झुकाया और इस पोज़िशन में काफ़ी देर तक चोदता रहा, वो इस बीच 2 बार झड़ चुकी थी.
अब मैं भी झड़ने वाला था, मैंने उसे चित लिटाया, उसकी टांगें अपने कंधों पर रख उसे धकापेल चोदने लगा. मेरा लंड उसकी चूत की जड़ में टकरा रहा था. जब-जब मेरा लंड पूरा अन्दर जाता शैली चीख उठती.
मैं जैसे ही झड़ने को हुआ मैंने शैली को कस कर पकड़ लिया. उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया और उसके ऊपर ही लेट गया. अगले 10 मिनट तक उसकी चूत में से मैंने अपना लंड नहीं निकाला.
उस रात मैंने शैली की 4 बार चुदाई की सुबह साढ़े पांच बजे हम दोनों आख़िरी बार झड़े और थक कर शैली मेरे ऊपर ही सो गई.
मेरी बहन की चुदाई की कहानी आप सबको कैसी लगी.. मुझे ज़रूर मेल करें.

ख़ुशी को चुदने की ख़ुशी


हाय मित्रो मैं आप लोगो को आज अपनी एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ जो रंगीन है | यह कहानी आपको एक ऐसा एहसास देगी जो बिलकुल नया होगा | मित्रो मैं बिना समय गँवाए अपनी कहनी पर आता हूँ |
मित्रो में जबलपुर का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 28 साल है | और लम्बाई 6 फीट २ इंच है | में रेडी मेड शर्ट का बिजनिस करता हूँ मेरा शर्ट का कारखाना है | और मेरे परिवार में सिर्फ मैं और मेरे मम्मी पापा और मेरा एक छोटा भाई बस है |
मित्रो जब मैं कॉलेज में था | तो कॉलेज की फीस भरने के लिए और अपने खरचे के लिए एक कम्पनी के ऑफिस में मैं पार्ट टाइम जॉब करता था | उस समय मेरी उम्र २० साल थी | मित्रो जब मैंने जॉब करना स्टार्ट किया तो जब में पहले दिन जॉब पर ऑफिस गया | तो ऑफिस के सामने एक घर था वहाँ पर बहुत सारे लोग किराये से रहते थे | ऑफिस में कुछ भाई लोग भी जॉब करते थे उनसे मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी | फिर उसके बाद ऑफिस के भाई लोग ने बताया कि उस घर मे एक बहुत अच्छी लड़की रहती है  | यह बात सुनकर मेरे मन में उस लड़की को देखने की इक्छा बहुत हो रही थी | में रोज जब ऑफिस आता था तो उस लड़की को बार बार ऑफिस से बाहर निकलकर देखा करता था | लेकिन वो दिखती ही नहीं थी | बहुत दिन हो गे थे | वो दिखती ही नहीं थी |फिर उसके बाद मैंने उसे देखना ही छोड़ दिया और अपने काम में ध्यान देता था |  उसके बाद एक दिन जब में ऑफिस आया और जब मैंने उस घर की तरफ देखा तो मुझे उस घर के छत पर एक खूबसूरत सी लड़की दिखाई दी | वो इतनी सुंदर थी कि जेसे ही मैंने उसे देखा तो उसे देखता ही गया मेरी नजर हट ही नहीं रही थी | फिर में ऑफिस के अंदर आया और भाई लोगो से पूछा कि भाई लोग क्या वो यही लड़की है जो छत में खड़ी है | फिर भाई लोगो ने उस लड़की को देखा और बताया कि हां वो यही लड़की है | फिर उसके बाद वो लड़की छत से चली गई | फिर उसके बाद तो मेरी आँखों में बस उसी लड़की का चेहरा नजर आ रहा था ….मुझे वो बहुत अच्छी लगने लगी थी | मैंने तो उसे देखते ही सोच लिया था कि इसे तो में ही पटाउँगा |फिर मैंने भाई लोग से उस लड़की नाम पूछा तो भाई लोगो ने उस लड़की का नाम ख़ुशी बताया | उसका पूरा नाम ख़ुशी गुप्ता था |उसकी उम्र 18 साल थी और लम्बाई 5 फीट 4 इन्च थी | ख़ुशी देखने में बहुत ही ज्यादा सुंदर थी और कड़क माल भी दिखती थी | मैं फिर रोज ऑफिस आता था एक भी दिन ऑफिस से छुट्टी नहीं लेता | और रोज में ख़ुशी को ऑफिस से निकलकर बार बार देखा करता | ख़ुशी मुझे किसी दिन दिखती थी और किसी दिन नहीं दिखती | जिस दिन वो मुझे दिख जाती थी वो दिन मेरा बहुत अच्छा जाता और जिस दिन नहीं दिखती थी वो दिन बहुत ही ख़राब जाता था | मैं खशी के पीछे पागल हो गया था | खुशी मुझे हर जगह आँखों के सामने दिखाई देती थी | मुझे उसे किसी भी तरीके से पटाना था उसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना था |फिर जब में एक दिन ऑफिस आया तो ख़ुशी छत पर ही थी और मैं खुशी को देखने लगा मैं ख़ुशी को बिलकुल देखे ही जा रहा था | और जब मैं ख़ुशी को देख रहा था तो ख़ुशी ने मुझे देख लिया कि में उसे देख रहा हूँ | और वो भी मुझे देखने लगी | और जब वो मुझे देख रही थी तो मैं खुशी को लाइन मरने लगा और उसे देखकर स्माइल करने लगा | ख़ुशी भी मुझे देखकर स्माइल करने लगी थी | ख़ुशी समझ गई थी कि में उसे लाइन मर रहा हूँ |लेकिन फिर भी में उसे देखकर स्माइल कर रहा था और लाइन मार रहा था | ख़ुशी भी मुझे देखकर स्माइल कर रही थी और फिर उसके बाद वो छत से चली गई | फिर उसके बाद ख़ुशी रोज छत पर आती और में रोज उसे देखा करता और लाइन मारा करता | ख़ुशी भी मुझे देखकर स्माइल करती और लाइन मारा करती |फिर मैं रोज बहुत खुश रहता था | लेकिन मेरी ख़ुशी से बात नहीं हो पा रही थी | फिर उसके बाद मुझे भाई लोगो ने बताया कि ख़ुशी शाम को कोचिंग पढने जाती है | यह सुनकर मुझे ख़ुशी हुई फिर उसके बाद मैं रोज ख़ुशी की कोचिंग के पास जा कर खड़े हो जाता और जब ख़ुशी कोचिंग आती थी तो उसे देखा करता | ख़ुशी ने मुझे कोचिंग के पास भी खड़े देख लिया | जब मैं उसे देख रहा था कोचिंग मैं तो वो मुझे देख कर बहुत स्माइल कर रही थी | मैं तो ख़ुशी के मारे पागल हुआ जा रहा था | फिर एक दिन जब ख़ुशी कोचिंग जा रही थी | तो मैं उससे बात करने के लिए रास्ते मैं खड़ा था और जब खुशी आई तो मैंने उसे रोक लिया और उससे हाय किया और ख़ुशी से बोला कि क्या मैं आपसे दो मिनट बात कर सकता हूँ | ख़ुशी ने स्माइल करते हुए कहा क्यों नहीं बिलकुल बोलो क्या बात करनी है और ख़ुशी मुझे देखकर बहुत शर्मा रही थी | फिर मैंने ख़ुशी से वहीँ पर कह दिया कि मैं आपको बहुत पसंद करता हूँ और फिर उसके बाद ख़ुशी को मैंने प्रपोस कर दिया आई लव यू बोल दिया दिया | ख़ुशी यह सुनकर बहुत स्माइल कर रही थी और फिर जब मैंने ख़ुशी से पूछा कि क्या आप मुझे पसंद करती है ? तो ख़ुशी ने हा बोला और आई लव यू टू बोल दिया और फिर वो कोचिंग चली गई | बाद में हम दोनों रोज मिलते और ख़ुशी को मैंने पटा लिया था | फिर एक दिन मैंने ख़ुशी से बोला ख़ुशी चलो कही घूमने चलते है | यह बात सुनकर ख़ुशी बहुत झूमीऔर वो भी कहने लगी हाँ चलो कही घूमने चलते है | ख़ुशी उस दिन बहुत ही सेक्सी लग रही थी | ख़ुशी को देख कर उस दिन चोदने का मन कर रहा था | मैंने तो मूड बना ही लिया था कि आज ख़ुशी को चोदना ही है | फिर में ख़ुशी को घुमाने भेडाघाट ले गया | हम दोनों भेडाघाट में बहुत मस्ती कर रहे थे | फिर ख़ुशी को भेडाघाट घुमाने के बाद मैं ख़ुशी को अपने दोस्त के रूम में लेकर आया ख़ुशी बहुत खुश थी उस दिन वो रूम में जेसे ही आई वो पलंग पर लेट और मुझे देखकर बहुत स्माइल करने लगी | फिर उसके बाद मैं भी ख़ुशी के बाजू में लेट गया और उसके बाद मैंने ख़ुशी को पकड़कर किस कर लिया और जब मैंने ख़ुशी को किस किया तो ख़ुशी ने कुछ नहीं कहा और फिर वो भी मुझे किस करने लगी |मैंने तो सोच ही लिया था कि अब मुझे इसे अच्छा मौका नहीं मिलेगा ख़ुशी को चोदने का फिर मैं ख़ुशी फिर से किस करने लगा और ख़ुशी को बहुत मजा आ रहा था |मैंने ख़ुशी के पूरे कपडे उतार दिए और उसके पूरे बदन को चूमने लगा | ख़ुशी आह आह कर रही थी फिर में ख़ुशी की चूत में अपना लंड डाला और उसे चोदने लगा | ख़ुशी चुदते समय आह्ह आह्ह ऊउह्ह ऊह्ह कर रही थी और मुझसे चिपकी हुई थी | ख़ुशी को चुदने में इतना मज़ा आया कि मैंने खुशी को फिर से चोदा और बहुत चोदा | चोदते समय तो बस ख़ुशी मुझसे चिपकी थी और आःह्ह मजा आ रहा था कि मुझे चोद ही नहीं रही थी | मैंख़ुशी के मस्त बड़े बड़े दूध को पीने लगा मुझे ख़ुशी के दूधपीने में बड़ा मजा आ रहा था | मैं ख़ुशी को खूब चोद रहा था ख़ुशी आराम से मुझसे चुद रही थी | उस दिन मैंने ख़ुशी को बहुत चोदा | फिर उसके बाद जब मैं ख़ुशी को चोद चुका था | तो ख़ुशी और चुदने की जिद कर रही |फिर उसके बाद काफी समय हो गया फिर मैंने ख़ुशी को उसके घर छोड़ा और में भी अपने घर चला गया और फिर मैं दुसरे दिन ऑफिस गया तो ख़ुशी छत पर ही थी | जब मैंने ख़ुशी को देखा तो वो मुझे देखकर बहुत स्माइल कर रही थी और लाइन मार रही थी और मुझे फ़ोन कर कर परेशान करने लगी कि मुझे फिर से चुदने का मन कर रहा है | फिर उसके बाद मैं फिर से ख़ुशी को घुमाने ले गया और और दोस्त के रूम में ले जाकर बहुत चोदा | तो दोस्तों यही थी मेरी अजीब दास्ताँ और मुझे ख़ुशी है आप लोग इसे पढ़कर खूब हसेंगे और मुझे अच्छे अच्छे कमेन्ट देंगे | तो आज मैं अपने शब्दों पर यहीं विराम लगाता हूँ |

वो देती गयी और मैं उसकी बुर लेता गया


मेरे प्यारे सभी भाई और मेरी प्यारी सेक्सी आंटी और लडकिया | मैं सेक्स का बहुत बड़ा फैन हूँ | मुझे यहाँ स्टोरीज पढना बहुत अच्छा लगता है | मेरा नाम शशांक है और ये मेरी गर्लफ्रेंड कि स्टोरी है जिसका नाम अर्चना साहू है | वो बहुत सेक्सी और भरे बदन की लड़की है उसका फिगर 26 24 40 है उसकी गांड बहुत बड़ी है और गोल है | अच्छे अच्छे लोगो के लंड के खड़े हो जाते है जब कोई उसको चलते हुए देखता है | मैं भोपाल में रहता हूँ और मैं जिम में ट्रेनर हूँ मैं पढाई में ज्यादा अच्छा नहीं था इसलिए मैं बस ग्रेजुएशन कर के रुक गया और जिम लाइन में अपना कैरिएर बनाने कि ठान लिया | मैं आप लोगों को ज्यादा बोर न करते हुए सीधे स्टोरी पे आता हूँ |
ये बात तब कि है जब मैं जिम जाना स्टार्ट किया था और वो भी वहा आती थी उसको एक मॉडल बनना था वहा सबके पर्सनल ट्रेनर हुआ करते थे इसलिए उसे ठीक तरह से कोई व्यायाम नहीं बता पता था और वो ऐसे ही गलत गलत करती थी | मुझे इस चीज़ कि अच्छी नॉलेज थी तो मैंने उससे कहा कि मैंने भी अभी जिम स्टार्ट किया हूँ पर मुझे साड़ी एक्सरसाइज आती है | फिर मैंने उसे बताना और सही तरीके से करना चालू किया वो भी खुश थी कि चलो उसे कोई फ्री में र्त्रैनेर तो मिला | हम ऐसे ही प्रैक्टिस किया करते थे कभी वो मुझे सपोर्ट देती कभी मैं | ऐसे ही प्रकटिसे करते करते हमे तीन महीने हो गए और हमारी बीच दोस्ती हो गयी थी | एक दिन ऐसे ही मूवी देखने का हमने प्लान बनाया और हम मूवी देखने सिनेमा हाल गए | मैंने टिकेट खरीदी उसने कोक और पॉपकॉर्न खरीदे फिर हम बेठे हमने लास्ट कार्नर कि सीट ली हुई थी और वहा ज्यादा लोग नहीं थे हमारे आगे  वाली सीट पे | फिर मूवी देखने लगे ऐसे ही यहाँ वहा कि बाते भी कर रहे थे उसने तब मुझे बताया कि वो एक नार्मल घर कि लड़की है और उसे मॉडलिंग में बचपन से ही इंटरेस्ट है पर उसे उसके घर वाले मना करते थे तो वो यहाँ भोपाल आ गयी पढाई के लिए पर उसने अभी घर में नहीं बताया कि वो मॉडलिंग के लिए भी तयारी कर रही है | ऐसे ही यहाँ वहा कि बाते करते करते मूवी ख़त्म हो गयी और हम जाने को निकल रहे थे कि बहुत जोर कि बारिश होने लगी | हम आधे रास्ते तक ही पहुचे थे कि हम भीग गए थे बहुत ज्यादा | उसने वाइट कलर कि सलवार सूट पहनी थी जो स्किन टाइट थी तो जब वो भीगी तो उसके नितंभ और दूध कि ब्रा एक दम साफ़ साफ़ दिख रही थी  उसने मुझे शर्मा के देखा और मैंने नजरे फेर लिया क्युकी मै उसके प्रति गलत नहीं सोचता था | मैं तुरंत भीगते भीगते गया एक शॉप वह से एक सारी और ब्लाउज खरीद लाया और उसे ला के दिया वो बहुत खुश हो गई | उसने मुझे थंक्स कहा तो मैंने उससे कहा कि दोस्ती में नो सॉरी नो थैंक यू उसे बहुत अच्छा लगा | फिर मैंने उसे घर छोड़ा और फिर मैं भी अपने घर आ गया मुझे सर्दी हो गयी थी तो मैं कुछ दिनों से जिम नहीं जा पा रहा था उसने मुझे कॉल कि कि क्यू नहीं आ रहे हो तो मैंने उसे कहा कि मेरी तबियत ख़राब है तो वो भी जिम से जल्दी निकली और मेव्रे घर आ गयी  मैं भी यहाँ रूम ले के रहता था और काले रहता था और कोई दिक्कत नहीं थी कि कोई मुझे किसी चीज़ के  लिए टोकता | वो आई और जूस ले के आई तो मैंने उसे थैंक्स कहा तो उसने कहा कि दोस्ती में नो सॉरी नो थैंक यू फिर हम हसने लगे वो मेरे लिए सूप बनाने लगी और वो टाइट कपड़ो में बहित सुंदर लगती थी और वो बहुत गोरी भी थी | उसने मुझे सूप बना के दिया फिर मैंने पिया एक दिन कि बात है उसे अपने कोल्लागे कि फीस बी देनी थी  और घर का किराया भी पर उसके पुरे पैसे किसी ने चुरा लिए थे तो वो बहुत परेशां हो गयी | उसने मुझे बताया तो मैंने उसे कहा  कि मैं सिर्फ कॉलेज कि फीस दे सकता हूँ रेंट के पेसे देने के लिए मेरे पास भी नहीं बचेंगे तो मैंने उसे सुग्गेस्ट किया कि तुम मेरे साथ रह लो | उसे  अच्छा नहीं लगा तो मैंने उसे कहा कि भरोसा रखो कुछ नहीं होगा फिर मैंने मनाने पर वो मान गयी | उसने अपना सामान मेरे रूम में शिफ्ट कर ली और हम साथ रहने लगे | उसके बाद हम साथ में घूमते खाना बनाते और जिम जाते बस वो कॉलेज अकेले जाती थी क्युकी मुझे और भी कुछ काम रहता था इसलिए | फिर धीरे धीरे हममे नजदीकियां बढ़ने लगीं और हम एक दुसरे से प्यार करने लगे एक दिन कि बात है | जब घर में लाइट चली गयी थी और बाहर बहुत जोर की बारिश होने लगी थी तो मैं कैंडल लेने भी नहीं जा पाया अँधेरे में हम आपस में टकराते और कहीं यहाँ वहां टकराते बहुत हसी आती हमको जब किसी को लगती और वो आह करके चिल्लाता ऐसे ही चलते चलते मेरा हाथ उसकी गांड में लगा तो उसने पकड़ लिया | उसने पूछी क्या कर रहे हो तो मैंने कहा यार धोके से लग गया वो गुस्सा हो गयी थी फिर बाद में उसने मेरे लंड पे हाथ मारी तब मैंने उसका हाथ पकड़ लिया तो वो शर्म से लाल हो गयी थी | मैंने उसे अपनी तरफ खीचा और सीने से लगा लिया | उसके बड़े बड़े दूध मेरे सीने से लगे और वो बोली कि ये क्या कर रहे हो | मैंने उसे बोला कि जो हम अनजान बन कर एक दुसरे के साथ हरकते करते हैं उसे आज हम एक नाम दे ही देते हैं उसे समझते देर न लगी और उसने कहा कि मैं सेक्स नहीं करुँगी | मैंने आज तक सेक्स नहीं किया है | तो मैंने उसे कहा कि सेक्स तो मैंने भी नही किया है तो क्यू न आज कर के देखते है पहले तो वो मना कर रही थी | फिर बाद में उसने हा कर दी  मैंने उसे अपने तरफ फिर से खीचा और अपने होंठ उसके होंठ पे रख दिए मैं उसे जोर जोर से किस करने लगा | उसकी जीभ  से जीभ लड़ाने लगा | अब वो भी गरम होने लगी तबी और उसने भी मेरा साथ देना चालू कर दिया | अब हम एक दुसरे के साथ से अच्छे से किस कर रहे थे और मैं उसके दूध भी दबाते जा रहा था फिर मैं उसके पीछे आ गया और उसकी गर्दन पे किस करने लगा और वो सिस्कारिया ले रही थी | मैं सामने हाथ करके उसके दूध मसल रहा था और उसकी गर्दन भी चाटते जा रहा था उसे बहुत अच्छा लग रहा था उसे मेरा एसा करना फिर मैं उसके सामने आ के उसका टॉप उतारा और फिर उसके बाद उसकी ब्रा | जेसे ही ब्रा उतारा लाइट आ गयी उसके दूध बहुत ही गोरे  दिख रहे थे क्या कमाल के दूध थे उसके मजा आ गया था | फिर मैं उसके पिंक निप्पल चूसने लगा और उसके दूध दबाते जा रहा था | उसके मुह से अआहा आहा अहहः आहा अ अह कि आवाज़े आ रही थी जो मुझमे जोश पैदा कर रही थी | फिर मैं उसकी कमर चाटते हुए उसकी स्कर्ट उतारा और फिर उसकी पेंटी भी उसे शर्म नहीं आ रही थी | अब बस वो ऊन्मून्ह्ह अआहा ऊऊन्ह्ह कर रही थी | मैंने ज्यादा देर नहीं कि और उसे लेटा कि उसकी टांग चौड़ी किया तो देखा कि उसकी छूट भी गुलाबी थी | मेरे मुंह में तो पानी आ गया था | मैं तुरंत ही अपनी जीभ डाल के उसकी छूट चाटने लगा और वो जोर जोर से आः आः अहाहाहा उऊंज्नंह उऊंन्ह्ह क्या कर रहे हो | शशांक मार डालोगे क्या मैंने झूठ कहते हुये कहा कि नहीं जान तेरी चूत पे बहुत प्यार आ रहा है फिर मैं उसकी छूट करीब 20 मिनट तक चाटा | उसी टाइम वो एक बार झड चुकी थी फिर मैं उसके सामने नंगा हुआ तो मेरा लंड देख के डर गई थी | क्युकी मेरा लंड 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है उसने कहां कि तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है | मैं इसे अन्दर नहीं ले पाउंगी  तो मैंने उसे कहा कि कोई दिक्कत नहीं होगी आराम से अन्दर चला जायगा | मैंने उसकी छूट में सरसों का आयल लगाया और अपने लंड में भी आयल लगाया | मैंने उसकी टाँगे पकड़ी और धीरे से अपना लंड उसकी छूट में डाला वो चीख उठी और मना करने लगी कि अआः अआहा नही अब मैं झेल पाऊँगी तुम्हारा लंड | मैंने जोर कर अपना लंड डाला फिर धीरे धीरे उसे भी मजा आने लगा और बहुत देर तक हमने चुदाई की | अब हम रोज चुदाई करते हैं उसे मेरा लंड ओरे ममुझे उसकी चूत बहुत पसंद है | हमने शादी भी कर ली है और अच्छे से रह रहे है | फ्रेंड्स आपको सभी को मेरी स्टोरी कैसी लगी बताना जरुर मैं आगे भी अपनी स्टोरीज भेजता रहूँगा उम्मीद करता हूँ कि आप सभी लोगो को मेरी ये स्टोरी बोर नही कि होगी |

Tuesday, October 31, 2017

चुदाई अपने कॉलेज की लड़कियों के साथ

This summary is not available. Please click here to view the post.

दोस्त की साली को चोदा

हेल्लो दोस्तों मैं एक बार फिर एक कहानी लेकर आया हूँ | मेरा नाम अजय है मैं एक बार फिर अपनी कहानी लेकर आया हूँ | मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 25 वर्ष है | मेरे लंड की लम्बाई 6 इंच है जिसे देख कर अच्छी अच्छी लौंडियों की चूत मैं पानी आ जाता है | मैं एक साधारण युवक हूँ जो अपनी लाइफ को अपने हिसाब से इंजॉय करता हूँ |
दोस्तों वैसे मेरी जिन्दगी मैं कई मोड़ आये है | ये कहानी भी उन्ही में से एक है जो की मेरे साथ घटी हुई है और मैं आप लोगों के बीच आज लेकर आया हूँ | मुझे पता है की ये आप को पसंद आयेगी तो दोस्तों मैं आप सब का समय खराब न करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ |
दोस्तों मैं अपने एक ख़ास दोस्त की शादी मैं गया हुआ था वंहा पर मैं अपने दोस्तों के साथ खड़ा होकर इंजॉय कर रहा था | तभी मेरी नजर एक भाभी पर पड़ी जिनकी उम्र लगभग 26 या 27 की होगी कमाल लग रही थी | उनके चूतडो का उठान देख कर किसी का भी सामान हिलोरे लेने लगे और उनके गोल-गोल बूब्स देखकर तो मेरा सामान खड़ा होने लगा बड़ी मुस्किल से मैंने उसे सम्हाला और फिर मैं अपने दोस्तों के बीच बिजी हो गया |
पर सायद उन्होंने मुझे देख लिया था की मैं उनके बूब्स को देख रहा था इसी वजह से मैंने जब मुड कर देखा तो वो मुझे देख रही थी | तो मैंने नजरे वह से हटा ली पर मेरा मन नहीं मान रहा था तो मैंने अपने दोस्त से पुछा की जिसकी शादी थी की ये कौन है | तब मुझे पता चला की वो तो मेरे दोस्त की बड़ी साली है |
मेरी नजरे पूरी शादी में उन्ही पर टिकी रही और सायद उन्होंने ने भी इस बात पर गौर किया था | क्योंकि वो भी मुझे बहुत देर से घूरे जा रही थी | तो मैंने उनकी तरफ देख के प्यारी सी स्माइल की जिसका जवाब उन्होंने भी स्माइल से दिया | मानो मेरी तो लाटरी लग गयी हो फिर हम सब खाना खाने पहुंचे तो मैं अपने लिए प्लेट लेने गया तो वो भी प्लेट लेने मेरे पास आ गयी तो मैंने अपनी प्लेट उनको थमा दी और मैंने दूसरी प्लेट खुद ले ली वो मुस्कुरा कर वह से चली गयी | फिर पूरी शादी मैं हम एक दुसरे से इशारों से बाते करते रहे चलते वक़्त मैंने अपना मोबाइल नंबर चुपके उनको दे दिया और काल करने को कहकर मैं वहा से चला आया | उस रात मैं सो नहीं पाया मैं जब भी आँखें बंद करता उनका चेहरा मेरी आँखों के सामने घूमने लगता मैं उनके बारे मैं सोंच कर पागल हुआ जा रहा था की न जाने कब वो मुझे चोदने को मिलेंगी कब उनके उठे हुए मम्मे मसलने को मिलेंगे | उस रात तो मैं उनके नाम की मुठ मार के सो गया और उनके सपनो मैं खो गया |
अगले दिन उनका फ़ोन आया तो मैंने फोन उठाया क्या सेक्सी आवाज़ थी | लग रहा था की जैसे मैं 16 साल की लड़की से बात कर रहा हूँ | उसने अपना नाम सरिता बताया | मैंने कहा सरिता मुझे तुमसे प्यार हो गया है मैं तुम्हे बहुत चाहता हूँ | तो सरिता ने कहा की वो भी मुझे पसंद करती है | फिर हम दोनों एक दुसरे से रोज बाते करने लगे |
उसने बताया की उसके पति बिजनेस मैंन हैं और ज्यादातर घर से बाहर ही रहते है | और उसके घर मैं उसके सास-ससुर वो ही रहती है | और वो रोने लगी तो मैंने उसे चुप कराया और उसे पुछा की वो रो क्यों रही है | तो उसने बताया की उसके पति का चक्कर एक लड़की के साथ है और वो सही से उसकी आग नहीं बुझा पाता और उसका लंड भी बहुत छोटा इसी के कारण शादी के तीन साल बाद भी आज तक वो आज तक माँ नहीं बन सकी और उसके सास-ससुर उसे ताने देते रहते है |
मैं तो एक दम से उचल पड़ा जो बात मैं बोलना चाहता था की मैं उनकी चूत के लिए पागल हूँ | पर उसने ही वो बात बोल दी मैंने कहा की वो परेशान न हो मैं हूँ मैं उसकी प्यास बुझाऊंगा |
इस तरह हम दोनों एक दुसरे से गरम-गरम बाते किया करते थे और वो अपनी चूत मैं ऊँगली डाल कर और मैं मुट्ठ मार कर अपना कम चलने लगे | एक दिन की बात है | सुबह का समय था सरिता का फोन आया उसने बताया की उसके सास-ससुर आज बाहर जा रहे है | और आज शाम को मुझे अपने घर बुलाया आज वो समय आ ही गया जिसका हम दोनों को इन्तजार था | मैं तो खुशी से पागल होने लगा था | उस दिन मैं दिन भर सरिता के ख्यालो मैं खोया रहा | और शाम को मैं उसके घर पहुंचा और उसके दरवाजे की घंटी बजाई सरिता ने दरवाजा खोला तो मैं तो उसे देखता ही रह गया नीले कलर की नाइटी में कहर था रही थी |
उसे देखते ही मेरा लंड पैन्ट फाड़कर बाहर आने लगा तो उसने कहा अन्दर आओ राजा क्या आँखों से चोदोगे क्या तो मैं फिर उसके घर के अन्दर गया |
और उसने दरवाज़ा जैसे ही बंद किया मैंने उसे उठा कर अपनी बाँहों मैं ले लिया और उसके बेडरूम मैं ले जाकर बेड पे पटक दिया और अपने होंठों को उसके होंठो पर रख कर जोर से चुम्मा लेने लगा वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी वो मेरे बालो को पकड कर कसके किस कर थी | फिर मैं उसके मम्मो को मसलने लगा क्या मस्त मम्मे थे | एक दम कडक जैसे कि किसी ने छुआ ही न हो वो मदहोस होने लगी | मैंने उसकी नाइटी निकाल कर फेंक दी अब वो सिर्फ ब्रा और पैन्टी मैं मेरे सामने थी क्या गज़ब लग रही थी काली ब्रा और पैन्टी मैं फिर मैंने उसे उल्टा किया और उसके पीठ पर किस करने लगा और ब्रा के हुक खोल कर उसकी ब्रा निकाल कर फैंक दी और उसके मम्मो को आज़ाद कर दिया | और उसकी चूत मैं ऊँगली करने लगा उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी | मैंने उसकी पैंटी निकाल दी और उसकी चूत पर अपना मुह रख कर उसे चाटने लगा और उसके मम्मो को अपने हांथों मैं लेकर मसलने लगा | वो मेरे सर को पकड़ कर मेरे मुह को अपनी चूत की ओर दबा रही थी | और जोर से सिस्कारिया ले रही थी | अब वो बहुत गरम हो चुकी थी उसने मेरी पैन्ट खोल दी और मेरा लंड को निकाल कर उससे खेलने लगी मेरा मोटा लंड देख कर वो बहुत खुश थी | उसने मेरा लंड अपने मुह मैं डाल लिया और उसे चूसने लगी मेरा लंड लोहे की राड की तरह कड़क हो चूका था | उसने मुझसे कहा की अब मुझे मत तडपाओ मेरे राजा डाल दो अपना लंड मेरी चूत में | बुझा दो इसकी प्यास बहुत दिनों से प्यासी है और तुम्हारे लंड का इंतज़ार कर रही है | मैंने अपने लंड के सुपाडे पर थोडा सा थूक लागाया और उसकी टाँगे फैलाकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा | साथ मैं उसके मम्मो को मसलने लगा और एक जोर के धक्के के साथ मैंने अपना आधा लंड उसकी चूत मैं घुसा दिया वो एक दम चीख उठी इतने दिनों से सुखी पड़ी उसकी चूत टाइट हो चुकी थी| उसकी चीख निकलते ही मैंने अपने होंठो को उसके होंठो पर रख दिया और किस करने लगा और धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा अब वो मेरा साथ देने लगी थी | मैंने भी धक्को की स्पीड बढ़ा दी और अपना पूरा लंड उसकी चूत मैं पेल दिया |
अब वो भी मज़ा ले रही थी और गांड उठा-उठा मेरा साथ दे रही थी उसकी मादक सिस्कारिया आह ओह्ह उम्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्हओ अह्ह्ह फक मी अहह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह आह्ह आह्ह्ह उम्म्ह्ह ओह्ह्ह कम ऑन फक मी अहह ओह्ह्ह उम्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह ओह्ह्ह अहह्ह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह्ह येस्स ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह ओम्ह्ह्ह यस्स्स्स उम्म्हह्ह अह्ह्ह आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्म उम्ह्ह्ह अह्ह्ह्हा उम्ह्ह उम्ह्ह्ह पूरे कमरे में गूँज रही थी | उसकी मादक सिस्कारियों से मेरा जोश और बढ़ रहा था मैं और जोर से धक्के लगाने लगा | 15 मिनट की चुदाई के बाद वो झड गयी पर मैं कहा झड़ने वाला था | मैं बराबर धक्के लगाये जा रहा था और उसकी चुचियो पर अपना मुह रख कर उन्हें अपनी जीभ से सहला रहा था | वो आह्ह ओह्ह नो ओह्ह आह्ह्ह एस ओह्ह नो अह्ह्ह उम्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह अह्ह्ह उम्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह की आवाज़े निकाल रही थी और मेरे बालो मैं हाँथ डालकर सहला रही थी | अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने उससे पूंछा की बाहर निकालू या अन्दर ही रहने दूँ उसने कहा अन्दर ही रहने दो | मैं धक्के लगाता गया उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया उसके बाद हम एक दुसरे के ऊपर ऐसे लेटे रहे और एक दुसरे को चूमते रहे सरिता ने कहा आज जो मुझे आनंद मिला है वो आज तक मेरे पति मुझे नहीं दे पाए मेरी चूत धन्य हो गयी आज तुम्हारा लंड पाकर आज से चूत तुम्हारी फिर मने उस रात तीन बार चोदा और सुबह होते ही अपने घर चला आया | उसके बाद मैंने सरिता को कई बार चोदा |आज एक बच्चे की माँ है और वो मेरा बच्चा है 

भाभी की जवान चूत को अपने बड़े लंड से चोदा

मेरा नाम सिद्धार्थ है | मेरी उम्र २४ साल है और मेरी हाईट 6 फीट है | रंग सांवला है और मै हेल्थी हूँ | लगभग डेढ़ साल पहले की बात है जब मैं कॉलेज में हुआ करता था | पर मेरा पी.जी. कम्प्लीट हो चुका था तो अब ज्यादातर मैं घर में रहता था और सरकारी नौकरी की तयारी करता रहता था | हमारे घर के बाजू में चाचा का घर है और उनका एक बड़ा बेटा है जो की आर्मी में जॉब करते हैं | आप सभी जानते हैं की आर्मी की नौकरी एक जगह स्थिर नहीं रहने देती तो उनका ट्रान्सफर होता रहता था और ज्यादातर टाइम बाहर ही रहा करते थे और बस छुट्टियों में ही घर आ पाते थे | वो शादीशुदा थे और भाभी घर में अकेली ही रहती थी चाचा चाची के साथ उनका बेटा या बेटी नहीं थे | मैं कभी कभी भाभी के साथ बात कर लिया करता था और हमलोग कभी कभी घर का सामान लेने साथ जाते थे | भैया के ना होने पर भाभी मायूस हो जाती थी इसलिए जब भी वो बोर होती तो वो मुझे घर बुला लिया करती थी उनका भी टाइमपास हो जाता था | चाचा चाची को किसी फंक्शन में जाना था चाची के ननिहाल में | और घर खाली छोड़ नहीं सकते थे तो भाभी नहीं गयी और उनको भी अकेले नहीं रहा जाता था………तो उनके साथ मैं रुक गया था तो चाची चाचा को टेंशन लेने की कोई जरुरत नहीं थी …..
एक दिन हम दोपहर में खाना खा रहे थे साथ मैं और टीवी देख रहे थे उसमे ऐड में ब्रा पेंटी का ऐड आया और रिमोट दूर था मुझसे तो मैं तुरंत बदल नहीं पाया फिर वो एड देख के भाभी भी मुस्कुरा दी और मैं भी मुस्कुरा कर खाना खाने लगा | खाना खाने के बाद हम लेटने गये भाभी अलग सोती थी और मैं भी अलग क्यूंकि दिन का टाइम था और रात में हम दोनों साथ में सोते थे | एक बार मैं शाम को अपने दोस्तों के साथ मूवी गया तो उस मूवी में भाभी और देवर के अश्लील हरकतों के बारे में दिखाया जा रहा था मैं ना चाहते हुए भी भाभी के बारे में ऐसा सोचने लगा था | फिर मूवी ख़त्म हुई और मैं  रात के 9 बजे घर पहुंचा दरवाजा खुला था तो मुझे थोडा शक हुआ की राते में घर का दरवाजा कैसे खुला है | वेसे दोस्तों हमारे कॉलोनी में चोरी जैसी वारदाते नहीं होती है इसलिय मैंने जयादा नहीं सोचा और सीधे अन्दर चला गया पर मैंने आवाज़ नहीं लगाईं मैं भाभी के कमरे में गया तो मैं घबरा गया था क्यूंकि भाभी अपनी चूत ऊपर से सहला रही थी और ब्लू फिल्म देख के अपने दूध भी दबा रही थी फिर मैंने सोचा की शायद भाभी मेन डोर बंद करना भूल गयी होंगी | पर मैं अपने सामने का ये नज़ारा देख के दंग रह गया था |
एक तो उस मूवी में भाभी और देवर के रिश्ते तार तार हो रहे थे और यहाँ भाभी अपने दूध मसल रही थी और चूत सहला रही थी वो भी अश्लील मूवी देख के | वैसे मुझे भी भाभी को ऐसे देखने में बहुत अच्छा लग रहा था | इसलिये मैं भाभी को डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था फिर मै वापस जाने लगा था तो चप्पल की आवाज़ आ गयी होगी भाभी को तुरंत सब बंद करके दौड़ लगाके बाहर निकली और मुझे पूछा तू अन्दर कैसे आ गया मैंने दरवाज़ा लॉक किया था | तो मैंने भाभी से कहा कि भाभी दरवाज़ा खुला था और मैं आपके पास आ ही रहा था की मुझे टॉयलेट जाना पड़ गया तो मैं आपके पास न आके वहाँ जाने लगा | तब भाभी को लगा मैंने कुछ नहीं देखा पर उनको ये भी मैं नहीं बताना चाहता था की मैंने सब कुछ देख लिया था……….फिर उसके अगले दिन भाभी नहा रही थी और वो टावल ले जाना भूल गयी थी | उन्होंने मुझे आवाज़ लगायी कि मैं उन्हें टावल दे दूँ तो जब मैं टावल देने गया तो भाभी ने मुझसे कहा कि मैं नहा लूँ फिर तू भी नहा लेना | मैंने ओके कहा और फिर मैं टीवी देखने लगा ………   भाभी नहा के निकली तो मैं उन्हें देखता ही रह गया वो बहुत सुन्दर लग रही थी और गीले बाल देख के तो मजा ही आ गया | मैं भाभी को घूर घूर कर देख रहा था तभी भाही ने पूछा कि क्या देख रहा है ऐसे घूर घूर के तो मैंने भाभी से कहा की आप बहुत सुंदर लग रहे हो भाभी………तो भाभी पागल बोल के अपने कमरे में चली गयी……..अब मेरा मन भाभी के प्रति बदल रहा था | अब मैं भाभी को चोदने की निगांहो से देख रहा था…..भाभी खाना बना रही थी तो मैं उनकी गांड देखता वो झुक के झाडू पोछा करती तो मैं उनके दूध देखने की कोशिश करता………

अब मैं भाभी को सिर्फ चोदना चाहता था और मैं जानता था की भाभी भी चुदासी थी तो मैंने सोचा की ज्यादा टाइम नहीं लगेगा भाभी को पटाने में | पर ये भी जानता था की अगर भाभी ने मना कर दिया और सबको बता दिया तो मेरा क्या हाल होगा ? फिर मैंने सोचा की अब जो होगा देखा जायगा जब लंगड़ डाला है तो मछली भी फस ही जायगी | रात में हम दोनों खाना खाके सोने की तयारी करने लगे मैं भाभी के बाजु में ही सोता था और रात के करीब 11 बजे मेरी नींद खुली और मैंने देखा की भाभी नही हैं बिस्तर पर मैं समझा गया की भाभी कहाँ गयी होगी | मैंने भी सोचा ये बहुत अच्छा मौका है इसको हाथ से जाने नहीं देना चाहिए………फिर मैं ऊपर वाले कमरे में गया भाभी पूरी नंगी थी और और अपनी चूत सहला रही थी ब्लू फिल्म देख के | मैंने दरवाजा खटखटाया भाभी एक दम से डर गयी और कपडे पहनने लगी तो मैंने आवाज़ दी कि भाभी मैं हूँ सिद्धार्र्थ दरवाजा खोलो डरो मत तब भाभी ने बोला की रुक आती हूँ और वो बिना ब्रा पेंटी पहने सिर्फ गाउन पहन के बाहर आ गयी और पूछने लगी कि तू यहाँ क्या कर रहा है ? तो मैंने भाभी से कहा की आपको ही देखने आया था आप यहाँ क्या कर रहे हो ? वो कुछ नही बोली और नीचे आ कर बेड पर सोने लगी फिर मैं भी नीचे आ गया और भाभी से कहा की भाभी आप डरिये मत मैंने आपको देख लिया था जो आप कर रही थी और मुझे बेशरम बोल के बोली कि तुम्हे शर्म नहीं आती की तुम ऐसे अपनी भाभी को देख रहे थे तो मैंने बोला की भाभी मैं तो ये सब नहीं देखता अगर आप नहीं करती तो |
तो मैंने भाभी से कहा की भाभी ये सब बात छोड़ो मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूँ……..और खड़ा हो के उनके पास गया और अपना लोअर नीचे करके अपना खड़ा हुआ लंड दिखा दिया | भाभी मेरा लंड देखते ही रह गयी और बोली की इतना बड़ा लंड और चुप हो गयी | तो मैंने बोला की भाभी मैं जानता हूँ की भैया दूर रहते हैं और आप यहाँ चुदासी रहती हो आखिर आप की भी तो इच्छा होती है | लंड लेने की तो आप अपनी इच्छा क्यों मार रहे हो तो…….देखो मैं आपसे प्यार करता हूँ और आपको चोदना चाहता हूँ | भाभी बोली की ये नहीं हो सकता अगर किसी को पता चल गया तो मुझे घर से निकाल देंगे | तो मैंने भाभी को समझाया की भाभी हमारे अलावा किसी को नहीं पता चलेगा और मैंने अपने भाभी के होंठ में रख दिए | भाभी को भी अच्छा लगा और हम किस करने लगे | मैं उनके दूध भी दबाते जा रहा था जिसको मैं सिर्फ कुछ दिनों से दूर से ही देख पा रहा था…
फिर मैं भाभी के दूध को हाथ में ले के चूसने लगा और भाभी उइऊउन्न्हा आः आअहहह अहहहः अहहहहा ऊनंह कर के अपने दूध चुसवा रही थी और मेरा सर अपने दूध में दबा रही थी | और बोलते जा रही थी और चूस आअहहहब्ब ऊऊन्न्ग और चूसो…..दूध पीने के बाद मैं भाभी की चूत चाटने लगा और भाभी अआः अनाहाहा अहहहाहन ऊऊउन्न्ह आहाहाहा अहहहहऊँन कर रही थी | भाभी की चूत का पानी निकल चुका था और  वो मैं पी गया था | पूरा चूत का पानी निकल गया था तब भी चूत चाट रहा था | भाभी ने कहा की बस अब तू सीधे अपना लंड मेरी चूत में डाल और चोद दे…..  आज अपनी भाभी को चोद बहुत टाइम से मेरी चूत प्यासी है……….आज अपनी भाभी की चूत की प्यास बुझा दे…फिर मैंने भाभी की चुदाई चालू कर दी और भाभी को बहुत मजे से चोद रहा था और भाभी भी मजे से चुदवा रही थी | आआहहहह उऔउऔअन्हा आहाहाहा अहाहह और चोदो जोर से चोदो आअहहहह आऊऊह्ह्हाहः ऊउन्न्ह बहुत मजा आ रहा है बहुत अच्छा लग रहा है …. मैं उनको चोदता रहा 10 मिनट तक | उस रात हमलोग ने ४ बार चुदाई की और अब जब भी मौका मिलता है हम खूब चुदाई करते हैं…….
दोस्तों ये रही मेरी भाभी के प्यार की कहानी आप लोगों को कैसी लगी ये स्टोरी ? उम्मीद करता हूँ की आप लोगों को पसंद आई होंगी…स्टोरी पढने के लिए धन्यवाद |