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Tuesday, December 25, 2018

चुदाई की कोचिंग

हेलो रीडर्स. में बबलू. उम्मीद है यह स्टोरी मेरे सभी पढ़ने वालों को
बेहद पसंद आयेगी. और खास कर लड़कियों और आंटीयों को तो सबसे पहले मैं
अपना परिचय दे दूं. में बबलू जयपुर से मुझे 10वी क्लास से ही सेक्स करने
की इच्छा बहुत ज़ोर की थी. मैं हमेशा एक शादीशुदा औरत के साथ ही पहली बार
सेक्स करना चाहता था
क्योंकी उसे बहुत एक्सपीरियेन्स होता हैं. बात उस समय की है जब मैं 12वी
क्लास मे पढ़ा करता था. मैं इंग्लिश की कोचिंग के लिये एक सर के घर जाता
था. हम लोग 5 दोस्त एक साथ जाते थे. टीचर हम सब को दोपहर 3 बजे बुलाते थे
और 5 बजे छोड़ते थे. हम लोग रोज कोचिंग जाते थे. सर भी शादीशुदा थे और सर
की बीवी एक दम मस्त थी और बहुत ही खूबसूरत थी. जिस दिन से मैने उसे देखा
था, में बस उसी के बारे मैं सोचता था. उसका नाम सोनिया था. वो एक बंगाली
टीचर थी.
मैं आपको बता दूं, की सोनिया रोज दोपहर को अपने बेडरूम मे सोती थी और सर
हमे हॉल मे पढ़ाते थे. उसके उठने का टाइम 4.30 बजे था. वो हर रोज 4.30
बजे के लगभग सो कर उठती थी और गाउन पहन कर बाथरूम के लिये जाती थी जो एक
सब के लिये बाथरूम था, हॉल मे. हम जहा पढ़ते थे वो हॉल बाथरूम के जस्ट
पास ही था. और वो जब टायलेट करती थी तो उसका मूत इतने प्रेशर के साथ
निकलता था की उसकी आवाज़ हमारे कानो तक जाती थी. बस यही तमन्ना मन मे
होती थी के एक बार उसके साथ सेक्स करने को मिल जाये तो ज़िंदगी हसीन हो
जाये.ऐसे ही दिन गुज़रते गये, और कुछ दिन बाद हमारे सर जो वहा के एक
स्कूल मे टीचर थे, उनका ट्रान्सफर हो गया. तभी सर ने हमसे कहा की उनका
ट्रान्सफर हो गया है इसलिये हम किसी और टीचर का इंतजाम कर लें. फिर सर ने
एक राय दी और कहा की उनकी बीवी भी वो ही सब्जेक्ट पढ़ाती है, अगर हम
चाहे तो उनसे कोचिंग ले सकते हैं. क्योकी सर का ट्रान्सफर कुछ समय के लिए
ही हुआ था और उन्हे अभी फैमिली ले जाने का ऑर्डर और फ्लेट नही मिला था.
इसीलिये सर अकेले जा रहे थे. मेरे सभी दोस्तों ने मना कर दिया और दूसरे
टीचर को जॉइन कर लिया. मगर मैं सोनिया मेडम से कोचिंग लेने को राज़ी हो
गया. सर ने भी मुझे थैंक्स कहा. जब सर जाने लगे तो उन्होने मुझे कुछ बाते
बताई की मैं अपनी टीचर का ध्यान रखूं, अगर उन्हे कोई चीज़ चाहिये तो
उन्हे ला दूँ, आदि और मैने सर को भरोसा दिलाया की मैं ऐसा ही करूँगा. फिर
सर चले गये.
मेडम घर मे एकदम अकेली. उनको कोई बच्चा भी नही था. फिर मैंने मेडम से
कोचिंग लेना शुरू कर दिया और कुछ ही दिन मे मैं मेडम का दोस्त भी बन गया
और मेडम मेरी दोस्त बन गई. मैं मेडम का बहुत ख्याल रखता था और मेडम मुझे
एक स्टूडेंट की तरह बहुत प्यार भी करती थी. धीरे धीरे 1 महीना बीत गया.
फिर एक दिन मैने मेडम से कहा मेडम आपको सर की याद नही आती, मेडम ने कहा
याद तो बहुत आती है मगर कोई और रास्ता भी तो नही है. फिर मैने मेडम को
हिम्मत करके कहा मेडम एक बात पूंछू तो मेडम ने कहा तुम मुझसे कुछ बोलो
उससे पहले मैं तुम्हे एक बात बोलना चाहती हूँ. तो मेडम ने कहा की “जब हम
दोनो एक दूसरे का इतना ख्याल रखते हैं और दोस्त भी हैं तो फिर आज से तुम
मुझे मेडम नही बल्कि सोनिया बोलोगे.
और वैसे भी तुम पूरे दिन मेरे घर मे ही तो रहते हो इसलिये मुझे मेडम
सुनना अच्छा नही लगता.” मैं राज़ी हो गया.
फिर सोनिया ने कहा की तुम कुछ पूछ रहे थे तो मैने बहुत हिम्मत करके कहा
की सोनिया फिर मैं चुप हो गया और आधी बात मे ही रुक गया. तो सोनिया बोली
क्या बात है और मैने कुछ नही कहा. फिर उसने मुझे अपनी कसम दी और बोली कहो
ना नही तो मुझसे बात मत करना और मुझ से कोचिंग भी मत पढ़ने आना. मैने फिर
कहा की तुम बुरा तो नही मानोगी तो उसने कहा नही फिर मैं बोला की तुम्हे
क्या सेक्स करने का मन नही करता. ऐसा कहने पर सोनिया चुप हो गयी और मेरी
तरफ आश्चर्य से देखा. मैं डर गया था और मैने उसे सॉरी कहा तो उसने कहा की
तुम्हे सॉरी नही बल्कि मुझे तुम्हे थैंक्स कहना चाहिये.तुम्हे मेरा कितना ख्याल है और मेरे पति को मेरा ज़रा सा भी ख्याल नही.
और उसने मुझे मेरे गाल पर एक किस दिया. फिर हमने साथ मे डिनर किया और मैं
अपने घर चला गया. फिर कुछ दिन बाद, मैं एक दिन सोनिया के घर गया मगर वो
घर मे दिखाई नही दे रही थी. मैं हर एक रूम देख रहा था मगर वो कही नही थी.
फिर मैने बाथरूम का गेट खोला और मैने वो देखा जो मैने कभी सोचा भी नही
था. बाथरूम का गेट बन्द नही था और जैसे ही मैने गेट खोला तो देखा की
सोनिया अपने बाथरूम मे बैठी थी. उसका गाउन, ब्रा और पेन्टी पास ही मे रखे
थे.
वो एकदम नंगी थी और उसने अपने बाये हाथ की तीन उंगलीयां अपनी चूत मे घुसा
रखी थी और दाये हाथ से अपनी चूचि को दबा रही थी. उसकी आँखे बंद थी और वो
मज़ा ले रही थी. मैं करीब 5 मिनिट तक बिना कुछ कहे उसे देखता रहा. मेरा
लंड पूरा खड़ा और हार्ड हो गया था और मेरा मन कर रहा था की अभी उसे चोद
दूं. मगर मैने अपने आप को संभाले रखा. कुछ देर बाद मैने कहा सोनिया यह
क्या! सोनिया बिल्कुल डर गई और अपनी उंगली बाहर निकाल कर अपने गाउन से
अपने जिस्म को ढकने लगी और मेरी तरफ देखती हुई अपने रूम मे चली गई. मैं
हॉल मे एक सोफे पर बैठ गया. कुछ देर बाद वो कपड़े पहन कर बाहर आई और मेरे
पास बैठ गई और कहने लगी. तुम्हे क्या पता एक शादीशुदा औरत इतने दिन अपने
पति के बगैर कैसे रह सकती है. सेक्स तो हर एक को चाहिये और ऐसा कह कर मुझ
से लिपट कर रोने लगी. फिर मैने उसे संभाला.
फिर उसने मुझे यह बात किसी से नही कहने को कहा, उसके पति से भी नही. में
राज़ी हो गया. फिर मैने कहा की अगर तुम्हे सेक्स की इतनी ही चाहत है तो
मैं तुम्हारी यह चाहत पूरी कर सकता हूँ. ऐसा कहने पर वो और ज़ोर से मुझसे
लिपट गई और मुझे फिर से एक किस दी और कहा “सच? क्या तुम मुझे प्यार
करोगे. और मेरे पति को भी नही बताओगे. तुम कितने अच्छे हो”. ऐसा कह कर वो
मुझे चूमने लगी और मैं भी उसे कस कर अपनी बाहों मे दबाने लगा. और कुछ देर
तक हम वैसे ही रहे. फिर मैं जाने की लिये उठने लगा तो उसने कहा कहा जा
रहे हो और मुझे कब प्यार करोगे. मैने कहा मैं शाम को 8 बजे आऊँगा. और फिर
में चला गया.
मैं शाम को उसके घर पहुँचा और अंदर गया तो देखा की उसने एक बहुत ही सुंदर
साड़ी पहन रखी थी. उसके बड़े बड़े बोबे उसके ब्लाउज से बाहर आने को तड़प
रहे थे. उसका पेट पूरा दिखाई दे रहा था. क्योकी वो शादीशुदा थी, उसका
जिस्म पूरा हरा भरा था. और मुझे ऐसी ही औरत अच्छी लगती थी. उसकी कमर बड़ी
बड़ी थी और गोल भी थी. वो पूरी गोरी नही थी पर उसका रंग बहुत ही मस्त था.
वो बहुत ही सुंदर और गर्म औरत थी. उसके होठ बड़े बड़े और आँखे मोटी मोटी
थी. उसकी उंगली लंबी लंबी थी. वो सर से पैर तक चोदने लायक थी. उसे देख कर
ऐसा लगता था जैसे वो चुदवाने के लिये बिल्कुल तैयार है. वो मुझे अपने
कमरे मे ले गई और अपने बेडरूम का गेट बंद कर दिया. उसके बाल खुले थे.
मैने उसे कहा, की आज मैं उसे हर तरह से खुश और उसकी सेक्स की गर्मी को
ठंडा कर दूँगा. वो मुस्कुरा कर बोली चलो देखते हैं.
उसके ऐसा कहने पर मेरा लंड और गर्म हो गया. और मैने उसे अपनी बाहों मे भर
लिया और उसके होठों को चूमने लगा. फिर मैने उसे बेड पर बिठाया और उसके
पेट पर अपना हाथ फेरने लगा. वो भी फिर जोश मे आने लगी और मेरे सिर के बाल
को सहलाने लगी. मैने उसकी चूचियों को अपने एक हाथ से ज़ोर से पकड़ लिया
और दबाने लगा. उसे पहले तो थोड़ा दर्द होने लगा और फिर शांत हो गई और मैं
उन्हे दबाता रहा और ऐसा करते करते उसकी साड़ी के पल्लू को उपर से गिरा
दिया. और धीरे धीरे उसकी साड़ी खोल दी. वो अपने लहँगे मे और ब्लाउज मे
थी. फिर उसने मेरी शर्ट, और पेन्ट को उतार दिया. मैं सिर्फ़ चड्डी मे था.
उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरे उपर सो गयी और मेरी छाती को चूमने और
चाटने लगी. उसके ऐसा करने पर मुझे लगा की इसे पूरा एक्सपीरियेन्स है. और
मुझे फिर उसकी चूत की गर्मी का भी एहसास हो गया. वो मुझे कुछ देर तक
चूमती रही और कहा की तुम मेरी चूचि का मज़ा नही लेना चाहते और ऐसा कहते
कहते उसने अपना ब्लाउज उतार दिया. उसकी दोनो बड़ी बड़ी चूचियों को देख कर
मैं हैरान रह गया. उसकी निपल ब्राउन रंग की थी और उसके बोबे का रंग
बिल्कुल गोरा था. मैने उसे एक बार मे बेड पर लेटा दिया और उसके उपर चढ़
कर उसके एक बोबे को चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा. वो ज़ोर से आहे
भरने लगी और मुझे और ज़ोर से दबाने को कहा. मैने ऐसा ही किया. उसने मेरे
सिर को पीछे से पकड़ कर ज़ोर से अपने बोबे पर रगड़ने लगी. ऐसा लगता था
जैसे वो अपने पूरे बोबे को मेरे मुहँ मे भर देना चाहती है. कुछ देर बाद
मैने उसके लहँगे का नाडा खोल दिया और उसे उतार कर फेक दिया.
वो एक सुंदर फूलो वाली गुलाबी रंग की पेन्टी पहनी हुई थी. उसे देख कर ऐसा
लग रहा था की अभी अपना गर्म लंड उसकी चूत मे घुसा दूँ. उसकी गोरी जाघें
मोटी मोटी और अच्छी शेप मे थी. मैने उससे पूछा की तुम अपने पति के साथ
सेक्स कैसे करती हो. तो उसने कहा की वो मुझे ज़्यादा मज़ा नही देते. मेरी
चूचि को कुछ देर चूसते हैं और अपना लंड मेरी चूत मे डाल देते हैं और कुछ
ही देर मे झड़ जाते हैं. मुझे तो झड़ने का मौका ही नही मिलता. तुमने मुझे
जिस दिन बाथरूम मे उंगली करते देखा था वो तो मे उनके होते हुये भी करती
हूँ. मैने कहा और कुछ नही करती हो. उसने कहा और होता ही क्या है. तो मैने
उससे कहा की तुम्हे तो अभी बहुत कुछ सीखाना बाकी है. उसने कहा सच, अगर
ऐसा है तो जल्दी करो ना. और ऐसा कहने पर मैने उसकी पेन्टी को धीरे धीरे
उतार दिया. मैने उसे बिल्कुल नंगी कर दिया था.
मैने पहली बार किसी औरत की चूत को ऐसे देखा था. उसकी चूत बिल्कुल टाइट
थी. उस पर हल्के हल्के ब्राउन रंग के बाल चारो तरफ थे. मैने फिर अपनी
चड्डी उतारी तो मेरा भी मोटा और 7″ इंच लम्बा लंड देख कर वो बोली की ऐसे
लंड से चुदवाने का मज़ा मुझे पहली बार आयेगा. मैने कहा इसे टेस्ट करना
चाहोगी. उसने कहा मुझे गन्द आती है. तो मैने कहा करके तो देखो. फिर मैने
उसे बिना कुछ कहे उसके दोनो पैर को चोड़ा किया और उसके पैरो के बीच में
बैठ कर उसकी चूत पर एक किस दे दी. ऐसा करने पर उसने कहा, तुम ऐसा मत करो.
तुम्हे घिन आयेगी. मैने कहा, इसी मे तो सारा मज़ा है. और फिर मैने उसे
अपनी जीभ से चाटना शुरू किया और उंगली से उसको फैलाने लगा.. ऐसा करने पर
उसे बहुत दर्द हो रहा था. उसने मुझे ऐसा नही करने को कहा मगर मैं कहा
सुनने वाला था. वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ भर रही थी. और मैं पूरी ज़ोर से
उसकी चूत को चूस रहा था. उसकी चूत मे एक बहुत ही सुंदर खुशबू आ रही थी.
उसकी चूत बहुत गर्म थी. मैं करीब 15 मिनिट तक उसकी चूत को चूसता रहा.
कुछ देर बाद उसे अच्छा लगने लगा. मैने उससे पूछा अब कैसा लग रहा है तो
उसने कहा अब कुछ अच्छा लग रहा है.
मैने फिर अपनी दो उंगली उसकी गरम चूत मे घुसा दी मगर उसकी चूत इतनी टाइट
थी की वो अंदर नही जा रही थी. मैं आप सब को एक बात बता दूँ. मैं बहुत
सारी ब्लू फिल्म देखता हूँ और मुझे मालूम है की किस लड़की को किस तरह
चोदना चाहिये. तो चूँकि उसकी चूत मे मेरी उंगली नही जा रही थी तो मैंने
उसकी चूत मे अपना थोड़ा सा मूत गिरा दिया. उसने पूछा यह क्यो तो मैने कहा
यह इसलिये ताकि तुम्हे दर्द नही हो. और ऐसा करने पर उसकी सुखी चूत गीली
हो गई और मेरी उंगली आसानी से अंदर चली गई और मैं उसे ज़ोर ज़ोर से अंदर
बाहर करने लगा. ऐसा करते करते उसका जिस्म काँपने लगा और उसने कहा की तुम
अपना मुहँ और उंगली वहा से हटा लो, मैं अब झड़ने वाली हूँ. मैने कहा मैं
उसे पीना चाहता हूँ इतना कहते कहते वो झड़ गई और में उसके पूरे रस को पी
गया और एक बूँद भी नही गिराया.
उसने कहा तुमने मुझे बहुत संतुष्ट किया है और मैं भी अब तुम्हारा लंड
चूसना चाहती हूँ. उसने भी मेरा लंड अपने मुहँ मे लिया और उसकी चमड़ी को
पीछे करके उसके अंदर वाले पार्ट को अपनी जीभ से लगाने लगी. मुझे बहुत
मज़ा आ रहा था. वो मेरा पूरा 7″ इंच लंबा लंड अपने मुहँ मे लेना चाहती
थी. उसके चूसने के कुछ देर बाद मैं भी झड़ने वाला था इसलिये मैने अपना
लंड उसके मुहँ से निकालना चाहा मगर वो भी वही करना चाहती थी जो मैने किया
मगर मेरे थोड़ा तन ने से मेरा लंड उसके मुहँ से बाहर निकल गया और मैं वही
झड़ गया और मेरा सारा रस उसके पूरे मुहँ मे पिचकारी की तरह चिपक गया, कुछ
उसके होठों पर, कुछ उसके गाल पर और चारो तरफ. वो उस पूरे रस को अपने
होठों और उंगली से चाटने लगी और उसका पूरा मज़ा लेने लगी.. फिर उसने मुझे
थैंक्स कहा और मेरे लंड को अपने होठों से चाट कर साफ कर दिया. और अब मुझे
अपना लंड उसकी चूत मे घुसाने को कहा. मैने ऐसा ही किया. मैने धीरे धीरे
अपने लंड को उसकी चूत मे घुसाने लगा मगर उसके घुसने से पहले ही वो चीख
पड़ी.
फिर मैने थोड़ा और ज़ोर लगाया और 4″ इंच उसकी चूत मे डाला. उसका दर्द और
बढ़ गया. वो और ज़ोर से छटपटाने लगी और मुझे बस करने को कहा. उसने कहा
“मेरे पति का लंड तो सिर्फ़ 5″इंच का ही है और अब मैं तुम्हारा 7″इंच
लंबा लंड कैसे घुसाऊँगी.” मैने कहा तुम उसकी चिंता मत करो और एक और झटका
लगाया और मेरा 7″ इंच लम्बा लंड उसकी चूत मे समा गया. उसकी आँखों से पानी
निकल पड़ा मगर मैं रुका नही और धीरे धीरे पूरा लंड उसकी चूत मे डाल
दिया. उसकी चूत बहुत गर्म थी. मैं अपने लंड को अंदर बाहर करता रहा. कुछ
देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी. वो अपनी कमर को
मेरे साथ साथ आगे पीछे करने लगी. चूँकि हम दोनो अभी अभी झड़े थे इसलिये
दोबारा इतनी जल्दी झड़ना मुमकिन नही था. इसलिये मज़ा और ज़्यादा आने लगा.
ऐसा करते करते कुछ देर बाद वो झड़ गयी. उसकी गर्म चूत गीली हो गई. और वो
शांत पड़ गई. मगर में रुका नही और मैं उसे चोदता रहा.
उसने मुझे अब रुकने को कहा मगर मैं रुका नही और अपना काम करता रहा. लगभग
10 मिनिट के बाद मैं भी झड़ गया और मैने अपना पूरा माल उसकी चूत मे गिरा
कर शांत हो कर उसकी बाहों मे सो गया. वो मुझे चूमती रही और मेरे उपर लेट
गई. कुछ देर बाद मैने उसे कहा, अभी तो और एक मज़ा बाकी है. उसने कहा वो
क्या. तो मैने कहा, अभी मैं तुम्हारी गांड मारूँगा जिसमे तुम्हे बहुत
मज़ा आयेगा. उसे उसके बारे मे कुछ नही मालूम था. उसे लगा इसमे भी बहुत
मज़ा आयेगा और वो राज़ी हो गई. फिर मैने उसे उसके बेड के एक कोने मे
कुत्ते की तरह खड़े होने को कहा और उसके दोनो हाथ बेड के उपर रख दिये.
उसका पैर ज़मीन पर और उसकी कमर बीच मे. फिर मेंने उसके मुहँ मे अपना लंड
डाल दिया ताकि वो कुछ गीली हो जाये.
फिर मैं अपने होठों से उसकी गांड चाटने लगा और उसे पूरी तरह गीली कर
दिया. उसे अच्छा लग रहा था. फिर मैने अपना लंड अपने हाथो मे लेकर उसके
गांड के छेद पर लगाया और अपने हाथो से पकड़ कर एक धक्का मारा. मेरे धक्के
मारते ही वो चीख पड़ी और कहा मुझे बहुत दर्द हो रहा. मैने कहा थोड़ा सहन
करो. पहली बार है ना. और फिर बार बार धक्का लगाते रहा, बार बार वो चीखती
रही और बार बार मेरा लंड कुछ अन्दर जाता रहा. और ऐसा करते करते मेरा लंड
4″इंच अंदर चला गया. उसने मुझसे रोते हुये उसे छोड़ देने को कहा. मगर
मैने उसे समझाया की बस कुछ देर बाद ही उसे मज़ा आयेगा. ऐसा कहने पर वो
मान गई और मैने फिर एक जोरदार धक्का लगा कर अपना लंड 1.5″ इंच और अंदर
डाला. ऐसा करते करते मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी गांड मे घुस गया और वो
ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ भरने लगी.
फिर मैने अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू किया और कुछ देर बाद उसे भी मज़ा
आने लगा. फिर मैने उसकी चूचियों को पीछे से पकड़ कर दबाने लगा और उसकी
गांड भी मारने लगा. ऐसा करते करते मैं झड़ गया और अपना पूरा रस उसकी गांड
मे डाल दिया. और फिर में उसे बेड पर लेकर लेट गया और उसकी चूचि चूसने
लगा. फिर मैं बेड पर लेट गया और उसे मैने अपने लंड पर बैठाया और सोनिया
ने धीरे धीरे मेरा सारा लंड अपनी गांड मे घुसवा लिया. वो मेरे लंड पर
नाचने लगी और मज़ा लेने लगी. उसने फिर अपनी लम्बी उंगली की बड़े बड़े
नाखून से मेरी गांड के आस पास की जगह को खरोचने लगी.
ऐसा करने पर मुझे बहुत आराम लग रहा था. फिर उसने मेरी गांड के छेद पर
अपने मुहँ का थूक गिराया और अपनी उंगली मेरे मुहँ के थूक से गीली करके
मेरी गांड मे अपनी उंगली घुसाने लगी. मुझे पहली बार बहुत दर्द हुआ और कुछ
देर बाद मज़ा आने लगा और वो करीब 15 मिनिट तक ऐसा करती रही. ऐसा करते
करते हम दोनो कब सो गये हमें मालूम ही नही चला. फिर सुबह हुई और हम दोनो
एक दूसरे के जिस्म से लिपटे हुये उठे. और जब भी मौका मिलता मैं उसे दिन
मे भी चोदने लगता. हम दोनो फिर हर रोज़ एक साथ सोने लगे और मैने उसे हर
एक स्टाइल मे चोदा और मज़ा दिया. हम ब्लू फिल्म भी साथ देखते और उस
स्टाइल मे एक दूसरे को चोदते. मैने उसकी गांड मार मार कर उसकी गांड को
चोड़ा कर दिया था जिससे वो और भी सुंदर लगती थी. मैने अपनी एक पुरानी
इच्छा भी पूरी करनी चाही.
मैने उससे कहा की जब मैं सर से पढ़ता था और जब तुम दोपहर को सोने के बाद
टायलेट करने जाती थी तो तुम्हारा प्रेशर सुनकर मुझे तुम्हारी चूत को
चाटने का मन करता था. तब उसने कहा की तुम अपनी इच्छा अभी पूरी कर लो. और
फिर वो बाथरूम मे गई, उसने मूतना शुरू किया उसी प्रेशर के साथ और मैने
उसके मूतते हुये अपना मुहँ उसकी चूत पर लगाया. उसका सारा मूत मेरे मुहँ
पर गिरने लगा और मैं उसका मज़ा लेने लगा. इस तरह जब मेरा मन करता मैं
सोनिया को चोदने लगता और वो भी पूरी चाहत के साथ मुझसे चुदवाती. फिर कभी
तो दोस्तो मुझे ज़रूर बताये की मेरी यह स्टोरी आपको कैसी लगी. और मैने
सोनिया को संतुष्ट करके अच्छा किया की नही…. मुझे अपने कमेन्ट जरुर देना

मैने दूसरा बोब्स चूसना स्टार्ट किया

indian boobs हेलो दोस्तों…
आशा करता हूँ आप को यह कहानी पसंद आएगी….मैं अपने भाई की शादी में गया
हुआ था. वहाँ मिली मुझे एक गाव की गोरी फूलमती… वो लड़की बेहद खूबसूरत
थी…। 24 को मेरे भाई की शादी थी। मैं अपने घर से 20 तारीख को ही चला गया।
क्योंकि गाव मे अक्सर लड़कियाँ आसानी से अपना सब कुछ दे देती हैं इसलिए
मैने जल्दी जाना ठीक समझा।
मैं जिस दिन पहुंचा उसी दिन मेरी नज़र फूलमती पर पड़ी. और उसने मुझे देख
कर स्माइल कर दिया. मैने जान लिया की इससे मेरी सेक्स की इच्छा पूरी हो
सकती है. जब मैने अपने भाई के दोस्तों से पूछा तो उन्होने बताया की लड़की
रंडी है. मैं तो मानो खुशी से उछल गया। मैने उससे पहले दिन ही पटा लिया.
और गाव की गोरी को पटाना कोई मुश्किल बात नही होती.
उसी रात मैने उससे भाई के घर के बाहर कमरे मैं बुलाया और सारा इंतजाम कर
लिया. हमारे घर के बाहर कमरे के पास लड़कियों का शोचालय था. इसलिए रात
को उसको आने जाने से कोई कुछ नही बोलेगा. यह हमने बनाया था। क्यूंकी
लड़कियों का बाहर जाना अच्छा नही होता और बाहर कमरे के बाहर मेरा दोस्त
पहरा दे रहा था।
मैने जब उसे देखा तो मेरे होश ही उड गये साली क्या दिखती थी और रात को
मानो कोई परी उतर आई हो ज़मीन पर। मैने उसे अपने पास बिटाया और उस से
ढेरों बात की और बात करते करते मेने उसे किस कर लिया. वो कुछ नही बोली.
और मैने उसके बोब्स को दबा लिया (उसने ब्रा नही पहनी थी… मज़ा आ गया ) और
वो हंसती रही..
मैने उससे कहा की चल आज रात यही सो जाते हैं वो बोली की वो नही रुक सकती…
तो मे बाहर निकला और अपने दोस्त को कहा की तू चल मैं आ रहा हूँ… मैं जब
लौट के आया तो देखा की फूलमती बैठी हुई है. और मुझे अपने पास बुला रही
है.. मैं उसके पास गया और बोला की मैं तेरे बारे मे सब कुछ जनता हूँ….
तो वो बोली क्या जानते हो…. मैने कहा की तू बहुत से लड़कों के साथ
सेक्स कर चुकी है… तो वो रोने लगी… मैने कहा क्या हुआ.. तो वो उठ कर
जाने लगी. मैने उससे रोका और पूछा क्या हुआ बता मुझे।फूलमती ने बताया की
वो पहले एक लड़के से प्यार करती थी… वो दोनो एक दूसरे से शादी भी करना
चाहते थे… वो उसके साथ सब कुछ कर चुकी थी और प्रेग्नेंट हो गयी थी. मगर
वो लड़का जब शहर जाकर काम ढूँढने लगा था. वहाँ एक ऐक्सिडेंट मे उसकी मौत
हो गयी.. और जब यह खबर उसको मिली वो भी मरने के लिए नदी मैं कूद पड़ी मगर
गाव वालों ने उसे बचा लिया… और जब उसकी माँ को यह बात पता चला तो वो उसे
लेकर अपने भाई के घर चली गयी।
उसकी माँ बहोत रोई थी. क्योंकि उसका बाप किसी और औरत के चक्कर मे था और
उनसे कभी मिलता भी ना था… वो बोली की उसकी माँ अपने पति को खो चुकी है
अपनी बेटी नही खोना चाहती… मगर तब तक देर हो चुकी थी. गर्भपात के लिए।
इसलिए उसने बच्चे को जनम देकर हॉस्पिटल मे ही उसे छोड़ दिया। मैं चौंक
पड़ा की यह सब क्या हो गया बेचारी के साथ.. उसने बताया की उसके बोब्स मे
दर्द होता है. क्योंकि बच्चे ने दूध नही पिया तो एक बार नहाते वक़्त वो
अपना दूध निकाल रही थी तो कुछ गाव के लड़कों ने उसे देख लिया… और यह खबर
फैला दी की वो एक रंडी टाइप की लड़की है।
अब मुझे और बुरा लगने लगा मैने उससे कहा की तू घर चली जा… मैं तुझे क्या
सोच रहा था… वो बोली तो क्या हुआ तुम औरों जेसे बिल्कुल नही हो। मैने
कहा कैसे तो वो बोली की तुम तो सिर्फ़ इतना जानकर ही मुझे जाने के लिए कह
दिया.. बाकी सब लड़के तो मुझे हमेशा परेशान करते रहते है.. मुझे मेरे
मुहं पर रंडी कह देते हैं. मगर तुमने नही कहा… यह अलग बात है की मैं सोच
रहा था मगर मैने कहा नही। फिर मुझे अचानक से याद आया की उसका दूध अब तक
निकल रहा है. मैने उससे पूछा की कब की बात है यह वो बोली कुछ ही हफ्ते
हुए हैं।
मेरा मन नाचने लगा. लेकिन मैं उससे क्या बोल पाता. मैने उसे कुछ नही कहा.
वो बोली दोस्त अब मैं चलती हूँ…. मैने कहा तुम मुझे अपना दोस्त मानती हो
ना… वो बोली अगर नही मानती तो आती क्या… ( गाव की लड़की बड़ी भोली भाली
बनती हैं मगर होती नही… जान लो) मैने कहा मैं तेरी मदद करना चाहता हूँ
वो बोली कैसे… मैने कहा तेरे बच्चे ने तेरा दूध नही पिया इसलिए तुझे दर्द
होता है.. वो बोली हां… मैने कहा मैं तेरा दर्द कम करना चाहता हूँ… वो
चुप हो गयी. मैने कहा क्या हुआ।वो बोली किसी को बताना मत मैने कहा दोस्त
भी कहती है और भरोसा भी नही करती… वो बोली ठीक है… मैने लाइट बुझाया और
मैने उसे बेड पर बिटाया और उसकी गोद मे सर रखके लेट गया। उसने अपना
कुर्ता उठाया और थोड़ी आगे की और झुक गयी. उसके बोब्स मेरे होठों को छू
रहे थे। मैने अपना मूह खोला और उसके बोब्स को अपने मूह से चूसने लगा. वो
आ.. आ.. कर रही थी. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।
मैं चूसते वक़्त उसका दूसरा बोब्स को दबा रहा था. कुछ देर मे उसका एक
बोब्स खाली हो गया. और मैने दूसरा बोब्स चूसना स्टार्ट किया. वो मेरे
बालों को सहलाती तो कभी ज़ोर से मेरा सर अपने बोब्स से लगा लेती। मैने
धीरे धीरे उसके बोब्स का दूध खत्म कर दिया और फिर उसने मुझे ज़ोरदार किस
किया और उसने बाय कहा… । मन तो कर रहा था की पकड़ के फाड़ दूँ साली कि
चूत मगर मैने सोचा की इतना जल्दी भी आगे बढ़ना ठीक नही….हो सकता है।
उसका मन ना हो अगर मैने ज़बरदस्ती की तो शायद मेरे नसीब मे दूध भी ना हो…
इसलिए मैने उससे जाने दिया. दूसरे दिन आस पास के गाव वाले सब शादी की
तेयारी के लिए मदद करने आए थे. वो और उसकी माँ भी आई थी। मैं उसकी माँ
से मिला और मैने नमस्ते किया. वो मुझे नही जानती थी. फिर मैने अपने पापा
और मम्मी का नाम बता कर उनसे अपनी पहचान बढ़ायी. वो बोली कितना बड़ा हो
गया है तू… पहचान मे नही आ रहा।
मैने कहा आपको बड़ी मम्मी बुला रही थी आप जाकर उनसे मिलिए…. वो चली गयी
और मैं उसकी बेटी का हाथ पकड़ा और मेरे कमरे मे ले गया. वो बोली कोई आ
जाएगा। मैने कहा कोई नही आएगा और उसे किस करने लगा. ओर उसके बोब्स दबाने
लगा। उसने मुझे दूर किया और कहा रात का तो इंतेज़ार करो… मैने कहा नही
हो रहा है… वो बोली थोड़ा सब्र करो.. और मुस्कुरा के चली गयी. मैं उसके
आस पास ही भटकता रहता और किसी बहाने उसे छू लिया करता था. और वो मुस्कुरा
देती।
शाम को उसकी माँ ने कहा की आज से यहीं रुक जाते हैं… बहुत काम है और
कितना जाना आना करेंगे… मुझसे कहा की मैं फूलमती के साथ जाकर उनके और
उसकी बेटी के कपड़े ले आऊँ. मैने कहा ठीक है… और हम शाम को उसके घर चले
गये।
उसका घर हमारे घर से कुछ ही दुरी पर था. मैने रास्ते में उसे कहा की तू
कपड़े लेने जा रही है मगर मैं तो तेरे घर पहूंचते ही तेरे कपड़े उतार
दूँगा… वो हसंने लगी.
मैने जैसे ही उसके घर के अंदर कदम रखा. मैने दरवाज़ा बंद कर दिया और उसकी
और बढ़ने लगा. वो मुस्कुरा रही थी। मैने कहा आज मैने खाना नही खाया मुझे
भूख लगी है… वो बोली रूको मैं बिस्कट देती हूँ,.. मैने कहा मुझे दूध
पीना है.. वो बोली अच्छा इसलिए मेरा बच्चा मेरे साथ आया है.. मैने कहा
हा.. तो उसने कहा चलो…. मैने कहा एक मिनिट… और मैने उसके कपड़े उतारे और
उसकी ब्रा खोल दिया. उसने कहा मुझे शर्म आ रही है।
मैने कहा ठीक है लाइट बुझा देते हैं… फिर मैने झुक कर उसके बोब्स से दूध
पीने लगा और दूसरे के साथ खेलने लगा. उसने कहा जल्दी करो… घर भी जाना
है… मैं तो भूल ही गया था। मैने तोड़ा तोड़ा दूध दोनो से पिया और कपड़े
लेकर वहाँ से चले आये। उस रात हम फिर दोनो बाहर कमरे मे गये और मैने उसका
दूध फिर से पिया और हम दोनो ने सेक्स भी किया। मगर स्टाइल ज़रा अलग था।
हमने एक छोटा सा नाटक खेला. मैने कहा तू सो जा मैं आता हूँ.. वो लेट गयी
और थोड़ी देर बाद मैं आया और मैने अंडरवेयर के सिवा कुछ नही पहना था।
मैने कहा मम्मी मम्मी मुझे भूख लगी है… वो हंसने लगी मैने कहा मम्मी मुझे
भूख लगी है… वो बोली आजा मेरा बच्चा… और मैं उसके साइड मे जाकर लेट गया।
उसने अपने लेफ्ट साइड से कुर्ता उठाया और अपना ब्रा खोला. मैं साइड से
उसके बोब्स के उपर अपना मूह लगाया और दूध पीने लगा।
मैने कहा की पुरे कपड़े उतार दो… उसने उतार दिए. और मैं बोब्स से दूध
पीने लगा। मैने दोनो बोब्स के दूध को खत्म कर दिया और अब मैने उसका
सलवार खोला उसने कुछ नही कहा। मैने अपना हाथ उसके पेंटी के अंदर डाल दिया
और उसकी चूत को सहलाने लगा. थोड़ी देर मे ही वो मुझसे लिपट गयी और मुझसे
आगे बढ़ने को कहा। मैने आपना लंड निकाला और उसकी टाँगो पर लंड से सहलाने
लगा. वो कहने लगी और कितना तड़पाओगे…..।
फिर मैने अपनी और उसके पुरे कपड़े उतार दिए और उसके उपर चड गया. और मैने
अपना लंड उसकी चूत मे डाल दिया.. ( दोस्तों सेक्स के टाइम कॉंडम का
इस्तेमाल ज़रूर करें ) फिर हमने सेक्स किया और मैने बीच बीच मैं उसके
बोब्स को चूसने लगा. वो कहती है पी लो ताकत आ जाएगी और हम हंस पड़ते और
फिर स्टार्ट कर देते. उस रात वो मेरे साथ ही रुकी और हमने ढेरो बातें की
और एक दूसरे को पूरी रात किस किया और एक दूसरे को छूते रहते. और सुबह
सुबह वो शौच के बहाने से चली गयी।
तीसरे दिन हम दोनो ने गाव के जंगल को घूमने का फ़ैसला किया. मैने उनकी
माँ से पूछा और वो मान गयी. फूलमती को मेरे साथ जाने दिया। मेरे दोस्तों
ने भी जाने की ज़िद्द की मगर मैने उन्हे सॉफ मना कर दिया की मेरे होते
हुए कोई उसके साथ गलत काम नही कर सकता.. वो लोग कहते रहे और मैं चल पड़ा
तभी मेरा दोस्त राजू अपनी गर्लफ्रेंड विमला के साथ आया और वो भी हमारे
साथ चल पड़ा।
मैं जब जा रहा था तो मैने पूछा की यहा कोई नदी है. उन्होने कहा की झरना
है… मैने राजू को अपने से घर से टॉवेल और साबुन लाने के लिए कहा.. और
फूलमती अपने घर से अपने लिए और राजू की गर्लफ्रेंड के लिए कपड़े लेकर आ
गयी। उस जगह पहूंचने के बाद मैं और राजू अंडरवेयर मे ही चले गये झरने के
पास और वहाँ नहाने लगे। थोड़ी देर मे फूलमती और विमला भी टॉवेल मे आ गयी।
मैने राजू को आँख मारी और हम दोनो झरने का पानी जो जमा हुआ था. उसके अंदर
कूद पड़े वहीं से झरने के पास जाया जा सकता था। जब विमला और फूलमती वहाँ
उतरे मैं और मेरा दोस्त अंदर से उनके पास पहुच कर उनको पकड़ लिया। दोनो
डर गयी और हमसे लिपट गयी. राजू ने मेरी तरफ देखा और आँख मारी। फिर हम
लोग साथ साथ नहाने लगे और खूब मस्ती की एक दूसरे को साबुन लगाया (जान लो
हर जगह लगाया) उन्होने भी हमे लगाया और हम नहाते नहाते जोश मे आ गये।
मैने राजू को थोड़ी दुर जाने को कहा राजू समझ गया और फिर मैने फूलमती की
टॉवेल खोल दी और पानी के अंदर गर्दन तक गहराई में उसे ले आया और अपने
अंडरवेयर को तोड़ा साइड करके उसके पास ले आया वो बोली क्या कर रहे हो..
मैने कहा प्यार कर रहा हूँ करने नही दोगी क्या… वो बोली राजू और विमला…..
मैने कहा इसलिए तो दुर भेजा उन्हे और मैने अपना लंड उसकी चूत मे डाल दिया
और खड़े खड़े हम दोनो ने सेक्स करना स्टार्ट कर दिया. मैने जब राजू की
और देखा तो वो भी स्टार्ट हो चुका था। हम दोनो ने अपनी अपनी बोट चला दी
पानी मे.
दोपहर को जब हम लौटे तो विमला और फूलमती काम करने के लिए चले गये और मैं
और राजू मेरे कमरे मे. मैं और राजू बचपन मे बहोत मस्ती करते थे। फिर वो
काम के सिलसिले मे बाहर चला गया और में मम्मी पापा के साथ शहर आ गया था
पढ़ाइ करने। राजू ने कहा की विमला उसके साथ ही रहती है वो दूसरे जात की
थी. इसलिए दोनो के घर वालों ने शादी के लिए रजामंदी नही दी तो वो एक साथ
शहर मे रहने लगे. उनका एक बेटा भी है जो अभी अपनी नानी के साथ था।
मैने जब सुना मैं चौंक गया. मैने कहा की मैं तबसे विमला को तेरी
गर्लफ्रेंड सोच रहा था. तो वो हंसने लगा. उसने कहा धन्यवाद आज के लिए।
मैने कहा क्या हुआ. उसने कहा की कई दिनों से वो यहाँ आया हुआ है मगर
अपने घर मे उसे जाने नही देते और उसके ससुराल मे वो अपनी बीवी के साथ सो
नही पाता. मैने उससे कहा की वो और उसकी बीवी यहीं हमारे घर मे रुक जाए
और रात का इंतजाम मैं कर दूँगा। उसने कहा धन्यवाद यार… मैने कहा कोई बात
नही..
उस रात मैने फूलमती को समझा दिया की विमला को लेकर बाहर कमरे चली जाये
सोने के लिए… और मैं और राजू रात को आएँगे…. जब मैं और राजू वहाँ पहूंचे
तो विमला और फूलमती अपने अपने कुर्ते को उठाए हुएँ हैं. कभी विमला तो कभी
फूलमती बच्चे को दूध पीला रही है. यह देखकर हम बाहर आ गये. राजू बोला की
फूलमती किसे दूध पीला सकती है.. ( मैने उसे सब कुछ बता दिया…) उसने कहा
की वो फूलमती के साथ सेक्स करना चाहता है… मैने कहा तेरी बीवी को कोई
प्रोब्लम नही.. उसने कहा नही… मैने पूछा कैसे तो उसने बताया की जब उसकी
गर्लफ्रेंड प्रेग्नेंट थी तो उसकी गर्लफ्रेंड खुद उसे पैसा देती और कहती
जाओ बाहर से रंडी के साथ सेक्स कर के आओ… मैं चौंक गया… मैने कहा तेरी
बीवी….. वो बोला हां बे ठीक है.. वो भी कुछ नही बोलेगी… मै बहुत खुश
हुआ। फिर हम दोनो अपनी अपनी को लेकर बात करने चले गये जब लौटे तो सब हंस
पड़े।विमला मेरे पास आई और बोली की एक मैं मुन्ना है एक तुम ले लो… मैने उसे
बिठाया और और एक तरफ बच्चा और दूसरी तरफ मैं उसका दूध पीने लगा. वो बोली
तोड़ा आराम से बच्चों की तरह पियो… मैने कहा ठीक है…. और थोड़ी देर मे
बच्चा सो गया और मैने दूसरा बोब्स भी स्टार्ट कर दिया। मैं जब उठा तो
मैने देखा की राजू भी बच्चों की तरह दूध पी रहा है. फिर मैं फूलमती की और
बड़ा और मैने उसका दूसरा बोब्स चूसने लगा. विमला पीछे से आई और राजू उसकी
और पलट गया और उसका बोब्स चूसने लगा। हम दोनो कभी विमला तो कभी फूलमती का
बोब्स चूसते रहे।
फिर हम दोनो ने विमला और फूलमती दोनो को चोदा. जैसे दूध पीते रहे वेसे ही
सेक्स करते रहे कभी यहाँ तो कभी वहाँ…. यह सिलसिला भाई की शादी के बाद और
दो दिनो तक चलता रहा. मैने और राजू ने बहुत मज़ा किया।
मैं आशा करता हूँ की ऐसा मौका मुझे बार बार मिले और मैं हमेशा दूध पीता
बच्चा बना रहूं…….. जब तक मैं ज़िंदा हूँ तब तक मैं किसी ना किसी का दूध
ज़रूर पीता रहूँगा

Sunday, December 23, 2018

जयपुर घूमने आई लड़की

मेरा नाम सौरव है मैं जयपुर का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 28 वर्ष है और मैं हैंडीक्राफ्ट का काम करता हूं। मेरी जयपुर में ही एक हैंडीक्राफ्ट की दुकान है, मुझे वह काम करते हुए 3 वर्ष हो चुके हैं। मेरे पिताजी और मैं साथ में ही काम करते हैं और हमारे पास से बहुत सारे कस्टमर सामान लेकर जाते हैं। मेरे पिताजी ने हीं यह काम शुरू किया था। पहले वह खुद ही सामान बनाते थे लेकिन अब हम लोग सामान खरीदते हैं और उसके बाद ही हम लोग कस्टमर्स को बेचते हैं। जब मेरे पिताजी को समय मिलता है तो वह कभी कभार खुद ही सामान बना लिया करते हैं। वह हैंडीक्राफ्ट के बहुत अच्छे कारीगर हैं और इसी वजह से उन्हें बहुत अच्छी जानकारी भी है। मैंने भी उनसे थोड़ा बहुत काम सिखा है लेकिन उनकी तरह मुझे पूरा काम नहीं आता, मैं सिर्फ कस्टमर को ही देखता हूं और उन्हें सामान बेचता हूं। जयपुर घूमने के लिए कई विदेशी कस्टमर भी आते हैं और वह भी हमारी दुकान से सामान लेकर जाते हैं।
मैं सब लोगों को अपना विजिटिंग कार्ड देता हूं ताकि वह कभी दोबारा आए तो मुझसे ही सामान लेकर जाएं। मैं सामान का रेट भी बहुत कम रखता हूं इसलिए मेरी दुकान पर काफी कस्टमर आते हैं। एक बार मेरी दुकान पर एक लड़की आई और उसने कुछ सामान खरीदा  तो जब वह मुझे सामना के पैसे दे रही थी तो वह पैसे देने के लिए अपने बैग में अपना पर्स देख रही थी लेकिन उसका पर्स घर ही छूट गया था। उसके पास काफी बड़ा बैग था और वह जिस होटल में रुकी थी उसका पर्स शायद वही छूट गया। वह मुझसे कहने लगे कि आप यह  सामान रख दीजिए क्योंकि मैं पैसे होटल में ही भूल आई हूं। मैंने उसे कहा कि आप यह सामान ले जाइए और जब आप होटल में जाएं तो मुझे आप पैसे देने आजायेगा। वह पहले मना कर रही थी लेकिन जब वह सामान ले गई तो मैंने उसे अपना विजिटिंग कार्ड उन्हें दे दिया और उसने मुझे अपना फोन नंबर दे दिया था। उसका नाम गीतिका है और जब वह अपने होटल में गई तो शाम के वक्त वह मेरी दुकान पर आई और उसने मुझे पैसे दे दिए। जब उसने मुझे पैसे दिए तो वह मुझे कहने लगी कि आपने  मुझ पर इतना भरोसा क्यों किया। मैंने उसे कहा कि आप एक अच्छे घर की लग रही हैं  इसीलिए मैंने आप पर भरोसा किया।
उसके बाद वह मेरे साथ काफी देर तक बैठी रही और मैंने उससे उसके बारे में पूछा। वह कहने लगी कि मैं कॉलेज में पढ़ती हूं और दिल्ली की रहने वाली हूं, मैं कुछ दिनों के लिए यहां घूमने आई हुई हूं। मैंने उससे पूछा कि तुम्हें कितने दिन हो गए जयपुर आए हुए, वह कहने लगी कि मुझे काफी टाइम हो चुका है। मैं अपने कॉलेज से पीएचडी कर रही हूं और मैं राजस्थान के ऊपर प्रोजेक्ट बना रही हूं, इसी वजह से मैं जयपुर आयी हूं क्योंकि जयपुर से सब जगह जाना आसान पड़ता है। मैंने उसे कहा कि यदि तुम्हें मेरी किसी भी प्रकार की मदद की आवश्यकता हो तो तुम मुझे बेझिझक बता देना। वह कहने लगी ठीक है मुझे जब भी आप की जरूरत पड़ेगी तो मैं आपको जरूर बता दूंगी। उसके पास मेरा नंबर था। उसके बाद वह मेरी दुकान से चली गई और उसने मुझे सामान के पैसे भी दे दिए थे। कुछ दिनों बाद उसका मुझे फोन आया और मुझसे मिलने के लिए आ गई, मैं उस दिन दुकान पर ही था और जब वह मुझसे मिली तो वह मेरे साथ ही बैठी हुई थी। मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा प्रोजेक्ट कैसा चल रहा है, वह कहने लगी प्रोजेक्ट तो अच्छा चल रहा है और अब कुछ दिनों बाद मेरा प्रोजेक्ट खत्म भी होने वाला है क्योंकि मैंने लगभग सारी जगह कवर कर चुकी हूं। मैंने गीतिका से कहा कि यदि तुम्हारा प्रोजेक्ट खत्म होने वाला है तो तुम मेरे साथ आज मेरे घर पर ही चलो, मैं तुम्हारे लिए घर पर ही खाना बनवा देता हूं। वह मेरे घर आने के लिए तैयार हो गई और जब वह मेरे साथ मेरे घर आई तो मैंने उसे सब लोगों से परिचय करवाया। वह मेरे घर वालों से मिलकर बहुत खुश हुई  और मेरे घरवालों के साथ उसने अच्छा समय बिताया। उसके बाद जब उसने हमारे घर पर खाना खाया तो वह मेरी मां की बहुत तारीफ करने लगी और कहने लगी कि तुम्हारी मां ने बहुत ही अच्छा और स्वादिष्ट खाना बनाया है।
हम लोग खाते खाते भी काफी बात कर रहे थे। खाना खाने के बाद हम लोग कुछ देर बैठे रहे हैं और उसके बाद गीतिका कहने लगी कि अब मुझे चलना चाहिए। मैं गीतिका को आधे रास्ते तक छोड़ने गया और उसके बाद वह अपने होटल चली गई। जब वह अपने होटल गई तो उसने मुझे होटल से फोन कर दिया और कहने लगी कि मैं होटल पहुंच चुकी हूं। मैंने उसे कहा था कि जब तुम होटल पहुंच जाओ तो मुझे एक बार सूचित कर देना। गीतिका जब दिल्ली वापस जा रही थी तो वह एक दिन पहले मुझसे मिलने आई और कहने लगी कि मैं कल दिल्ली वापस चली जाऊंगी। मैंने उसे कहा कि तुम्हारा प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है, वह कहने लगी हां मेरा प्रोजेक्टर पूरा हो चुका है इसलिए मैं दिल्ली जा रही हूं। उसने मुझे कहा कि तुमने मुझे अपने घर पर बुलाया था इसलिए मैं आज शाम को तुम्हें अपनी तरफ से एक छोटी सी पार्टी देना चाहती हूं। मैंने उसे कहा कि ठीक है मैं शाम को तुम्हें मिल जाऊंगा। जब शाम को मैंने दुकान बंद कर दी तो उसके बाद मैं गीतिका से मिलने के लिए चला गया। गितिका जिस होटल में रुकी थी हम लोग उसी होटल के रेस्टोरेंट में बैठ गए। उसके रेस्टोरेंट से जयपुर बहुत ही सुंदर दिखाई दे रहा था। मैंने उसे कहा कि मैं आज पहली बार ही इस होटल में आया हूं, यहां से जयपुर बहुत ही अच्छा दिखाई दे रहा है। रात भी काफी हो चुकी थी और हम दोनों ने उसके बाद खाने का ऑर्डर दिया और जब तक कुछ आता तब तक हम दोनों ही बात कर रहे थे। मुझे गीतिका से मिलकर बहुत अच्छा लगा।
उससे मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हो चुकी थी और वह भी मेरे साथ अपने आप को बहुत कंफर्टेबल महसूस करने लगी। जब हम लोगों का ऑर्डर आ गया तो उसके बाद हम लोगों ने अपना डिनर किया और अब हम दोनों ऐसे ही बैठे हुए थे। काफी देर तक मैं गीतिका से बात करता रहा था। मैंने गीतिका से पूछा कि जब तुम्हारा प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा तो उसके बाद आगे तुम क्या करने वाली हो, वह कहने लगी कि मैं विदेश चली जाऊंगी और वहीं पर जॉब करने की सोच रही हूं, मैं भी गीतिका के लिए अपने दुकान से कुछ गिफ्ट लाया हुआ था। वह मेरे पिता जी ने खुद अपने हाथों से बनाया था। जब मैंने वह गीतिका को दिया तो वह बहुत खुश हुई और कहने लगी यह बहुत ही अच्छा है। मैंने उसे बताया कि यह मेरे पिताजी ने खुद अपने हाथों से बनाया है। गीतिका बहुत ही खुश थी। हम दोनों साथ में ही बैठे हुए थे और आपस में बात कर रहे थे। हम दोनों को बात करते हुए काफी टाइम हो चुका था उसके बाद हम लोग गीतिका के रूम में आ गए। जब हम लोग रूम में आए तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जब मैंने उसका हाथ पकड़ा हुआ था। मैंने जैसे ही उसके हाथ पर अपने होठों से चुमा तो उसे बहुत अच्छा महसूस हुआ उसने मुझे किस कर लिया। वह मुझे बड़े अच्छे से किस कर रही थी मैंने भी अब उसे किस करना शुरू कर दिया। मैंने गीतिका के होठों को काट दिया था जिससे कि खून निकलने लगा था। मैं उसके स्तनों को दबा रहा था मैंने ऐसे ही उसके स्तनों को दबाया। उसके बाद वह पूरे मूड में आ चुकी थी और उसने अपने हाथों से मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और उसे हिलाने लगी वह मेरे लंड को चूस रही थी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसने काफी देर तक मेरे लंड को ऐसे ही सकिंग किया। उसने अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को ले लिया था और बड़े अच्छे से चूस रही थी मुझे  बहुत अच्छा महसूस होता जब वह अपने मुंह मे मेरे लंड को ले रही थी। मैंने उसके बदन को देखा तो मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा गया उसके गोल गोल चूचे थे और बहुत ही गोरे थे।
मैंने अपने मुंह मे चूचो को ले लिया और चूसने लगा। मैं जब उसकी चूत को चाट रहा था तो उसे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और वह कहने लगी तुम बहुत ही अच्छे से मेरी चूत को चाट रहे हो। उसके बाद मैंने उसकी चूत मे उंगली डाली तो उसे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। उसकी योनि से पानी बाहर निकलने लगा था मैंने उसकी योनि के अंदर जैसे ही अपने लंड को डाला तो वह मचलने लगी उसकी योनि से खून निकलने लगा। वह मुझे कहने लगी मैंने आज से पहले किसी के साथ सेक्स नहीं किया। मैं उसे बहुत तेज झटके दे रहा था उसने भी अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और बडे अच्छे से वह मेरा साथ देने पर लगी हुई थी वह मादक आवाज निकाल रही थी और मुझे अपनी तरफ आकर्षित करती जाती लेकिन मैं भी ज्यादा समय तक उसकी चूत की गर्मी को नहीं झेल पाया जैसे ही मेरा माल  गीतिका की चूत में गया तो उसे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा। उसके बाद उसने अपनी चूत को साफ किया हम दोनों कुछ देर ऐसे ही बैठे हुए थे। उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया बहुत  अच्छे से हिलाने पर लगी हुई थी। मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो गया और मैंने उसे घोड़ी बना दिया। जब मैंने उसे घोड़ी बनाया तो उसकी योनि में मैंने अपने लंड को डाल दिया और जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में घुसा तो वह चिल्लाने लगी लेकिन मैं उसे बड़ी तेजी से झटके मार रहा था उसे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है जब तुम मुझे चोद रहे हो। जब वह झड गई तो उसने अपनी योनि को टाइट कर लिया जैसे ही मेरा वीर्य उसकी चूत मे गिरा गया तो उसे बहुत अच्छा लगा। उसके बाद हम दोनों ही एक दूसरे को पकड़ कर सो गए अगले दिन वह दिल्ली निकल गई लेकिन मैं भी उसे दिल्ली मिलने के लिए गया और कई बार मैंने उसे वहां भी चोदा।

Wednesday, December 12, 2018

मेरी छोटी बहन की चुत की तड़फ

हाय फ्रेंड्स.. मेरा नाम बिक्की अरोड़ा है. मैं पंजाब के पटियाला का रहने वाला हूँ. मैं अन्तर्वासना पर बहुत सारी सेक्स स्टोरी पढ़ चुका हूँ और आज भी नियमित रूप से सेक्स कहानी पढ़ने के लिए सबसे पहले अन्तर्वासना साईट को ही खोलता हूँ. इधर की रंगीन कहानी पढ़ कर आज मेरे मन में एक विचार आया कि क्यों न मैं भी आप सभी अपनी आंखों देखी घटना आप सब को बताऊं.
चूंकि हर चीज़ शेयर करने का एक प्लॅटफॉर्म होता है और जब कोई साईट पर आपकी गोपनीयता बनी रहने की उम्मीद होती है, तो मुझे क्या, किसी को भी अपनी बात खुल कर रखने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए. आज इसी विचार को लेकर मुझे हिम्मत मिली और मैं अपना अनुभव आप सबके साथ शेयर कर रहा हूँ.
यह घटना मेरी छोटी बहन के साथ की है जो अभी पढ़ रही है. यह बात उन दिनों की है जब हमारा पूरा परिवार अपने मामा के घर रहने घूमने गया था. वैसे तो मैं अपनी बहन के बारे में कोई निगेटिव बात दिमाग़ में नहीं लाता था, पर एक घटना ने मुझको झकझोर के रख दिया. यह घटना मेरी आंखों के सामने हुई, पर मैं कुछ ना कर सका बल्कि उसी बहाव में खुद बह गया.
मेरी बहन, जिसका नाम पल्लवी है, को मैं अक्सर देखता था कि वो जब भी सोती थी, तो वो कमरा बंद करके अकेले ही सोती थी. मेरे मन में कुछ कुछ संदेह सा होता था.. क्योंकि वो उम्र के जिस दौर से गुजर रही थी, वो मैं पार कर चुका था.. इसलिए मुझे इस बात का गहरा अनुभव था.
जब हम सभी मामाजी के घर पर थे. तो एक दिन की बात थी, मैं मामा जी के घर की छत पर टहल रहा था. तभी बगल के घर की खिड़की से एक लड़का दिखा. उसका नाम करण था, वो किसी को फ्लाइयिंग किस दे रहा था. मैं कुछ समझ नहीं पाया.
मैंने जब छत से नीचे आके देखा तो वो मेरी बहन के कमरे की ओर देख कर किस कर रहा था. मेरी बहन रूम बंद करके अन्दर थी. मैं फिर से छत पर आ गया.. और उसको छुप कर देखने लगा.
कुछ देर बाद करण ऐसे ही सेक्स करने का इशारा कर रहा था.
मैंने सोचा कि इन लोगों की हरकतों को रंगे हाथ पकड़ा जाए. मैं उस समय तो करण को कुछ नहीं बोल सकता था, क्योंकि इससे मेरी बहन का इज़्ज़त खराब होने का डर था. लेकिन मैं अब उन दोनों पर चुपके से ध्यान रखने लगा. करण मेरे मामाजी के घर भी आता था. मैं इस बात को लेकर उसके साथ कुछ कर भी नहीं सकता था.
मेरी बहन मुझसे छोटी थी और जब तक मैं उसे रंगे हाथ नहीं पकड़ता, तब तक मैं उसको भी कुछ नहीं बोल सकता था. सो मैंने अब उन दोनों पर नजर रखना शुरू कर दिया.
एक दिन मेरी बहन पल्लवी नहा कर आई और कमरे में कपड़े चेंज कर रही थी. तो करण फिर से उसको कुछ इस तरह का इशारा कर रहा था जैसे वो किसी चीज को लाइक कर रहा हो.
मुझको लगा कि अन्दर कमरे में बहुत कुछ गड़बड़ चल रही है. इसी वजह से मुझे ये भी लगने लगा कि करण रात में मेरी सिस्टर के कमरे में आता है.
एक दिन मैंने अपना फोन में हिडन कैमरा ऑन करके उसके कमरे की खूंटी में टांग कर चार्जिंग पिन को लगा दिया. ताकि इस तरह से उसको शक ना हो.
जब मैंने सुबह फोन निकाला तो जो वीडियो उसमें शूट हुआ था, उसको देख करके मैं दंग रह गया. मैं सोच भी नहीं सकता था कि मेरी बहना पल्लवी, जिसको इतने अच्छे संस्कार मिले हों, वो ये सब काम भी कर सकती है.
मुझे उस वीडियो में चल रही क्लिप को देख कर कई दिनों तक ये चिंता बनी रही थी.
दरअसल करण जिस तरह से उसके मुँह में अपना लंड डाले हुए चुसवा रहा था … वो ऐसा लग रहा था मानो पल्लवी कोई पॉर्न स्टार हो. दूसरे सीन में वो लंड चुसवाता हुआ पल्लवी की गांड पर तेज तेज थप्पड़ भी बरसा रहा था, जिससे पल्लवी के चूतड़ एकदम लाल हो गए थे.
मैं ये सब याद कर कर के पागल हो गया. मुझे पल्लवी को लंड चूसते देख कर ये ध्यान ही नहीं रहा था कि यह लड़की मेरी सगी बहन है, हम दोनों एक ही माँ के जाये हैं. नतीजा यह हुआ कि अंत में मैं भी पल्लवी को चोदने का प्रयास करने में जुट गया. मैंने सोचना चालू किया कि ये सब उसके साथ कैसे करूँ.
मैं एक दिन दोपहर में उसके कमरे में गया और अपने मोबाइल में फीड उस लंड चुसाई वाले वीडियो को, उसके रूम के टीवी में कनेक्ट करके प्ले कर दिया.
मेरी भगिनी ने सेक्स वीडियो को देखा तो वो घबरा गई और उसके पास कुछ बोलने कहने को कोई शब्द ही नहीं थे.
अब मुझे मेरी सेक्सी बहन को कुछ बोलने की आवश्यकता ही रह गई नहीं थी. वो मेरे करीब आकर रोने लगी- भैया.. आप किसी को मत बोलना.. आप जो चाहो कर लो, पर इस बात को किसी से मत बोलना.
मेरा गुस्सा उफान पर था. मैंने बहन की गांड पर 5-6 झापड़ जड़ दिए और उसको बोला- अब तू रंडी बन गई है.. तू मुझे भाई मत बोल.
उस दिन तो मैं वहां से चला गया.
दो दिन तक जब भी मेरा मन होता, मैं उस वीडियो को देखने लगता. तीसरे दिन मैंने उससे कहा कि रात में तुम मेरे कमरे में आ जाना.
रात हुई, सब लोग खाना खाकर सोने चले गए. मैं भी अपने कमरे में आ गया. मैंने कमरे के दरवाजे को खुला छोड़ दिया था. करीब 11:30 बजे वो मेरे कमरे में आई और सिसक सिसक के रोने लगी.
मैंने कहा- जो हुआ सो हुआ.. अब चुप हो जाओ.. जब तुमको चुदाई ही करवाना था तो मुझको बोल देती.
इतना कहते हुए मैंने एक ब्लू मूवी चालू कर दी. मैंने टीवी का वॉल्यूम म्यूट कर दिया था. जैसे जैसे ब्लू मूवी की चुदाई आगे बढ़ने लगी, मेरी बहन की कामुकता जागती गई. मैंने उसे देखा तो वो नंगी होने लगी और अपना रंग दिखाने लगी. में लेटा हुआ सब देख रहा था.
वो मेरे करीब आई और चिपकने लगी. मैंने उसको दूर हटाया तो वो मुझको उत्तेजित करने के लिए अपने कपड़े खोलने लगी.
मैं जीवन में पहली बार अपनी बहन की चूचियों को देख रहा था. क्या मस्त चूचियां थीं … एकदम से तनी हुई. मुझे तो पता भी नहीं था कि उसके चूचियों के निप्पल डार्क ब्राउन रंग के हो गए हैं. नीचे देखा तो उसकी चूत में झांटें भी आ गई थीं.
अगले दस मिनट में मेरे सामने एक 18 साल की लड़की पूरी तरह नंगी खड़ी थी. उसका साइज़ तो नहीं बता सकता, पर हां जब वो पीछे घूमी, तो उसकी उठी हुई गांड देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.
अब मैं सोचने लगा कि इसलिए ही करण इसकी गांड पर थप्पड़ बरसा रहा था.
अब उसकी गांड पर थप्पड़ बरसाने की बारी मेरी थी. मैं उसको अपनी गोद में लेकर उसकी गांड को मसलने लगा. उसके मम्मों को मसलने लगा. मैं भूल चुका था कि वो मेरी छोटी बहन है. मैं उसके साथ रंडी जैसे व्यवहार करने लगा.
पहले मैं 20 मिनट तक उसके चूचों को मसलता रहा. जब वो गर्म हो चुकी तो उसने मुझे खड़ा किया और खुद नीचे बैठ कर मेरा पैन्ट खोल कर मेरे लौड़े को, जो 6 इंच से कुछ ज़्यादा ही होगा, उसको निकाल लिया.
मैंने उसको इशारा किया तो वो मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. मैं उसके माथे को पकड़ के उसके मुँह में अपना लंड पेल रहा था. वाह क्या चूसना सीख गई थी एकदम रंडी जैसे लंड चूस रही थी.
इस वक्त उसके चूचे मेरे हाथों में दबे थे. उसके कसे लेकिन मुलायम मम्मों, जैसे गुब्बारों में पानी भरा हो, का क्या कहना. फिर मैंने उसको घोड़ी बना दिया. पीछे आकर उसकी चुत को चूमना शुरू किया.
उसकी चुत से पानी की धार आ रही थी. मैं उसकी चुत को मस्ती से चूस रहा था.
दस मिनट उसकी चुत को चूसने के बाद मैंने अपनी छोटी बहन की चुत में अपना लंड लगाया और एक ही झटके में पूरा लंड घुसा दिया. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उसकी चुत बहुत ही टाइट थी. वो इससे पहले एक दो बार ही चुदी थी. मैं उसकी चुत को करीब 15 मिनट तक चोदता रहा.
वो मेरे लंड की मोटाई को झेल नहीं पा रही थी, जिससे वो हल्के स्वर में चिल्लाए जा रही थी- आह … भैया छोड़ दो … मुझे दर्द हो रहा है … आपका बहुत बड़ा है.
जब भी वो चिल्लाती, मैं उसके मुँह को दबा कर अपनी स्पीड और तेज कर देता था. कुछ देर बाद वो झड़ गई. मगर मैं अभी गरम था. तो मैंने उसकी चुत को चोदने के बाद उसकी गांड मारने का सोचा.
मैंने उसको बेड के किनारे पर घोड़ी बना कर दिया और मैं नीचे खड़ा हो गया. जैसे ही मैंने उसकी गांड में अपना लंड लगाया, वो समझ गई. वो उठ कर बैठ गई और मेरे पैर पकड़ते हुए बोली- भैया, प्लीज़ गांड मत मारो.. बहुत दर्द होता है.. और आपका तो बहुत बड़ा है.
मैंने उसके चूचों को दबाते हुए कहा- रंडी साली.. जब करण तेरी गांड मार रहा था.. तो दर्द नहीं कर रहा था.
वो चुप रह गई.
फिर मैंने उसको घोड़ी बना कर उसकी गांड में लंड पेलना शुरू किया.
अगर अन्तर्वासना के पाठकों को मेरी छोटी बहन की गांड देखना हो तो वे उसे वीडियो पर देख सकते हैं.
उसकी मस्त गांड देख कर आपलोगों को भी उसकी गांड में लंड पेलने का मन करने लगेगा.
अब मैं उसकी गांड को लंड पेल कर बेरहमी से चोद रहा था. वो चिल्ला रही थी, लेकिन मैं बिना परवाह किए, उसकी गांड को चोदे जा रहा था.
थोड़ी देर में मैं झड़ने लगा.. मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके मुँह में पेलने लगा. कुछ देर बाद मैंने सारा माल उसके मुँह में ही निकाल दिया और मैंने उसकी नाक को दबाए रखा क्योंकि मैं चाहता था कि वो मेरे लंड के माल को उगल ना दे. जब उसने मेरे लंड का पूरा पानी पी लिया, तभी मैंने लंड को बाहर निकाला.
अब जब भी मेरा सेक्स करने का मन होता है तो मैं अपनी बहन को चोद लेता हूँ. अब वो रोती भी नहीं है, मजे से पूरी गांड उठा कर गांड और चूत मरवाती है.
आप लोग मेल करके बताएं कि आपको मेरी बहन की गांड चूत चुदाई स्टोरी कैसी लगी. यह मेरा पहली कहानी थी.


Thursday, November 9, 2017

वो सेक्सी आंटी के पति ने मुझे बांधकर जबरजस्ती चोदा चुत का पसीना छूट गया



हेल्लो दोस्तों, मै सोनाली गुप्ता आप सभी का Hindi Sex Stories में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ।
 मै नॉन वेज डॉट कॉम की बहुत बड़ी प्रशंसक हूँ। आज मै आप सभी को अपनी जिन्दगी की सबसे
 खतरनाक चुदाई का महागाथा सुनाने जा रही हूँ। मै फैजाबाद की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र लगभग 
19 साल होगी और मेरी कद लगभग 5.4 फीट होगा। अब मै अपने बारे में आप लोगो को क्या बताऊँ,
 वैसे तो मेरा रंग गोरा है, काले काले काले लम्बे बाल और मेरा चेहरा तो बहुत ही खुबसूरत है। लेकिन 
जिस तरह चाँद में दाग है उसी तरह मेरे चहरे में भी छोटा सा कला दाग है वो है मेरा काला मांस जो ठीक मेरे
 होठो के निचे है। उसकी वजह से मेरा चेहरा और भी खुबसूरत लगता है। मेरी काली और बड़ी बड़ी आंखे जो हर
 किसी को दीवाना कर देती है, और मेरे लाल और भरे हुए गाल और मेरे होठ जोकि देखने में बहुत ही रसीले है।
 उनको देखने के बाद लड़के तो मेरी तरफ खीचे चले आते है। और मेरे चूचियो की बात करे तो उसकी बात ही 
अलग है। मेरी चूचियां अभी ज्यादा बड़ा नही हुआ क्योकि मेरे चूचियो को दबाने वाला कोई नही था। मेरी चूचियां
 तो काफी टाइट और बहुत ही मुलायम बिलकुल मख्खन की टिकिट की तरह। मेरे मम्मो को छूने के बाद कोई
 भी नही चहेगा की मै अपना हाथ चूची से हटा दूँ। और मेरी चूत की बात करे तो मैंने अपनी जिन्दगी में केवल
 एक ही बार चुदवाया है और वो भी मेरे चाचा के लड़के ने मुझे सोते समय मेरी चूचियो को दबाने लगा और मेरी
 चूत में उंगली भी करने लगा था जिससे मै जोश में आ गई थी और उसने मुझे रात के अंधरे में खूब चोदा था।
 और मेरी चूत की सील को तोड़ दिया था। उस वक़्त तो मुझे नही पता चला था कि मेरी सील टूट गयी है, लेकिन
 जब मै सुबह उठी तो मेरे चादर में बहुत जगह खून लगी हुई थी। तब मुझे पता चला की उसने मेरी सील तोड़
 कर मुझे चोद दिया। मुझे उस वक़्त गुस्सा बहुत आया क्योकि मै अपने पति से अपनी सील तुडवाना चाहती
 थी। उस रात उसने मुझे चोद तो दिया था लेकिन उतना मज़ा नही आया था जितना जब मेरी सिलाई वाली
 टीचर के पति ने मुझे बांध कर चोदा था। आज मै आप सभी को अपनी जिन्दगी की सबसे खतरनाक चुदाई
 का महागाथा सुनाने जा रही हूँ। मै तो उस चुदाई को भूल ही नही पाई हूँ। जब उन्होंने मुझे चोदा तो मेरे तो
 रोंगटे खड़े हो गये थे और मेरी चूत तो फटी जा रही थी और मै जोर जोर से चीख रही थी। लेकिन उस हरामी 
ने मेरी चुदाई जब तक नही बंद की जब तक मेरी चूत बिलकुल फ़ैल नही गयी। अब ज्यादा कुछ न कहते हुए
 मै आप सभी को अपनी कहानी सुनाने जा रही हूँ।कुछ दिन पहले की बात है, गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हुई थी।
 मै दिन भर घर में ही रहती थी और कोई भी कम भी नही करती थी। तो इसलिए मम्मी ने मुझसे कहा – तुम
 कोई काम तो करती नही हो दिन, तो जब तक छुट्टी चल रही है तुम पास में जो सिलाई वाली है उनसे तुम सिलाई
 ही सिखलो। आप ये कहानी नॉन वेंज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे थे। तो मैंने कहा – मम्मी मै नही
 सीखूंगी। तो मम्मी ने कहा तुम्हे जाना है मैंने उनसे बात कर ली है। और जो मैंने एक बार कह दिया वो कह
 दिया बस अब कोई बात नही होगी। मै चुप हो गई। मम्मी ने मुझसे कहा कल से तुमको सिलाई सिखने लाना
 है और वो भी शाम को 6 बजे से 7 बजे तक। क्योकि उनको इससे पहले टाइम नही है। वो उस टाइम में केवल
 तुमको ही सिखायेगी और कोई नही होगा। मैंने उनसे कह दिया है ठीक से सिखाये।मुझे मम्मी की बात
 माननी ही पड़ी। मै अगले दिन शाम के टाइम सिलाई वाली आंटी के घर पहुँच गयी। जब मै उनके घर
 पहुंची तो आंटी ने मुझसे कहा – बिल्कुल ठीक समय पर आई हो मै तुम्हारा ही इंतजार कर रही थी। मै
 घर के अंदर आ गई। कुछ देर बाद आंटी ने मुझसे कहा – “मैंने तुमको इस टाइम इस लिए बुलाया है
 ताकि मै तुमको ठीक से सिखा सकूँ। अगर तुम बाकि लडकियो के साथ आती तो मै तुम्हारे उपर ज्यादा
 ध्यान नही दे पाती”। कुछ ही देर बाद अंकल जी आ गये, तो आंटी जी कुछ देर के लिए अंदर चली गई।
 मै बाहर ही बैठी अपना काम कर रही थी। कुछ देर बद वो फिर बाहर आई उन्होंने ने मुझे पूरे एक घंटे
 तक सिलाई के बारे में बताया। फिर मै घर चली गई। ऐसे ही धीरे धीरे समय बीतता गया, मै कुछ ही
 दिनों में बहुत कुछ सिख गई थी।एक दिन मै सिलाई सिखने के लिए अपने समय पर उनके घर गई तो
 दरवाज़ा खुला था, तो मै अंदर आ गई। जब मै अंदर आई तो अंदर से अहह अहह उनहू उनहू उनहू … 
उफ़ उफ़ करके चखने की आवाज़ आ रही थी। मैंने सोचा चलो अंदर चलकर देखती हूँ आवाज़ कहाँ से आ
 रही है और आंटी कहा है। मै जब अंदर गई तो अंकल जी नंगे और आंटी भी नंगी थी और वो दोनों लगातार
 चुदाई कर रहे थे। जब मैंने आंटी को चुदते देखा तो मेरे अंदर भी जोश की ज्वाला भड़क उठी। मेरा मन भी
 चुदने को करने लगा था। मै उनको चुपके से देख रही थी अंकल जी का मोटा लंड उनकी चूत को फाड़ रहा
 था और आंटी जी जोर जोर से चीख रही थी। मै बहुत ज्यादा जोश में आ गयी थी और मै अपने चूचियो को
 मसलने लगी थी। फिर कुछ देर बाद मै बाहर चली गई और बाहर से आवाज़ लगी। कुछ देर बाद वो बाहर
 आई। उनको देख कर लग रहा था अंकल ने बहुत बेरहमी से उनको चोदा है क्योकि वो अपने पैरो को फैला
 फैला कर चल रही थी। उस दिन के बाद मेरा भी किसी से चुदने का मन कर रहा था लेकिन कोई मुझे चोदने
 वाला था ही नही। मै अपनी चूत में ऊँगली डाल डाल कर काम चला रही थी।
एक दिन मै सिलाई नही गई थी और उसी दिन आंटी जी अपने मायके दो दिनों के लिए चली गई थी और 
मुझे पता नही था। मै अगले दिन उनके घर पहुंची। दरवाजा खुला था, मै सीधे अंदर चली गई, कोई बाहर था
 नही तो मै आंटी को बुलाने के लिए अंदर चली गई। जब मै अंदर गई तो मैंने देखा अंकल जी टीवी में सेक्सी
 वीडियो लगा कर देख रहे थे। मुझे पता नही था कि वो ये देख रहे होंगे इसलिए मै सीधे अंदर चली गयी।
 अंकल जी नंगे बैठे थे और अपने मोटे से लंड को अपने हाथो में पकडे हुए सहला रहे थे। वो बहुत ही जोश
 में थे, जब उन्होंने मुझे देख तो पहले तो उन्होंने अपने लंड को ढक लिया। मै बाहर आने लगी, तो अंकल 
जी ने दौड़ कर मेरे हाथो को पकड कर अपने कमरे में ले आये। आप ये कहानी नॉन वेंज सेक्स स्टोरी डॉट
 कॉम पर पढ़ रहे थे। और उन्होंने मुझसे कहा – आज मेरा मन किसी को चोदने को कर रहा है और तुम्हारी
 आंटी भी नही है। क्या तुम मुझसे चुदवा सकती हो। न तुम किसी से बताना की मै गन्दी फिल्मे देख रहा था
 और न मै किसी दे कहूँगा की मैंने तुमको चोदा है। तो मैंने कहा – मै किसी भी हालत में आप से नही चुदवाऊँगी।
 मेरी इस बात पर अंकल जी को मुझ पर गुस्सा आ गया। उन्होंने ने मेरे हाथो को एक कपडे से बांध दिया और
 साथ मेरे मेरे मुह को भी बांध दिया। और फिर बहर जाकर दरवाज़ा बंद कर लिया।कुछ देर बाद अंकल जी
 कमरे में जब आये तो उन्होंने अपने लंड में कंडोम पहन लिया था। उनका मोटा लंड मेरी नजरो में था।
 मै सोच रही थी की अभी कुछ देर में ये मेरी चूत को फैला देगा। मै सोच ही रही थी की उन्होने मेरे हाथो को
 बेड में बांध दिया और और मेरे पैरो को भी बांध दिया और और वो मेरे पैरो को सहलाते हुए मेरे जांघ की
 तरफ बढ़ने लगे। मुझे गुस्से के साथ जोश भी आ रहा था, कुछ ही देर में उनका हाथ मेरी चूत के पास
 पहुँच गया। वो मेरे बुर को छूते हुए मेरी कमर से होते हुए मेरे मम्मो को दबाते हुए मेरे होठो को अपने
 हाथो से सहलाते हुए उन्होंने मेरे होठो को अपने मुह में भर लिया। और मेरे होठो को पीने लगे, कुछ
 ही देर में वो मेरे होठो को काटने लगे और साथ में मेरे मम्मो को भी दबाने लगे थे। मेरे अंदर भी जोश
 की ज्वालामुखी फट गई और मै भी अपने मुह को हल्का सा उठा कर उनके होठो को पीने लगी।
 मैंने भी अंकल जी के निचले होठ को काटने लगी जिससे अंकल जी और भी मूड में आने लगे।कुछ देर के
 बाद अंकल जी ने मेरे होठो को चुसना बंद कर दिया और मेरे गाल और मेरे गले को पीते हुए मेरी चूचियो
 के तरफ बढ़ने लगे। धीरे धीरे वो मेरे मम्मो के पास पहुँच गये और मेरे मम्मो को दबाने लगे। मैंने उस दिने
 शर्ट पहनी थी, कुछ देर मेरे चूचियो को दबाने के बाद उन्होंने एक एक करके मेरे शर्ट की पूरी बटन खोल दिया,
 और मेरे लाल रंग के ब्रा में मेरे गोर चूचियो को निहारने लगे। कुछ ही देर में उन्होंने मेरे शर्ट और ब्रा दोनों को 
निकाल दिया और मेरे मम्मो को बड़े जोश से अपने दोनों हाथो से दबाने लगे और कुछ ही देर में उन्होंने मेरे
 चूचियो को अपने मुह में लेकर पीना भी शुरु कर दिया। वो मेरे चूचियो को इस तरह से पी रहे थे जैसे लग
 रहा था जैसे वो अपनी मम्मी की चूचियो को पी रहे हो। अंकल जी अब जोश से मेरे मम्मो को दबा दबा कर
 पी रहे थे। और मै भी धीरे धीरे और भी जोशीली हो गई और मै धीरे धीरे सिसकने लगी थी। कुछ देर बाद जब 
वो बहुत ही ज्यादा जोशीले हो गये तो वो मेरे मम्मो को जल्दी जल्दी पीने लगे जिससे कभी कभी उनके नुकीले
 दन्त मेरी चूचियो में लग जाते और मै जोर से चीख पड़ती।
बहुत देर तक मेरे मम्मो को पीने के बाद अंकल जी धीरे धीरे मेरी कमर को सहलाते हुए मेरी चूत की तरफ
 बढ़ने लगे। और जोश में अपने बदन को ऐंठ रही थी। कुछ ही देर में वो मेरी चूत को सहलाने लगे। जिससे
 मै बहुत ही कामातुर होने लगी थी और मै जोश से तडप रही थी। कुछ देर बाद मैंने अंकल से कहा – मेरे हाथो 
को खोल दीजिये। तो उन्होंने कहा – अब तो ये चुदाई के बाद ही खुलेगी। तो मैंने कहा – मै भी चुदवाने के लिए
 तैयार हूँ। मेरे हाथो को खोल कर आराम से चोदो, ताकि मुझे भी मज़ा आये और आप को भी। वो मेरी बात मन
 गए और मेरे हाथो को खोल दिया। और मेरे जीन्स को निकाल कर मेरे बुर को पैंटी के उपर ही पेलने लगे जिससे
 मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। आप ये कहानी नॉन वेंज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे थे। फिर कुछ देर बाद 
अंकल जी ने मेरी पैंटी को निकाल दिया और मेरी बुर को फ़ैलाने के लिए तैयार अपने लौड़े को मेरी चूत के करीब
 लाने लगे। मैंने अपने आंखे बंद कर ली और अपने चूत के दाने को अपने हाथो से मसलने लगी। कुछ ही देर
 में उन्होंने अपने लौड़े को मेरी चूत की दीवार में रगड़ते हुए मेरी चूत के अंदर डाल दिया और मै अपनी चूत
 के दाने को मसलती हुई चीखने लगी। अंकल जी ने अपने लंड को बहर ले लिए और फिर कुछ देर बाद मेरी
 बुर के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मै तो चीख रही थी लेकिन अंकल जी अब रुकने वाले नही थे वो लगातार
 मेरी चूत में अपने लंड को डालने लगे थे। मेरी चूत बार बार खुल और बंद हो रही थी और उनक मोटा लंड मेरी
 चूत की मुलायम दीवार में रगड़ रही थी जिससे मेरे चूत से एक मरोड़ शुरु हो रही थी और दूर में ख़त्म हो जाती।
 अंकल का लौडा मेरी चूत को फैला रहा था। अंकल जी का लंड जब अंदर बाहर हो रहा रहा तो उनका लंड मेरी
 चूत के दाने में रगड़ रहा था जिससे कुछ ही देर में मेरी चूत अपने आप को रोक नही पी और अपने अंदर से
 कुछ चिपचिपा पदार्थ निकाने लगी जिससे अंकल जी के लंड वो पूरी तरह से लग गया था और अब उनका 
लंड मेरी चूत में ठीक से अंदर तक जा रहा था। जिससे अंकल जी और भी तेजी से मुझे चोदने लगे।
 कुछ ही देर में मेरी चूत फटने लगी क्योकि वो बहुत तेजी से चोदने लगे थे और मै “..मम्मी आह आह अह…
 उफ़ फूफउफ्फ्फ उफू…. उनहू उनहू उनहू आह आह ओह ओहोहो ओह्ह्ह ओह्ह अह अह मम्मी…
मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ……ही ही ही ही ही…..अहह्ह्ह्हह
 उहह्ह्ह्हह…. उ उ उ..”और चोदो लेकिन आराम से अहह करके मै चीखने लगी । मेरी तो जान निकलने लगी
 थी, और मै अपने मम्मो और अपनी चूत के दाने को बार बार मसल रही थी। लगभग 1 घंटे तक अंकल ने मेरी
 चूत चोद चोद कर पूरी तरीके से फैला दिया था।कुछ देर बाद जब उनका माल निकाने वाला था तो उन्होंने मेरी
 चूत को राहत देते हुए उसमे से पाने लंड को बाहर निकाल लिया और मेरे मुह में रख कर मुह को पेलने लगे।
 कुछ देर मेरे मुह में पेलने के बाद उन्होंने लंड बाहर निकाल कर हाथो से मुठ मारने लगे। कुछ देर लगातार
 मुठ मरने से उनके लंड से उनका माल निकलने लगा। और अंकल जी के मुह से अहह अहह अहह येह अहह
 उफ़ उफ़ करके आवाज़ निकने लगी थी।
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चुदाई के बाद मैंने अपने कपडे पहन लिए। और घर चली आई, मम्मी ने मुझसे पूछा आज देर क्यों हो गई,
 तो मैंने मम्मी से कहा आज आंटी जी थी नही तो अंकल जी ने कहा मेरे लिए थोडा खान ही बना दो तो इसलिए
 मुझे थोड़ी देर लग गई।जब आंटी जी आ गयी तो उन्होंने मुझसे पूछा – तुमने अंकल जी चुदवाया है ना??
 तो मैंने उनसे कहा – आप को कैसे पता चला?? तो उन्होंने बताया मैंने उस कमरे में एक छुपा हुआ कैमरा
 लगकर रखा है। तब मैंने उनसे सारी सचाई बताई। तो उन्होंने कहा फिर ऐसा मत करना। मैंने कहा ठीक है।

Wednesday, November 8, 2017

मेरा भाई कल रात नींद में मुझे चोदा और मैं भी रोक नहीं पाई चुद गई







दोस्तों मेरा नाम किरण है, आज मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी आपको बता रही हु, पर दोस्तों क्या बताऊँ कल से मैं ये सोच सोच कर पागल हो रही हु की मैं सही किया की गलत किया, कभी लगता है सही किया कभी लगता है गलत किया, जबकि मैंने कुछ नहीं किया जो भी किया था मेरा भाई किया था, पर मैं भी गुनाहगार हु, क्यों की मैं भी मस्त लण्ड को पाकर मैं रोक नहीं पाई और मैं भी उस चुदाई में शामिल हो गई. पर शायद अभी भी मेरे भाई को लग रहा होगा की मैं सोई यानी की नींद में ही थी और वो चोद कर चला गया. Indian Sex Story
मेरी उम्र २२ साल है, मैं पानीपत में रहती हु, मेरा भाई करणदीप मेरे से एक साल छोटा है, पर बहूत ही हरामी है. क्यों की मैंने उसको कई बार मोबाइल पर पोर्न मूवी देखते पकड़ा है और रात में उसको मूठ मारते भी देखा है. एक बार तो हद हो गया है. जब वो छत पर गया था और माँ का ब्रा और पेंटी वही धुप में सुख रहा था और वो माँ की ब्रा और पेंटी को उठा लिया और एक साइड पर जाकर वो सूंघ रहा था और अपने लण्ड को सहला रहा था. जब में ऊपर गई तो देखकर वो सकपका गया और बोला हवा चल रही थी इसलिए ये दोनों उड़ने ही बाला था इसलिए मैंने उठा लिया. मैं उसको घूरते हुए उसके हाथों से ब्रा और पेंटी ले ली.
बात यही ख़तम नहीं हुआ, मेरे यहाँ काम बाली आती है जब वो एक दिन पोछा लगा रही थी तो उसकी चूचियां उसके घुटने से दब कर बाहर हो रहा था और वो बैठ कर चादर तोड़ कर काम बाली के चूचियों को निहारते हुए वो लण्ड को हिला रहा था यानी की हस्थमैथुन कर रहा था. मैंने वहा भी उसको गौर से देखि तो वो उठकर नहाने चला गया.
दोस्तों अब मैं कहानी पर आती हु, पहले सोच रही थी की लिखू की नहीं लिखू की नहीं पर आज दिन भर नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर दूसरों की कहानियां पढ़ने के बाद लगा की मैं भी अपनी कहानी को आपके सामने पेश करूँ क्यों की मुझे पता है मैं ये कहानी किसी को सूना नहीं सकती क्यों की इज्जत की बात है. और लोग क्या सोचेंगे, इसलिए मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे ही पब्लिश करवानी मुनाशिब समझी. दोस्तों एक दिन की बात है. मेरी माँ जालंधर गई थी. मेरे पापा की पोस्टिं आज से ठीक एक महीने पहले ही हुयी है वो वह पर टीचर है. पर पाप का तबियत ख़राब हो गई थी. इसलिए माँ को वह जाना पड़ा.
मैं और मेरा भाई दोनों माँ को पानीपत बस स्टैंड पर जाकर चढ़ा दिए बस पर और वापस घर आ गए. मैं तक गई थी इसलिए सो गई थी. और भाई टीवी पर फिल्म देख रहा था. जब मेरी नींद खुली तो देखि की वो टीवी पर एक एडल्ट मूवी देख रहा था. एक गोरा सनी लियोनी को चोद रहा था. और सनी लियोनी फ़क मि फ़क में हार्ड कह रही थी. और वो खुद ही अपनी चूचियां दबा रही थी. दोस्तों उस अंग्रेज का लण्ड बहूत बड़ा था. और सनी लियोनी को तो आप जानते ही होंगे वो खूब चुदवा रही थी. आह आह आह आह आह कर रही थी. और वो बंद सनी लियोनी के गांड में जोर जोर से चाटा मारता और जोर जोर से पीछे से लण्ड को उसके चूत में पेल रहा था.

देखते ही मेरे तन बदन में आग लग गई. मैं अपनी चूचियां खुद ही दबाने लगी. मेरा भाई भी अपना लण्ड निकाल कर थूक लगा कर हिला रहा था वो एक तो मैं मूवी देख रही थी और दूसरी तरफ अपने भाई का करीब आठ इंच का मोटा लण्ड, मैं तो पागल होने लगी. लग रहा था की काश सनी लियोनी को चोदने बाला गोरा मुझझे ऐसे ही चोदता तो कितना मजा आता. यही सब मैं सोच रही थी. तभी भाई उठ खड़ा हो गया और मैं तुरंत आँख बंद कर ली ताकि उसको पता नहीं चले की मैं भी मूवी देख रही थी. मेरे कपडे तो आलरेडी अस्त व्यस्त थे. मेरी चूचियां बड़ी बड़ी बिना दुप्पटे के थी. पैर भी फैलाकर सोई थी. तो आप खुद ही सोचिये की क्या नजारा होगा.
वो उठा मैंने बहूत थोड़ा आँख खोल कर उसको देखने की कोशिश की ओम मेरी चूचियों को निहार रहा था और फिर मेरे चूत के पास भी देख रहा था मैं समझ गई की उसको अभी गर्मी चढ़ी हुयी है. इसलिए वो मुझे ऐसी घूर रहा है. मैं चुपचाप थी, ताकि वो समझे की मैं सो रही हु, पर मैं जगी हुई थी. अचानक वो झुक गया और अपने होठ को मेरे होठ के पास लाया, फिर वो अलग हो गया और फिर मेरी चूची के पास अपने हाथ को ले गया और फिर हटा लिया शायद उसको लग रहा था की अगर दीदी उठ गई तो क्या होता, वो दो तीन मिनट तक खड़ा रहा फिर हौले से मेरी चूचियों को छुआ, दोस्तों मेरे शरीर में विजली दौड़ गई. वो वही बैठ गया और हौले हौले से मेरी चूचियों को सहलाने लगा. करीब पांच मिनट तक ऐसे ही करता रहा फिर वो आराम से दबाने लगा. थोड़े देर बाद वो मेरे कमीज के अंदर हाथ डाल दिया और मेरी चूचियों को दबाने लगा. मुझे बहूत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा. मुझे लग रहा की वो मुझे चोद दे. क्यों की अभी तक मूवी चल रही थी. और खूब जोर जोर से वो दोनों चुदाई कर रहे थी.

मेरी चूत तो पहले ही काफी गीली हो चुकी थी. मेरा भाई अब मेरी चूत पर हाथ रखा और वो जोर से सांस लिए और बोला वाओ, शायद उसको बहूत गर्मी का एहसास हुआ तभी मैंने करवट ले ली. वो मेरे पीछे आ गया और मेरे साथ ही सो गया. वो मेरे पीछे से मेरे गांड में लण्ड को रगड़ने लगा, मेरी मोती गांड गोल गोल चूतड़, के बिच उसका लण्ड भी महसूस हो रहा था. तभी वो मेरा नाडा खोल दिए और मेरी सलवार को नीच कर दिया. मैं ब्लैक कलर की पेंटी पहनी थी. दोस्तों क्या बताऊँ मुझे भी अपने भाई का लण्ड अपने चूत में लेने के लिए आतुर हो रही थी. उसने पहले मेरी चूतड़ को सहलाया, और फिर पेंटी को सरका कर निचे कर दिया.
अब मेरी गांड उसके सामने थी. मैं थोड़ा गांड को और फैला दी ताकि उसको दिक्कत नहीं हो और सोने का नाटक कर ही रही थी. उसके बाद क्या बताऊँ नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के दोस्तों, मैं तो हैरान हो गई उसका मोटा लण्ड जैसे मेरे चूत को टच की मेरी तो सिसकियाँ निकलने लगी. पर मैं फिर से अपने आप को संभाली और चुपचाप आँख बंद किये रही और उसने मेरे चूत पे लण्ड को सेट किया और हौले हौले से डालने लगा ताकि मैं उठ नहीं जाऊं, और धीरे धीरे कर के वो मेरे चूत पे अपना लण्ड पूरी तरह से घुसा दिया. अब मुझे मजा आने लगा उधर फिल्म भी देख रही थी और मेरा भाई भी फिल्म देखते देखते चोदने लगा.
मैं खूब मजे ले रही थी पर चुपचाप थी. करीब वो मुझे ऐसे ही बिस मिनट तक चोदा जब की सनी लियोनी के चूत पे पूरा का पूरा वीर्य नहीं डल गया वो भी मुझे चोद ही रहा था. उधर वो झड़ इधर मेरा भाई भी अपना सारा वीर्य मेरे चूत में डाल दिया, उस समय मैं भी झड़ चुकी थी. और फिर वो तुरंत ही उठकर बाहर चल गया. मैंने भी अपने कपडे ठीक से पहन लिए, ऐसे वो मेरे कपडे खुद ही ठीक कर दिया था. और वही लेटी रही तभी चाची आ गई और बोली आज मैं तुम्हारे यहाँ ही सोऊंगी क्यों की तुम्हारी मम्मी बोल कर गई है. यही सोने के लिए.
दोस्तों वो कल रात को यही सोई थी. भाई छत बाले कमरे में सोया था. सुबह ही वो कॉलेज चला गया था. आज रात को सोच रही हु की उसको अपने बाहों में जकड लू या तो रात की तरह से नींद का बहाना बना कर ही चुदवा लू.