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Tuesday, December 25, 2018

मेरी दोस्त की कज़न की चूत

hot ladki
हेल्लो दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है। आशा करता हूँ आप सबको यह कहानी पसन्द आएगी। मेरा नाम रोबिन है। मै साउथ दिल्ली के एक पोर्श कोलोनी मे रहता हूँ। मेरी हाइट 5″11 है और मै रोज़ जिम जाता हूँ। मेरे लन्ड की लम्बाई 7″ है और चौडाई 2.5″ है।
यह कहानी मेरी और मेरी दोस्त की कज़न की है जिसका नाम स्नेहा है। यह बात आज से एक साल पहले की है। मेरे साथ ओफ़िस मे एक लडकी काम करती थी जिससे मेरी रोज़ बात होती थी और जल्द ही हम अच्छे दोस्त बन गए।
मगर उसका पहले से ही एक बोय्फ़्रेन्ड था तो मेरी उसके साथ दाल नही गली।फ़िर कुछ टाइम बाद उसकी एक कज़न उसके यहाँ रहने आई जिससे उस्ने मुझे भी मिलवाया। और जब मैने उसे पहली बार देखा तो बस देखता ही रह गया। वो मेरी फ़्रेन्ड से हर मामले मे बडिया थी।
34 के बूब्स और 36 की गान्ड जिसे मै बस देखता ही रह गया। इतने मे मेरी फ़्रेन्ड ने मुझसे बोला नम्बर ले लेना जिस दिन मेरे बिना मिलने आओगे उस दिन आराम से घूरते रहना। जिसके बाद मैने बोला की नही मै तो बस यही सोच रहा था कि इतनी सुन्दर तेरी कज़न कैसे हो सकती है।
उस दिन के बाद उस्ने मुझे एक-दो बार फ़िर अपनी कज़न से मिलवाया जिसके बाद हमने भी एक-दूसरे का नम्बर ले लिया और फ़िर मेरी उससे फोन और मैसेज पे बाते शुरू हो गई। ऐसे ही कुछ दिन बीत गए फ़िर एक दिन मैने और उसने मिलने का प्लान बनाया और हम सफ़दजन्ग टोम्ब मे मिले। फ़िर कुछ देर इधर उधर की बात करने के बाद मैने उसे आई रेयली लाइक यू एन्ड आई लव यू बोल दिया।
उसका अजीब फ़ेस रिएक्शन देख के एक बार को तो मुझे लगा की कही उसे बुरा तो नही लगा लेकिन फ़िर जब उस्ने भी स्माइल करते हुए आइ लव यू टु बोला तो मेरी खुशी का ठिकाना ना रहा फ़िर जल्दी से हम दोनो एक दुसरे के गले लग गए और फ़िर जैसे ही उसके 34 के बूब्स मेरी छाती पे गडने लगे तो मुझसे सब्र नही हुआ और मैने अपने हौन्ट उसके हौन्टो पे रख दिए और वो भी शायद इसी के इन्तज़ार मे थी।
फ़िर मैने धीरे से अपना एक हाथ उसके बूब्स पे रख दिया पहले तो उसने मेरा हाथ हटा दिया लेकिन जब मैने दोबारा अपना हाथ रखा तो इस बार उसने कुछ नही बोला। तो फ़िर मैने अपने दोनो हाथ उसके बूब्स पे रख दिये और आराम-आराम से दबाने लगा। मन तो कर रहा था कि बस अभी पकड के चोद दू लेकिन वहा पे इससे ज़्यादा कुछ नही हो सकता था।
फ़िर कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा कभी सफ़दरजग टोम्ब तो कभी अनसल प्लाज़ा मौल के पीछे वाले पार्क मे और फ़िर वो दिन भी आ ही गया जब मैने उसकी जमके चुदाई की। एक दिन हमने मेरे दोस्त के फ़्लैट पे मिलने का प्रोग्राम बनाया।
उस दिन मैने उसे मैटरो स्टेशन से पिक किया और अपने दोस्त के फ़्लैट पे ले गया। रास्ते मे मैने उसके लिये वोडका और खाने का सामान भी ले लिया था।
फ़िर जैसे ही हम उसके फ़्लैट पे पहुचे तो वो अपने फ़्लैट से निकल गया क्युकि मैने उसे पहले ही बोल दिया था कि तू मूवी देखने निकल जाइयो। फ़िर उसके जाते ही मैने वोडका के दो लार्ज पैग बनाए और दो-दो पैग मारने के बाद मै उसके बगल मे जाके बैठ गया और अपने हौन्ट उसके हौन्टो पे रख दिये और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी।
दस मिनट की चूसा-चासी के बाद मैने उसकी शर्ट उतार दी और ब्रा को उपर करके उसका एक बूब्स अपने मुह मे ले लिया जिससे उसके मुह से कुछ आवाज़े निकलने लगी। उसके बाद मैने एक-एक करके उसके दोनो बूब्स चूसे। फ़िर मैने उसकी ज़ीन्स भी उतार दी और उसकी चूत को पैन्टि के उपर से ही चूसने लगा जिससे उसकी सिसकारिया बडने लगी।
फ़िर मैने उसकी पैन्टि भी उतार दी और खुद भी पूरा नन्गा हो गया मैने फ़िर से उसकी चूत पे अपना मूह रख दिया और वो मेरा मूह अपनी चूत पे दबाने लगी और ज़ोर-ज़ोर से सिसकारने लगी। 5-6 मिनट की चुसाई मे उसने अपना रस छोड दिया जिसे मैने उसकी चूत और गान्ड पे फ़ैला दिया।
उसके बाद मैने अपना लन्ड उसके हाथ मे दे दिया और आगे पीछे करने को बोला और वो बडे मज़े से मेरे लन्ड को आगे पीछे करने लगी। फ़िर जब मैने उसे मूह मे लेने के लिए बोला तो पहले तो वो मना करने लगी फ़िर मेरे ज़ोर देने पे वो राज़ी हो गयी उसने सुपाडे तक ही मूह मे लिया और आगे पीछे करने लगी लेकिन ये उसका फ़र्स्ट टाइम था इसलिए वो सही से नही कर पा रही थी फ़िर मैने अपना लन्ड उसके मूह से निकाल के उसकी चूत पे रख दिया और घिसने लगा जिससे वो तडपने लगी और बोलने लगी कि अब नही रहा जाता प्लीज़ जल्दी से अन्दर डाल दो।
फ़िर मैने एक झटका मारा तो मेरा लन्ड फ़िसल गया उसकी चूत कुछ ज़्यादा ही टाइट थी फ़िर मैने पहले जाके तेल उठाया जिसे मैने अपने लन्ड और उसकी चूत पे अच्छे से लगाया। फ़िर मैने दोबारा अपना लन्ड उसकी चूत पे रखा और एक ज़ोर से झटका मारा और मेरा सुपाडा उसकी चूत मे घुस गया और उसके मूह से चीख निकली जिसे मैने अपना मूह रख के दबा दी।
फ़िर 3-4 मिनट रुक के जब वो कुछ शान्त हुई तो मैने सान्स खीच के फ़िर से एक झटका मारा और मेरा पूरा लन्ड उसकी चूत मे चला गया और उसकी तो जैसे हालत ही खराब हो गई उसकी आन्खो से आन्सू बहने लगे फ़िर कुछ मिनट तक मै वैसे ही उसे चूसता रहा और उसके बूब्स दबाता रहा।
फ़िर जब उसका दर्द कम हो गया तो मै आराम-आराम से अपना लन्ड अन्दर बाहर करने लगा और फ़िर जब उसे भी मज़े आने लगे तो वो भी नीचे से कमर हिलाने लगी जिसके बाद मैने भी अपनी स्पीड बडा दी और कुछ ही देर मे जब मेरा निकलने को हुआ तो मैने अपना सारा माल उसकी चूत मे ही छोड दिया और उसका माल भी मेरे साथ ही निकल गया।
फ़िर मैने जल्दी से बेड शीट चेन्ज़ करके वाशिन्ग मशीन मे डाल दी क्योकि उसपर उसकी चूत से निकला खून लग गया था| इसके बाद मैने दो बार और उसकी चूत मारी। तो दोस्तो ये थी मेरी और स्नेहा की पहली चुदाई की दास्ता। उम्मीद करता हू आपको मेरी कहानी पसन्द आयी होगी

दोस्त की बीवी की चुदाई

xxx story इस हिस्से के सभी प्यारे दोस्तो एवं सहेलियों को मेरा प्यार भरा नमस्कार
में अपने अनुभव के साथ आ गया हूँ. बात अभी दो दिन पहले की ही है. मुझे
चोदने की बुरी आदत हो गई है. जब तक एक बार चुदाई ना कर लू नींद ही नही
आती. मेरी वाइफ भी एक दम ठंडी पड़ी रहती है. उसे उकसाने के बाद बड़ी
मुश्किल से वो करने देती है.
दोस्तो आप लोग मेरी समस्या समझ रहे होगे. कितनी विकट समस्या और ऊपर से
चुदाई का आलम एक तो मदहोशी का आलम उपर से लंड ने गदर ढाई है. यारो मत
पूछो मेरी तबीयत की चुदाई की कितनी याद आई है. फनफनाते लंड को कैसे दबाता
हूँ. मैंने यारो कई बार हाथो से ही रग़ड कर उसकी जान निकाली है.
जब जिसकी ज़रूरत हो और खुदा से जिसे दिल से माँगो तो वो मिल ही जाती है.
ठीक यही हुआ मेरे साथ, मेरे साथ के मेरे घनिष्ट मित्र अपने परिवार के साथ
अचानक आ गए. उन्हे अपनी पत्नी को लखनऊ ले के जाना था.
उनके बच्चे की तबीयत खराब हुई तो बीच रास्ते मे ही उन्होने निश्चय किया.
की ओम मल्होत्रा के घर चलते है. वैसे भी राकेश को मेरे यहां आने मे
दिक्कत नही होती है. ड्रिंक करने का शोकीन है शाम 8:00 बजे से ही बोतल की
ढक्कन खुल जाती है.
लेकिन बुराई ये है 3-4 पेग के बाद उससे सम्भलती नही बेहोश हो जाता है.
यही हुआ अभी, उसे सम्भालना पड़ा समय ज़्यादा हो गया था. मैंने अपनी वाइफ
को बोला बच्चो के साथ तुम सो जाओ. वो मेरे और राकेश के बच्चो को ले कर
सोने चली गई.
ईधर मै और राकेश की वाइफ राकेश को सम्भालते हुए आपस मे बाते करने लगे. ये
राक्षस भी जब साले को हजम नही होती तो इतनी क्यो पी लेता है. “तों वो
बोली” इनका तो रोज का यही हाल है. बच्चे को सम्भालू या इन्हे – तब तो
बड़ी दिक्कत होती होगी ना.
हाँ कई दिन गुजर जाते है, रात मे इनसे बात किए हुए-तब तो रात के काम भी
नही हो पाते होगे. मैने घुमा कर कहा. हाँ,(आहे भरते हुए उसने कहा)-तब तो
आप प्यासी रह जाती होगी, अगर आप कहे तो मै आप की मदद करू. (बड़ी हिम्मत
जुटा कर कहा था.)उसकी मुस्कुराती आँखो से इशारा मिलते ही में उसके पास आ
गया. और उसके होटो पर आकर किस जड़ दिया. आँखो मे खुला आमंत्रण था. मै जोश
मे आ गया और उसके होटो को मूहँ मे भर कर चूसने लगा. और जोरो से चूसा उधर
हाथो से बोब्स दबाए जा राहा था. दबाते-दबाते मै उसकी चूत की तरफ अपना हाथ
ले गया और चूत मे उंगली डाली.
उसकी चूत गजब की गीली हुई पड़ी थी. और वो खुद मदहोश हुए जा रही थी. तवा
एक दम गरम था. मै भी पूरे जोश मे बस मन कर रहा था लंड को निकाल कर जल्दी
से चूत मे डाल दू. उस रात 3 बार उसकी चुदाई की धीरे- धीरे बताता हूँ.
होटो को जेसे ही छोड़ा वो सिस्काए मरने लगी जान………न्न्-ाीननन्……न्‍नन्न्
ज…लल्ल्ल्ल…….दी से चो………दददददो चू…..तत्त……त्त्त्तत्त बेचैन है. मैने
जल्दी से उसके कपड़े उतार दिए और अपने भी उतार दिए मूहँ मे उसके बोब्स के
निप्पल डाल कर चूसने लगा. बस खा जाने वाले अंदाज मे चूसे जा रहा था.
और वो सिसकारिया मारे जा रही थी आहह…… जान और ज़ोर से चूसो मज़ा आ गया
जान ऐसा तो राकेश ने कभी भी नही किया मैने अपना लंड उसके हाथ मे दे दिया.
हाथ मे मोटा लंड पकड़ते ही चीख निकल गई और बोली ” इतना मोटा लंड कैसे
घुसेगा ” वो मस्त हुई जा रही थी. और मैरा सब्र बी ख़त्म हुऐ जा रहा था.
मै उसके उपर आ गया. लंड को उसकी चूत से सटाया और धक्का देते ही पूरा सिर
अंदर घुस गया.
वो चीखी मैने जल्दी से उसका मुहँ दबाया और बोला चिल्लओ मत सब जाग जाएंगे.
वो आहिस्ते से दर्द बयां करने लगी आआआ… जान मार दिया तूने! मै धीरे-धीरे
लंड को अंदर करने लगा बस थोड़ी देर मे ही वो मस्ती की चाले भरने लगी— ”
मेरे राजा जमके चोदो तुम्हारा लंड तो बड़ा ही मस्त है ” आज जम के चोदो.
आआआअ जिओ मेरे रररररा…….आआआ………ज्ज्ज्ज्ज्जा…और चोदो आआआ हह आआआआ वो भी
नीचे से गांड उछाल उछाल कर चुदा रही थी. वो मस्त हो कर चुदा रही थी. और
मै धक्के लगाए जा रहा था. मेरे राजा निककककककककककक…लल्ल………. रहा है मेरी
चुत का पानी वो झड़ रही थी आहाआआआआ जान ये ल्ल्ल्ललो मेरे
लन्न्न्न्नन्न…… न्ड्चुत का
प्प्प्प्पा………प्प्पा…न्न्न्नीन्न्न्नीन्नी…………ईईईईईईईईईईईई ये कहते हुए
मै उसकी चुत मे ही झड़ गया.
हम दोनो चिपक कर लेट गये. उसने मुझे कस कर चिपका लिया था बता रही थी आज
बहुत दिनों बाद उसने चुदाई का आनंद लिया था. इतनी मस्ती उसे बस सुहागरात
वाले दिन ही आई थी. उसके बाद वो कभी सन्तुष्ट नही हो पाई. अब तो वो खुल
कर बाते किए जा रही थी….उसने फिर से लंड को पकड़ लिया था, मै बोला “क्या
हुआ अभी मन नही भरा क्या”.
उसने कहा “नही और चुदाई करो ना” अभी चोदे हुए 15 मिनट ही हुए थे उसका मन
फिर से करने लगा मैने उसकी टॅंगो को चौड़ा किया और उसकी चूत चाटने लगा.
वो बोली ये क्या कर रहे हो, ऐसा करते हुए मै समझ गया कि उसने आज तक चूत
चटाई का मज़ा नही लिया है. मै ज़ोरों से उसकी चूत चाटने लगा. वो मादकता
मे डूबने लगी………………… “चूत वो बला है, जो अच्छों-अच्छों का मन डूला दे.
बुड्डो को भी जवान बना दे, बुझे लंड मे भी जान डाल दे.”
यही हाल हुआ मेरे झडे हुए लंड का और फंफना के खड़ा हो गया. मै उसकी चूत
को जोरो से चाट रहा था आआआआअहह………..आ……..न………ई………..ल मेरी
ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्जजा….. आआआआअ………….न्न्आआआननननन……….. ऐसे…क्यययायायाया
……………किईईईईई……ऐऐऐऐऐऐऐएऐ…………. ज़ाआाआआआआ ……..रहेऐऐऐऐऐऐऐ……………. होऊऊऊऊओ.
उसने मेरे बालो को कस के पकड़ लिया
मज़्ज़्ज़्जाज़्ज़्ज़्जजाज़्जा……आआआआआआ ………….रहा है.
ववववाआआहाहाह……….उसकी इतनी मस्त चूत चटाई किसी ने नही की, मैने अपनी जीभ
को जैसे ही उसकी चूत मे घुसाया तों वो चीख उठी आहा मार डाला मेरे बालो को
ज़ोर से नोच लिया मेरी तो बारह यहीं बजा दी. चूसो राजा और ज़ोर से…… थक
गये हो तो बताओ मै ऊपर आ कर चुदवा लू……. इस भोसडी को….. ओह अब मैं
नहीहीईईईईईईईईईईईई………….रुक्कककककककक सकती हूँ.
यह लो मै आ गई हूँ अब राजा तुम भी आ जाओ” वो अपनी मस्ती मे बोले जा रही
थी मै समझ गया था. अब इसकी चूत मे लंड डालना पड़ेगा लेकिन इस बार जल्दी
नही थी. मै उसे लंड चूसाना चाह रहा था. इतना अंदाज़ा लग गया था. की जब
राकेश ने कभी इसकी चूत नही चूसी तो साले ने लंड भी नही चूसाया होगा.
ये अभी मस्त हैं तो मस्ती मे पूरा लंड चूस लेगी मैने उससे लंड चूसने को
बोला पहले तो कुन्मुनाई जब बताया अभी और मस्ती आएगी तो वो लंड चूसने को
राज़ी हो गई. तुम्हारा लंड बडा जानदार है……. बहुत आच्छा लग रहा
हाईईईईईईईईईईईईईई….. हाईईईईईई और ज़ोर सीईई मेरे राज्ज्जज्जज्जा…… और
ज़ोर…… ..सीईए…….मेरे मूहँ को ही चोदोगे क्या लंड हेहेहेहे……. ओह
म्ह………हह वो गजब से चूसे जा रही थी. मै सोच रहा था. जो अभी मना कर रही थी
और वो अब कितनी मस्त हो कर लंड को मूहँ मे लिए जा रही हैं.
मैने उसे 69 पोज़िशन मे लिटाया और चालू हो गया आज उसे लंड और चूत के सारे
तरीके सीखा देना चाहता था. जिससे अगली बार और मस्ती मे चूदाई कर सकू कुछ
बी बताना नही पडेगा. अब तो उसे चोदने का मन हो रहा था.
लंड को उसकी चूत से सटा कर ज्यो ही अंदर डाला वो चीख उठी ओह चोदो मेरे
राजा…… क्या जानदार लोडा है……मेरी चूत को चोद-चोद कर निहाल कर दो…… मारो
राजा मारो…….कस कस कर धक्के मारो…….चोद
दो…..चो…..ओओओओ……..ददद……डालो…हाईईईईईईईई……..मैमैमैमै…….म….अअअ……रररर……….
गइईईई”………. और वो भल भला कर झर गयी 1:30 घंटे चुदाई चली.
जो पाठक चूत का मजा ले रहे है वो समझ रहे होंगे दूसरे राउंड मे चुदाई का
क्या मज़ा होता है.
धन्यवाद

पड़ोसी प्रिया दीदी

indian sex story हाय फ्रेंड्स. में सूरत से मे अपने मम्मी पापा के साथ रहता हूँ यह मेरी
B.A की एग्जाम देने के बाद की कहानी है हमारे बाजू मे एक फैमिली रहती थी
उनकी बेटी का नाम प्रिया है पर उनको घर मे सब प्रिया कह कर बुलाते थे
प्रिया दीदी की नई नई शादी हुई थी, मे प्रिया को 5-6 साल से जानता था. अब
आगे की बात एग्जाम के बाद मे ऐसे ही अपने दोस्तो के साथ इंटरनेट कैफे
जाने लगा. मे अपने एक दोस्त निखिल के साथ एक कंप्यूटर शेयर करता था निखिल
मेरे से इंटरनेट के बारे मे ज़्यादा जानता था. तो ज़्यादा करके वही साइट
सर्च करता था.एक दिन मे इंटरनेट कैफे देर से पहूँचा तो देखा निखिल
कंप्यूटर पे बेठा हूआ था. मेने देखा वो
ज़्यादा भाई-बहन की स्टोरी पढ़ रहा था. मे उसी समय निखिल को बोला यार यह
सब बंद कर ले मूझे अच्छा नही लगता. फिर निखिल बोला यार तुझे मालूम नही
कभी एक बार तेरे बाजू मे प्रिया [सेजल] दीदी के बारे मे सोच के देख बहूत
मज़ा आयेगा. मे यह सुनते ही उसे बोला चल यार मे घर जाता हूँ.
तो निखिल बोला बेठ ना यार तो मे बोला नही यार, फिर वो बोला तू एक बार
दीदी के बारे मे सोच के देख. फिर मे उसे पागल बोलते हूये वहाँ से घर की
और निकल पड़ा. मे जेसे ही घर पहूँचा तो मेने एक बड़ा सा बैग अपने कमरे मे
देखा. और मेरे कमरे के बाथरूम से पानी की आवाज़ आ रही थी. मम्मी किचन मे
शाम का खाना बना रही थी.और पापा कही बाहर गये थे. मे तुरंत किचन मे गया
और मम्मी से पूछा दीदी आई हे क्या. तो मम्मी बोली हाँ. मे दीदी के बारे
मे बताता हूँ. प्रिया दीदी की उम्र 28 साल की है. रंग गोरा. दीदी की शादी
8 महीने पहले हूई थी और दीदी पहली बार शादी के बाद सूरत आई थी वो अपने
मम्मी – पापा को सरप्राइज देना चाहती थी तो बिना फोन किये ही सूरत आ गई
पर उनका नसीब खराब था की कोई घर पर नही था प्रिया दीदी के मम्मी पापा
ऑफीस के काम से बाहर गये हुये थे. तो हमारे घर पे थी मे अपने रूम मे जाकर
उन्हे ढूँढने लगा की. फिर अचानक किसी ने पीछे से मूझे पकड़ लिया और मेरे
गालो को चूमा. मैने तुरंत पीछे देखा प्रिया अपने भीगे बालो पे टावल लपेटे
ग्रीन नाइटी पहने बिल्कुल एक औरत की तरह दिख रही थी. मेने दीदी से कहाँ
तुम तो बिल्कुल बदल चुकी हो. फिर दीदी ने पूछा तुम्हारी एग्जाम कैसी रही.
और हम लोग बाते करने लग गये. जब मे दीदी के साथ बाते कर रहा था तो मूझे
मेरे दोस्त निखिल की बाते याद आने लगी मूझे बड़ी अजीब सी फीलिंग होने
लगी. मेरे ना चाहते हूये भी मे दीदी के फिगर को देखने लगा. फिर बाहर से
पापा आये. और वो भी दीदी के साथ बाते करने लगे. उदाहरण — आपके पति क्या
करते हे बोम्बे मे किस जगह रहते हो उनको क्यों साथ नही लेकर आई और भी
बाते करने लगे.
फिर मे वहाँ से निकल कर फोन करने चला गया. मेने तुरन्त निखिल को फोन करके
अपनी हालत बताई. फिर निखिल बोला मे ना कहता था ऐसा मेरे साथ भी हुआ था और
सुन ऐसा सबके साथ होता हे क्योकि हम पहले इंसान है बाद मे रिश्तेदारी मे
है इसी का नाम जिंदगी हे. फिर मेने फोन रख दिया. फिर मे दीदी मम्मी पापा
सब लोग खाना खाने बेठे खाना खाते हूये मेने देखा दीदी बिल्कुल टीवी
सीरियल की प्रेरणा जेसी दिख रही थी. पहले दीदी बहुत पतली थी लेकिन अब तो
दीदी की गांड पूरी कुर्सी की दोनो साइड से बाहर निकल रही थी दीदी के
बूब्स बहुत बड़े बड़े और आम की तरह थे. मूझे पता नही जीजू ने दीदी को ऐसा
क्या किया की दीदी इतनी भारी भारी हो गई. फिर हम लोग खाना खाने के बाद
टीवी देखने लगे. मे और दीदी सोफे पर बेठे थे. और मम्मी पापा बाजू के सोफे
पे बेठे थे. रात के 10 बजे थे. फिर मम्मी और पापा अपने कमरे मे सोने के
लिए चले गये.
फिर दीदी ने अपने आप को सोफे की एक साइड अपना सर रख लिया और अपने दोनों
पेरो को मोड के सोफे पे ले लिये. फिर दीदी ने कहाँ मेरे पेर बहूत दर्द कर
रहे हे प्लीज़ दबा दो. मेने कहाँ जी दीदी. फिर दीदी ने अपने पेर मेरी गोद
मे रख दिये फिर मैने दीदी के पेर दबाना शूरू किया. दीदी के पैर दबाते
हूये मे अब गरम हो रहा था. अब मेरा नज़रिया बिल्कुल बदल रहा था. फिर मेने
अपने हाथ थोड़ा ऊपर ले जाके दीदी के घुटनो को दबाने लगा. अब मेरे हाथ कभी
कभी जांघों तक फेरने लगा. दीदी की जाघे बहूत नरम थी. अब मेरा लंड दीदी के
पेरो से दबा हूआ खड़ा हो रहा था मे उसे रोक नही पा रहा था. फिर अचानक
दीदी ने पूछा क्या तुमने कोई गर्लफ्रेंड बनाई. मेने शरमाते हूये कहाँ नही
दीदी फिर दीदी बोली इसलिये तुम मेरे पेर घुटनो से ऊपर दबा रहे हो. मे
तुरंत शरमाते हूये सॉरी बोला तो दीदी बोली अरे पगले इस मे कोई बड़ी बात
नही इस उम्र मे ऐसा होता हे फिर दीदी ने कहाँ चलो अब मेरी कमर भी दबा दो.
दीदी को मुस्कुराते हूये यह सब बोलते हूये मूझे बहुत अच्छा लगा. फिर दीदी
और मे हमारे बेडरूम मे चले गये फिर दीदी मेरे बेड पर उलटी लेट गई.
फिर मे दीदी के बाजू मे बेठ कर दीदी की कमर को दबाने लगा. मे दीदी से
बोला आप 1 मिनिट इन्तजार करो में अभी आया. और मेरा लंड खड़ा होने के
कारण मे 61-62 यानी हस्तमैथुन करने के लिये बाथरूम मे चला गया और दीदी ने
2 मिनिट इन्तजार करने के बाद डाइरेक्ट ही बिना बोले बाथरूम मे आ गई और
मुझे लंड को आगे पीछे करते देख लिया और मे शर्म के मारे बाहर आ गया फिर
दीदी बोली मे बोम्बे से आई तब से तुम मूझे कुछ अलग नज़र से देख रहे हो
क्या मूझे तुम इतना पसन्द कर रहे हो. फिर मेने कुछ जवाब नही दिया तो दीदी
बोली शरमाओ मत मे तुझको डाटूगी नही. फिर मेने निखिल और मेरे बीच हुई सब
बाते बता दी. फिर दीदी ने मुस्कुराते हूये कहाँ तो बोलो मेरे नादान बच्चे
मे तुम्हारे लिये क्या कर सकती हूँ. तो मेने अपना सर शरम से नीचे झुका
दिया. फिर दीदी बोली अच्छा एक काम करो रूम की लाइट दरवाजा बंद करके यहाँ
आओ. फिर मे लाइट और दरवाजा बंद करके पलंग की और आ रहा था तो रूम मे बहुत
अंधेरा था और जेसे मे पलंग के करीब आया तो दीदी ने अचानक मेरा हाथ पकड़
के मूझे अपनी गोद मे बिठा दिया रूम मे इतना अंधेरा था की जब मेने अपने दो
हाथ दीदी की जांघों पे रखे तब मूझे पता चला की दीदी ने अंधेरा होते ही
अपनी नाइटी निकाल के सिर्फ़ ब्रा और पेन्टी मे थी फिर दीदी ने मेरी टी
शर्ट निकाल दी और मेरी पेंट भी निकाल दी फिर दीदी ने अपनी ब्रा खोल कर
कान मे कहाँ एक मिनिट खड़े हो जाओ तो मे अपनी पेन्टी निकाल दूँ.
फिर मैने दीदी की गोद से खड़ा होकर देखा तो दीदी अब अंधेरे मे सफ़ेद
पेन्टी अपनी बड़ी गांड ऊपर करके निकाल रही थी. अब मेरा लंड बहुत कड़क हो
चुका था. फिर दीदी पलंग के किनारे बेठे मेरा हाथ पकड़ के मूझे अपनी दोनो
जांघो के बीच ले लिया और अपने दोनो नरम होठों से मेरे होठों को चूमने लगी
फिर दीदी ने अपनी दोनो भारी जांघों से मेरी कमर को पकड़ के मूझे घुटनो के
बल पलंग के किनारे हाफ स्टेंडिंग पोज़ मे कर दिया. फिर दीदी ने अपने एक
हाथ को नीचे लेकर अपनी हथेली मेरे दोनो बॉल्स और लंड पे फेरने लगी अब
मेरा लंड खीच के ऊपर नीचे होने लगा तो दीदी ने मेरे कान मे कहाँ अच्छा लग
रहा हे ना. मे शरमा के हसं दिया तो दीदी भी हँसते हूये मेरा एक हाथ पकड़
के अपने बूब्स पे रखा दीदी का बूब्स बहुत नरम और मुलायम थे और दीदी की
निपल छोटी छोटी और दानो जैसी निकली हुई थी फिर दीदी ने मेरा दूसरा हाथ
पकड़ के अपनी
गीली चूत पे रख दिया. दीदी की चूत का हिस्सा बहुत ही गरम था और दीदी के
चूत के दोनो सूजे हूये लिप्स ऐसे लग रहे थे जेसे मानो सास ले रहे हो. फिर
दीदी ने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रख दिया और हँसते हूये बोली
बच्चे एक बात का ख्याल रखना की तेरा वीर्य जब निकलने लगे तो उसे बाहर
निकाल ना. क्योकी मेरे पति यानी तेरे जीजू को अभी बच्चा नही चाहिये.
फिर उतना बोलते ही दीदी ने अपने दोनो पेरो से मेरी कमर को अपनी और कमर से
चिपका दिया अब मेरा पूरा लंड दीदी की चूत मे चला गया था फिर मेने अपने
दोनो हाथो से दीदी की कमर पकड़ के मे अपनी कमर हिलाने लगा फिर दीदी ने
अपनी चूत अपने हाथो के बल मेरे लंड से दबाने लगी. अब मेरा लंड बहुत जोरो
से दीदी की चूत मे फिसल रहा था. और में अपने लंड को दीदी की चूत में जोर
जोर से डाल रहा था जिससे दीदी को भी मजा आ रहा था और फिर 15 मिनिट तक ऐसा
करने के बाद अब मेरे लंड से पानी निकलने जा रहा था की मेने अपना लंड बाहर
निकाल दिया और मेरी चुदाई का सारा वीर्य दीदी की जांघ पे निकाल दिया फिर
दीदी ने भी अपनी उगंली तेज़ी से चूत पे रगड के चूत का पानी निकाल दिया और
मूझे अपने साथ नंगे बदन सुला दिया और दीदी ने उस रात मुझको खूब मजे दिये.

मौसी के साथ चुदाई मस्ती

मैं सर्मिला हीरो पटना बिहार से एक सेक्सी स्टोरी लेकर फिर आया हूं। सबसे पहले सभी आंटियों, भाभियों लड़कियों को मेरा नमस्कार।
अपनी आपबीती कहानी पर आता हुं मेरी उमर २८ साल है और मेरी एक मौसी ३३ साल की थीं। मैं अपनी मामी के घर उनके बच्चे के बर्थडे में गया था।
रात में सभी पार्टी इंजोय कर एक कमरे में बैठ कर बाते कर रहे थे मुझे कुछ कुछ नींद आ रहे थी। लॅडीज़ बहुत ही गरम गरम बातें करते हुए बहुत ज़ोर ज़ोर से हंस रहीं थीं।
थोड़ी देर तक तो मैने सहन किया उसके बाद मैने कहा कि आप लोग दूसरे कमरे मैं चले जायें तो उन्होंने कहा कि तुम ऊपर वाले कमरे में जाकर सो जाओ और साथ मैं मौसी से भी कहा कि तुम भी जाकर सो जाओ।
हम दोनो ऊपर वाले कमरे में गये तो देखा कि वहां पर कई बच्चे और कज़िन सो रहे थे। हम दोनो एक किनारे लेट गये और सोने की कोशिश करने लगे पर मुझे अब नींद नही आ रही थी मौसी के बड़े बड़े बूब्स को ही देख रहा था थोड़ी देर बाद उन्होंने उठकर लाइट ऑफ कर दी।
लगभग आधे घंटे तक कुछ नहीं हुआ फिर मैने कुछ हिम्मत जुटाकर मौसी के कमर पर हाथ रख दिया उन्होंने कुछ नहीं कहा!
थोड़ी देर बाद मैने अपना हाथ उनकी बूब्स के ऊपर रख दिया इस पर वो थोड़ा हिली पर उन्होंने हाथ हटाने की कोशिश नहीं की मैने हाथ को वहीं थोड़ी देर रख कर रिअक्शन जानना चाहा जब वो कुछ नहीं बोली तो मैने बूब्स को थोड़ा प्रेस किया तो वो बोली ये तुमने कहाँ से सीखा?
मैने कोई जवाब नहीं दिया।
मैं धीरे रे उनके कुर्ते को उठाने लगा उन्होने कोई विरोध नहीं किया मैं उनके ब्रा के उपर से ही उनके बड़े बड़े चूचियों को दबाने लगा फिर मैने उनकी ब्रा को आगे ककी तरफ़ से उनकी चूचियों के ऊपर कर दिया उनके काले काले और बड़े निप्पल मुझे आउट ओफ़ कन्ट्रोल कर रहे थे मेरा लंड एकदम स्टील रोड हो चुका था।
मौसी ने मेरी पैंट में हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया। कमरे में दिनभर के सब थके हुए सो रहे थे इस लिये कोई प्रोब्लम नहीं थी
धीरे धीरे मौसी ने मेरा लंड सहलाना शुरु कर दिया और मैंने उनके बुर में उंगलियां डाल कर अंदर बाहर करने लगा वो आआआ आआआ आआअह्हह्हह्ह ह्हह्हाआआअ ओह येस्सस् ह्हह् ह्हह्ह होफ़्फ़फ़् फ़फ़्फ़ फ़फ़्फ़फ़् फ़फ़्फ़फ़् फ़फ़ वोव्वव्व कर रहीं थीं मैं भी जोश में था वो थोड़ी देर मै झड़ गईं और मै भी शान्त हो कर हम दोनो चिपक कर सो गये।
अगले दिन हम दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्करा दिये। दिन में मामी किसी काम से मार्केट चले गये तो मैने बिना समय गंवाये उनके बूब्स को पकड़ कर दबाने लगा और उनके कपड़े उतारने लगा अब वो बिलकुल मेरे सामने नंगी खड़ी थीं मैने उन्हें किस किया और उठा कर बेडरूम में ले गया और अपना लंद जो स्टील के रोड की तरह हो गया था उनकी बुर जो कि बिलकुल ही गीली हो गयी थी बुर के मुँह पर रख कर एक झटका दिया
वाव क्या टाइट चूत थी मेरे लंड में थोड़ा दर्द होने लगा था मैने उसके बुर को उंगली से फ़ैलाया और एक और झटका दिया मेरा आधा लंड उनके बुर में घुस गया था बुर टाइट होने के वजह से बुर की झिल्ली फट गई और वो बहुत जोर से चीखी ओह माआआआ ऊऊऊह्ह हह्हह्हह हह्ह्हह्ह गोड प्लीज़ डू इट स्लोवली ओह्हह्ह ह्हह्हह्हह दिस इस हर्टिंग मी । दर्द कर रहा है प्लीज़ निकाल लो अपना लंड…
पर मैने उनके एक भी नहीं सुनी और एक जोर का झटका और दिया मेरा पुरा लंड उनके बुर में घुस गया था । अब मै थोड़ी देर रुका और उनके बूब्स को मुँह में ले कर चूसने लगा इससे उनका दर्द कुछ कम हुआ और वो अपनी गांड को उठा कर लंड को और अंदर लेने की कोशिश करने लगी मै उनके इशारे को समझ एक जोरदार धक्का मारा
अब वो आआआआअ ह्हहह्ह ह्हहह्हवोव्व व्वव्वव्व व्वव्वव व्वव ह्हह्हह्हह ह्हह्हह्ह ह्हह् हह्हह् हह्हह्हह्हह कर रहीं थीं कुछ देर के बाद वो बोली मै झड़ रही हूँ ऊऊऊओ ह्हह्हह ह्हहहह्ह ह्ह्हह्हा आआआआआ आआआआ आआसोमीईईईइन ग्गगगग्गग्गग ग्गगग्गग्गग ओह येस्सस्सस्सस्स स्सस्स्सस ससस्सस्स सस्सस्सस्सस और उन्होंने अपना पुरा पानी बाहर उड़ेल दिया.
मैने भी अपने धक्के तेज कर दिये और कुछ ही मिनटो में मेरा पुरा वीर्य उनके बुर में गिर गया वोव कितना मजा आया था।
मामी के आने का टाइम हो गया था हम दोनो ने उठ कर जल्दी से कपड़े पहने और रूम के बाहर आ गये। रात में हमने मौका निकाल कर फिर चुदाई की। उसके बाद जब कभी भी हमें मौका मिलता हम चुदाई कर लेते।
कुछ दिनों बाद सबलोग अपने अपने घर चले गये, पर अभी जब वो घर आती हैं तो मौका देखकर मै उनके बूब्स को दबा देता हूं और अगर चान्स मिला तो चुदाई भी कर लेते हैं

माँ को जमकर चोदा

maa ki chudai देहरादून में मेरा एक दोस्त है सोनू वो मेरे साथ ही पढ़ता है. और मेरे
साथ ही बी.एफ भी देखता है. एक दिन में उसके साथ उसके घर गया और उसकी माँ
उषा आंटी उम्र 40 (34-30-36) और उसकी बहन शालू उम्र 17(28-26-32) से
मिला दोनो मस्त माल है. में उषा आंटी को ऊपर से नीचे तक देखता रह गया और
मेरे लंड मे वाइब्रेशन होने लगा. सोनू और में अच्छे दोस्त थे मुझे पता था
सोनू भी मेरी तरह चूत का प्यासा है. हम दोनों ने कुछ कॉल गर्ल भी चोदी
है.
अब तो रोज मुझे उषा आंटी को चोदने के सपने आने लगे. मुझे पता था सोनू
अपनी माँ को चोदने नही देगा और आंटी भी ऐसी औरत नही है, तो मेने सोनू को
फंसाने की सोची और उसे कहाँ की मेरी माँ आ रही है और सीमा आंटी (मेरे
दूसरे दोस्त की माँ जो गावं में रहती है जिसे में पहले चोद चुका था) को
बुला लिया, मैने सीमा आंटी को पहले ही प्लान बता दिया था की आप मेरी माँ
है।
फिर एक दिन सोनू मेरे से मिलने आया मे जानबुझ कर थोड़ी देर के लिए बाहर
गया और इसी बीच सीमा ने सारे घर में झाड़ू और पोछा लगाया जिससे उसके मस्त
बोबे सोनू को दिखे. उसके बाद वो रोज आने लगा और माँ के शरीर के मज़े लेने
लगा. एक दिन मैने उससे कहाँ की कल मे अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मसूरी जा
रहा हूँ.
अगले दिन सोनू घर आया और माँ से पूछा राहुल कहाँ है. तो वो बोली वो तो
कही गया है शाम तक आयेगा उस दिन मैने माँ को कुछ इस तरह से तरीके बताये
ताकि वो आसानी से माँ को चोद ले. पहले माँ ने उसके कपड़ो पर पानी डाल
दिया, सोनू ने अपने कपड़े बदल लिये फिर माँ ने बाथरूम मे फिसलने का नाटक
किया और सोनू उन्हे रूम मे उठा के ले आया फिर माँ ने सोनू से मालिश करवाई
और फिर चुदाई भी. मेरे घर मे लगे केमरे मे उनकी चुदाई रिकॉर्ड हो रही थी.
तभी में घर आ गया और उन दोनो को रंगे हाथो पकड़ लिया सोनू मेरे घर से चला
गया. अगले दिन मे उससे मिलने उसके घर गया वो बहुत झिजक रहा था मैने उसे
बहुत बुरा बला कहाँ और वो कुछ ना बोला. अगले दिन सोनू ने मुझसे माफी
माँगी तो मैने कहाँ की एक शर्त पर माफ़ कर सकता हूँ वो बोला क्या मैने
कहाँ माँ के बदले माँ चाहियें, वो तो चोक गया और बोला ये क्या कह रहा
है. ऐसा नही हो सकता मैने कहाँ अच्छा मेरी माँ को चोदते वक्त नही सोचा,
फिर मैने उसको अपनी माँ की और उसकी चुदाई की विडियो दिखाई और कहाँ की ये
तेरी माँ को भी दिखाउगां. वो थोड़ा शांत हुआ और सोचने लगा और बोला में कल
सोच के बताऊंगा, मुझे पता था अगर ये सोचेगा तो ना ही कहेगां. तो मैने
उसे समझाया की उसके पापा को मरे हुये 6 साल हो गये उसकी माँ को भी तो इन
सब की ज़रूरत है और अगर वो मेरी माँ को सुख दे सकता है तो उसकी माँ को
मे क्यो नही. वो तैयार तो हो गया पर डरा हुआ था की माँ कैसे मानेगी.
मैने उससे कहाँ की वो मेरे ऊपर छोड़ दे पर दोस्तो उसकी माँ को मनाना इतना
आसान नही था. मैने बहुत सोचा फिर एक प्लान समझ में आया मैने एक दिन सोनू
को कहा की किसी शादी में अगर जाना हो तो आंटी के साथ मे जाऊँगा तभी एक
दिन शादी मे जाना था तो सोनू ने कहा की माँ मुझे बुखार है आप राहुल को ले
जाये उषा आंटी तैयार हो गयी, में उन्हे उनकी गाड़ी में ले के शादी में
गया दोस्तो आज वो परी से कम नही लग रही थी ब्राउन कलर की साड़ी मे मस्त
माल लग रही थी मन कर रहा था की अभी चोद दूँ, फिर हम शादी में पहुँचे वहाँ
डिनर करते वक्त में आंटी से कई बार टच हुआ.
फिर मैने एक कोल्ड ड्रिंक ली और सफाई के साथ उसमे नींद की गोली डालकर
आंटी को पीला दी, हम वहाँ से लोटने लगे तो रास्ते मे सुनसान रास्ता पड़ता
है. और थोड़ा सा जंगल भी है शादी भलावला मे थी, आंटी नींद मे थी मैने
गाड़ी रोकी और देखा आंटी सो चुकी है. मैने आंटी को उठाया और जंगल मे
पेड़ो के पास ले जाकर उनके कपड़े उतारे और उनकी नंगी विडियो बना ली
(दोस्तो मे चाहता तो उन्हे चोद भी सकता था पर मेरा लंड औरत को जागते हुये
ही चोदता है और वो भी उसकी मर्ज़ी से) फिर मैने आंटी को ऐसे ही गाड़ी मे
डाला और उनके ऊपर उनके कपड़े डाल दिये और गाड़ी को वही झाड़ियो मे पेड़
से टक्कर मारी और अपने माथे मे थोड़ी चोट भी लगा ली, फिर वहाँ से गाड़ी
निकाली और घर ले आया. सोनू और उसकी बहन आई और आंटी को घर ले गयी वहाँ
मैने बताया की हमारी गाड़ी का ऐक्सीडेन्ट हो गया और मैने कुछ लोगो से मदद
माँगी तो उन्होने मुझे बाँध कर आंटी के साथ रेप किया. सुबह आंटी को होश
आया तो हमने उन्हे सारी बात बताई पर आंटी को यकीन नही हुआ तो मैने कहाँ
आप सो गयी थी और फिर ऐक्सीडेन्ट के कारण बेहोश हो गयी थी.
अगले दिन एक कोरियर मे आंटी की नंगी विडियो उनके पास भेजी और कहाँ अगर
विडियो चाहियें तो 2 लाख रुपये चाहियें, आंटी रोने लगी और वो ये बात
अपने रिशतेदारों को भी नही बता सकती थी ओर 2 लाख केश कहाँ से आते मैने
कहाँ आंटी में आपकी मदद करूँगा और वो विडियो ले आऊँगा.
फिर मैने आंटी को वो विडियो ला के दी जिसमे सोनू मेरी माँ को चोद रहा था,
आंटी ने अकेले में वो विडियो देखी और मुझे फोन किया की ये वो विडियो नही
है तो मैने कहाँ की इसमे सोनू जिसे चोद रहा है वो मेरी माँ है और वो
विडियो मेरे पास है अगर वो भी मुझसे चूदेगी तो में ये विडियो उसे दूँगा,
वो मना करने लगी मैने फोन काट दिया उसने कई बार मिलाया मैने फोन स्विच ऑफ
कर दिया, तब उसने सोनू को बहुत डाटा और कहाँ की उसने ऐसा क्यों किया और
अब क्या होगा। फिर सोनू ने कहा की अब राहुल की बात माननी पड़ेगी.
सोनू अपनी मम्मी को लेकर मेरे घर आया उसकी मम्मी ने मुझे समझाया की सोनू
से ग़लती हो गयी उसे माफ़ कर दो, मैने मना किया तो वो कहँने लगी की इसमे
तेरी मम्मी की भी ग़लती है तो मैने कहाँ मुझे कुछ नही पता मुझे माँ के
बदले माँ को चोदना है. जब में नही माना तो वो गुस्से मे चली गयी, मैने
सोनू को फोन करके कहाँ की वो अपनी माँ को मना ले सोनू ने अपनी माँ को कहा
की माँ केवल एक बार उससे वो विडियो ले लो फिर में सब देख लूँगा, उसकी
माँ तैयार हो गयी. और उसने मुझे फोन किया मैने उससे कहा की आज रात कही
जाने का बहाना बना कर अपनी माँ को मेरे घर छोड़ दे और मेरी माँ के साथ
किसी होटल मे रंगरलीया मना ले.
ऐसा ही हुआ सोनू ठीक 8 बजे उषा को लेकर मेरे घर आ गया और थोड़ी देर बाद
मेरी माँ को लेकर जाने लगा उसकी माँ ने कहाँ की तुम कहाँ जा रहे हो तो
मैने कहाँ की ये लोग होटल मे रात बिताऐगे क्योंकी मेरे रूम मे ज़्यादा
जगह नही है. वो चले गये आंटी एक सादा साड़ी पहन कर आई थी, मैने उन्हे माँ
की लाल साड़ी दी और तैयार होने को कहाँ वो थोड़ा डरी हुई थी और शर्म भी आ
रही थी, मैने उन्हे समझाया और कहाँ की अपनी दूसरी सुहागरात का मजा लो.
फिर वो थोड़ा सही हुई और तैयार होने लगी में इतने में ऊपर चला गया.
में ऊपर बिस्तर डाल के आंटी का इन्तजार कर रहा था. मैने सारा इंतज़ाम कर
रखा था, जैसे की मेरी सुहागरात हो, कन्डोम भी रखा था. में बनियान में था.
उतने में आंटी आई लेकिन आंटी भूल गयी की आज चुदवाना है, में पूरी तैयारी
में था मेरा लंड खड़ा था. सेक्स बडाने के लिए सेक्सी किताब पड़ रहा था,
उतने मे आंटी आई ,बोली क्या पड़ रहे हो, तो में जोश में बोला की आज अपनी
सुहागरात है ना इसलिए सेक्सी किताबे पड़ रहा हूँ. मेरा लंड खड़ा था. आंटी
सिर्फ़ मेंक्सी पहनकर आई थी और अंदर कुछ भी नही था, मेंक्सी मे वो एकदम
सेक्सी दिख रही थी, आंटी मेरे बाजू में आ के लेट गई , मैने हल्के से आंटी
की चूत के ऊपर हाथ फेरा मुझे मज़ा आ रहा था, मैने आंटी की मेंक्सी को
नीचे से उठाया, तो मुझे गोरी टाँगे देखी.
देखते ही मैने चाटना शुरू किया आंटी भी मेंक्सी पूरी निकाल के नंगी हो
गयी, अंदर चड्डी नही थी, में चाट रहा था, चाटते-चाटते में उनकी चूत के
पास गया, क्या मस्त गोरी चूत थी, क्लीन शेव था, मै अपनी उंगली अंदर घुसा
रहा था लेकिन अंदर जा नही पा रही थी, आंटी बोली अभी 10 साल से कुँवारी है
ऐसे नही घुसेगी. मै अपनी टांग आंटी के चूत पर रगड़ने लगा, आंटी के मुहँ
से आआहह की आवाज़ निकल रही थी मस्त 5 मिनिट तक चाट रहा था, बाद मे आंटी
बोली, तड़पाओ मत चोदो मेरे पतिदेव, आज मुझे बहन से बीवी बनाओ, में आंटी
के ऊपर चड़ने लगा, आंटी के बोबे एकदम टाइट थे, मैने एक मुहँ में लिया और
एक को मसलने लगा, आंटी के पूरे बदन में आग लग गयी थी, मेरे को बहुत मज़ा
आ रहा था, बाद में आंटी को मुहँ में फ्रेंच किस किया, 5 मिनिट तक आंटी के
लिप्स चूस रहा था.
बाद में आंटी बोली तेरा लंड चुसवायेगा तो मै जल्दी से नंगा हो गया और
टाइट लंड आंटी के हाथ में दिया, आंटी ने उसे सहलाया फिर मुहँ में लिया
और चूसने लगी, में तो खुशी के मारे उछल रहा था, में आंटी के मुहँ को चोद
रहा था, आंटी बहुत टाइम तक चूस रही थी. में भी आंटी के मुहँ में चोद रहा
था, अचानक मेरा वीर्य गिरने को आया आंटी की गर्दन पकड़ के ज़ोर ज़ोर से
चोदा बाद मे मेरा वीर्य आंटी के मुहँ मे गिर गया.
आंटी उसे पूरा पी गयी. मेरा लंड सिकुड गया. 5 मिनिट के बाद आंटी ने वापस
मेरा लंड चूस के कड़क बनाया और बोली मेरी चूत मे डाल दे और मेरी चूत को
फाड़ दे, मैने आंटी की चूत के नीचे एक तकिया लगाया और में उसके ऊपर चड़
गया लंड को चूत के ऊपर सेट किया और लंड को घुसाने लगा लेकिन आंटी की चूत
टाइट होने के कारण चूत मे लंड नही घुस रहा था.
अभी में आंटी के ऊपर था, चूत में लंड को बराबर सेट करके और जोर जोर से
धक्के दे रहा था आंटी भी मेरा साथ दे रही थी. मुझ से रहा नही गया और मैने
मुहँ मे रखकर एक जोरदार शॉट लगाया वैसे आंटी दर्द के मारे चिल्ला उठीं
मगर मेरे किस और बोबे दबाने से उसे मज़ा आ रहा था, आंटी की चूत फट गई.
में जोर ज़ोर से चोद रहा था. आंटी आआहह आआहह करके तड़प रही थी में पूरे
जोश में था.
में ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा, आंटी भी चूत उठा के साथ दे रही थी,
बटर की वजह से पिच-पिच-पिच की आवाज रूम में गूँज रही थी. बाद में आंटी ने
मुझे कस के पकड़ लिया और बोली जोर ज़ोर से चोद मेरी चूत को भोसड़ा बना दे
बहनचोद, में समझ गया आंटी झड़ने वाली है मै भी जोर ज़ोर से चोदने लगा,
और आंटी की चूत से गरम वीर्य निकल गया. उसके बाद मैने आंटी को खूब चोदा
बाद में मैने आंटी को कहाँ आंटी में झड़ने वाला हूँ, तो आंटी बोली मेरी
चूत मे झड़ ज़ा मैने अपनी रफ्तार बड़ाई और आंटी की चूत में झड़ गया, और
में शांत हो गया और आंटी के ऊपर सो गया, बाद में आंटी को में रोजाना
चोदता और वीर्य चूत में छोड़ देता. आंटी भी आई -पिल खाती थी. इसलिए कोई
परेशानी नही थी. और ऐसे हम दोनों का काम चलता गया.