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Sunday, December 16, 2018

जब मैं चुदी पहली बार

मेरा नाम राकेश है और मैं एक बड़ा कारोबारी हूं। मैं दिल्ली का रहने वाला हूं और मेरी उम्र 35 वर्ष है। मुझे काम करते हुए काफी वर्ष हो चुके हैं। पहले मैं नौकरी किया करता था लेकिन बाद में मैंने हिम्मत करते हुए अपना काम खोल लिया और जब मैंने अपना काम खोला तो फिर बाद में मुझे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परंतु उसके बाद जैसे कैसे मैंने अपने काम को संभाल लिया और अब मेरा काम बहुत ही अच्छे से चल रहा है। मैं अपने काम से बहुत खुश भी हूं। क्योंकि मुझे अब बहुत अच्छा मुनाफा भी होने लगा है और मेरे घर वाले भी इस बात से बहुत खुश हैं। जब मेरी शादी हुई तो उस समय मेरी स्थिति कुछ ठीक नहीं थी। परंतु फिर भी मैंने शादी कर ली। क्योंकि मेरे पिताजी मुझे जिद कर रहे थे और कह रहे थे कि मैं शादी कर लूं। उनकी जिद की वजह से मैंने शादी कर ली लेकिन जब मैंने शादी की तो मैंने अपनी पत्नी को सब कुछ बता दिया। तो उसने मेरे साथ बहुत ही एडजेस्ट किया लेकिन धीरे-धीरे जब मेरा वक़्त अच्छा होता गया और मैं अच्छे पैसे कमाने लगा तो अब वह बहुत ही खुश थी और मुझे कहती कि शुरुआत में आपने कितनी दिक्कतें झेली थी। परंतु अब आपका बिजनेस बहुत ही अच्छा चल पड़ा है और मैं भी बहुत खुश हूं।
मैं अपने कारोबार के सिलसिले में अक्सर इधर उधर जाता रहता हूं और इस बार भी मैं अपने कारोबार के सिलसिले में जयपुर जा रहा था। मैंने सोचा कि मेरा एक पुराना दोस्त है तो मैं उससे जयपुर में मिल लेता हूं। जब मैंने उसे फोन किया तो वह बहुत ही खुश हुआ और कहने लगा कि तुमने इतने वर्षों बाद मुझे फोन कैसे कर लिया। मैंने उसे कहा कि तुम तो मुझे कभी फोन करने वाले नहीं हो। तो मैंने सोचा आज मैं ही तुम्हें फोन कर देता हूं। इस वजह से मैंने तुम्हें फोन किया। जब मैंने उसे बताया कि मैं जयपुर आ रहा हूं तो वह बहुत खुश हुआ और कहने लगा कि तुम मेरे घर पर ही रुकने वाले हो। मैं उसे मना नही कर पाया और मैं उसके घर चला गया। जब मैं उसके घर गया तो वह मुझसे मिलकर बहुत ही खुश हुआ और कहने लगा तुम इतने वर्षों बाद मुझे मिले हो। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। अब हम दोनों बैठकर बातें कर रहे थे। तभी संतोष की पत्नी आ गई और संतोष ने मुझे उससे इंट्रोडक्शन करवाया। उसका नाम सुरभि है। अब हम तीनों बैठकर बातें कर रहे थे तो संतोष हमारी कुछ पुरानी यादें ताजा कर रहा था और मुझे भी बहुत खुशी हो रही थी। बातें करते-करते अब हमारे काम की बात आ गई। संतोष ने मुझे पूछा कि तुम्हारा कारोबार कैसा चल रहा है।

मैंने उसे बताया कि मेरा कारोबार तो बहुत ही बढ़िया चल रहा है। शुरुआत में तो बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परंतु अब काम अच्छा चल पड़ा है और जब मैंने संतोष से इस बारे में पूछा तो वह कहने लगा कि मेरी स्थिति तो कुछ ठीक नहीं चल रही। मैं नौकरी से बहुत ज्यादा परेशान हो गया हूं और मुझे अब लगने लगा है कि मैं अपना ही कोई छोटा मोटा कारोबार शुरू कर लू लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा कि मुझे क्या काम शुरू करना चाहिए। मैंने उसे कहा, मैं तुम्हारी तुम्हारा कारोबार खोलने में मदद कर सकता हूं। वह यह बात सुनकर बहुत खुश हो गया और कहने लगा कि लेकिन मुझे उसके लिए इन्वेस्टमेंट डालनी पड़ेगी और वह मेरे पास नहीं है। मैंने उसे कहा तुम उसकी चिंता मत करो। मैं तुम्हें सेटअप लगा कर दे दूंगा। उसके बाद तुम अपने काम को चला लेना। अब वह बहुत खुश हुआ और उसकी पत्नी भी बहुत खुश थी लेकिन मैंने उसे कहा कि तुम्हें उसके लिए दिल्ली आना पड़ेगा और दिल्ली से ही काम करना पड़ेगा। वह कहने लगा ठीक है मैं अपनी नौकरी से कुछ दिनों बाद रिजाइन दे दूंगा और दिल्ली आ जाऊंगा। सुरभि यहां रह लेगी। मैं अपना काम कर के जयपुर से वापस अपने घर लौट गया और कुछ दिनों बाद संतोष का फोन आया और कहने लगा कि मैं दिल्ली आना चाहता हूं। तुम मुझे बताओ मुझे कब आना है। मैंने उसे कहा कि तुम 5 दिन बाद आ जाना। क्योंकि मैं अभी कुछ काम के सिलसिले में बाहर जा रहा हूं और दो-तीन दिन बाद मैं लौट आऊंगा। अब संतोष भी मेरे साथ दिल्ली आ गया और वह मेरे साथ ही काम करने लगा। मैंने उसे एक सेटअप लगा कर दे दिया और उसके बाद वह काम करने लगा। मैंने उसे रहने के लिए अपना एक फ्लैट दे दिया था और वह वहीं पर रह रहा था। धीरे-धीरे संतोष का काम भी अच्छा चलने लगा और वह मुझसे कहने लगा कि तुम्हारी बदौलत अब मेरा काम भी अच्छा चलने लगा है। मैं बहुत खुश हूं और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।
अब संतोष भी बहुत खुश था और मैं भी उससे बहुत खुश था। एक बार मुझे काम के सिलसिले में जयपुर जाना था तो मैंने इस बारे में संतोष से जिक्र किया। वह कहने लगा तुम मेरे घर पर ही चले जाना और मेरी पत्नी से भी मिल लेना। मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हारे घर पर चला जाऊंगा और सुरभि से भी मिल लूंगा। अब मैं जयपुर चला गया जब मैं जयपुर गया तो सुरभि मुझे देखकर बहुत खुश हुई और मुझसे संतोष के बारे में पूछने लगी। मैंने उसे कहा कि वह बहुत अच्छा है और बहुत ही अच्छे से काम कर रहा है वह इस  बात से बहुत ही ज्यादा खुश थी। मैंने सुरभि से कहा कि मैं फ्रेश हो लेता हूं उसके बाद मैं थोड़ी देर आराम करता हूं। जब मैं बाथरुम में गया तो मैंने सुरभि की लाल रंग की पैंटी दिखी जिससे कि मेरा मन खराब हो गया मैं उसे सुघने लगा। जब मैं बाहर आया तो मुझे सुरभि को देखकर बहुत ही ज्यादा उत्तेजना आने लगी और मैं उसकी गांड को देखने लगा मै उसके बड़े बड़े स्तनों को देख रहा था। जब सुरभि मेरे पास बैठी हुई थी तो मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसके होठों को अपने होठों में ले लिया। मैं उसे बहुत ही अच्छे से किस करने लगा अब उसके होंठों से खून भी निकल रहा था। वह भी पूरी उत्तेजना में आ गई और मैंने तुरंत अपने लंड को बाहर निकालते हुए उसके मुंह में डाल दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को उसके मुंह के अंदर डाला तो वह बहुत ज्यादा खुश हो गई। मै अपने लंड को अंदर बाहर करती जा रही थी मुझे भी बहुत मजा आ रहा था।
थोड़ी देर बाद मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए तो मैंने देखा उसने पिंक कलर की पैंटी पहनी हुई है और वह उसमें बहुत ही सेक्सी लग रही थी। मैंने उसकी पैंटी को खोलते हुए उसकी चूत मे हाथ लगाना शुरु किया उसकी चूत मे हल्के हल्के बाल थे। मैंने उसकी चूत के अंदर जैसे ही उंगली डाली तो उसकी चूत से पानी निकलने लगा और वह बहुत ही उत्तेजित होने लगी। थोड़ी देर में मैंने भी उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी योनि में घुसेड़ा तो उसके मुंह से चीख निकल पड़ी और वह बहुत ज्यादा मूड में आ गई। अब मैं उसे ऐसे ही बड़ी तीव्रता से चोदने लगा। उसे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसे चोदे जा रहा था मैंने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया और उसे चोदता रहा। थोड़ी देर में मैंने उसके स्तनों को भी अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करना शुरू कर दिया उनसे दूध निकल रहा था मैंने वह सब अपने मुंह में लेकर निकाल लिया। मैं अब उसके होठों को किस करते हुए बहुत ही ज्यादा मस्त हो रहा था। मैं उसे बड़ी तीव्रता से धक्के दिए जा रहा था उसका बदन भी पूरा लाल होने लगा और मुझे उसका बदन देखकर बहुत ही मजा आ रहा था। लेकिन मुझसे उसकी चूत की गर्मी नहीं झेली जा रही थी। फिर भी मैं उसे चोदने पर लगा हुआ था और बड़ी तेज धक्के दिए जा रहा था। मैंने उसे इतनी तीव्रता से चोदना शुरू किया कि उसका पूरा शरीर और भी गरम हो गया। वह पसीना-पसीना हो गई अब वह इतना ज्यादा पसीना हो चुकी थी कि मुझसे भी बिल्कुल नहीं रहा गया। मैंने तुरंत ही अपने वीर्य को उसकी योनि में डाल दिया जैसे ही मैंने अपने वीर्य को उसकी योनि में डाला तो वह बहुत ज्यादा खुश हुई। वह कहने लगी आपने तो संतोष की कमी को पूरा कर दिया है मुझे बहुत ही अच्छा लगा जब आप ने मुझे चोदा। जब भी मैं जयपुर जाता हूं तो सुरभि की चूत जरूर मारता क्योंकि उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट है और मुझे उसे चोदने में एक अलग ही अनुभूति होती है।

Friday, December 14, 2018

मारिया को खेत में ले जाकर चोदा

हेलो दोस्तों | मेरा नाम निवास है | मेरी उम्र 29 साल है | मै बिहार के पटना शहर में रहता हूँ | मैंने अपनी पढाई पूरी करने के बाद एक अच्छी सी जॉब करने लगा था | लेकिन मै अपने घर में इकलौता लड़का हूँ | और मेरे पापा के पास बहुत सारी जमीन पड़ी हुई है |उनके कई फॉर्म हॉउस है | हमारी जमीन दूर दूर गाँवो में है | इसी लिए जमीन में बुवाई का काम वहां जाकर ही देखना पड़ता है | जब तक पापा ठीक थे तब तक तो मैंने जॉब की लेकिन जैसे ही उनकी तबियत गड़बड़ हो गई मुझे अपनी नौकरी छोडनी पड़ी | अब पापा का सारा काम मुझे संभालना पड़ता है | वैसे तो मुझे खेती के बारे में कुछ भी नही पता था | लेकिन अब मुझे थोडा थोडा पता चलने लगा था | अब मुझे अपने फॉर्म हॉउस पर जाकर अपनी निगरानी में काम करवाना होता है अब मै कुछ अपने बारे में भी बता दूँ | मै एक लम्बा चौड़ा लड़का हूँ | मेरा लंड 6 इंच लम्बा है | वैसे तो मैंने कॉलेज टाइम में बहुत ही लड़कियों को चोदा है | लेकिन जब से मेरी जॉब छूती है मै तो बस चूत के लिए तरस गया हम अब तो बस चूत की ही तलाश थी |
अब कहानी के बारे में बताता हूँ | ये करीब 1 साल पहले की बात है | मेरा एक फॉर्म हॉउस आरा जिले के एक छोटे से गाँव में पड़ता है | मै हमेशा वंहा जाने से कतराता हूँ | क्योकि ये फॉर्म हॉउस बहुत ही अन्दर है | वहां कोई ढंग की फैसिलिटीज़ नही है | तभी पापा का फरमान आया की मै वहां जाकर बुवाई करवाकर आऊँ | इस काम के लिए मुझे करीब 10 दिन वहां रुकना था | मेरा बिलकुल भी मन नही था फिर भी पापा की बात मै टाल नही सकता था | फिर क्या था मैंने अपनी गाड़ी निकाली और चल दिया | वंहा शाम को पहुंचा | मै बहुत थक गया था | वहां का फॉर्म हॉउस एक पति पत्नी देखते थे | जोजफ ही वहां की सारे खेतो का हिसाब रखता था | और उसकी पत्नी मारिया फॉर्म हॉउस की देखभाल करती थी | वो वही फॉर्म हॉउस कर बगल में एक कमरे में रहते थे | जब मै पहुँचा तो दोनों बहुत खूश हुवे | उन्होंने ने मेरे खाने पीने की अच्छी व्यवस्था कर ली थी | मैंने भी खाना खाया और जाकर कमरे में सो गया | अगले दिन सुबह मारिया चाय लेकर मेरे कमरे में आई | उसने एक चूड़ी दार सूट पहन रखा था | जिसमे वो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी | वैसे उसका फिगर कुछ खास अच्छा नही था लेकिन फिर भी उसके बड़े बड़े बूब्स तो ऐसे थे | मनो बुला रहे हो कि आओ और पी जाओ मुझे | एक पल उसे ऐसे ही देखने के बाद | मैंने चाय ली और पीने लगा | फिर तैयार होकर खेतो में चला गया | वहां दिन भर काम देखा फिर दोपहर में चला आया | अब वहां टाइम पास का कोई साधन तो था ही नही | मै बोर हो रहा था | तो शाम को ऐसे ही बाहर निकला | मै जोजफ के घर के पास खड़ा था तभी मुझे पानी की आवाज आई | मै समझ गया कि कोई नहा रहा है | तभी पास में एक टूटा सा बाथरूम बना हुआ था | मै पास गया और उसके एक छेद से झाँकने लगा | अंदर जो देखा तो मेरी आँखे फटी की फटी रह गई | मरिया नहा रही थी | वो एकदम नंगे थी | उसका ये रूप तो मेरे टन बदन में आग लगा रहा था | मै थोड़ी देर तक उसके बूब्स और चूत को निहारता रहा | फिर उसके वहां से निकलने से पहले भाग कर अपने कमरे में चला गया | और फिर मुठ मार कर अपनी वासना को शांत किया |
अब शायद मुझे लग रहा था कि मेरी चूत की कमी मारिया पूरी करेगी | मैं तो बस उतावला हो रहा था | अब तो बस मरिया को चोदने का प्लान करने लगा | अब जब भी वो मेरे पास अति मै उसके बूब्स को देखने की कोशिश करता | तो कभी उसे जान बूझ कर टच कर देता था |
ऐसे ही करीब 7 दिन बीत गए | अगले दिन शाम को मैं फॉर्म हॉउस के बाहर टहल रहा था | तभी मरिया आ गई | मैंने अच्छा मौका देखा | मैंने मरिया से कहा चलो आज तुम मुझे अपने पास वाले खेत में ले चलो मै यहाँ बोर हो रहा हूँ | उसने हामी भर दी मै उसके साथ चल दिया | हम जैसे ही खेत में पहुंचे | मरिया कुछ उठाने के लिए झूकी कि उसकी सलवार चर्र से फट गई | वो शरमाने लगी | मैंने सोचा ये अच्छा मौका है इसे चोदने का | मैंने उसको पकड़ लिया और कस के उसके होंठो पर किस करने लगा | मरिया  ने मुझे धक्का दिया और बोली ये क्या कर रहे हैं आप | मैंने कहा देखो मारिया मैं तुम्हे चोदना चाहता हूँ | मेरी इच्छा पूरी कर दो | अगर तुम मेरी इच्छा पूरी करोगी तो मैं तुम्हे बोनस दूंगा वर्ना तुम्हे और तुम्हारे पति को नौकरी से निकल दूंगा | वो मान गई | अब मै उसे फिर से किस करने लगा |अब वो भी मेरे साथ दे रही थी |  अब शायद वो भी चुदने के लिए एकदम तैयार हो गई  थी | मैं उसे खेत के बीचों बीच ले गया | और उसके कपड़े निकलने लगा | उसके बाद मैं उसकी  चूत की तरफ बढ़ गया और वहां पर बड़े ही प्यार से किस करने लगा | मेरी जबान और ऊँगली दोनों को मारिया के चूत में थे वो भी बस मज़े लेने लगी थी | मारिया अह्ह्ह्ह अह्ह्ह आह्ह्हह्ह.. कर रही थी | और बोल रही थी साहब आप तो एक दम अच्छे से चूत चाटते हो मेरे मर्द को तो ये आता ही नही है | मैं और भी जोर से उसकी चूत मे अपनी जबान डाल कर चाटने लगा | चूत को चटवाने की इसलिए उसकी ये बेताबी समझी जा सकती थी |  मैंने उसकी गांड को पकड़ के उसको ऊपर की तरफ उठाया और वो एकदम से झड गई |
5 मिनिट के बाद मैं खड़ा हुआ और मारिया को सीधा जमीन पर ही लिटा दिया और अपनी लोअर नीचे कर ली | उसने झट से उसे पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी | फिर उसने मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया और देसी अंदाज़ में चूसने लगी | मैंने अपने लंड को उसके निपल्स के ऊपर घिसा | मेरा लंड भी अब एकदम उबाल मार रहा था |
फिर मैं मारिया  के ऊपर आ गया | मैंने धीरे धीरे कर के अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया और उसको चोदने लगा | पहले पहले मैंने एकदम स्लो स्लो चोदा इस सेक्सी मरिया को | फिर मेरी स्पीड बढ़ गई | वो भी आह्ह्हह्ह्ह्हह्ह… आय्ह्ह्ह…अय्य्य्हह्ह्ह कर के हिल रही थी | और अब मस्त चुदवा रही थी | फिर मेरे लंड का पानी मारिया की चूत में निकल गया | मैंने कुछ देर ऐसे ही लंड को उसकी चूत में रखा | और ऐसे ही लेटा रहा | फिर मै उठा औरअपने लंड को एक बार फिर उसके मुंह में दे दिया | उसने लंड को थोडा चूसा और वो एकदम कडक हो गया | अब वो वो खड़ी हुई और मैं नीचे लेट गया | वो चूत में लंड को ले के ऊपर चढ़ गई | मेरे दोनों हाथ उसके बूब्स के ऊपर थे और मैं उसको चोद रहा था | वो भी अपनी गांड के धक्के मेरी जांघो के ऊपर दे के मजे से लंड अपनी चूत में ले रही थी | और आआह्ह्ह्ह… उह्ह्ह्ह…. और बोल रही थी साहब और जोर से चोदो मुझे आह्हह.. अआह्ह्ह…कर के मज़े ले रही थी | करीब आधे घंटे तक मैंने उसे कई बार जम के चोदा |
फिर हमने कपड़े पहने और वापस चले आये | इसके बाद मैं जब तक वहां रहा मारिया को रोज़ जम कर चोदा | मैंने उसको बोनस भी दिया और कुछ पैसे अलग से भी दे दिए | अब मैं जब भी वहां जाता हूँ | मेरी तो मौज होती है उसे जम कर चोदता हूँ |

Wednesday, December 12, 2018

सहेली ने मुझे रंडी बनाया



सबसे पहले मैं आप सबको बता देती हूँ कि मेरा नाम सीमा है. मेरी उम्र 40 साल की है. फिगर बड़ा मस्त है.. एकदम सांचे में ढला हुआ, ये 32-36-38 का कटाव लिए हुए है. ख़ास बात ये कि मैं एकदम दूध सी गोरी और मक्खन सी कोमल हूँ. मेरी हाइट 5 फुट 3 इंच है, मैरिड हूँ. मेरे पति का जॉब विदेश में होने के कारण वे मुझसे अलग बाहर ही रहते हैं. मैं यहां अपने बेटे के साथ रहती हूँ.. लेकिन लास्ट ईयर से बेटा पढ़ाई के कारण हॉस्टिल में रहने लगा है, सो अभी मैं अकेली ही रहती हूँ.
अब जब दस साल से पति बाहर हैं, कभी कभार आते हैं तो तो मेरी सेक्स की इच्छा अधूरी ही है और वैसे भी मेरे पति को सेक्स में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं है, मुझे अभी सिर्फ़ साल में 2-3 बार ही सेक्स का सुख मिल पाता है, जिससे मैं बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हूँ.
अब चूंकि जब से अकेली रहने लगी हूँ, तब से मेरे मन में सेक्स की इच्छा पूरी करने के लिए किसी और के साथ सम्बन्ध बनाने को लेकर बहुत सोचती हूँ, लेकिन थोड़ा डर भी लगता है, सो हिम्मत नहीं कर पाती हूँ.
मुझे नवरात्रों में डांडिया खेलने का बड़ा शौक है, मैं नवरात्रि में गरबा करने घाघरा चोली पहन कर हमारे काम्प्लेक्स के नज़दीक में, जहां गरबा होता है, वहां चली जाती हूँ
एक दिन वहां मुझे एक मेरे से छोटी उम्र की महिला मिली. उसका नाम रीना था, वो मेरे पास वाले फ्लैट की है. उस लेडी से मेरी दोस्ती हुई. वो भी मेरी तरह शौकीन मिजाज की थी.
अब हम दोनों का नवरात्रि के बाद भी एक दूसरे के घर आना जाना, बात करना शुरू हो गया था. हम दोनों एक सी विचारधारा की थी तो अपनी पर्सनल बातें भी करने लगी थी.
वो मुझे कई बार बोलती थी कि आप इतने साल से बिना सेक्स किए कैसे रहती हो.. मुझे तो मेरा पति रोज एक बार तो चोदता ही है, फिर भी मैं संतुष्ट नहीं हो पाती हूँ, सो मैं दूसरे के पास भी चली जाती हूँ.
इस तरह से उसने मुझे उसके लव अफेयर के बारे में भी बताया और मुझसे पूछा- आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड है?
तो मैंने ना बोला.
एक दिन उसने मुझसे बोला- आज सिनेमा देखने का मूड है, चलो सीमा, चलते हैं.
मैं भी बोर हो रही थी, मैंने हां बोल दिया. हम सिनेमा के लिए हमारी सोसायटी से थोड़े दूर ही निकले थे कि एक फ़ौरचूनर कार आई.
उसने मुझसे बोला- चलो सीमा, गाड़ी में बैठो.
मैं तो कुछ समझ ही नहीं पायी. कार में आगे की सीट पर ड्राइवर और एक गन वाला आदमी था.
बीच की सीट में एक उम्रदराज आदमी बैठे थे, समझो करीब 60 साल के ऊपर के रहे होंगे. वो आदमी एकदम हट्टा कट्टा, थोड़ा काला, मुँह में पान चबाए हुए था. वो कुर्ता और लुंगी पहने हुए एक मुस्लिम था. उसकी दाढ़ी भी एकदम सफ़ेद थी.
रीना उसके पास बैठी और मैं रीना के पास बैठ गई. अब हम तीनों फिल्म देखने आ गए, वो रीना के कंधे पे हाथ डालकर बैठा था और जब थोड़ा अंधेरा हो जाता तो वो उसके मम्मों को दबा देता था.. ये सब मैं देखती थी.
फिर आधी फिल्म खत्म हुई, तो हम निकल आए. वो अपनी कार को सिटी से दूर एक फार्महाउस पर ले गए, वहां मुझे एक हॉल में बिठा कर वो दोनों करीब दो घंटे तक एक रूम में जाकर एंजाय करते रहे.. फिर उसने हम दोनों को घर छोड़ा.
मैंने रीना से पूछा तो उसने बताया कि मैंने तुम्हें बोला था ना, मेरा लवर है.
मैंने बोला- इतनी उम्र का?
तो वो बोली- उम्र से क्या होता, वो कितना पैसा मेरे लिए खर्च करता है और जितना सेक्स का मजा देता है, ऐसा तो कोई 25 साल का लड़का भी नहीं देगा.
मैं उसकी बात सुनकर हतप्रभ थी.
ऐसे ही मैं उसके साथ 3-4 बार गई और वो दोनों एंजाय करते थे.
एक दिन रीना मेरे घर आई थी. उसने मुझे बोला- सीमा तुम्हारे लिए एक ऑफर है.. बताऊं?
मैंने बोला- हां, बोला ना?
उसने बोला कि मुझे उन्होंने मतलब उसके लवर ने बोला है कि उनका एक दोस्त हैदराबाद से अगले वीक दो नाइट के लिए आने वाला है, यदि तुम उनको खुश करो तो..!
मैंने तो एकदम मना कर दिया- तुम क्या बोलती हो रीना!
फिर उसने बोला- जल्दी मत करो सीमा.. आराम से सोचना.. फिर बोलना, एकदम से मत बोलो. देखो तुम वैसे भी बिना सेक्स तड़पती हो, ये मैं जानती हूँ. तुम कैसे अपनी रातें काटती होगी, यहां तुम्हें सेक्स का सुख भी मिलेगा और सेफ्टी भी, ऊपर से वो तुम्हें 2 नाइट के लिए 1 लाख रूपया भी देंगे.
मैं उसकी बात सुनकर चुप रही.
फिर उसने अपने फोन से उसके लवर को कॉल किया और बोला- मैंने सीमा से आने को बोला है. लेकिन वो मना करती है.
फोन स्पीकर पर था, तो सामने से उन्होंने बोला- देखो कोई बात नहीं.. ये तो मैंने सोचा कि तुम्हारी सहेली है, इसलिए.. वरना मेरे पास 10 औरतों का बायोडाटा फोटो के साथ है. वो तो मेरे दोस्त को एकदम घरेलू जैसी ही चाहिए थी, सो मैंने बोला, बाकी जैसी उसकी मर्ज़ी, लेकिन जो भी है, मुझे कल बताना. फिर जिसको सिलेक्ट करूँगा, उसके लिए कपड़े वगैरह भी सब बनाना है.
इतनी बात के बाद उसने कॉल कट कर दिया. रीना भी मुझे सोचने का समय देकर चली गई.
उस दिन पूरी रात मुझे नींद नहीं आई. मैं सोचती रही. मेरे मन में सेक्स की तो इच्छा थी ही, रात में सेक्स के बारे में सोचते सोचते मेरी चूत से दो बार पानी निकल गया, पूरी पेंटी गीली हो गई.
सुबह में रीना का मैसेज आया- क्या सोचा?
मैंने बोला- तू पहले घर आ … फिर देखती हूँ.
फिर वो आई, मैंने बोला- रीना मैंने आज तक कभी ऐसा नहीं किया, सो डर लगता है, सोसाइटी में किसी को पता चलेगा तो?
रीना ने बोला- इस सबकी तुम बिल्कुल चिंता मत करो.. मैं हूँ ना.. और वैसे भी तुम्हें मालूम है, मेरे लव का, वो अपने एरिया के कॉरपोरेटर हैं और यहां के डॉन हैं. कोई तुम्हारे सामने आँख उठा कर भी नहीं देख सकेगा, जब कोई जानेगा कि तुम किसके साथ रीलेशन रखती हो, तो वैसे ही चुप हो जाएगा.
मैं चुप हो गई.. तो उसने सीधा फोन लगाया और उनको बोला कि सीमा तैयार हो गई है, अब और किसी को मत बोलना.
मैं तो देखती ही रह गई थी और उसने सीधा हां बोल दिया था. खैर.. मैंने भी मन बनाने को सोचा कि जो होगा देखा जाएगा.
फोन अभी चालू था और स्पीकर पर था.
उधर से उन्होंने बोला- ठीक है तो 3 बजे तुम दोनों बाहर आजो, मैं तुम्हें शॉपिंग के लिए ले जाऊंगा.. अभी 5 दिन बाकी हैं.
हम 3 बजे बाहर गए, उनकी कार आ कर हम दोनों को एक बहुत महंगे टेलर के पास ले गई. जहां कपड़ा भी उनके पास ही था, सिर्फ़ हमें कलर और फेब्रिक पसंद करना था.
मैंने और रीना ने कपड़े पसंद किये. मेरे लिए एक चोली घाघरा का कपड़ा पसंद किया. सिर्फ वो कपड़ा ही 25 हजार का था, उसकी सिलाई 15 हजार थी. फिर हम मॉल गए, उधर हमने 3-4 सैट फैंसी अंडरगारमेंट लिए, मेकअप का सामान वगैरह सब ले लिया. उन्होंने उस दिन मेरे लिए 75 हजार से भी ज़्यादा खर्चा किया.. ये सब तो सिर्फ़ मुझे सजाने के लिए खर्च किया गया था.
रीना मुझे शनिवार की सुबह में ही लेके निकल गई थी. वो बोली थी कि ब्यूटीपार्लर जाना है. जब मैं वहां आ गई तो मेरी बगलों के बाल, मेरी चूत के बाल, लेग वगैरह सब जगह वॅक्स करके एकदम मुझे चिकनी बंदी बना दिया गया.
इसके बाद मुझे वो करीब 4 बजे फार्म हाउस लेकर गई. मैंने देखा पूरे फार्महाउस पे सजावट हो रही थी. इतने आदमी काम कर रहे थे कि मुझे लगा कि कोई जलसा है.
मैंने बोला- इतना क्या है रीना यहां?
उसने बोला- वो जो उनके दोस्त आने वाले है, उनके लिए पार्टी अरेंज की है, ये सब उसी की तैयारी हो रही है. रात में पार्टी होगी, करीबन 150 लोग होंगे. पार्टी में सब मर्द उनके, जो बिजनेस रिलेटेड हैं, वे सब शिरकत करेंगे.
ये देख कर मैं शर्मा रही थी.
उसने बोला- अब चिंता मत करो.. चलो ऊपर चलते हैं. आज का तुम्हारा रूम दिखाती हूँ, जिधर तुमको संतुष्टि मिलेगी.
जब उसने ऊपर जाकर रूम खोला, तो मैं हैरान थी. बाप रे.. मैं देख कर दंग रह गई. पूरा बड़ा हॉल जैसा रूम था, जिसमें 10×10 का एक बेड लगा हुआ था, उस बेड को ताजे फूलों से खूबसूरत तरीके से सजाया जा रहा था. अभी काम चालू था. एक तरफ सोफा था, एक डाइनिंग टेबल भी थी. मैं तो पागल जैसे रह गई थी.
रीना बोली- सीमा, आज तुम्हारी सच में सुहागरात होगी.
यह कह कर वो हंसने लगी. मैं भी थोड़ा मुस्कुरा दी.
मुझे फिर उसने तैयार किया, चोली घाघरा पहनाया. मेरे लिए सोने का नैकलेस, रिंग, कंगन आदि सब लाया गया था. वो सब पहन कर दुल्हन की तरह सज गई.
फिर रीना बोली- देखो अब वो 8 बजे आएँगे, तुम्हें उनका वेलकम करने जाना है ओके.. सिर्फ़ तुम अकेली होगी, तब मैं नहीं आऊंगी. तुमको उन्हें गुलदस्ता देकर गेट से पार्टी में लेकर आना होगा. फिर बारी बारी सब लोग उनको वेलकम करने आएँगे, फिर पार्टी शुरू होगी, तो वो तुम्हें लेकर ऊपर आएँगे.
अब रीना धीरे से बोली- सीमा देखो. वो बहुत पैसे वाले हैं.. हां उम्रदराज हैं.. लेकिन अगर तुम उनको खुश करोगी, तो वो तुम्हें मालामाल कर देंगे.
मैं चुप रही.
फिर उसने बोला कि तुम्हारे बेड पे एक वाइट सिल्क का पेटीकोट रखा है, जब आप दोनों चुदाई शुरू करो, तुम अपने नीचे उसे रख लेना क्योंकि आज तुम्हारी रियल सुहागरात होगी, ब्लीडिंग हुई तो वो बेडशीट खराब ना हो और तुम्हें अपने सुहागरात की निशानी भी तो रखनी है ना.
इतना कह कर मुस्कुरा दी.
सब सैट हो गया था. अब मुझे भी चुदाई का इन्तजार था. ठीक 8 बजे वो आए, मुझे रीना का लवर लेकर गया- चलो सीमा, बॉस आ गए हैं.
मैं गई, उनको गुलदस्ता देकर स्वागत किया. जब मैंने उनको देखा.. बाप रे कम से कम 6.5 फिट की हाईट, बहुत मोटा सा आदमी एकदम काला भुजंग, करीब 65 साल की उम्र दिखती थी.. दाढ़ी एकदम सफ़ेद थी. वो कुर्ता पजामा में था.
जब मैंने गुलदस्ता दिया, उन्होंने जानबूझ कर मेरे हाथ को भी छू लिया था. वे मेरे बदन को पूरा निहार रहे थे. उनका वजन कम से कम 125 किलो का होगा. मैं एकदम घबरा गई थी लेकिन अब मेरे पास कोई रास्ता भी तो नहीं था. वो स्टेज पे मुझे अपने साथ लिए खड़े रहे, जैसे उनकी मैं बीवी होऊं. वो मुझे लेकर खड़े रहे.. बारी बारी सब लोग आकर उनको विश करते थे.
ठीक 9 बजने को आया, सब लोगों का मिलना पूरा हुआ तो रीना के लवर ने बोला कि बॉस अब आप भी ऊपर जाके खाना खाइए, आपकी पसंद का गुजराती भोजन तैयार है.
यह कह कर वो थोड़ा मुस्कुराया.
हम तीनों ऊपर चले गए. नीचे पार्टी चालू थी.
हम रूम में आए, रीना के लवर ने बोला- बॉस प्लीज़ अन्दर जाइए, आज की नाइट के लिए बेस्ट ऑफ लक.. सीमा तुम्हें भी बेस्ट ऑफ लक.
जैसे ही उनके साथ मैं रूम में गई, वो भी अन्दर आ गए और उन्होंने दरवाजा लॉक कर दिया. मैंने देखा कि डायनिंग टेबल पर हर तरह के स्वीट, जूस, फ्रूट आदि सजे थे. एक से एक डिश सजी थीं.. पानी की बॉटल रखी थीं.
उन्होंने मुझसे बोला- सीमा, मुझे मालूम है तुम्हें रात में सिर्फ़ जूस एंड फ्रूट लेने की आदत है.. सो मैंने खाने के लिए सिर्फ़ वो ही तैयार करवाया है, लेकिन आज हमारी पहली मुलाकात है, सो स्वीट तो चलना ही चाहिए. इसलिए थोड़ी स्वीट भी रखी है. चलो बैठो, हम खाना खाते हैं.
हम दोनों बैठ गए, फिर उन्होंने मुझे एक गुलाब जामुन मेरे मुँह में डाला. मैंने आधा खाया और आधा उनके मुँह में डाल कर खिलाया. फिर हम दोनों ने 2-3 तरह के जूस पिए. एक-दूसरे का झूठा खाया. बिल्कुल पति पत्नी जैसी फीलिंग आ रही थी.
अब उन्होंने बोला- बस मेरा हो गया. फिर हम दोनों साथ में जाकर हाथ धोकर आए. उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठा लिया. मैं तो सोच नहीं सकती थी कि इस उम्र में एकदम इतना पावर होगा. उन्होंने एक झटके में मुझे उठाया और बेड पे लेकर गए.
मैंने उनको बोला- लाइट ऑफ कीजिए ना.
तो वो बोले- अरे जानेमन.. जिस जिस्म को देखने हम पिछले एक वीक से तड़प रहे थे, बिना लाइट के उस हुस्न को कैसे देखेंगे. जब से तुम्हारी फोटो देखी है, हम तो तुम्हारे दीवाने हो गए थे जान.
उनकी बात सुनकर मैं शर्मा गई.
फिर उन्होंने धीरे से मुझे बांहों में लेकर किस करना शुरू किया. धीरे से मेरी पीठ पर मेरी ब्लाउज में हाथ डालकर ऊपर से सहलाना शुरू किया. जब उनका हाथ मेरे बदन पे पड़ा, लाइफ पे पहली बार मुझे लगा कि कोई मर्द का हाथ है. उनके हाथों का स्पर्श एकदम मजबूत और सख्त था. अब मैंने भी धीरे से उनको बांहों में लेकर क़िस करना शुरू किया. मुझे तो ये सब करते ही एकदम पहली बार पानी छूट गया था.
अब उन्होंने मेरा ब्लाउज खोला और ब्रा के ऊपर से मेरे मम्मों को दबाने लगे.. चूचियों को सहलाने लगे. अब उन्होंने मेरा घाघरा भी निकाल दिया. मैं सिर्फ़ ब्रा पेंटी में रह गई थी. वो मेरे बदन को सहलाते निहारते रहे और मैं उनके बदन की सख्ती को स्पर्श करती रही.
जैसे ही उन्होंने मेरी ब्रा का हुक खोला, मेरे चूचे एकदम से बाहर उछल आए. वो अपने हाथ से मेरे मम्मों को मसलने लगे. मैंने धीरे से उनके सिर को मेरी एक चूची पे लगाकर एक निप्पल उनके मुँह में डाल दिया. मैं अपने हाथ से अपने चूचे दबाकर उनको चुसवाने लगी.
बारी बारी से वो मेरे दोनों अंगूर चूसते रहे. वे मेरे दोनों चूचुकों को बहुत हार्ड सक कर रहे थे.
मैंने बोला- आह.. धीरे जी.. काटना मत प्लीज़.
उन्होंने मुझे उनके कपड़े निकालने को बोला. मैंने पहले उनका कुर्ता निकाला. जब मैंने उनका पज़ामा देखा, मैं एकदम बेहाल हो गई. उनके पजामे का आगे का भाग इतना उभरा हुआ था कि मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा था.
फिर मैंने पजामा निकाला तो अंडरवियर के ऊपर से देखा कि उनका लंड बहुत मोटा था. मेरे मुँह से निकल गया- बापरे इतना मोटा??? मैंने तो लाइफ में पहली बार देखा है.. मैं इसे नहीं ले पाऊंगी.
उन्होंने मुझे बांहों में लेकर बोला- सीमा डरो मत… कुछ नहीं होगा. हां फर्स्ट टाइम थोड़ा दर्द होगा, वो तो वैसे भी तुम्हारी रियल सुहागरात है, तो दर्द तो होगा ही.
यह कह कर वो मुस्कुराने लगे. फिर मैंने उनका अंडरवियर निकाला, एकदम काला कम से कम दस इंच लंबा और मेरी कलाई से भी मोटा लंड था उनका.. बिना स्किन का सुपारा था, एकदम चिकना और काला चुकन्दर जैसा दिख रहा था.
अब धीरे से उन्होंने मुझसे बोला- सीमा तुम इसे मुँह में लो.
मैं धीरे से नीचे जाके उनके पैरों के बीच में बैठ गई और उनका सुपारे पर किस करके धीरे धीरे मुँह में लंड लेना शुरू किया. उस सुपारे से कुछ मस्त कर देने वाली महक आ रही थी. कुछ ही पलों में मुझे लंड चूसना अच्छा लगने लगा. मैंने कम से कम 20 मिनट उनका लंड पूरा चूसा.
अब उनका मूसल सा लंड एकदम हार्ड हो गया था.. मेरी लार से.. और उनके रस से, उनका पूरा लंड चिकना हुआ पड़ा चमक रहा था. इस समय वो मेरी चूत में उंगली डालकर सहला रहे थे, मेरी चूत भी एकदम गीली हो गई थी. मैं एकदम गरम हो गई थी.
फिर उन्होंने मुझसे बोला- अब लेट जाओ सीमा रानी.. मैं लंड अन्दर डालता हूँ.
मैं अपने पैर खोल कर चित हो गई.
फिर वो मेरे ऊपर आकर बोले- सीमा मेरा वजन झेल लोगी ना?
मैंने बोला- हां..
जैसे उन्होंने अपना लंड मेरी चूत के होल पर रखा, मैंने अपने हाथ से उसे थोड़ा सा अपनी चूत पे घिसते हुए लंड को चुत के होल के ऊपर रखा और उनको धीरे से बोला- हां अब डालो.
उन्होंने लंड को अन्दर डालने की जैसे ही कोशिश की, मेरे मुँह से ज़ोर से चीख निकल गई- बाप रे ईई.. मर गईईई.. कोई बचाओ..
फिर भी उन्होंने एक ज़ोर से झटका मार दिया. मेरी चूत तो जैसे फटी जा रही थी. ऐसा लग रहा था कि आज किसी ने गरम सरिया मेरी चूत में पेल दिया हो.
मैं लगभग बेहोश हो गई थी. फिर वो थोड़ी देर रुके, फिर एक ज़ोर से झटका मारा. मैंने मरी सी आवाज में बोला- अभी कितना गया?
उन्होंने बोला- आधा गया है.. अब एक ही झटके में पूरा घुस जाएगा सीमा.
यह कहते ही उन्होंने एक ज़ोर से झटका दे मारा, मेरी आँख से आँसू निकल गए. उनका पूरा मूसल लंड मेरी चूत के अन्दर चीरता हुआ चला गया.
मैं दर्द से कलप उठी. करीब 5 मिनट वो ऐसे ही पड़े रहे. फिर धीरे धीरे उन्होंने मेरी चूत में लंड को अन्दर बाहर करना शुरू किया. कुछ देर के दर्द के बाद अब मुझे भी अच्छा लगने लगा था. हां मेरी चूत के अन्दर बहुत जलन हो रही थी, दर्द भी बहुत ज्यादा था, अब खूब मज़ा भी आने लगा था.
वो मेरे ऊपर ही चढ़े हुए मुझे ज़ोर ज़ोर से चोद रहे थे.. साथ में मेरे बूब्स को भी दबा रहे थे. मैं उनकी पीठ सहलाती जा रही थी. मेरे मुँह से मस्त कामुक आवाजें निकल रही थीं- उहह.. अहह..
कुछ देर की मस्त चुदाई से हम दोनों के बदन एकदम पसीने से भीग गए थे. वे मुझे पेलते हुए बोले- सीमा तुम मेरी लाइफ में 22 वीं औरत हो, जिसे मैं चोद रहा हूँ.. लेकिन तुम जैसी इतनी कमाल कोई नहीं देखी.. आह.. क्या मस्त चूत है, साली लंड को छोड़ती ही नहीं है.. एकदम अन्दर पकड़ के रखा है.
उनकी बात सुनकर मैं मुस्कुरा दी और उनको चूम लिया. उन्होंने मुझे कम से कम 45 मिनट तक चोदा.. इस बीच मैं दो बार झड़ चुकी थी. वे अब भी मुझे चोदने में लगे थे.
वो तभी एकदम तेज हुए और बोले- अब मेरा निकलेगा.. आज पहली बार है सो चूत में ही निकालूँगा.
तभी एक ज़ोर से गरम पिचकारी मेरी चूत में मुझे फील हुई और मेरी चूत पूरी भर गई. वो मेरे ऊपर ही छा गए.
दस मिनट तक लंड को चुत में डालकर पड़े रहे. नीचे मेरी चूत से रस बह रहा था.
फिर वो मेरे ऊपर से उतरे, देखा नीचे मेरे वाइट पेटीकोट पर बहुत खून निकला हुआ था.. उनका वीर्य भी था.
वो खुश होकर बोले- देखो, ये सच्ची सुहागरात हुई.
उन्होंने अपने दोस्त को कॉल किया कि रीना को भेजो, मेरी सीमा उसको ये पेटीकोट, उसकी सुहागरात की निशानी देना चाहती है.
वे मुझे चूमते हुए बोले- जाओ थोड़ा दरवाजा खोलकर तुम ये रीना को देकर आओ.
मैं जरा लंगड़ाते नंगी ही गई, थोड़ा दरवाजा खोला तो बाहर से रीना बोली- बधाई हो सीमा..
उसने मेरे हाथ से पेटीकोट लिया और चली गई. वो जाते हुए बोली- पूरी रात के लिए बेस्ट ऑफ लक.
उस रात उन्होंने मुझे पूरी रात में 5 बार चोदा. मैं सुबह उठ ही नहीं पा रही थी, इतना दर्द हो रहा था.
वैसे ही दूसरे दिन भी उन्होंने मुझे 5 बार चोदा.
इसके बाद मुझे विदाई मिली, बहुत सारे जेवर, रुपए और सबसे बड़ी बात मेरी चूत को संतुष्टि मिली.
आपको मेरी कामुक सेक्स स्टोरी पसंद आई होगी, ऐसी मुझे आशा है. फिर और नयी कहानी लेकर आऊंगी.. बाय.
shahseema38@gmail.com

Wednesday, November 1, 2017

बहन को चोद कर गर्भवती किया


Bahan Ko Chod Kar Garbhwati Kiya


दोस्तो, अन्तर्वासना में यह मेरी पहली चुदाई की कहानी है. मेरा नाम राजवीर है, मैं दिल्ली का रहना वाला हूँ. मेरी उम्र 25 साल है.
मैं एक साधारण से परिवार से हूँ. मेरे घर में मेरे पापा-मम्मी और एक छोटी बहन है, उसका नाम शैली है. उसकी उम्र 22 साल है. उसकी फिगर कमाल की है. मेरी बहन की शादी को लगभग एक साल हो गया है. उसकी शादी ग्वालियर में हुई थी.
शादी से पहले ही मैं और वो बहुत रंगरेलियाँ मना चुके थे. मैंने उसके जिस्म के एक-एक भाग को तबियत से रगड़ा हुआ था. वो भी मेरे लंड की बहुत दीवानी थी. उसकी शादी के 3 साल पहले तक मैंने उससे घर के हर कोने में हर तरह से चुदाई की हुई थी. शैली भी मेरे संग चुदाई में मेरा पूरा साथ देती थी.
हम दोनों साथ में नहाते थे, जब भी अकेले होते तो बिना कपड़ों के ही घूमते थे. पर जब से उसकी शादी हुई, मैं बिल्कुल अकेला पड़ गया.
फिर मेरी किस्मत ने साथ दिया. शैली ससुराल से पूरे 10 दिनों तक रहने के लिए यहाँ आ गई. हमने फोन पर ही प्लानिंग कर ली थी. मम्मी-पापा एक शादी के चक्कर में शहर से दूर गए हुए थे. वो जिस दिन निकले, उसी दिन शैली आ गई. अब हमारे पास पूरे 10 दिन और मस्ती के लिए पूरा घर खाली था.
मैं उससे स्टेशन पर रिसीव करने गया. वहाँ पर हम दोनों बिल्कुल नॉर्मली मिले. मैंने सामान उठाया और हम कार में आकर बैठ गए. शैली ने कार में बैठते ही मुझे गले से लगा लिया. अगले 5 मिनट तक हम यूं ही चिपके रहे, फिर हमने एक किस की और वहाँ से घर की ओर निकल पड़े.
घर आकर शैली ने अपने आने की वजह बताई कि उसके ससुराल वाले अब उससे बच्चे के लिए बोलने लगे हैं कि परिवार को अगला वंश कब मिलेगा?
मैंने पूछा- तो इसमें दिक्कत क्या है?
फिर शैली ने बताया कि वो अपना पहला बच्चा मुझसे चाहती है, अपने पहले प्यार से.. इसलिए ही वो बहाना बना कर यहाँ आई है.
मैंने भी दिलासा देते हुए कहा- तेरी कोख में ही भरूँगा.. तू ही पहले मेरे बच्चे को जन्म देगी.
फिर हम शाम की तैयारी में लग गए. शाम हुई और मैं जल्दी से नहा कर शॉर्ट में घूमने लगा. शैली ने भी जल्दी से तैयारी कर ली. हमने डिनर किया और फिर शैली नहाने बाथरूम में चली गई. लगभग 20 मिनट बाद जब शैली बाहर निकली तो मैं हैरान रह गया. वो पहले से भी ज़्यादा गदराई हुई और सेक्सी लग रही थी. उसका जिस्म बिल्कुल चमक रहा था और उसने हल्का सा गहरे गले का टॉप और नीचे छोटी सी स्कर्ट पहन रखी थी, जो मुश्किल से उसकी चूत को ढक पा रही थी.
मैं उसे इस तरह देख कर अपना लंड सहलाने लगा. वो दूसरे रूम में जाकर हल्का सा तैयार होकर मेरे कमरे में आई.
उसने आते ही लाइट बंद कर दी.
मैं उसके करीब गया और उसे अपनी बांहों में भर लिया. मैंने फिर उसके जिस्म की तारीफ की और उससे बेतहाशा चूमने लगा, उसने भी मेरा पूरा साथ दिया. मैं अपने एक हाथ से उसकी चुचियों को टटोलने लगा और अपना दूसरा हाथ उसकी स्कर्ट में डाल कर उसकी गांड की लकीर को सहलाने लगा.
शैली आहें भरने लगी, मैं उसे ऐसी ही पोज़िशन में बेड के करीब ले गया. वहाँ जाकर मैंने उससे गले पर काटने-चूसने लगा. मैंने उसकी दूध से भरी चूचियां दबा-दबा कर जी भर के काटी और खूब चूसीं.
फिर मैंने शैली के जिस्म से उसका टॉप अलग कर दिया और एक-एक करके उसकी स्कर्ट फिर उसकी पेंटी भी उतार दी. शैली ने झट से मेरे शॉर्ट में हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया और दूसरे हाथ से मेरे कपड़े उतार दिए.
फिर मैंने अपना लंड हल्का सा हिलाया शैली को इशारा किया और शैली ने मेरे 7.5 इंच का लंड पूरा अपने मुँह में भर लिया और बड़े प्यार के साथ उसे चूसने लगी. वो मेरे लंड को बड़ी बेकरारी से चूस रही थी. मैंने उसकी चुचियाँ मसलनी शुरू की, जैसे-जैसे मुझे मज़ा आने लगा मैंने शैली के मुँह में ही झटके मारने शुरू किए और अगले 5 मिनट में शैली के मुँह में ही झड़ गया. शैली ने मुँह से लंड बाहर निकालना चाहा, पर मैंने निकालने नहीं दिया बल्कि उसे क्स कर पकड़ कर पूरा माल ज़बरदस्ती उसे पिला दिया. उसने भी पूरा रस गपागॅप पी लिया.
फिर उसने अपना मुँह साफ़ किया. मैंने उसे उठाया और किस करने लगा. वो भी अब तक बहुत गरम हो गई थी. मैंने उसे गोद में उठा कर बिस्तर पर पटका और उसकी टाँगों के बीच में आ गया.
उसकी चूत में से क्या मस्त खुशबू आ रही थी. मैंने अपनी बहन की चूत चाटनी शुरू की. चुत पर जीभ के स्पर्श से वो तो मानो स्वर्ग में पहुँच गई थी. पूरा कमरा उसकी आवाजों से गूँज रहा था. वो बिस्तर को मसले जा रही थी और मैं उसकी चूत चाटता जा रहा था. फिर उसने मेरे सिर को कस कर अपने चूत पर दबा लिया. मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है. अगले ही पल उसका शरीर अकड़ गया और एक तेज़ धार उसने मेरे मुँह में छोड़ दी. मैं भी उसका चूत रस पी गया. इतने में वो थक गई.. पर मेरा लंड दूसरे चक्कर के लिए जाग गया था.
मैंने शैली से कहा- तैयार हो जा मेरी जान.. आज तू अपने भाई का लंड फिर से लेने वाली है.
वो खुश हो गई, मैंने उससे चित लिटाया और उसके ऊपर आ गया. लंड को चुत पर सैट करके उसकी चूत में एक ही झटके में अपना आधा लंड घुसा दिया. वो दर्द से चिल्ला पड़ी, मैंने परवाह ना करते हुए लंड थोड़ा पीछे निकाला और एक और झटके के साथ पूरा घुसा दिया. उसकी आँखों से आँसू निकल आए. फिर मैंने उसकी चीख को कवर करने के लिए अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और कुछ देर तक उसे यूं ही चूमता रहा.
फिर उसकी चूत में धीरे-धीरे अपना लंड हिलाने लगा और 5 मिनट बाद शैली की चूत में ज़ोर-ज़ोर से शॉट मारने लगा. शैली दर्द से कराहती रही, चीखती रही. पूरा कमरा उसकी आहों से गूँज रहा था, पर वो साथ भी पूरा दे रही थी.
करीब 10 मिनट तक मैं उससे इसी तरह चोदता रहा, फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उससे चूमने लगा. वो थोड़ा शांत हो गई.. पर बहुत खुश भी थी. फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में झुकाया और इस पोज़िशन में काफ़ी देर तक चोदता रहा, वो इस बीच 2 बार झड़ चुकी थी.
अब मैं भी झड़ने वाला था, मैंने उसे चित लिटाया, उसकी टांगें अपने कंधों पर रख उसे धकापेल चोदने लगा. मेरा लंड उसकी चूत की जड़ में टकरा रहा था. जब-जब मेरा लंड पूरा अन्दर जाता शैली चीख उठती.
मैं जैसे ही झड़ने को हुआ मैंने शैली को कस कर पकड़ लिया. उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया और उसके ऊपर ही लेट गया. अगले 10 मिनट तक उसकी चूत में से मैंने अपना लंड नहीं निकाला.
उस रात मैंने शैली की 4 बार चुदाई की सुबह साढ़े पांच बजे हम दोनों आख़िरी बार झड़े और थक कर शैली मेरे ऊपर ही सो गई.
मेरी बहन की चुदाई की कहानी आप सबको कैसी लगी.. मुझे ज़रूर मेल करें.

Tuesday, October 31, 2017

अपनी बहन को दोस्त से चुदवाया

Apni Behan Ko Dost Se Chudwaya : हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम पीलू है और मेरी उम्र 24 साल है। आज में आपको मेरी एक रियल स्टोरी शेयर कर रहा हूँ। मेरी फेमिली में हम 5 लोग रहते है मेरे मम्मी, पापा और 2 बहनें है, बड़ी बहन की उम्र 28 साल, वो शादीशुदा है और शिल्पा की उम्र 22 साल, वो कॉलेज में पढ़ रही है। मेरी बहन शिल्पा का बहुत कम उम्र में ही मस्त फिगर हो गया था, बड़े-बड़े दूध और गांड भी बहुत मस्त हो गयी थी। अब में जब भी उसको सोते हुए देखता तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था। अब में अपनी बहन को चोदने की सोच रहा था, लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि कैसे चोदूं? उसकी मोटी-मोटी जांघे, बड़ी गांड, सांवला भरा-भरा बदन, मुझे मदहोश कर देता था।
मेरा एक फ्रेंड था नील, वो मेरे बहुत क्लोज़ था। एक दिन हम दोनों ने सौदा किया कि हम दोनों एक दूसरे की बहन को पटायेंगे और चोदेंगे। फिर 2-3 महीने में मैंने नील की बहन पूनम को पटा लिया और नील ने मेरी बहन को पटा लिया। मेरी बहन तो नील से चुदवाने को बैचेन थी और मोबाईल पर ज़्यादा टाईम नील से ही बात करती थी। अब में जब भी नील के घर जाता और नील मेरी बहन को कॉल करता था और नील और मेरी बहन के बीच बहुत सेक्सी बातें होती थी। नील इयरफोन लगाकर उससे बात करता था और एक साईड का इयरफोन में अपने कान में लगाता था। मेरी बहन क्या हॉट बातें करती थी? उसकी बातों से ये समझ में आता था कि वो नील से जल्दी ही चुदना चाहती है। मैंने भी नील को बोल रखा था कि जितनी जल्दी हो सके मेरी बहन शिल्पा को चोदो, क्योंकि में अपनी बहन को चुदते हुए देखना चाहता था।
फिर कुछ दिनों के बाद नील ने शिल्पा को चोदने का प्लान बनाया और चुदाई की जगह मेरा रूम फिक्स हुआ। फिर जब नील ने शिल्पा से कहा कि तुम्हारे भाई के रूम में ही करेंगे। फिर वो बोली कि भाई कहाँ रहेगा? तो नील ने कहा कि वो मेरी बहन को गणित पढ़ाने जायेगा तो हम उसी टाईम करेंगे। फिर वो भी मान गयी। मेरा रूम घर के फ्रंट में है और बाकी फेमिली के लोग अंदर की तरफ ही रहते है और मेरे रूम की तरफ बहुत कम आते है, मेरी बहन ही मेरे रूम में सबसे ज़्यादा टाईम आती है और हम दोनों घंटो वहाँ बैठते है और बातें करते रहते है, इसलिए घर के लोग ध्यान नहीं देते है। फिर अगले दिन दोपहर 1 बजे नील ने मुझे कॉल किया कि वो शिल्पा को चोदने घर आ रहा है तो ये सुनकर में पहले से ही अपने रूम में आ गया और अपने बेड के नीचे छुप गया और बेडशीट भी थोड़ा नीचे कर लिया जिससे में छुप सकूँ। मेरे बेड के नीचे और भी बड़ा सामान रखा था, जिससे में आसानी से छुप गया और ये सब मेरे दोस्त को पहले से ही मालूम था।

फिर थोड़े टाईम के बाद मेरी बहन रूम में आकर सोफे पर बैठ गयी और नील के आने का इंतजार  करने लगी। अब में बहुत खुश था, क्योंकि अब में अपनी बहन को नंगा देखने वाला था। फिर 10 मिनट में नील भी आ गया। फिर जैसे ही वो अंदर आया तो मेरी बहन ने डोर लॉक कर दिया और बिना टाईम ख़राब किए वो दोनों एक दूसरे से चिपक गये। फिर नील ने बेड से गद्दा उठाया और फर्श पर रख लिया, जिससे में पूरा सीन देख सकूँ, अब मुझे सब कुछ दिख रहा था। फिर नील ने मेरी बहन के कपड़े उतारने शुरू किए, उसने पहले सलवार उतारा तो जैसे ही सलवार उतरा तो मुझे शिल्पा की मस्त-मस्त जांघे दिखी। फिर कुर्ती उतारी, अब मेरी बहन पेंटी और ब्रा में थी, मेरी बहन क्या मस्त माल लग रही थी? भरा-भरा बदन। अभी तो उसके पेंटी और ब्रा भी नहीं उतरे थे और मेरा लंड टाईट हो गया और अब मेरा लंड पानी निकाल रहा था।
फिर थोड़ी देर में नील ने मेरी बहन की ब्रा का हुक खोला तो जैसे ही ब्रा निकली तो मेरी बहन के बूब्स झूल गये, क्या बड़े-बड़े बूब्स थे मेरी बहन के? फिर नील ने शिल्पा के बूब्स दबाना शुरू किया और मैंने मुठ मारना शुरू किया। फिर नील ने शिल्पा की पेंटी उतार दी, वाऊ क्या माल थी मेरी बहन? उसकी चूत के ऊपर काले-काले बाल थे। मैंने पहली बार अपनी बहन की चूत देखी, उसकी झांट देखी, उसकी गांड देखी। मैंने अपनी बहन का हर अंग देखा। अब मुझे अपनी बहन को पूरी नंगी देखकर बहुत मस्त लग रहा था। अब में मुठ मारते जा रहा था। फिर  जैसे ही मेरा माल निकलने वाला होता तो में रुक जाता और अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था, अब मुझे ऐसा लग रहा था कि बाहर निकल कर अपनी बहन की चूत चाट लूँ। फिर शिल्पा गद्दे पर लेट गयी और नील ने भी अपनी जीन्स, टी-शर्ट निकाल दी, अब उन दोनों की साँसे तेज चलने लगी थी और मुझे उनकी सांसो की आवाज़ आ रही थी। मैंने पहली बार महसूस किया कि मेरी बहन कितनी हॉट और सेक्सी है।
फिर नील ने शिल्पा की चूत में उंगली घुसा दी तो शिल्पा ने अपनी आँखे बंद कर ली। फिर नील अपनी उंगली अंदर बाहर करता रहा। फिर नील ने जीभ से मेरी बहन की चूत चाटना शुरू किया तो मेरी बहन सिसकियां भरने लगी। अब शिल्पा नील का लंड चूस रही थी और नील शिल्पा की चूत चाट रहा था और में मूठ मार रहा था। फिर नील शिल्पा के ऊपर चढ़ गया और अपने लंड पर ऑयल लगाया और चूत पर अपना लंड रख दिया। फिर मेरी बहन ने नील का लंड पकड़ा और चूत में घुसाने लगी, अब नील का आगे का सुपाड़ा ही अंदर गया था कि शिल्पा मदहोश हो गयी। फिर नील ने धीरे से अपना पूरा लंड अंदर चूत में घुसा दिया तो शिल्पा ने नील को कस कर जकड़ लिया। फिर नील ने झटके देने चालू किए और इधर मेरे लंड ने झटके मार दिए, मेरा पहली बार इतना ज़्यादा माल निकला और मेरा पूरा बदन कांप गया और मेरे बदन में जोरदार झटके लग गये।