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Friday, December 14, 2018

दोस्त की कजिन की धमाकेदार चुदाई

नमस्कार दोस्तों | मैं रितेश वर्मा आपका स्वागत करता हूँ | अपनी चुदाई और मस्त गांड पेलाई से भरी हवश की इस कहानी में | मेरी उम्र 29 साल की है | मैं एक बैंक में नौकरी करता हूँ | वैसे तो लोगों के हिसाब से मैं एकदम शरीफ आदमी हूँ लेकिन मेरे अंदर चुदाई के लिए कितनी हवस भरी पड़ी है वो तो बस मैं ही जानता हूँ या वो जिनकी मैंने चूत फाड़ी है | मैं ये चुदाई का खेल आज से नही करीब पिछले 10 सालों से खेल रहा हूँ | आज मन में आया कि क्यों न कुछ यादें आप लोगों से साझा करू | मेरे शरीर को देख कर कोई ये हिसाब नही लगा सकता है कि मेरी उम्र इतनी है | आखिर मैंने ऐसे जो मेन्टेन कर रखा है अपने शरीर को | अब अपने लंड का भी तो ज्ञान दे दूं | मेरे लंड महराज 7 इंच लम्बे है | चुदाई के मामले में तो इनका कोई तोड़ नही | ऐसी चुदाई करते हैं की चूत का भोसड़ा बना कर रख देते हैं और अगर गांड में घुसे तो फिर तो गांड फटना पक्का | मेरी शादी 2 साल पहले हो गई थी | मैंने अपनी बीवी की तो जम कर चुदाई की | इतनी की उसकी चूत का भोसड़ा बन गया | उसकी गांड मार मार कर तो मैंने ऐसे कर दिया है कि अब उसकी गांड हमेशा उठी ही रहती है | पहले तो उसे दिक्कत हुई फिर वो भी मज़े से मुझसे चुदवाने लगी |
वैसे तो मेरी जिन्दगी में चुदाई के किस्सों की कमी नही है लेकिन उनमे से सबसे यादगार चुदाई के बारे में आज बताता हूँ | मेरे और मेरे दोस्त की बहन की चुदाई का किस्सा | ये बात 4 साल पहले की है | अभी मेरी नौकरी नही लगी थी | अभी मैं बैंक के पेपर की तैयारी कर रहा था | मेरा एक दोस्त है अनुराग | जो मेरे साथ बचपन से रहा हम ने साथ में पढाई की और खूब मस्त भी की | वो बहुत ही सीधा लड़का था | एमें अक्सर उसके घर जाया करता था | हम वहां साथ में बैठ कर टीवी देखते और पढाई भी करते | अनुराग का घर ज्यादा दूर नही है इसी लिए हमारा ज्यादा समय साथ में ही बीतता था | एक बार मैं अनुराग के घर गया तो देखा कि उसके घर कुछ मेहमान आये हुवे हैं | मैं वापस जाने लगा | तभी अनुराग  आ गया | वो मुझे अपने साथ में अपने कमरे में ले गया | और बताया कि उसके घर पर उसके मामा जी का परिवार आया हुआ है | हम बैठ कर साथ में टी वी देखने लगे तभी एक लड़की कमरे में आयी | क्या मस्त माल थी |उसका फिगर 36-30-32 था | एक दम कड़क पटाका लग रही थी |  उसके बड़े बड़े मम्मे तो बस देखते ही मुंह में रख लेने का मन हो रहा था | वो जैसे ही कमरे में आयी मैं उसे घूरने लगा वो भी मुझे बड़े ध्यान से देखने लगी | तभी अनुराग ने बताया कि ये उसके मामा जी की लड़की है | इसका नाम इशिका है | और ये अभी लखनऊ से स्नातक कर रही है | वो उसके बारे में बताये जा रहा था लेकिन मैं तो बस इशिका को ताड़ने में लगा हुआ था | तभी अनुराग ने बताया कि वो यहाँ दो महीने रुकने के लिए आयी है | फिर तो मैंने सोच लिया कि कैसे भी इसे पटाउँगा | फिर तो मैं अब रोज़ अनुराग के घर जाने लगा और ज्यादा से ज्यादा समय अनुराग के घर पर रहने लगा | जिससे मेरी इशिका से बहुत जल्दी दोस्ती हो गई |
एक बार की बात है शाम के वक्त मेरे मन में आया क्यों न एक बार इशिका से मिल आऊ | ये सोच कर मैं अनुराग के घर चला गया | जब मैं पहुंचा तो मैंने डोर बेल बजाई | तो फिर इशिका ने दरवाजा खोला | उसने बताया कि कि अनुराग घर पर नही है | तो मै वापस जाने लगा तो इशिका ने मुझे रोका और कहा आओ वो अभी आ जायेगा तब तक बैठो | मै मान गया  और उसके साथ अंदर चला गया | तभी मैंने देखा कि घर में कोई नही था पूछने पर इशिका ने बताया कि आंटी बाज़ार गई है | ये सुन कर मेरी धड़कने बढ़ गई | तभी मैंने सोचा कि ये एक अच्छा मौका है | थोड़ी देर बाद बाते करते करते मैंने झट से इशिका का हाँथ पकड़ा और बोला इशिका मैं तुमसे प्यार करता हूँ जब से तुम्हे देखा है | बस तुम्हारे लिए जी रहा हूँ | मैं तुमसे कब सीपने मन की बातें बताना चाह रहा था लेकिन नही बता पा रहा था | कह दो कि तुम भी मुझसे प्यार करती हो | वो मुझे ध्यान से देखने लगी | मैं डर गया लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और गले से लगा लिया |और बोली रितेश मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ | आई लव यु | मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना नही रहा | ऐसा लग रहा था मानो मेरा सपना पूरा हो गया हो | हम कुछ देर ऐसे ही चिपके रहे |  मुझे अब कुछ अजीब सा हो रहा था मैंने तुरंत उसके गले पर किस कर दिया | उसने भी मुझे किस किया | फिर मैंने उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिये और जोर जोर से स्मूच करने लगा वो बेकाबू हो रही थी | फिर मैंने उसके मम्मों पर हाँथ रख दिया और धीरे से दबाया उसकी आह्ह.. निकल गई | उसने मन किया और बोली ये सब आज नही कोई आ जायेगा | फिर फिर मैं मान गया और एक गाल पर किस दिया और चला आया | मेरा लंड तो खड़ा हो चुका था | इसी लिए मुझे मुठ मार कर अपने लंड को शांत करना पड़ा |

फिर क्या था अब तो रोज़ 2 – 3 बार मैं किसी न किसी बहाने अनुराग के घर जाता और  आँखों ही आँखों में इशिका से बात होती | तो कभी मौका पा कर मैं उसे किस कर देता तो कभी उसके बूब्स को दबा देता था | एक बार शाम को इशिका ने मुझे फ़ोन कर के अर्जेंट घर बुलाया मैं डर गया | मैं जल्दी से भाग कर अनुराग के घर गया जैसे ही बेल बजाई | इशिका ने दरवाज खोला मैंने पुछा कि क्या हुआ तो उसने कहा अन्दर चलो बताती हूँ | मैं अंदर गयेशिका ने दरवाज़ा बंद किया और झटके से मेरे पास आ गई और मेरे लिप्स पे लिप्स रख दिए | मैंने कहा क्या हुआ तो उसने बोला कि तुमने मेरे अंदर जो आग भड़काई है | उसे आज बुझा दो | मैं अब और नही सह सकती फिर क्या था किसो का दौर शुरू हो गया | वो मुझ को तेज़ तेज़ से किस किये जा रही थी | फिर क्या था मेरा भी लंड एकदम तैयार हो गया था | मै उसके बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा | वो मोअन करने लगी | आह्ह्ह्ह… आह्हह…. आई लव यू बेबी …. | मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसे कमरे में लेकर गया | और जोर जोर से उसके बूब्स को दोनों हाँथो से दबा कर पीने लगा | वो अब और भी जोर से चिल्ला रही थी | फिर मैं नीचे बैठ गया | और मैंने धीरे से इशिका की चूत को किस किया वो एकदम चिहुक गई आह्हह … अब मुझे और न तड़पाओ मेरी जान | मैंने कहा आज मैं तुम्हे पूरा मज़ा दूंगा  और | मैंने अपनी जबान उसकी चूत में डाल दी और उसे चाटने लगा | इशिका के मुहं से निकलती हुई आवाजें और भी तेज हो गई | थोड़ी ही देर में उसने पानी छोड दिया |मै उसका सारा रस पी गया | खड़ा हुआ मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था | मैंने इशिका से लंड चूसने को कहा तो उसने मन कर दिया मुझे बुरा लगा लेकिन मैंने भी जबरदस्ती नही की | फिर मैंने इशिका को बेड पर सीधा लिटा दिया और अपना लंड अन्दर घुसाना चाहा | लेकिन उसकी चूत बड़ी टाईट थी इसलिए मेरा लंड फिसल गया | उसने मेरे लंड को पकड के सही लगाया और फिर मैं धीरे धीरे कर के अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया और उसको चोदने लगा | अभी वो चिल्ला रही थी | उसे पहले तो थोडा दर्द हुआ फिर मज़ा भी आने लगा | पहले तो मैंने एकदम धीरे धीरे चोदा | फिर मेरी स्पीड बढ़ गई | वो भी आह्ह्हह्ह्ह्हह्ह… आय्ह्ह्ह…अय्य्य्हह्ह्ह कर के हिल रही थी | और अब मस्त चुदवा रही थी |  उसके बाद मैं सीधा लेट गया और  वो मेरे ऊपर आ कर बैठ गई और मेरा लंड अपनी चूत में ले लिया | और खूब कूद कूद कर मज़े से चुदी | ऐसे ही करीब 2 घंटे तक मैंने उसे चोदा | फिर मै अपने घर चला गया |
कुछ दिनों के बाद इशिका वापस चली गई | फिर उसने मुझसे दोबारा कांटेक्ट नही किया | बाद में पता चला कि उसकी शादी हो गई | वो दोबारा मुझे नही मिली लेकिन उसकी चुदाई के बारे में जब भी सोचता हूँ मेरा लड़ खड़ा हो जाता है |

Wednesday, December 12, 2018

मम्मी पापा की चुदाई देख सिस्टर के साथ सेक्स किया

दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है. मुझसे यदि कोई भूल हो जाए तो अपना समझ कर माफ कर देना. मेरा नाम साहिल है, मैं गुजरात से हूं.
यह कहानी मेरी ओर मेरी बहन के बीच की है. मेरी बहन मुझसे सवा साल छोटी है. वैसे तो ये कहानी बहुत पहले से ही शुरू हो चुकी थी जब मम्मी और पापा की चुदाई देख कर मेरा चुदाई करने का मन होने लगता था. उसी वजह से मैं वो सब अपनी बहन पर आजमाता था जैसे कि मैं उसकी गांड में उंगली कर देता था या कभी उसकी चुचियों को दबा देता था … वगैरह वगैरह.
बाद में जब मैं 20 साल का हुआ, तब एक रात को मैंने देखा कि मेरे पापा मम्मी की गांड मार रहे थे और मम्मी ‘आह्ह … ओह … उचए … उम्मम … ओहह …’ कर रही थीं. उस दिन मेरा मन खराब हो गया. उस वक्त रोज की तरह मेरे साथ मेरी छोटी बहन बगल में ही सो रही थी.
मैंने उसे देखा, वो सलवार कमीज़ में थी और मेरी तरफ गांड करके सोई हुई थी. जब मैंने उसकी गांड देखी, तब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी गांड पर अपना हाथ रख दिया. वो कुछ न बोली. शायद वो गहरी नींद में सो रही थी. इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैंने उसके करीब जाकर उसकी गांड को अपने लंड के साथ टच कर दिया व एक हाथ उसके मम्मों पर रख दिया.
इतने में ही उसने करवट ली. मैं डर के मारे पीछे को हो गया और सोने का नाटक करने लगा.
कुछ देर बाद कोई हलचल न होने के बाद मैंने फिर से अपना लौड़ा उसके पीछे चिपका दिया. अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, इसलिए मैंने बहन की सलवार का नाड़ा खोलने के लिए हाथ बढ़ाया और नाड़ा मिलते ही खोल दिया. फिर उसकी सलवार को नीचे कर दिया. उसने लाल रंग की पैन्टी पहनी थी. उसकी बड़ी गांड देख कर मेरा लंड तन कर पूरा 7″ का हो चुका था.
फिर मैंने उसको सीधा लिटा दिया और उसकी पैन्टी भी नीचे को कर दी. अब मैंने उसकी चूत को देखा और देखता ही रह गया. मेरी बहन की चूत एकदम गोरी चूत थी. उसकी चूत पर अभी कुछ बाल निकलने ही शुरू हुए थे. उसकी चूत की झांटें छोटे छोटे ब्राउन से रेशमी बाल जैसे थे. फिर मैंने उसकी चूत के पास होकर चूत की एक चुम्मी ली और चूत चूसने लगा. तभी उसने करवट ली, जिससे मैं डर गया और उसके कपड़े ठीक कर दिए.
फिर मैंने बाथरूम में जा कर मुठ मार कर खुद को शांत किया और सो गया.
अगले दिन सुबह जब मैं उठा, तो मेरी बहन कुछ काम कर रही थी और मम्मी नाश्ता बना रही थीं. मुझे उठा हुआ देखकर बहन ने गुड मॉर्निंग कहा और कहा कि मम्मी ने चाय बना दी है, आप पी लो.
मैं चाय पीते हुए अपनी बहन की गांड देख रहा था. थोड़ी देर बाद वो कमरे में झाड़ू लगाने आई. वो झुक कर झाड़ू लगा रही, जिससे उसके गहरे गले वाले कुरते में से उसके हिलते हुए मम्मे दिख रहे थे. मैं अपना लंड सहलाता हुआ उसके बड़े बड़े मम्मों को देख रहा था.
उसने मुझे लंड सहलाते हुए देखा तो शायद वो ये जान चुकी थी कि मैं क्या घूर रहा हूं. इसलिए उसने पूछा- क्या देख रहे हो भैया?
मैं हड़बड़ा कर बोला- कुछ नहीं … बस ऐसे ही ये ये … कुछ नहीं!
बस ये बोल कर मैं वहां से चला गया.
फिर जब रात को जब मैं घर आया, तो उस वक्त करीब रात के 11:30 बज गए थे. पापा के रूम में से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाज आ रही थी. मैंने की-होल में से झाँक कर देखा तो मेरी मम्मी, पापा के ऊपर चढ़ी हुई थीं और पापा नीचे से लंड पेल रहे थे. मम्मी उछल उछल कर चुदवा रही थीं. मैं उनकी चुदाई देख कर गर्म हो गया और अपना लंड सहलाने लगा. कुछ देर में ही वो दोनों झड़ गए और मम्मी यूं ही निढाल होकर पापा के ऊपर गिर गईं.
बाद में पापा ने कहा कि आज मैं तुम्हें डॉगी स्टाइल में चोदूंगा. मम्मी ‘जी हुजूर …’ कहते हुए डॉगी के पोज में खड़ी हो गईं.
वैसे मैं आप सभी को बता दूं कि मेरी मम्मी की उम्र इस वक्त अभी 51 साल की होंगी और उनका फिगर 38-36-42 का होगा. वे एकदम सफेद दूध जैसी हैं.
उनकी चुदाई देखने के बाद मैं अपने कमरे में पहुंचा. मेरी बहन सो चुकी थी. मैंने दरवाजा बंद किया और मेरी बहन की गांड के ऊपर एक हाथ रख कर सहलाने लगा. बाद में मैंने उसकी सलवार नीचे कर दी और उसकी येलो कलर की पैन्टी भी सरका दी. फिर मैंने उसको सीधा करके एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, वो एकदम से जाग गई.
मैंने उसके मुँह पे हाथ रख दिया ताकि वो चिल्ला न सके. मैंने उससे कहा कि मेरी बात सुनो, प्लीज चिल्लाना मत … पहले मेरी पूरी बात सुन लो.
उसने हां में जवाब देते हुए सिर हिलाया तो मैंने अपना हाथ हटा दिया.
मैं चुप रहा तो वो समझ गई कि मैंने सिर्फ उसको न चिल्लाने के लिए यूं ही कहा था कि मेरी बात सुन लो.
उसने अपने कपड़े ठीक से पहने और मुझसे बोली कि तुम्हें शर्म नहीं आती अपनी बहन के साथ ऐसा करते हुए?
मैंने कहा- सॉरी मुझे माफ़ कर दो … अब से ऐसा कुछ नहीं होगा सॉरी.
उसने ओके कहा और वो सोने लगी. लेकिन मैं कहां मानने वाला था. मैं उसके साथ सट कर सोने लगा. मैंने उसे अपने से चिपका कर कर सोने लगा. वो मुझे खुद से दूर करने लगी.
उसने कहा- तुम ये क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- क्या अब मैं अपनी बहन के साथ सो भी नहीं सकता?
उसे मुझ पर दया आ गई और वो बोली- हां सो जाओ … लेकिन और कुछ मत करना … वरना पापा को बता दूँगी.
मैंने हां कहा और हम सोने लगे.
कुछ देर बाद मुझसे चिपक कर सो गई, तो मेरे लंड ने फिर से मुँह उठाना शुरू कर दिया. मैंने उसके चूचे दबाने के शुरू कर दिए. क्या मस्त बूब्स थे मेरी बहन के … एकदम कड़क छोटे छोटे.
कुछ देर यूं ही उसके मम्मे दबाने के बाद मैंने अपनी जीभ उसके निप्पल पर रख दी. शायद वो जाग चुकी थी, पर उसने की कुछ कहा नहीं. इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई. फिर मैंने उसकी कमीज़ को उतार दिया और ब्रा भी निकाल दी.
तभी मेरी बहन ने अपनी आंखें खोलीं और शरारती मुस्कान देते हुए बोली- तुम नहीं मानने वाले ना.
मैंने हंसते हुए ना में सिर हिला दिया और उसे किस करने लगा.
अब वो भी मेरा साथ देने लगी. क्या मस्त रसीले होंठ थे उसके … एकदम नर्म पिंक से … फूले हुए मोटे मोटे रसभरे होंठ थे.
करीब 5 मिनट के बाद हम दोनों की चुदास जाग गई … तो मैंने उसकी सलवार उतार दी और पैन्टी भी निकाल दी.
क्या लंड उठा देने वाला फिगर था उसका … मैं तो बस देखता ही रह गया. उसका फिगर 28-24-26 का था … वो एकदम स्लिम थी. उसके कपड़े उतारने के बाद मैंने उसको फिर से बेड पर लिटा दिया और उसकी चूत चाटना शुरू कर दिया. बस पांच मिनट में ही वो झड़ गई.
मैं उसकी चूत को चाटना चालू रखा, तो वो जल्द ही फिर से गर्म हो गई.
इसके बाद मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत पर सैट किया और धक्का दे दिया लेकिन मेरा लंड फिसल गया. यह मेरा पहला अनुभव था. अब मैंने अपने लंड पर थोड़ा थूक लगाया और अपने हाथ से लंड पकड़ कर बहन की चूत के होल पर सैट करके आहिस्ता आहिस्ता दबाया. अभी मेरे लंड का सिर्फ टोपा ही अन्दर गया था कि मेरी बहन कसमसाने लगी. तभी मैंने एक जोर का धक्का दे मारा और मेरा दो इंच लंड चुत के अन्दर घुस गया. उसकी वजह से मेरी बहन की चीख निकल गई. मैंने जल्दी ही मेरे होंठ उसके होंठ पर रख दिए और उसे किस करने लगा ताकि उसकी आवाज बाहर न निकल पाए. कुछ पल बाद उसकी आवाज भी दब गई थी और दर्द भी कम होने लगा था.
कुछ देर रुकने के बाद मैंने फिर से धक्के लगाने शुरू कर दिए. पहले आधा, बाद में पूरे का पूरा लौड़ा उसकी चूत में घुस चुका था.
अब वो भी गांड उठाते हुए मेरा साथ दे रही थी. पन्द्रह मिनट की धकापेल चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था, तो मैंने अपना लौड़ा बाहर निकाला और उसके मुँह में देने लगा … लेकिन उसने लंड मुँह में लेने से मना कर दिया और बाथरूम में चली गई. मैंने हाथ से हिला कर अपना काम पूरा किया और उसके पीछे बाथरूम में आ गया. वो फव्वारे के नीचे नंगी नहा रही थी. मैंने पीछे से उसको पकड़ लिया और उसकी गांड में लौड़ा दबाने लगा. उसने अपनी एक टांग कमोड पर रखी और अपने हाथ से मेरा लंड अपनी चूत पर सैट कर लिया. फिर हम दोनों सेक्स करने लगे. बीस मिनट तक चुदाई करने के बाद हम दोनों झड़ गए.
अब हम दोनों ही काफी थक चुके थे इसलिए कमरे में आ गए और बेड पर नंगे ही एक दूसरे से चिपक कर सो गए.
इसके बाद हम दोनों मम्मी पापा की चुदाई देखते और गर्म होकर उनके जैसे ही चुदाई के आसनों का मजा लेते.

मेरी छोटी बहन की चुत की तड़फ

हाय फ्रेंड्स.. मेरा नाम बिक्की अरोड़ा है. मैं पंजाब के पटियाला का रहने वाला हूँ. मैं अन्तर्वासना पर बहुत सारी सेक्स स्टोरी पढ़ चुका हूँ और आज भी नियमित रूप से सेक्स कहानी पढ़ने के लिए सबसे पहले अन्तर्वासना साईट को ही खोलता हूँ. इधर की रंगीन कहानी पढ़ कर आज मेरे मन में एक विचार आया कि क्यों न मैं भी आप सभी अपनी आंखों देखी घटना आप सब को बताऊं.
चूंकि हर चीज़ शेयर करने का एक प्लॅटफॉर्म होता है और जब कोई साईट पर आपकी गोपनीयता बनी रहने की उम्मीद होती है, तो मुझे क्या, किसी को भी अपनी बात खुल कर रखने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए. आज इसी विचार को लेकर मुझे हिम्मत मिली और मैं अपना अनुभव आप सबके साथ शेयर कर रहा हूँ.
यह घटना मेरी छोटी बहन के साथ की है जो अभी पढ़ रही है. यह बात उन दिनों की है जब हमारा पूरा परिवार अपने मामा के घर रहने घूमने गया था. वैसे तो मैं अपनी बहन के बारे में कोई निगेटिव बात दिमाग़ में नहीं लाता था, पर एक घटना ने मुझको झकझोर के रख दिया. यह घटना मेरी आंखों के सामने हुई, पर मैं कुछ ना कर सका बल्कि उसी बहाव में खुद बह गया.
मेरी बहन, जिसका नाम पल्लवी है, को मैं अक्सर देखता था कि वो जब भी सोती थी, तो वो कमरा बंद करके अकेले ही सोती थी. मेरे मन में कुछ कुछ संदेह सा होता था.. क्योंकि वो उम्र के जिस दौर से गुजर रही थी, वो मैं पार कर चुका था.. इसलिए मुझे इस बात का गहरा अनुभव था.
जब हम सभी मामाजी के घर पर थे. तो एक दिन की बात थी, मैं मामा जी के घर की छत पर टहल रहा था. तभी बगल के घर की खिड़की से एक लड़का दिखा. उसका नाम करण था, वो किसी को फ्लाइयिंग किस दे रहा था. मैं कुछ समझ नहीं पाया.
मैंने जब छत से नीचे आके देखा तो वो मेरी बहन के कमरे की ओर देख कर किस कर रहा था. मेरी बहन रूम बंद करके अन्दर थी. मैं फिर से छत पर आ गया.. और उसको छुप कर देखने लगा.
कुछ देर बाद करण ऐसे ही सेक्स करने का इशारा कर रहा था.
मैंने सोचा कि इन लोगों की हरकतों को रंगे हाथ पकड़ा जाए. मैं उस समय तो करण को कुछ नहीं बोल सकता था, क्योंकि इससे मेरी बहन का इज़्ज़त खराब होने का डर था. लेकिन मैं अब उन दोनों पर चुपके से ध्यान रखने लगा. करण मेरे मामाजी के घर भी आता था. मैं इस बात को लेकर उसके साथ कुछ कर भी नहीं सकता था.
मेरी बहन मुझसे छोटी थी और जब तक मैं उसे रंगे हाथ नहीं पकड़ता, तब तक मैं उसको भी कुछ नहीं बोल सकता था. सो मैंने अब उन दोनों पर नजर रखना शुरू कर दिया.
एक दिन मेरी बहन पल्लवी नहा कर आई और कमरे में कपड़े चेंज कर रही थी. तो करण फिर से उसको कुछ इस तरह का इशारा कर रहा था जैसे वो किसी चीज को लाइक कर रहा हो.
मुझको लगा कि अन्दर कमरे में बहुत कुछ गड़बड़ चल रही है. इसी वजह से मुझे ये भी लगने लगा कि करण रात में मेरी सिस्टर के कमरे में आता है.
एक दिन मैंने अपना फोन में हिडन कैमरा ऑन करके उसके कमरे की खूंटी में टांग कर चार्जिंग पिन को लगा दिया. ताकि इस तरह से उसको शक ना हो.
जब मैंने सुबह फोन निकाला तो जो वीडियो उसमें शूट हुआ था, उसको देख करके मैं दंग रह गया. मैं सोच भी नहीं सकता था कि मेरी बहना पल्लवी, जिसको इतने अच्छे संस्कार मिले हों, वो ये सब काम भी कर सकती है.
मुझे उस वीडियो में चल रही क्लिप को देख कर कई दिनों तक ये चिंता बनी रही थी.
दरअसल करण जिस तरह से उसके मुँह में अपना लंड डाले हुए चुसवा रहा था … वो ऐसा लग रहा था मानो पल्लवी कोई पॉर्न स्टार हो. दूसरे सीन में वो लंड चुसवाता हुआ पल्लवी की गांड पर तेज तेज थप्पड़ भी बरसा रहा था, जिससे पल्लवी के चूतड़ एकदम लाल हो गए थे.
मैं ये सब याद कर कर के पागल हो गया. मुझे पल्लवी को लंड चूसते देख कर ये ध्यान ही नहीं रहा था कि यह लड़की मेरी सगी बहन है, हम दोनों एक ही माँ के जाये हैं. नतीजा यह हुआ कि अंत में मैं भी पल्लवी को चोदने का प्रयास करने में जुट गया. मैंने सोचना चालू किया कि ये सब उसके साथ कैसे करूँ.
मैं एक दिन दोपहर में उसके कमरे में गया और अपने मोबाइल में फीड उस लंड चुसाई वाले वीडियो को, उसके रूम के टीवी में कनेक्ट करके प्ले कर दिया.
मेरी भगिनी ने सेक्स वीडियो को देखा तो वो घबरा गई और उसके पास कुछ बोलने कहने को कोई शब्द ही नहीं थे.
अब मुझे मेरी सेक्सी बहन को कुछ बोलने की आवश्यकता ही रह गई नहीं थी. वो मेरे करीब आकर रोने लगी- भैया.. आप किसी को मत बोलना.. आप जो चाहो कर लो, पर इस बात को किसी से मत बोलना.
मेरा गुस्सा उफान पर था. मैंने बहन की गांड पर 5-6 झापड़ जड़ दिए और उसको बोला- अब तू रंडी बन गई है.. तू मुझे भाई मत बोल.
उस दिन तो मैं वहां से चला गया.
दो दिन तक जब भी मेरा मन होता, मैं उस वीडियो को देखने लगता. तीसरे दिन मैंने उससे कहा कि रात में तुम मेरे कमरे में आ जाना.
रात हुई, सब लोग खाना खाकर सोने चले गए. मैं भी अपने कमरे में आ गया. मैंने कमरे के दरवाजे को खुला छोड़ दिया था. करीब 11:30 बजे वो मेरे कमरे में आई और सिसक सिसक के रोने लगी.
मैंने कहा- जो हुआ सो हुआ.. अब चुप हो जाओ.. जब तुमको चुदाई ही करवाना था तो मुझको बोल देती.
इतना कहते हुए मैंने एक ब्लू मूवी चालू कर दी. मैंने टीवी का वॉल्यूम म्यूट कर दिया था. जैसे जैसे ब्लू मूवी की चुदाई आगे बढ़ने लगी, मेरी बहन की कामुकता जागती गई. मैंने उसे देखा तो वो नंगी होने लगी और अपना रंग दिखाने लगी. में लेटा हुआ सब देख रहा था.
वो मेरे करीब आई और चिपकने लगी. मैंने उसको दूर हटाया तो वो मुझको उत्तेजित करने के लिए अपने कपड़े खोलने लगी.
मैं जीवन में पहली बार अपनी बहन की चूचियों को देख रहा था. क्या मस्त चूचियां थीं … एकदम से तनी हुई. मुझे तो पता भी नहीं था कि उसके चूचियों के निप्पल डार्क ब्राउन रंग के हो गए हैं. नीचे देखा तो उसकी चूत में झांटें भी आ गई थीं.
अगले दस मिनट में मेरे सामने एक 18 साल की लड़की पूरी तरह नंगी खड़ी थी. उसका साइज़ तो नहीं बता सकता, पर हां जब वो पीछे घूमी, तो उसकी उठी हुई गांड देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.
अब मैं सोचने लगा कि इसलिए ही करण इसकी गांड पर थप्पड़ बरसा रहा था.
अब उसकी गांड पर थप्पड़ बरसाने की बारी मेरी थी. मैं उसको अपनी गोद में लेकर उसकी गांड को मसलने लगा. उसके मम्मों को मसलने लगा. मैं भूल चुका था कि वो मेरी छोटी बहन है. मैं उसके साथ रंडी जैसे व्यवहार करने लगा.
पहले मैं 20 मिनट तक उसके चूचों को मसलता रहा. जब वो गर्म हो चुकी तो उसने मुझे खड़ा किया और खुद नीचे बैठ कर मेरा पैन्ट खोल कर मेरे लौड़े को, जो 6 इंच से कुछ ज़्यादा ही होगा, उसको निकाल लिया.
मैंने उसको इशारा किया तो वो मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. मैं उसके माथे को पकड़ के उसके मुँह में अपना लंड पेल रहा था. वाह क्या चूसना सीख गई थी एकदम रंडी जैसे लंड चूस रही थी.
इस वक्त उसके चूचे मेरे हाथों में दबे थे. उसके कसे लेकिन मुलायम मम्मों, जैसे गुब्बारों में पानी भरा हो, का क्या कहना. फिर मैंने उसको घोड़ी बना दिया. पीछे आकर उसकी चुत को चूमना शुरू किया.
उसकी चुत से पानी की धार आ रही थी. मैं उसकी चुत को मस्ती से चूस रहा था.
दस मिनट उसकी चुत को चूसने के बाद मैंने अपनी छोटी बहन की चुत में अपना लंड लगाया और एक ही झटके में पूरा लंड घुसा दिया. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उसकी चुत बहुत ही टाइट थी. वो इससे पहले एक दो बार ही चुदी थी. मैं उसकी चुत को करीब 15 मिनट तक चोदता रहा.
वो मेरे लंड की मोटाई को झेल नहीं पा रही थी, जिससे वो हल्के स्वर में चिल्लाए जा रही थी- आह … भैया छोड़ दो … मुझे दर्द हो रहा है … आपका बहुत बड़ा है.
जब भी वो चिल्लाती, मैं उसके मुँह को दबा कर अपनी स्पीड और तेज कर देता था. कुछ देर बाद वो झड़ गई. मगर मैं अभी गरम था. तो मैंने उसकी चुत को चोदने के बाद उसकी गांड मारने का सोचा.
मैंने उसको बेड के किनारे पर घोड़ी बना कर दिया और मैं नीचे खड़ा हो गया. जैसे ही मैंने उसकी गांड में अपना लंड लगाया, वो समझ गई. वो उठ कर बैठ गई और मेरे पैर पकड़ते हुए बोली- भैया, प्लीज़ गांड मत मारो.. बहुत दर्द होता है.. और आपका तो बहुत बड़ा है.
मैंने उसके चूचों को दबाते हुए कहा- रंडी साली.. जब करण तेरी गांड मार रहा था.. तो दर्द नहीं कर रहा था.
वो चुप रह गई.
फिर मैंने उसको घोड़ी बना कर उसकी गांड में लंड पेलना शुरू किया.
अगर अन्तर्वासना के पाठकों को मेरी छोटी बहन की गांड देखना हो तो वे उसे वीडियो पर देख सकते हैं.
उसकी मस्त गांड देख कर आपलोगों को भी उसकी गांड में लंड पेलने का मन करने लगेगा.
अब मैं उसकी गांड को लंड पेल कर बेरहमी से चोद रहा था. वो चिल्ला रही थी, लेकिन मैं बिना परवाह किए, उसकी गांड को चोदे जा रहा था.
थोड़ी देर में मैं झड़ने लगा.. मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके मुँह में पेलने लगा. कुछ देर बाद मैंने सारा माल उसके मुँह में ही निकाल दिया और मैंने उसकी नाक को दबाए रखा क्योंकि मैं चाहता था कि वो मेरे लंड के माल को उगल ना दे. जब उसने मेरे लंड का पूरा पानी पी लिया, तभी मैंने लंड को बाहर निकाला.
अब जब भी मेरा सेक्स करने का मन होता है तो मैं अपनी बहन को चोद लेता हूँ. अब वो रोती भी नहीं है, मजे से पूरी गांड उठा कर गांड और चूत मरवाती है.
आप लोग मेल करके बताएं कि आपको मेरी बहन की गांड चूत चुदाई स्टोरी कैसी लगी. यह मेरा पहली कहानी थी.


Wednesday, November 1, 2017

ट्रेन के टॉयलेट में भाभी चोदी

हेल्लो यारो.. My Hindi Sex Stories की सभी स्टोरीस मैंने पढ़ी हुई हैं और आज मुझे अपनी train sexy story भेजने का मन हुआ. ये ट्रेन में मेरे साथ हुई सच्ची घटना है. एक मस्त अनजान भाभी को मैंने ट्रेल के टॉयलेट के छोड़ डाला. पढ़िए मेरा एक्सपीरियंस..
मेरा नाम मेहुल हैं और मैं 21 साल का हूँ. यह सच्ची घटना आज से दो साल पहले हुई थी जब मैं अपने मम्मी पापा के साथ मुंबई से अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस में जा रहा था. हम लोग थ्री टायर एसी में सफ़र कर रहे थे और ट्रेन के वेस्टर्न टॉयलेट में मैंने एक मारवाड़ी सेक्सी भाभी की चूत मारी थी. यह मारवाड़ी भाभी वापी से ट्रेन में चढ़ी थी अपने पति के साथ. आइये आपको इस कहानी को विस्तार से बताता हूँ.
मेरी बहन लतिका की शादी अमृतसर में हुई हैं और हर साल एक बार हम दो दिन के लिए उसे मिलने जाते है. हम मुंबई से पश्चिम एक्सप्रेस से ही अक्सर जाते हैं, और अगर ट्रेन में जगह ना मिले तो फ्लाईट से चले जाते हैं. मैं अभी बी.इ. लास्ट सेम में हूँ और यह बात तब की हैं जब में फोर्थ सेम में था. मैंने अपने मम्मी पापा के साथ अमृतसर जा रहा था. पश्चिम एक्सप्रेस के थ्री टायर एसी डिब्बे में बहार की गर्मी महसूस नहीं हो रही थी. ट्रेन आधी घंटा लेट चली थी और वापी आते आते तो मैं आधी नींद सो चूका था. वापी उतर के मैंने चिप्स और ड्रिंक ली और दरवाजे के ऊपर ही खड़ा रह गया. तभी मैंने देखा की एक सेक्सी भाभी जिस की उम्र कुछ 30 के करीब होगी वो ट्रोली बेग खिंच के आ रही थी.उसके पीछे एक बूढा भी छोटी सी बेग ले के आ रहा था. ट्रेन यहाँ ज्यादा रूकती नहीं थी इसलिए मुझे लगा की हो ना हो वो हमारे ही डिब्बे में होंगी. इस सेक्सी भाभी ने बड़े गोगल्स लगाये थे और उसने मेरे सामने देख के वही डिब्बे का नंबर पूछा. मैंने उसे हाथ से इशारा किया. भाभी अपनी सेक्सी गांड दिखाते हुए डिब्बे में चढ़ गई. साथ में आया बूढा तो उसे बेग दे के निचे उतर गया, शायद यह सेक्सी भाभी अकेली ही ट्रेन से जाने वाली थी.
मेरा दिल जोर जोर से धडक रहा था, क्यूंकि यह सेक्सी भाभी को देख के पुरे रस्ते मस्त टाइम पास हो सकता था. वो एक ही डिब्बे में थी इसलिए दरवाजे पे खड़े रहने के बहाने से भी उसे ताड़ सकते हैं. मैंने ड्रिंक खतम की उसके पहले तो ट्रेन चल पड़ी. मैंने दरवाजे पे खड़े खड़े हुए ही चिप्स ख़तम की और कान में हेडफोन वापस लगा के मैंने जब अपने कम्पार्टमेंट में आया तो हक्काबक्का रह गया. इस सेक्सी भाभी का नम्बर वही पर था. वो मेरे मोम से बाते कर रही थी. मेरी सिट साइड अपर थी और मैंने ऊपर चढ़ के इस सेक्सी भाभी की गली देखना चालू किया. तभी मेरी मोम ने इस सेक्सी भाभी को कहा, ये मेरा बेटा मेहुल हैं, अन्जिनियरिंग कर रहा हैं. मैंने भाभी को स्माइल दी और उसने भी बड़े सेक्सी अंदाज से स्माइल का जवाब दिया. मैंने उपर अखबार खोल के बैठा था और इस बहाने उसकी गली को देखे जा रहा था. भाभी की क्लेवेज काफी गहरी थी, इस से साफ़ जाहिर था की उसके चुंचे काफी बड़े होंगे. मेरा लंड खड़ा हो रहा था. लेकिन मोम डेड के वहाँ होने की वजह से मैं कुछ कर नहीं सकता था.
थोड़ी देर बाद भाभी ने डिब्बे से कुछ खाना निकाल के खाया, उसने मोम डेड को और मुझे भी खाने के लिए कहा. मोम ने एक बाईट ली और मैंने और डेड ने मना कर दिया. खाने के बाद यह सेक्सी भाभी अपनी अपर बर्थ पे आ गई. मोम डेड ने भी सिट उठा दी. मोम मिडल बर्थ में और डेड लोवर में लेट गए. सामने की तीनो सीटो में अभी कोई नहीं आया था. मेरे निचे एक सरदार जी मुंबई से चढ़े हुए थे, लेकिन वो तो ट्रेन चालु होने से पहले से ही सो गए थे. भाभी अब बिलकुल मेरे सामने थी. मैंने उन्हें देख रहा था. वो सोने के लिए चद्दर खोल के लेटी हुई थी. मेरी नजर बार बार उसकी तरफ जाती थी. सेक्सी भाभी के उभरे हुए अंगो को देख एक लंड के अंदर अजब सा तनाव आया था. भाभी ने कुछ देर तक सोने की ट्राय की लेकिन शायद उसे शोर से नींद नहीं आई. मैं अब भी उसे हर दूसरी मिनिट देख रहा था. पहले तो यह सेक्सी भाभी जैसे की मुझ में इंटरेस्टेड नहीं हो वैसे इधर उधर नजरे घुमाती रही. लेकिन थोड़ी देर बाद उनकी तिरछी नजरे भी मेरे तरफ घुमने लगी. वो बार बार किसी ना किसी बहाने मेरी तरफ देख रही थी. अब वो मुझे हलकी हलकी स्माइल भी दे रही थी. मैं मनोमन सोच रहा था, भाभी एक बार सिग्नल दे दो तुम्हारी चूत में अपनी ट्रेन हम चला देंगे. वैसे भी मोम डेड तो पुरे रास्ते में 75% वक्त सोये रहते हैं इसलिए उनकी टेंशन नहीं थी. भाभी अब मेरी तरफ घूरने लगी. मैंने भी अपनी नजरे उसके उपर से हटाई ही नहीं.
train ke toilet me bhabhi chodi train sexy story
रंडी कहीं की साली
मैंने सोचा की ऐसे देखादेख से कुछ पता नहीं चलेगा, और अमृतसर आ जाएगा. मैंने सिट से निचे उतरा और जाके दरवाजे के पास की खुली जगह पे खड़ा हुआ. यहाँ का बैरा अंदर किसी खाली सिट में जाके सोया होंगा क्यूंकि वहाँ पर उस वक्त मेरे अलावा कोई नहीं था. मैंने अपने हेडफोन की वोल्यूम कम कर दी. पता नहीं मुझे ऐसा क्यूँ लग रहा था की वह सेक्सी भाभी यहाँ आएगी. 10 मिनिट तक तो ऐसा कुछ हुआ नहीं. मैं मनोमन सोच रहा था की चल बेटे मेहुल बाथरूम जा के सेक्सी भाभी को सपनो में चोद ले. मैं मुठ मारने का पक्का मन बना चूका था तभी मैंने देखा की वह भाभी सिट से निचे उतर गई थी. वो इधर ही आ रही थी. मेरे बदन में एक शीतलहर सी दौड़ गई. भाभी वहाँ आ के रुकी और बोली, हाई…अंदर बहुत बोर लग रहा हैं ना…!!!
मैंने उसके सेक्सी चुंचो की तरफ कुत्ते की तरह देखते हुए कहा, हाँ अंदर सच में बोर लग रहा हैं. उसने अपनी पानी की बोतल से सिप लेते हुए कहा, कहाँ जा रहे हो आप लोग. मैंने कहा, अमृतसर. मैंने उसे पूछा और आप. मैंने भी वहीँ जा रही हूँ. उसने आगे पूछा, कहाँ रहते हो वहाँ पे. मैंने कहा, हम तो यही मुंबई में ही रहते हैं. मेरी दीदी और जीजाजी वहाँ रहते हैं…और आप? सेक्सी भाभी ने आँखों को छोटी करते हुए कहा, मैं वहीँ रहती हूँ, वैसे मैं अँधेरी की हूँ लेकिन मेरे पति की वहाँ साड़ी शो-रूम हैं. मैंने उसके चुंचो से नजर हटा के उसकी तरफ देख के कहा, अमृतसर तो मुंबई से बहुत छोटा हैं, आप एडजस्ट हो गई. भाभी ने अपने चुंचो की उपर मेरी नजर को देखा था लेकिन फिर भी उसने आधे खुले अपने चुंचो के उपर पल्लू नहीं डाला और बोली, मैं सच में मुंबई मिस करती हूँ. कहाँ यहाँ की तेज और रंगीन लाईफ, डिस्को, पबिंग, ड्रिंकिंग, वन-नाईट स्तेंड्स…और वहाँ तो बस में घर की बिल्ली बन गई हूँ….!!
ओत्तेरी, साली यह सेक्सी भाभी तो पार्टी एनीमल थी, मैंने ख़ासकर उसके वन-नाईट स्टेंड वाली बात पे ध्यान किया और उसे कहा, सही बात हैं, लेकिन वन-नाईट स्टेंड तो आप वहाँ भी डेटिंग साईट से कर सकते हैं. उसने हँसते हुए कहा, नहीं यार उसपे मेरा अनुभव इतना अच्छा नहीं हैं. एक बार 55 साल का बुढा 28 की उम्र बता के मुझे मिलने आया था. वैसे तुम तो काफी हेंडसम हो, गर्लफ्रेंड वगेरह हैं या नहीं. मैंने कहा, आज से एक महीने पहले तक थी, अभी हाल में ब्रेकअप हुआ हैं (मैंने जानबूझ के जुठ कहा था, अकेले लडको को भाभी और आंटियां ज्यादा लाइक करती हैं.) सेक्सी भाभी ने मुझे देख के कहा, फिर तो दिक्कत होती होंगी एक महीने से……और वो हंसने लगी, उसके हंसी और बातो का मतलब सीधे मेरी सेक्स लाइफ के ऊपर थी. पता नहीं मुझे उस वक्त क्या हुआ, मैंने उस हंसती हुई सेक्स बम की आँखे देख रुक नहीं पाया. मैंने भाभी के दोनों गालो को अपने हाथो में ले के उसके होंठो के ऊपर किस कर दी. यह सब एकदम से हो गया और भाभी को संभलने का जरा भी मौका नहीं मिला. उसने मेरी छाती के उपर जोर जोर से दो मुक्के लगाये और मैंने उसे छोड़ दिया.

भूत को चूत देकर खुश की

नमस्ते दोस्तों उम्मीद है सभी चुतो को लंड और सभी लंड को चूत का साथ मिल रहा है. और मेरी तो प्रार्थना ही यही होती है की चूत को लंड और लंड को चूत चोदने को मिलता रहे. आज मैं आप के लिए एक अलग ही प्रकार की चुदाई की कहानी ले के आई हूँ. मेरी एक सहेली है जो गाँव में रहती थी. हम दोनों के बिच में काफी क्लोज फ्रेडशिप थी. एक ही कोलेज में हम दोनों ने एडमिशन लिया था. एक साथ ही हम दोनों ने जवानी की दहलीज पर कदम रखा था. हम दोनों के बिच में सीक्रेट जैसा कुछ नहीं था. हम दोनों ने अपनी लाइफ की पहली ब्ल्यू फिल्म भी एक साथ मिल के ही देखी थी. एक साथ ही हमने लड़के पटाये और एक साथ ही चुदाई का काम भी चालु किया था. हम दोनों को एक दुसरे की नस नस का पता था आप कह सकते हो. वो जिस गाँव से थी वो एकदम गरीब और पिछड़ा हुआ था. और वहां दिन में तो शायद ही लाईट होती थी. और रात में भी अक्सर घंटो भर लाईट गुल रहती थी. और गर्मी में तो ऑलमोस्ट हर कोई बहार ही बिस्तर लगा के सोता था. और नहाने के लिए भी बहार तालाब पर जाते थे. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 
मुझे खुद को भी बहार नहाने में बड़ा मजा आता है. तालाब बिलकुल गाँव से बहार था. और वहां पर कोई मर्द नहीं होते थे सिर्फ औरतें ही होती थी. मैं और मेरी फ्रेंड दोनों तो बिलकुल नंगी हो के खूब नहाती थी. वैसे हम दोनों को ये पता था की गांव के कुछ लड़के हमें तालाब के पास की झाड़ियों से छिप के देखते थे. कभी कभी अगर कोई और हमें देखता ना हो तो हम तालाब में ही एक दुसरे के बूब्स दबाते थे और चूत में ऊँगली भी कर लेते थे. बाकि सब ठीक था और हमारे अपने मजे थे. लेकिन मैं बहार सोती नहीं थी. पता नहीं क्यूँ लेकिन मैं बहुत छोटी थी तभी से मुझे भूतों से बहुत डर लगता था. और गाँव में अँधेरे में मेरा ये डर 10 गुना हो जाता था. मेरी सहेली जानती थी इसलिए उसने घर का एक कमरा मेरे लिए ही खाली करवा दिया था. ओर कमरा उसके घर के पीछे के हिस्से में था. और वो कमरा एक तरफ तालाब वाले रस्ते पर ही खुलता था. और तालाब की वजह से ठंडी ठंडी हवा आती रहती थी. मेरे को छोड़ के बाकी सभी लोग बहार ही सोते थे. मेरी फ्रेंड एक नम्बर की चुदक्कड है. और गाँव के भी कुछ लडको के साथ उसके फिजिकल रिलेशन है. और अक्सर वो रात में घर वालों से छिप के उनके लंड लेने जाती थी. अक्सर वो एक लड़के को मेरे कमरे में ले के आती थी तालाब वाल रस्ते से और मेरे कमरे में ही दोनों मेरे सामने ही सेक्स करते थे. वो लड़का मेरी फ्रेंड को सच्चा प्यार करता था ऐसा मेरी फ्रेंड ने बोला था. इसलिए मैंने कभी उस लड़के का लंड लेने के लिए मेरी फ्रेंड को नहीं बोला. वैसे मैंने गाँव में किसी को अपनी चूत दी भी नहीं थी. क्यूंकि मुझे किसी गंवार लड़के से नहीं चुदवाना था जो सिर्फ मिशनरी पोज में चुदाई करना जानते है. एक रात को मेरी सहेली मेरे पास सोने का बहाना बना के मेरे कमरे में एक लड़के का लंड लेनेवाली थी. उसने मेरे को बोला की मेरा एक फ्रेंड है जो तेरी चुदाई करना चाहता हैं. मैंने कहा नहीं रे मेरे को किसी गाँव के लड़के का नहीं लेना है, पता नहीं उन्हें चोदना भी आता है की नहीं. मेरी फ्रेंड ने मेरे को बहुत कहा लेकिन मैं सेक्स के लिए नहीं मानी. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 

दुसरे दिन जब हम नाहा के लौट रहे थे तो एक बहोत ही स्मार्ट लड़का हमें रास्ते में मिला. उसने मेरी सहेली से बात की पर मेरी तरफ तो उसने देखा भी नहीं. मुझे बुरा तो बहुत लगा. पर मैंने वापस आके पूछा की लड़का कौन है? तो वो कहने लगी की है कोई गाँव का गंवार तुझे क्या मतलब उस से. मैंने बहोत पूछा तो कहा की वो हमारे सरपंच जी का लड़का है जो शहर में पढ़ाई करता है. मैंने कहा यार काफी स्मार्ट लगता हैं इसके साथ मेरी बात करवा दे. और मैंने मेरी फ्रेंड को कहा की इसके साथ चुदाई में भी मजा आयेगा. वो बोली ये तो मुश्किल है. मैंने कहा अरे तू जो कहेगी वो करुँगी मैं इस लड़के के लिए. मेरी फ्रेंड हंस के बोली हमारा तालाब हैं ना वहां एक पीपल का पेड़ है. उसके ऊपर एक भूत है अगर वो तेरे से खुश हो गया तो तू जो चाहे वो तुम्हारे पास में आ जाएगा. मैंने कहा अरे नहीं बाबा मुझे भूतों से बड़ा डर लगता है. तू उसको बोल देना. वो मेरी दोस्त कहने लगी की उसे तो गांव की देहाती लडकियां ही पसनद हे और वो शहर की लड़कियों को लाइक नहीं करता है. और मैं कितना भी कहूँगी वो नहीं मानेगा. और फिर तो डेली वो मेरी सहेली के साथ मेरे सामने बात करता था. और साला वो मेरे सामने एक नजर उठा के देखता भी नहीं था. मैंने अपनी लाइफ में बहुत लड़के देखे है जो लड़की की एक झलक के लिए पागल होते है. लेकिन ये साला मेरी जवानी से उभरी हुई चूचियां और थिरकती हुई गांड को भी नजरअंदाज कर देता था. और लड़की की एक आदत होती है की जो उसे घास नहीं डालता है वो उसको ही पसंद करती है. मेरी भी हालत वही हो चली थी. वो जितना मुझे नजरअंदाज करता था मैं उतनी ही सिद्दत से उसके लंड को अपने अंदर लेने के लिए बहावली हो रही थी. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 
और ये बात अब मुझे उतनी सताने लगी थी की आखिर मैंने अपनी सहेली की वो भुत को प्रसन्न करने वाली बात मान ही ली. मैंने पूछा वो पीपल वाले भुत को कैसे खुश करना है वो बता. वो बोली जब सब सो जायेंगे उसके बाद मैं तेरे को बताउंगी. मैं अब रात का ही इंतज़ार कर रही थी. जब सब सो गए तो वो मेरे पास आई. और उसके पास एक चटाई थी. वो मेरे को बोली चलो मेरे साथ. तालाब के पास पहुँच के उसने मेरे को बोला जा नाहा के आ तालाब में. मैंने कहा अरे पानी ठंडा होगा. वो बोली जा न जल्दी कर. मैं कपडे उतार के नहाने चली गई. एक गोता लगा के मैं बहार आई. मैंने वापस आ के देखा तो वहां पर ना ही मेरी सहेली थी और ना ही मेरे कपडे! मैंने उसे आवाज लगाईं तो मेरी सहेली की आवाज आई की तू अब उस पेड़ के पास में बैठ जा. तुम्हें किसी और को चोदते हुए देख के भुत से कहना होगा की तुम्हें भी ऐसे चुदवाना है वो सरपंच के लड़के के साथ. अगर भुत खुश हुआ तो तो जैसे चाहोगी वैसे चुदवा सकती हो. पर पहले वो एक बार चेक करेगा शायद. और उसने कहा की बस तुम उसके अलावा कुछ और नहीं कहना और उसकी आवाज आते ही अपनी आँखे बंद कर लेना. अगर तुमने कुछ और बात की या अपनी आँखे खोली तो उस लड़के का लंड कभी भी नहीं ले पाओगी. मैंने पलट कर देखा तो वो नंगी उसी चटाई के ऊपर चुद रही थी. वो लड़का जो उसके ऊपर था वो उसको जोर जोर से चोद रहा था. क्या बला का हेंडसम लड़का था और उन दोनों का सेक्स देख के तो मेरी चूत भी पानी पानी होने लगी थी. वो उसे लिटा के, बैठा के, पीछे से वैसे हर तरह से चोद रहा था. मैंने भुत से कहा मुझे भी सरपंच के लड़के से ऐसे ही चुदना है. कुछ देर रुकने के बाद एक आवाज आई, लेट जाओ! 

मैं भी अपनी आँखे बंद कर के लेट गई. थोड़ी देर में मुझे लगा की कोई भीमकाय आदमी मेरे ऊपर झुका हुआ था पर डर की वजह से मैंने अपनी आँखे नहीं खोली. उसने मेरे बोबे काटे, और उन्हें खूब जोर जोर से दबाया. मेरी गीली चूत में ऊँगली डाल डाल के मेरा एकदम बुरा हाल कर दिया. फिर उसने अपना लौड़ा मेरी चूत में एक ही झटके में डाल दिया. मेरी तो चीख ही निकल गई. ऐसा लगा जैसे सच में किसी घोड़े के लंड से मेरी चुदाई हो रही थी. इतना बड़ा और मोटा लंड जो लोहे के जैसा कडक भी था. मैं तो चीख भी नहीं पाई. बहोत देर तक वो मुझे चोदता रहा. और फिर थोड़ी देर में मुझे भी अच्छा लगे लगा. मैंने भी उचक उचक के चुदवा लिया. फिर वो एकदम से कही गायब हो गया. मेरी सहेली ने कहा उठो और घर चलो सुबह होने को है. मैंने कहा की वो खुश तो हुआ होगा ना? तो मेरी सहेली कहने लगी की पता चलेगा अगर वो पट गया तो, वरना कल फिर आना पड़ेगा हम को यहाँ. मैं मान गई. पर उस लड़के ने आज भी मेरी तरफ देखा भी नहीं. फिर रात को मैंने वही किया. वही आवाज आई, इस बार मैं तैयार थी उस मोटे लौड़े के लिए. पर इस बार जैसे कोई दुबला पतला छोटी उम्र का लड़का मेरे को चोद रहा था. उसने मेरे को घुटनों के बल खड़ा कर के मेरी गांड में ऊँगली डाली. फिर अपने लौड़ा रख के अंदर पेल दिया. मेरी गांड अब तक कुंवारी ही थी इसलिए मेरी तो जान ही निकल गई. आँखों से आंसू भी निकल पड़े. पर चुपचाप मैंने गांड मरवा ली अपनी. जी भर के चोदने के बाद भुत चला गया. मैं घर आ गई, अगले दिन वो लड़का मुझे देख के स्माइल दे रहा था और कहने लगा रात को तालाब पर मिलना मेरे को. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 
मैं तो ख़ुशी से पागल हो रही थी. मैं बिलकुल बन थन के रात को उसके लिए तालाब पर गई और उसका वेट करने लगी. वो आया और आते ही मेरे को चूमने लगा. मेरे बोबे मसलने लगा. मैं यही तो चाहती थी. उसने मेरे सारे कपडे खोल के मुझे नंगा कर दिया. फिर वो खुद भी नंगा हो गया. हम दनो एक दुसरे को चूम रहे थे. फिर हमने 69 पोजीशन में आ के एक दुसरे को प्यार किया. मैं उसका लोडा चूसने लगी और वो मेरी चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा. थोड़ी देर बाद हम से रहा नहीं गया और उसने ऊपर आ के मेरी चूत में अपना लौड़ा पेल दिया. क्या खूब चोदा उसने मुझे. मैं तो बस सब कुछ भूल के चुदाई के मजे ले रही थी. हम दोनों मस्त चुदाई के बाद साथ में ही झड़ भी गए. वो मेरे बोबे से खेलता हुआ लेटा था. मैंने उसे कहा की तुमसे चुदने के लिए मुझे बहोतो को पटाना पड़ा. वो बोला कैसे? मैंने उसे सब कहानी बताई अपने भूतों से चुदने की. वो  बोला सच कहूँ तो गाँव में लेडिज ये बात करती है लेकिन मेरे को यकीन नहीं होता इस पर. मैंने हंस के कहा तेरी गांड मारने का भुत को सौक हो तो आज रात तू भी चटाई ले के आ जाना यहाँ पर!   हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 

बहन को चोद कर गर्भवती किया


Bahan Ko Chod Kar Garbhwati Kiya


दोस्तो, अन्तर्वासना में यह मेरी पहली चुदाई की कहानी है. मेरा नाम राजवीर है, मैं दिल्ली का रहना वाला हूँ. मेरी उम्र 25 साल है.
मैं एक साधारण से परिवार से हूँ. मेरे घर में मेरे पापा-मम्मी और एक छोटी बहन है, उसका नाम शैली है. उसकी उम्र 22 साल है. उसकी फिगर कमाल की है. मेरी बहन की शादी को लगभग एक साल हो गया है. उसकी शादी ग्वालियर में हुई थी.
शादी से पहले ही मैं और वो बहुत रंगरेलियाँ मना चुके थे. मैंने उसके जिस्म के एक-एक भाग को तबियत से रगड़ा हुआ था. वो भी मेरे लंड की बहुत दीवानी थी. उसकी शादी के 3 साल पहले तक मैंने उससे घर के हर कोने में हर तरह से चुदाई की हुई थी. शैली भी मेरे संग चुदाई में मेरा पूरा साथ देती थी.
हम दोनों साथ में नहाते थे, जब भी अकेले होते तो बिना कपड़ों के ही घूमते थे. पर जब से उसकी शादी हुई, मैं बिल्कुल अकेला पड़ गया.
फिर मेरी किस्मत ने साथ दिया. शैली ससुराल से पूरे 10 दिनों तक रहने के लिए यहाँ आ गई. हमने फोन पर ही प्लानिंग कर ली थी. मम्मी-पापा एक शादी के चक्कर में शहर से दूर गए हुए थे. वो जिस दिन निकले, उसी दिन शैली आ गई. अब हमारे पास पूरे 10 दिन और मस्ती के लिए पूरा घर खाली था.
मैं उससे स्टेशन पर रिसीव करने गया. वहाँ पर हम दोनों बिल्कुल नॉर्मली मिले. मैंने सामान उठाया और हम कार में आकर बैठ गए. शैली ने कार में बैठते ही मुझे गले से लगा लिया. अगले 5 मिनट तक हम यूं ही चिपके रहे, फिर हमने एक किस की और वहाँ से घर की ओर निकल पड़े.
घर आकर शैली ने अपने आने की वजह बताई कि उसके ससुराल वाले अब उससे बच्चे के लिए बोलने लगे हैं कि परिवार को अगला वंश कब मिलेगा?
मैंने पूछा- तो इसमें दिक्कत क्या है?
फिर शैली ने बताया कि वो अपना पहला बच्चा मुझसे चाहती है, अपने पहले प्यार से.. इसलिए ही वो बहाना बना कर यहाँ आई है.
मैंने भी दिलासा देते हुए कहा- तेरी कोख में ही भरूँगा.. तू ही पहले मेरे बच्चे को जन्म देगी.
फिर हम शाम की तैयारी में लग गए. शाम हुई और मैं जल्दी से नहा कर शॉर्ट में घूमने लगा. शैली ने भी जल्दी से तैयारी कर ली. हमने डिनर किया और फिर शैली नहाने बाथरूम में चली गई. लगभग 20 मिनट बाद जब शैली बाहर निकली तो मैं हैरान रह गया. वो पहले से भी ज़्यादा गदराई हुई और सेक्सी लग रही थी. उसका जिस्म बिल्कुल चमक रहा था और उसने हल्का सा गहरे गले का टॉप और नीचे छोटी सी स्कर्ट पहन रखी थी, जो मुश्किल से उसकी चूत को ढक पा रही थी.
मैं उसे इस तरह देख कर अपना लंड सहलाने लगा. वो दूसरे रूम में जाकर हल्का सा तैयार होकर मेरे कमरे में आई.
उसने आते ही लाइट बंद कर दी.
मैं उसके करीब गया और उसे अपनी बांहों में भर लिया. मैंने फिर उसके जिस्म की तारीफ की और उससे बेतहाशा चूमने लगा, उसने भी मेरा पूरा साथ दिया. मैं अपने एक हाथ से उसकी चुचियों को टटोलने लगा और अपना दूसरा हाथ उसकी स्कर्ट में डाल कर उसकी गांड की लकीर को सहलाने लगा.
शैली आहें भरने लगी, मैं उसे ऐसी ही पोज़िशन में बेड के करीब ले गया. वहाँ जाकर मैंने उससे गले पर काटने-चूसने लगा. मैंने उसकी दूध से भरी चूचियां दबा-दबा कर जी भर के काटी और खूब चूसीं.
फिर मैंने शैली के जिस्म से उसका टॉप अलग कर दिया और एक-एक करके उसकी स्कर्ट फिर उसकी पेंटी भी उतार दी. शैली ने झट से मेरे शॉर्ट में हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया और दूसरे हाथ से मेरे कपड़े उतार दिए.
फिर मैंने अपना लंड हल्का सा हिलाया शैली को इशारा किया और शैली ने मेरे 7.5 इंच का लंड पूरा अपने मुँह में भर लिया और बड़े प्यार के साथ उसे चूसने लगी. वो मेरे लंड को बड़ी बेकरारी से चूस रही थी. मैंने उसकी चुचियाँ मसलनी शुरू की, जैसे-जैसे मुझे मज़ा आने लगा मैंने शैली के मुँह में ही झटके मारने शुरू किए और अगले 5 मिनट में शैली के मुँह में ही झड़ गया. शैली ने मुँह से लंड बाहर निकालना चाहा, पर मैंने निकालने नहीं दिया बल्कि उसे क्स कर पकड़ कर पूरा माल ज़बरदस्ती उसे पिला दिया. उसने भी पूरा रस गपागॅप पी लिया.
फिर उसने अपना मुँह साफ़ किया. मैंने उसे उठाया और किस करने लगा. वो भी अब तक बहुत गरम हो गई थी. मैंने उसे गोद में उठा कर बिस्तर पर पटका और उसकी टाँगों के बीच में आ गया.
उसकी चूत में से क्या मस्त खुशबू आ रही थी. मैंने अपनी बहन की चूत चाटनी शुरू की. चुत पर जीभ के स्पर्श से वो तो मानो स्वर्ग में पहुँच गई थी. पूरा कमरा उसकी आवाजों से गूँज रहा था. वो बिस्तर को मसले जा रही थी और मैं उसकी चूत चाटता जा रहा था. फिर उसने मेरे सिर को कस कर अपने चूत पर दबा लिया. मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है. अगले ही पल उसका शरीर अकड़ गया और एक तेज़ धार उसने मेरे मुँह में छोड़ दी. मैं भी उसका चूत रस पी गया. इतने में वो थक गई.. पर मेरा लंड दूसरे चक्कर के लिए जाग गया था.
मैंने शैली से कहा- तैयार हो जा मेरी जान.. आज तू अपने भाई का लंड फिर से लेने वाली है.
वो खुश हो गई, मैंने उससे चित लिटाया और उसके ऊपर आ गया. लंड को चुत पर सैट करके उसकी चूत में एक ही झटके में अपना आधा लंड घुसा दिया. वो दर्द से चिल्ला पड़ी, मैंने परवाह ना करते हुए लंड थोड़ा पीछे निकाला और एक और झटके के साथ पूरा घुसा दिया. उसकी आँखों से आँसू निकल आए. फिर मैंने उसकी चीख को कवर करने के लिए अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और कुछ देर तक उसे यूं ही चूमता रहा.
फिर उसकी चूत में धीरे-धीरे अपना लंड हिलाने लगा और 5 मिनट बाद शैली की चूत में ज़ोर-ज़ोर से शॉट मारने लगा. शैली दर्द से कराहती रही, चीखती रही. पूरा कमरा उसकी आहों से गूँज रहा था, पर वो साथ भी पूरा दे रही थी.
करीब 10 मिनट तक मैं उससे इसी तरह चोदता रहा, फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उससे चूमने लगा. वो थोड़ा शांत हो गई.. पर बहुत खुश भी थी. फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में झुकाया और इस पोज़िशन में काफ़ी देर तक चोदता रहा, वो इस बीच 2 बार झड़ चुकी थी.
अब मैं भी झड़ने वाला था, मैंने उसे चित लिटाया, उसकी टांगें अपने कंधों पर रख उसे धकापेल चोदने लगा. मेरा लंड उसकी चूत की जड़ में टकरा रहा था. जब-जब मेरा लंड पूरा अन्दर जाता शैली चीख उठती.
मैं जैसे ही झड़ने को हुआ मैंने शैली को कस कर पकड़ लिया. उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया और उसके ऊपर ही लेट गया. अगले 10 मिनट तक उसकी चूत में से मैंने अपना लंड नहीं निकाला.
उस रात मैंने शैली की 4 बार चुदाई की सुबह साढ़े पांच बजे हम दोनों आख़िरी बार झड़े और थक कर शैली मेरे ऊपर ही सो गई.
मेरी बहन की चुदाई की कहानी आप सबको कैसी लगी.. मुझे ज़रूर मेल करें.

ख़ुशी को चुदने की ख़ुशी


हाय मित्रो मैं आप लोगो को आज अपनी एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ जो रंगीन है | यह कहानी आपको एक ऐसा एहसास देगी जो बिलकुल नया होगा | मित्रो मैं बिना समय गँवाए अपनी कहनी पर आता हूँ |
मित्रो में जबलपुर का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 28 साल है | और लम्बाई 6 फीट २ इंच है | में रेडी मेड शर्ट का बिजनिस करता हूँ मेरा शर्ट का कारखाना है | और मेरे परिवार में सिर्फ मैं और मेरे मम्मी पापा और मेरा एक छोटा भाई बस है |
मित्रो जब मैं कॉलेज में था | तो कॉलेज की फीस भरने के लिए और अपने खरचे के लिए एक कम्पनी के ऑफिस में मैं पार्ट टाइम जॉब करता था | उस समय मेरी उम्र २० साल थी | मित्रो जब मैंने जॉब करना स्टार्ट किया तो जब में पहले दिन जॉब पर ऑफिस गया | तो ऑफिस के सामने एक घर था वहाँ पर बहुत सारे लोग किराये से रहते थे | ऑफिस में कुछ भाई लोग भी जॉब करते थे उनसे मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी | फिर उसके बाद ऑफिस के भाई लोग ने बताया कि उस घर मे एक बहुत अच्छी लड़की रहती है  | यह बात सुनकर मेरे मन में उस लड़की को देखने की इक्छा बहुत हो रही थी | में रोज जब ऑफिस आता था तो उस लड़की को बार बार ऑफिस से बाहर निकलकर देखा करता था | लेकिन वो दिखती ही नहीं थी | बहुत दिन हो गे थे | वो दिखती ही नहीं थी |फिर उसके बाद मैंने उसे देखना ही छोड़ दिया और अपने काम में ध्यान देता था |  उसके बाद एक दिन जब में ऑफिस आया और जब मैंने उस घर की तरफ देखा तो मुझे उस घर के छत पर एक खूबसूरत सी लड़की दिखाई दी | वो इतनी सुंदर थी कि जेसे ही मैंने उसे देखा तो उसे देखता ही गया मेरी नजर हट ही नहीं रही थी | फिर में ऑफिस के अंदर आया और भाई लोगो से पूछा कि भाई लोग क्या वो यही लड़की है जो छत में खड़ी है | फिर भाई लोगो ने उस लड़की को देखा और बताया कि हां वो यही लड़की है | फिर उसके बाद वो लड़की छत से चली गई | फिर उसके बाद तो मेरी आँखों में बस उसी लड़की का चेहरा नजर आ रहा था ….मुझे वो बहुत अच्छी लगने लगी थी | मैंने तो उसे देखते ही सोच लिया था कि इसे तो में ही पटाउँगा |फिर मैंने भाई लोग से उस लड़की नाम पूछा तो भाई लोगो ने उस लड़की का नाम ख़ुशी बताया | उसका पूरा नाम ख़ुशी गुप्ता था |उसकी उम्र 18 साल थी और लम्बाई 5 फीट 4 इन्च थी | ख़ुशी देखने में बहुत ही ज्यादा सुंदर थी और कड़क माल भी दिखती थी | मैं फिर रोज ऑफिस आता था एक भी दिन ऑफिस से छुट्टी नहीं लेता | और रोज में ख़ुशी को ऑफिस से निकलकर बार बार देखा करता | ख़ुशी मुझे किसी दिन दिखती थी और किसी दिन नहीं दिखती | जिस दिन वो मुझे दिख जाती थी वो दिन मेरा बहुत अच्छा जाता और जिस दिन नहीं दिखती थी वो दिन बहुत ही ख़राब जाता था | मैं खशी के पीछे पागल हो गया था | खुशी मुझे हर जगह आँखों के सामने दिखाई देती थी | मुझे उसे किसी भी तरीके से पटाना था उसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना था |फिर जब में एक दिन ऑफिस आया तो ख़ुशी छत पर ही थी और मैं खुशी को देखने लगा मैं ख़ुशी को बिलकुल देखे ही जा रहा था | और जब मैं ख़ुशी को देख रहा था तो ख़ुशी ने मुझे देख लिया कि में उसे देख रहा हूँ | और वो भी मुझे देखने लगी | और जब वो मुझे देख रही थी तो मैं खुशी को लाइन मरने लगा और उसे देखकर स्माइल करने लगा | ख़ुशी भी मुझे देखकर स्माइल करने लगी थी | ख़ुशी समझ गई थी कि में उसे लाइन मर रहा हूँ |लेकिन फिर भी में उसे देखकर स्माइल कर रहा था और लाइन मार रहा था | ख़ुशी भी मुझे देखकर स्माइल कर रही थी और फिर उसके बाद वो छत से चली गई | फिर उसके बाद ख़ुशी रोज छत पर आती और में रोज उसे देखा करता और लाइन मारा करता | ख़ुशी भी मुझे देखकर स्माइल करती और लाइन मारा करती |फिर मैं रोज बहुत खुश रहता था | लेकिन मेरी ख़ुशी से बात नहीं हो पा रही थी | फिर उसके बाद मुझे भाई लोगो ने बताया कि ख़ुशी शाम को कोचिंग पढने जाती है | यह सुनकर मुझे ख़ुशी हुई फिर उसके बाद मैं रोज ख़ुशी की कोचिंग के पास जा कर खड़े हो जाता और जब ख़ुशी कोचिंग आती थी तो उसे देखा करता | ख़ुशी ने मुझे कोचिंग के पास भी खड़े देख लिया | जब मैं उसे देख रहा था कोचिंग मैं तो वो मुझे देख कर बहुत स्माइल कर रही थी | मैं तो ख़ुशी के मारे पागल हुआ जा रहा था | फिर एक दिन जब ख़ुशी कोचिंग जा रही थी | तो मैं उससे बात करने के लिए रास्ते मैं खड़ा था और जब खुशी आई तो मैंने उसे रोक लिया और उससे हाय किया और ख़ुशी से बोला कि क्या मैं आपसे दो मिनट बात कर सकता हूँ | ख़ुशी ने स्माइल करते हुए कहा क्यों नहीं बिलकुल बोलो क्या बात करनी है और ख़ुशी मुझे देखकर बहुत शर्मा रही थी | फिर मैंने ख़ुशी से वहीँ पर कह दिया कि मैं आपको बहुत पसंद करता हूँ और फिर उसके बाद ख़ुशी को मैंने प्रपोस कर दिया आई लव यू बोल दिया दिया | ख़ुशी यह सुनकर बहुत स्माइल कर रही थी और फिर जब मैंने ख़ुशी से पूछा कि क्या आप मुझे पसंद करती है ? तो ख़ुशी ने हा बोला और आई लव यू टू बोल दिया और फिर वो कोचिंग चली गई | बाद में हम दोनों रोज मिलते और ख़ुशी को मैंने पटा लिया था | फिर एक दिन मैंने ख़ुशी से बोला ख़ुशी चलो कही घूमने चलते है | यह बात सुनकर ख़ुशी बहुत झूमीऔर वो भी कहने लगी हाँ चलो कही घूमने चलते है | ख़ुशी उस दिन बहुत ही सेक्सी लग रही थी | ख़ुशी को देख कर उस दिन चोदने का मन कर रहा था | मैंने तो मूड बना ही लिया था कि आज ख़ुशी को चोदना ही है | फिर में ख़ुशी को घुमाने भेडाघाट ले गया | हम दोनों भेडाघाट में बहुत मस्ती कर रहे थे | फिर ख़ुशी को भेडाघाट घुमाने के बाद मैं ख़ुशी को अपने दोस्त के रूम में लेकर आया ख़ुशी बहुत खुश थी उस दिन वो रूम में जेसे ही आई वो पलंग पर लेट और मुझे देखकर बहुत स्माइल करने लगी | फिर उसके बाद मैं भी ख़ुशी के बाजू में लेट गया और उसके बाद मैंने ख़ुशी को पकड़कर किस कर लिया और जब मैंने ख़ुशी को किस किया तो ख़ुशी ने कुछ नहीं कहा और फिर वो भी मुझे किस करने लगी |मैंने तो सोच ही लिया था कि अब मुझे इसे अच्छा मौका नहीं मिलेगा ख़ुशी को चोदने का फिर मैं ख़ुशी फिर से किस करने लगा और ख़ुशी को बहुत मजा आ रहा था |मैंने ख़ुशी के पूरे कपडे उतार दिए और उसके पूरे बदन को चूमने लगा | ख़ुशी आह आह कर रही थी फिर में ख़ुशी की चूत में अपना लंड डाला और उसे चोदने लगा | ख़ुशी चुदते समय आह्ह आह्ह ऊउह्ह ऊह्ह कर रही थी और मुझसे चिपकी हुई थी | ख़ुशी को चुदने में इतना मज़ा आया कि मैंने खुशी को फिर से चोदा और बहुत चोदा | चोदते समय तो बस ख़ुशी मुझसे चिपकी थी और आःह्ह मजा आ रहा था कि मुझे चोद ही नहीं रही थी | मैंख़ुशी के मस्त बड़े बड़े दूध को पीने लगा मुझे ख़ुशी के दूधपीने में बड़ा मजा आ रहा था | मैं ख़ुशी को खूब चोद रहा था ख़ुशी आराम से मुझसे चुद रही थी | उस दिन मैंने ख़ुशी को बहुत चोदा | फिर उसके बाद जब मैं ख़ुशी को चोद चुका था | तो ख़ुशी और चुदने की जिद कर रही |फिर उसके बाद काफी समय हो गया फिर मैंने ख़ुशी को उसके घर छोड़ा और में भी अपने घर चला गया और फिर मैं दुसरे दिन ऑफिस गया तो ख़ुशी छत पर ही थी | जब मैंने ख़ुशी को देखा तो वो मुझे देखकर बहुत स्माइल कर रही थी और लाइन मार रही थी और मुझे फ़ोन कर कर परेशान करने लगी कि मुझे फिर से चुदने का मन कर रहा है | फिर उसके बाद मैं फिर से ख़ुशी को घुमाने ले गया और और दोस्त के रूम में ले जाकर बहुत चोदा | तो दोस्तों यही थी मेरी अजीब दास्ताँ और मुझे ख़ुशी है आप लोग इसे पढ़कर खूब हसेंगे और मुझे अच्छे अच्छे कमेन्ट देंगे | तो आज मैं अपने शब्दों पर यहीं विराम लगाता हूँ |

वो देती गयी और मैं उसकी बुर लेता गया


मेरे प्यारे सभी भाई और मेरी प्यारी सेक्सी आंटी और लडकिया | मैं सेक्स का बहुत बड़ा फैन हूँ | मुझे यहाँ स्टोरीज पढना बहुत अच्छा लगता है | मेरा नाम शशांक है और ये मेरी गर्लफ्रेंड कि स्टोरी है जिसका नाम अर्चना साहू है | वो बहुत सेक्सी और भरे बदन की लड़की है उसका फिगर 26 24 40 है उसकी गांड बहुत बड़ी है और गोल है | अच्छे अच्छे लोगो के लंड के खड़े हो जाते है जब कोई उसको चलते हुए देखता है | मैं भोपाल में रहता हूँ और मैं जिम में ट्रेनर हूँ मैं पढाई में ज्यादा अच्छा नहीं था इसलिए मैं बस ग्रेजुएशन कर के रुक गया और जिम लाइन में अपना कैरिएर बनाने कि ठान लिया | मैं आप लोगों को ज्यादा बोर न करते हुए सीधे स्टोरी पे आता हूँ |
ये बात तब कि है जब मैं जिम जाना स्टार्ट किया था और वो भी वहा आती थी उसको एक मॉडल बनना था वहा सबके पर्सनल ट्रेनर हुआ करते थे इसलिए उसे ठीक तरह से कोई व्यायाम नहीं बता पता था और वो ऐसे ही गलत गलत करती थी | मुझे इस चीज़ कि अच्छी नॉलेज थी तो मैंने उससे कहा कि मैंने भी अभी जिम स्टार्ट किया हूँ पर मुझे साड़ी एक्सरसाइज आती है | फिर मैंने उसे बताना और सही तरीके से करना चालू किया वो भी खुश थी कि चलो उसे कोई फ्री में र्त्रैनेर तो मिला | हम ऐसे ही प्रैक्टिस किया करते थे कभी वो मुझे सपोर्ट देती कभी मैं | ऐसे ही प्रकटिसे करते करते हमे तीन महीने हो गए और हमारी बीच दोस्ती हो गयी थी | एक दिन ऐसे ही मूवी देखने का हमने प्लान बनाया और हम मूवी देखने सिनेमा हाल गए | मैंने टिकेट खरीदी उसने कोक और पॉपकॉर्न खरीदे फिर हम बेठे हमने लास्ट कार्नर कि सीट ली हुई थी और वहा ज्यादा लोग नहीं थे हमारे आगे  वाली सीट पे | फिर मूवी देखने लगे ऐसे ही यहाँ वहा कि बाते भी कर रहे थे उसने तब मुझे बताया कि वो एक नार्मल घर कि लड़की है और उसे मॉडलिंग में बचपन से ही इंटरेस्ट है पर उसे उसके घर वाले मना करते थे तो वो यहाँ भोपाल आ गयी पढाई के लिए पर उसने अभी घर में नहीं बताया कि वो मॉडलिंग के लिए भी तयारी कर रही है | ऐसे ही यहाँ वहा कि बाते करते करते मूवी ख़त्म हो गयी और हम जाने को निकल रहे थे कि बहुत जोर कि बारिश होने लगी | हम आधे रास्ते तक ही पहुचे थे कि हम भीग गए थे बहुत ज्यादा | उसने वाइट कलर कि सलवार सूट पहनी थी जो स्किन टाइट थी तो जब वो भीगी तो उसके नितंभ और दूध कि ब्रा एक दम साफ़ साफ़ दिख रही थी  उसने मुझे शर्मा के देखा और मैंने नजरे फेर लिया क्युकी मै उसके प्रति गलत नहीं सोचता था | मैं तुरंत भीगते भीगते गया एक शॉप वह से एक सारी और ब्लाउज खरीद लाया और उसे ला के दिया वो बहुत खुश हो गई | उसने मुझे थंक्स कहा तो मैंने उससे कहा कि दोस्ती में नो सॉरी नो थैंक यू उसे बहुत अच्छा लगा | फिर मैंने उसे घर छोड़ा और फिर मैं भी अपने घर आ गया मुझे सर्दी हो गयी थी तो मैं कुछ दिनों से जिम नहीं जा पा रहा था उसने मुझे कॉल कि कि क्यू नहीं आ रहे हो तो मैंने उसे कहा कि मेरी तबियत ख़राब है तो वो भी जिम से जल्दी निकली और मेव्रे घर आ गयी  मैं भी यहाँ रूम ले के रहता था और काले रहता था और कोई दिक्कत नहीं थी कि कोई मुझे किसी चीज़ के  लिए टोकता | वो आई और जूस ले के आई तो मैंने उसे थैंक्स कहा तो उसने कहा कि दोस्ती में नो सॉरी नो थैंक यू फिर हम हसने लगे वो मेरे लिए सूप बनाने लगी और वो टाइट कपड़ो में बहित सुंदर लगती थी और वो बहुत गोरी भी थी | उसने मुझे सूप बना के दिया फिर मैंने पिया एक दिन कि बात है उसे अपने कोल्लागे कि फीस बी देनी थी  और घर का किराया भी पर उसके पुरे पैसे किसी ने चुरा लिए थे तो वो बहुत परेशां हो गयी | उसने मुझे बताया तो मैंने उसे कहा  कि मैं सिर्फ कॉलेज कि फीस दे सकता हूँ रेंट के पेसे देने के लिए मेरे पास भी नहीं बचेंगे तो मैंने उसे सुग्गेस्ट किया कि तुम मेरे साथ रह लो | उसे  अच्छा नहीं लगा तो मैंने उसे कहा कि भरोसा रखो कुछ नहीं होगा फिर मैंने मनाने पर वो मान गयी | उसने अपना सामान मेरे रूम में शिफ्ट कर ली और हम साथ रहने लगे | उसके बाद हम साथ में घूमते खाना बनाते और जिम जाते बस वो कॉलेज अकेले जाती थी क्युकी मुझे और भी कुछ काम रहता था इसलिए | फिर धीरे धीरे हममे नजदीकियां बढ़ने लगीं और हम एक दुसरे से प्यार करने लगे एक दिन कि बात है | जब घर में लाइट चली गयी थी और बाहर बहुत जोर की बारिश होने लगी थी तो मैं कैंडल लेने भी नहीं जा पाया अँधेरे में हम आपस में टकराते और कहीं यहाँ वहां टकराते बहुत हसी आती हमको जब किसी को लगती और वो आह करके चिल्लाता ऐसे ही चलते चलते मेरा हाथ उसकी गांड में लगा तो उसने पकड़ लिया | उसने पूछी क्या कर रहे हो तो मैंने कहा यार धोके से लग गया वो गुस्सा हो गयी थी फिर बाद में उसने मेरे लंड पे हाथ मारी तब मैंने उसका हाथ पकड़ लिया तो वो शर्म से लाल हो गयी थी | मैंने उसे अपनी तरफ खीचा और सीने से लगा लिया | उसके बड़े बड़े दूध मेरे सीने से लगे और वो बोली कि ये क्या कर रहे हो | मैंने उसे बोला कि जो हम अनजान बन कर एक दुसरे के साथ हरकते करते हैं उसे आज हम एक नाम दे ही देते हैं उसे समझते देर न लगी और उसने कहा कि मैं सेक्स नहीं करुँगी | मैंने आज तक सेक्स नहीं किया है | तो मैंने उसे कहा कि सेक्स तो मैंने भी नही किया है तो क्यू न आज कर के देखते है पहले तो वो मना कर रही थी | फिर बाद में उसने हा कर दी  मैंने उसे अपने तरफ फिर से खीचा और अपने होंठ उसके होंठ पे रख दिए मैं उसे जोर जोर से किस करने लगा | उसकी जीभ  से जीभ लड़ाने लगा | अब वो भी गरम होने लगी तबी और उसने भी मेरा साथ देना चालू कर दिया | अब हम एक दुसरे के साथ से अच्छे से किस कर रहे थे और मैं उसके दूध भी दबाते जा रहा था फिर मैं उसके पीछे आ गया और उसकी गर्दन पे किस करने लगा और वो सिस्कारिया ले रही थी | मैं सामने हाथ करके उसके दूध मसल रहा था और उसकी गर्दन भी चाटते जा रहा था उसे बहुत अच्छा लग रहा था उसे मेरा एसा करना फिर मैं उसके सामने आ के उसका टॉप उतारा और फिर उसके बाद उसकी ब्रा | जेसे ही ब्रा उतारा लाइट आ गयी उसके दूध बहुत ही गोरे  दिख रहे थे क्या कमाल के दूध थे उसके मजा आ गया था | फिर मैं उसके पिंक निप्पल चूसने लगा और उसके दूध दबाते जा रहा था | उसके मुह से अआहा आहा अहहः आहा अ अह कि आवाज़े आ रही थी जो मुझमे जोश पैदा कर रही थी | फिर मैं उसकी कमर चाटते हुए उसकी स्कर्ट उतारा और फिर उसकी पेंटी भी उसे शर्म नहीं आ रही थी | अब बस वो ऊन्मून्ह्ह अआहा ऊऊन्ह्ह कर रही थी | मैंने ज्यादा देर नहीं कि और उसे लेटा कि उसकी टांग चौड़ी किया तो देखा कि उसकी छूट भी गुलाबी थी | मेरे मुंह में तो पानी आ गया था | मैं तुरंत ही अपनी जीभ डाल के उसकी छूट चाटने लगा और वो जोर जोर से आः आः अहाहाहा उऊंज्नंह उऊंन्ह्ह क्या कर रहे हो | शशांक मार डालोगे क्या मैंने झूठ कहते हुये कहा कि नहीं जान तेरी चूत पे बहुत प्यार आ रहा है फिर मैं उसकी छूट करीब 20 मिनट तक चाटा | उसी टाइम वो एक बार झड चुकी थी फिर मैं उसके सामने नंगा हुआ तो मेरा लंड देख के डर गई थी | क्युकी मेरा लंड 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है उसने कहां कि तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है | मैं इसे अन्दर नहीं ले पाउंगी  तो मैंने उसे कहा कि कोई दिक्कत नहीं होगी आराम से अन्दर चला जायगा | मैंने उसकी छूट में सरसों का आयल लगाया और अपने लंड में भी आयल लगाया | मैंने उसकी टाँगे पकड़ी और धीरे से अपना लंड उसकी छूट में डाला वो चीख उठी और मना करने लगी कि अआः अआहा नही अब मैं झेल पाऊँगी तुम्हारा लंड | मैंने जोर कर अपना लंड डाला फिर धीरे धीरे उसे भी मजा आने लगा और बहुत देर तक हमने चुदाई की | अब हम रोज चुदाई करते हैं उसे मेरा लंड ओरे ममुझे उसकी चूत बहुत पसंद है | हमने शादी भी कर ली है और अच्छे से रह रहे है | फ्रेंड्स आपको सभी को मेरी स्टोरी कैसी लगी बताना जरुर मैं आगे भी अपनी स्टोरीज भेजता रहूँगा उम्मीद करता हूँ कि आप सभी लोगो को मेरी ये स्टोरी बोर नही कि होगी |

मकान मालकिन की लड़की को चोदा


हेल्लो कैसे है दोस्तों मैं आपका अभिजीत जैसा की आप ने मेरी पहली कहानी मैं पढ़ा की मैंने कैसे अपनी मकान मालकिन की चुदाई कैसे की | ये कहानी मैं जो लिख रहा हूँ | जो की मकान मालकिन की लड़की रिया की है | जैसा की मैंने बताया था की उस दिन रिया को शक हो गया था की और उस दिन की अलका भाभी की चूत चुदाई के बाद मैंने रिया की चूत कैसे मरी उसकी कहानी मैं आज आप लोंगों को बताने जा रहा हूँ जैसे की की उस दिन मैंने आप लोगों को बताया था की मेरे गीले कपडे व खड़ा लंड देख कर रिया को शक हो गया था | पर अलका भाभी और मुझे नहीं पता था की जब उस दिन हम दोनों की चुदाई के समय रिया भी वंहा थी | इसकी खबर हम दोनों को नहीं थी | जब अलका भाभी की चुदाई के बाद अलका भाभी को मैं अगली सुबह मिला तो अलका भाभी ने बताया की कल की सारी बात रिया को पता चल गयी है | मेरी तो गांड फट गयी की अब रिया की चूत चोदने का सपना अब मेरा सपना ही रह जायेगा | पर भाभी ने कहा की तुम चिंता न करो मैं रिया को समझा लूंगी | और भाभी ने बताया की रिया भी मुझको पसंद करती है | तो मैंने भी भाभी को बताया की मैं भी रिया को बहुत पसंद करता हूँ तो भाभी ने कहा की चिंता मत करो मैं तुम्हारी ये भी इच्छा पूरी करूंगी बस तुम मेरी प्यास ऐसे ही बुझाते रहना आज मैं रिया को तुम्हारे पास भेजूंगी पूरी कर लेना अपनी तमन्ना | तब जाके मुझे कुछ आराम मिला | और मैं रिया के खयालो मैं खो गया | उसकी चिकनी चूत के बारे मैं सोंच कर ही मेरा लंड पानी छोड़ने लगता है | अगले दिन मैं अपने कमरे मैं लेटा था तभी रिया मेरे कमरे मैं आयीं और खड़े होकर मेरे लंड को देखने लगी जो की उस समय उसी के ख्यालों मैं खड़ा हुआ था | मैं रिया को अपने कमरे मैं देख कर एक दम से चौंक गया | क्यूंकि वो पहलीं बार वो मेरे कमरे मैं आयी थी | देख कर मेरा लंड पैन्ट फाड़कर बाहर आने लगा पर मैंने कंट्रोल किया और मैंने रिया से पूंछा की तुम यंहा क्या कर रही हो तो उसने बताया की उसे मम्मी और मेरे बारे मैं सब पता है | सायद अलका भाभी ने उसे सब कुछ बता दिया था | उसकी ये बात सुनकर मैं डर गया की कही वो अपने पापा से सब न बता दे पर उसने मुझ से कहा की डरने की कोई बात नहीं हैं मैं जानती हूँ की मेरे पाप मेरी मम्मी की प्यास नहीं बुझा पाते मम्मी ने मुझे बताया था | तब जाके मुझे कुछ आराम मिला और फिर मैंने उससे कहा की मैं उससे बहुत प्यार करता हूँ | तो उसने कहा की प्यार तो वो भी मुझ से करती है पर आज तक वो कह नहीं पायी | और उसने बताया की उसने भी कई बार मेरे बारे मैं सोंच कर अपनी चूत मैं ऊँगली की है | इतना सुनते ही मेरे अन्दर की वासना जाग उठी और मैंने उसे पकड़ लिया और जोर से किस करने लगा | सलवार कुरते मैं क्या गजब लग रही थी | मैंने उसे बेड पे लिटाया और उसकी गर्दन पे किस करने लगा और उसके मम्मो को मसलने लगा | धीरे – धीरे वो गरम होने लगी और वो भी मुझे जोर से किस कर रही थी जैसे की वो भी बहुत दिनों से इसी का इन्तजार कर रही हो | मैं उसे किस करते हुए उसके मम्मो को मसल रहा था और उसकी चूत मैं ऊँगली कर रहा था | उसकी चूत गीली होने लगी थी | फिर मैंने धीरे से उसका कुर्ता निकाल दिया | उसकी काली रंग की ब्रा मैं उसकी चुचियों का उभार देख कर मैं पागल हुआ जा रहा था | मैंने उसकी सलवार भी निकाल फेंकी अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी मैं थी क्या कमाल लग रही थी | मुझे लग रहा था की आज मेरे बरसो की मेहनत रंग ला रही थी | अब रिया भी बहुत गर्म हो चुकी थी | उसने मेरी पैन्ट निकाल कर फेक दी और मेरे लंड को बाहर निकाला मेरा मेरा मोटा लंड देख कर उसकी गांड फट गयी | क्यूंकि इससे पहले उसने लंड के दरसन नहीं किया था | फिर मैंने अपना लंड उसे अपने मुह मैं लेने को कहा पहले तो उसने मन किया पर मेरे बहुत कहने पर वो मान गयी | और उसने मेरा पूरा लंड अपने मुह मैं ले लिया और मजे से चूसने लगी | मुझे भी बहुत मजा आ रहा था आज मेरा वो सपना पूरा हो रहा था जो की मैं बहुत दिनों से देख रहा था | मैं उसके मुह को बराबर अपना लंड डाल के चोद रहा था और वो भी मेरा लंड चूसते हुए मजे लिए जा रही थी | मैंने थोड़ी देर तक उसको अपना लंड चूसाया फिर मेरा मन उसे चोदने का हुआ | मैंने अपना लंड उसके मुह से बाहर निकला और उसके बाद में मैंने उसकी ब्रा- पैंटी निकालकर फैंक दिया और उसको मैंने बेड पर लिटा दिया | मैंने भी अपने सारे कपडे निकाल दिए और उसके साथ बेड पर लेट गया | मैंने थोड़ी देर तक अपनी होंठो को उसकी होंठ में डाल कर चूसा | फिर मैंने उसकी दोनों टांगो को अपने हाँथ में पकड़ कर फैला दिया और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया वो एक दम से सिहर उठी उसके आँखों मैं आंसू आ गए थे उसकी चूत से खून निकल रहा था | मेरे लंड पे भी उसकी चूत का खून लग चुका था | खून देख कर वो डर गयी और रोने लगी मैंने उसे समझाया की तुमने ये पहली बार किया है तभी ऐसा हुआ है | मैंने उसे समझाया की उसकी सील टूट चुकी है |
फिर मैं उसे किस करने लगा और और अपने लंड को बड़े ही आराम से उसकी गुलाबी चूत में डाल दिया और वो भी अब अपने मुह से बहुत तेज-तेज आह आह आहा अहः आहा ओह्ह्ह आह आह उह्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह इह्ह इह्ह ओह्ह्ह आह आहा आहा आहा आहा अह आहा आहा उह्नुंह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्नोह्ह ओह्ह ओह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह्ह इह्ह इह्ह इह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह उन्हुंह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह्ह ओह्ह की सिस्कारिया निकाल रही थी | मुझे भी बहुत मजा आ रहा था और नों भी अपने मुह से आह आह आहा अ आहा आह आह आह आह आह आहा आहा अ आ आ आहा उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह की आवाज़े निकाल रही थीं | मैं शॉट पे शॉट मरे जा रहा था और धीरे – धीरे मैंने स्पीड तेज की अब वो मेरा साथ दे रही थी सायद उसे भी मज़ा आने लगा था | मैं जोर –जोर से चोद रहा था और उसके मम्मो को मसल रहा था और उसके गुलाबी होंठों का रसपान कर रहा था | वो जोर – जोर से अहह उन्हह ओह्ह्ह अह्ह्ह आह्ह्ह आःह्ह ओह्ह्ह फक में अह्ह्ह ओंन्ह्ह अह्ह्ह चोदो मुझे और जोर से चोदो ओह्ह्ह अह्ह्ह उम्म्म अह्ह्ह फाड़ दो मेरी चूत को आज से मेरी चूत तुम्हारी | मैं भी उसकी आवाज़े सुन कर और कामुक हो गया और मैं और जोर से धक्के लगाने लगा |वो भी गांड उठा कर मेरा साथ दे रही थी | फिर धोड़ी देर की चुदाई के बाद उसने मुझ से कहा की वो झड़ने वाली है मैंने धक्के और जोर कर दिया और वो झड गयी |पर मैं अभी कहा झड़ने वाला था मैं धक्के पे धक्के लगाये जा रहा था था फिर मैं भी थोड़ी देर बाद झड़ने वाला था तो मैंने अपना लंड निकाल कर उसके मुह मैं दे दिया | और वो मेरे लंड को मजे से चूसने लगी मैंने अपना सारा माल उसके मुह मैं ही निकाल दिया वो मेरा सारा माल गटक गयी | उसने मेरा लंड चूस-चूस कर फिर से खड़ा कर दिया | और मैंने फिर उसे बेड पे गिरा लिया और उसकी चूत पे अपना मुह रख दिया और उसके चूत के दानो को धीरे-धीरे सहलाने लगा और उसकी चुचियों को मसल-मसल लाल कर दिया हम दोनों एक दुसरे को बराबर किस कर रहे थे | वो फिर से गरम हो चुकी थी | और मेरा लंड तो पहले से ही उसकी चूत की गहराइयों मैं जाने के लिए तैयार था | पर मैंने पहले उसके बूब्स पे लंड रख कर उसके बूब्स की चुदाई करने लगा | और उसकी चूत मैं ऊँगली दल कर चोदने लगा | वो बहुत गरम हो चुकी थी | उसने मुझ से कहा अभिजीत अब मुझे मत तडपाओ डाल दो अपना लंड मेरी चूत मैं वरना मैं मर जाउंगी फाड़ दो मेरी चूत को आज तक इसने किसी का लंड नहीं खाया आज मिटा दो भूख मेरी चूत की | अब मैंने अपना लंड उसकी चूत के निशाने पर रखा और पूरा लंड उसकी चूत मैं घुसा दिया उसकी चूत अब भी बहुत टाईट थी | मैंने धक्के जोर किये और अब वो भी चूतड उचका कर मेरा साथ दे रही थी | मुझे बहुत मज़ा आ रहा था आज तक मैंने ऐसी रसीली छूट कभी नहीं चोदी थी | लगभग 20 मिनट की चुदाई के बाद उसने कहा मैं झड़ने वाली हूँ मैंने धक्के और तेज किये हम दोनों ही झड गए फिर हम दोनों थोड़ी देर एक दुसरे के ऊपर लेटे रहे फिर वह उठी और अपने कपडे पहन कर मुझे किस किया और मुस्कुरा कर चली गयी |

विदेशी चूत का मजा


hot sex stories नमस्ते दोस्तों | मेरा नाम दीपक है और मैं गोवा में रहता हूँ | मैं पेशे से एक गाइड हूँ और विदेशी पर्यटकों को गोवा घुमाना मेरा काम है | काम की वजह से मुझे काफी साड़ी भाषाओँ का गया है | मुझे फ्रेंच, रुसी, इंग्लिश, जर्मन जैसी काफी सारी भाषाएँ आती हैं | मेरी उम्र 27 साल है और मैं एक फिट बॉडी का मालिक हूँ | चलिए अब कहानी पर आता हूँ |
एक बार की बात है | मुझे एक रुसी लड़की को गोवा घुमाने का काम मिला | मैं ख़ुशी ख़ुशी तैयार हो गया | मैं तय समय पर एअरपोर्ट पहुँच गया उसको रिसीव करने | मैंने बस उसकी फोटो देखी थी | फोटो में वो काफी क्यूट दिख रही थी | थोड़ी देर बाद उसकी फ्लाइट लैंड हुई | लगभग १० मिनट के बाद वो मेरे सामने खड़ी थी | क्या बला की खुबसूरत थी वो | गोरी बॉडी और बाल भी गोरे गोरे | उसकी हाइट लगभग साढ़े पांच फुट रही होगी | उसका फिगर बहुत सेक्सी था और उसने टीशर्ट और शोर्ट जीन्स पहन रखी थी | कुल मिलकर लग रहा था की वो किसी अप्सरा से कम नही हैं | मैंने अब उसके शरीर से ध्यान हटाया और काम पर लगाते हुए उसको पिक किआ और टैक्सी में लेकर होटल की ओर निकल पड़ा |
होटल में जाकर मैंने उसका सामन रूम में पहुंचवाया और उसे रेस्ट करने का बोल कर वापस चल दिया | आज वो थक गयी थी इसीलिए आराम करना चाहती थी और अगले दिन घुमने का प्लान बनाया उसे | मैं अगले दिन समय पर पहुँच गया और होटल के नीचे उसका वेट करने लगा | वो आई और मेरे साथ टैक्सी में बैठ कर चलने लगी | उसकी मासूमियत उसकी खूबसूरती को और बढ़ा रही थी | फिर हम दोनों बीच पर पहुँच गये | मैं उसे साथ लेकर बीच पर चलने लगा और उसको जगहों के बारे में बताने लगा | वो अब नहाना चाहती थी | उसने कपडे बदले और छोटे छोटे कपड़े पहन कर समुन्दर में चली गयी | वो वहां नहाने लगी और मैं बैठ कर उसे देखने लगा | वो नहाने के बाद वापस आने लगी | दोस्तों वो जब समुन्दर के पानी से बाहर आ रही थी तो सच बता रहा हूँ क्या मस्त लग रही थी | छोटे छोटे कपड़ों के बिच में मस्त सा सेक्सी फिगर | वाह.. क्या लाजवाब सीन था | मैंने कुछ भी करके खुद को कंट्रोल किआ और वैसे ही बैठा रहा | अब वो कपड़े बदलकर रेस्टोरेंट गयी | मैं भी उसके साथ ही रेस्टोरेंट चला गया | अभी वो खाना कहा ही रही थी की उसके फ़ोन पर एक कॉल आई और वो अचानक से रोने लग गयी | उसने खाना छोड़ा और बिल दे कर रेस्टोरेंट से बाहर जाने लगी | उसके पीछे मैं भी चल पड़ा | वो अभी भी रोये जा रही थी | उसने बोला की आज अब उसे कहीं नही जाना सीधा होटल जाना है | मैंने कहा ठीक है | फिर मैंने टैक्सी मंगवाई और उसे लेकर लेकर होटल में चल पड़ा |
होटल में पहुँच कर जब मैंने उससे बहुत पूछा तो उसने रोते हुए बताया की उसका ब्रेकअप हो गया और उसका बॉयफ्रेंड अब किसी और के साथ है | मैंने उसको बहुत समझाया और ढाढस बंधाने के लिए उसको गले से लगा लिया | वो मेरे कंधे पर सर रख कर लगातार रोये जा रही थी | मैंने उसके आंसू पोछे और उसके माथे पर एक किस दी और फिर से उसे हग कर लिया | उसे हग किये किये बैठा था की हमारे बीच कब किस शुरू हो गयी पता ही नही चली चला | अब मैंने उसे किस करते करते लेट गया और उसके ऊपर आ गया | मैंने लिप्स पर किस करते करते उसके बूब्स सहलाना शुरू कर दिया | धीरे धीरे मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा | धीरे धीरे मैंने उसकी शर्ट के बटन शोलने शुरू कर दिया | उसने काली कलर की ब्रा पहन रखी थी | मैंने उसकी शर्ट पूरी निकाल दी और उसकी ब्रा के ऊपर से उसके दूध सहलाने लगा | उसके छोटे छोटे दूध बहुत मस्त थे | अब मैंने उसकी ब्रा निकलने लगा | उसके छोटे छोटे दूध और प्यारे से निप्पल अब आजाद हो चुके थे और मेरे सामने थे | मैं उन्हें चूमने में जुट गया | वो भी मजे लेने लगी और मस्ती में उम् म म्मम्म म मम्म मम म मम म म मम आह ह हह ह हह ह ह हह ह हह ह्ह्ह्ह ओह ह्ह्ह्हह ह ह्ह्ह हह ह्ह्ह हह ह ह करने लगी |
काफी देर तक उसके दूध को चूसने के बाद मैंने उसकी पेंट उतार दी और उसकी पेंटी भी | उसकी बिना झांटों वाली चूत बहुत ही सेक्सी लग रही थी | उसकी चूत बहुत ही कसी और चिकनी थी | मैंने उसकी चूत को रगड़ना शुरू कर दिया | फिर मैंने उसकी टांगों को फैलाया और उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया | मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में घुसा दी और उसकी चूत को चाटने लगा | वो मदमस्त हो गयी और आःह ह्ह्ह हह ह हह ह्ह्ह्ह हह उम् म मम मम्म म मम म मम ओह्ह ह ह हह ह्ह्ह ऊऊ ऊऊऊऊउइ ईई ईई इ ईईईइ ईई इ ईई इ ओह्ह ह हह ह ह्ह्ह ह हह ह हह ह हह ह ह आःह ह हह ह ह हह ह ह ह हह ह ह हह ह्ह्ह ह्ह्ह ह ह उह ह हह ह हह ह ह हह ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह हह ह ह हह ह ह हह हूऊ उ ऊ उ उ उ ऊऊ उ ऊऊउ उ इ ई इ इ इ इ ईई ईईई उम् म मम म म मम म मम्म मम मम म्मम्मम म म्मम्मम म म्मम्मम म्मम्म मम म म म म मम म म म मम मम्म मम म मम्म म मम म मम्म म म मम लिक माय पुसी आःह ह हह ह ह ह ह हह ह ह्ह्ह ह ह्ह्ह्ह ऊऊउम मम म मम्म म मम करने लगी | थोड़ी देर बाद वो झड गयी | मैंने उसका सारा माल पी लिया |
अब मैं ऊपर आकर लेट गया और वो मेरे कपडे निकालने लगी | मेरे सारे कपड़े निकालने के बाद वो मेरे सीने पर किस करने लगी | किस करते करते वो नीच जाने लगी | फिर उसने मेरा लंड अपने साथ में लिया और सहलाने लगी | उसके मखमली हाथों के टच से मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया | मेरे बड़े से लौड़े को देखकर उससे रहा नही गया और उसने उसे किस करना शुरू कर दिया | उसने मेरे लंड को मुंह में लिया और बड़ी अदाओं से चूसने लगी | वो मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे मेरे सामने कोई ब्लू फिल्म चल रही हो और हम दोनों फिल्म के एक्टर्स हों | बीच बीच में वो मेरे टट्टे भी चाट रही थी और उनके साथ खेल रही थी | वो मेरे लंड को थूक लगा कर चाटने लगी और गप्प पप पप पपप पप ग्ग्गप्प्प्प प पप पपप पप पपप प्प्प्पप की आवाज करने लगी | काफी देर तक लंड चुस्वाने के बाद मेरा मन हुआ की अब उसे चोद ही दूं | मैंने उसको मेरे लंड से मुंह निकालने को कहा और उसे लिटा दिया |
अब मैंने उसकी टाँगे फैलाई और अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा और उसको चूमने लगा | अब उससे भी रहा नही जा रहा था | वो मुझसे बोली की मैं अब उसे चोद दूं | मैंने बोला ठीक है | फिर मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और उसकी चूत पर रख कर धक्का दे दिया | उसकी चूत कसी थी और बहुत ही गर्म थी | वो रोने लग गयी | मैंने फिर अपना लंड निकाला और उसे चूमने लगा | चुमते चुमते मैंने फिर से अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया और इस बारे पूरा ही डाल दिया | वो बिलख उठी | मैंने उसे किस करना चालू रखा | थोड़ी देर बाद जब वो थोड़ी नार्मल हुई तो मैंने उसको चोदना शुरु कर दिया | वो दर्द को खेल नही पा रही थी और लगातार आःह ह्ह्ह्ह ह ह हह ह हह ह ह्ह्ह्ह ऊऊ ऊऊ ऊ उ ऊऊउ उ ऊ उ उ ह हह ह हह हह ह हह ह ह हह ह ह हह ह्ह्ह्ह ह ह हह ह्ह्ह्हह ह ह्ह्ह ह्ह्ह ह ह ह्ह्ह ह ह्ह्ह ह ह ह ह्ह्ह ह्ह्ह ह ह्ह्ह्ह ह ह ह्ह्ह ह ह ह्ह्ह हह ह ह्ह्ह्ह ह ह ह ह हह ह हह ह्ह्ह्ह ह ह हह ह्ह्ह्ह ह हह ओह्ह्ह ह ह्ह्ह्हह्ह ह ह्ह्ह्ह ह हह ह ह ह करने लगी | अब मैंने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दी | अब वो जोर से से आःह्ह्ह हह ह ह्ह्ह उई ई इ इ फक मी.. आःह्ह्ह ऊऊ ऊ ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ह्ह्ह ह ह आःह्ह हह ह्ह्ह्ह ह ह्ह्ह्हह ह ह्ह्ह्ह ह हह हह फक मी हार्ड आःह्ह ह ह्ह्ह्ह हह ह ह ह्ह्ह हह ह्ह्ह्ह ह्हुई ई ई ईई इ ईई इ ई ई इ फक मी हार्डर आःह्ह्ह ऊह्ह्ह ह ह्ह्ह्हह ओह हह ह ह करने लगी | फिर मैंने पोजीशन बदली और घोड़ी बना कर चोदने लगा | करीब आधे घंटे की जोरदार चुदाई के बाद हम दोनों झड़ने वाले हुए तो मैंने लंड उसकी चूत से निकाला और उसके पेट पर सारा माल झाड दिया | फिर हम दोनों होटल में ही थक कर सो गये |

Tuesday, October 31, 2017

चुदाई अपने कॉलेज की लड़कियों के साथ

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