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Wednesday, December 12, 2018

मेरी छोटी बहन की चुत की तड़फ

हाय फ्रेंड्स.. मेरा नाम बिक्की अरोड़ा है. मैं पंजाब के पटियाला का रहने वाला हूँ. मैं अन्तर्वासना पर बहुत सारी सेक्स स्टोरी पढ़ चुका हूँ और आज भी नियमित रूप से सेक्स कहानी पढ़ने के लिए सबसे पहले अन्तर्वासना साईट को ही खोलता हूँ. इधर की रंगीन कहानी पढ़ कर आज मेरे मन में एक विचार आया कि क्यों न मैं भी आप सभी अपनी आंखों देखी घटना आप सब को बताऊं.
चूंकि हर चीज़ शेयर करने का एक प्लॅटफॉर्म होता है और जब कोई साईट पर आपकी गोपनीयता बनी रहने की उम्मीद होती है, तो मुझे क्या, किसी को भी अपनी बात खुल कर रखने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए. आज इसी विचार को लेकर मुझे हिम्मत मिली और मैं अपना अनुभव आप सबके साथ शेयर कर रहा हूँ.
यह घटना मेरी छोटी बहन के साथ की है जो अभी पढ़ रही है. यह बात उन दिनों की है जब हमारा पूरा परिवार अपने मामा के घर रहने घूमने गया था. वैसे तो मैं अपनी बहन के बारे में कोई निगेटिव बात दिमाग़ में नहीं लाता था, पर एक घटना ने मुझको झकझोर के रख दिया. यह घटना मेरी आंखों के सामने हुई, पर मैं कुछ ना कर सका बल्कि उसी बहाव में खुद बह गया.
मेरी बहन, जिसका नाम पल्लवी है, को मैं अक्सर देखता था कि वो जब भी सोती थी, तो वो कमरा बंद करके अकेले ही सोती थी. मेरे मन में कुछ कुछ संदेह सा होता था.. क्योंकि वो उम्र के जिस दौर से गुजर रही थी, वो मैं पार कर चुका था.. इसलिए मुझे इस बात का गहरा अनुभव था.
जब हम सभी मामाजी के घर पर थे. तो एक दिन की बात थी, मैं मामा जी के घर की छत पर टहल रहा था. तभी बगल के घर की खिड़की से एक लड़का दिखा. उसका नाम करण था, वो किसी को फ्लाइयिंग किस दे रहा था. मैं कुछ समझ नहीं पाया.
मैंने जब छत से नीचे आके देखा तो वो मेरी बहन के कमरे की ओर देख कर किस कर रहा था. मेरी बहन रूम बंद करके अन्दर थी. मैं फिर से छत पर आ गया.. और उसको छुप कर देखने लगा.
कुछ देर बाद करण ऐसे ही सेक्स करने का इशारा कर रहा था.
मैंने सोचा कि इन लोगों की हरकतों को रंगे हाथ पकड़ा जाए. मैं उस समय तो करण को कुछ नहीं बोल सकता था, क्योंकि इससे मेरी बहन का इज़्ज़त खराब होने का डर था. लेकिन मैं अब उन दोनों पर चुपके से ध्यान रखने लगा. करण मेरे मामाजी के घर भी आता था. मैं इस बात को लेकर उसके साथ कुछ कर भी नहीं सकता था.
मेरी बहन मुझसे छोटी थी और जब तक मैं उसे रंगे हाथ नहीं पकड़ता, तब तक मैं उसको भी कुछ नहीं बोल सकता था. सो मैंने अब उन दोनों पर नजर रखना शुरू कर दिया.
एक दिन मेरी बहन पल्लवी नहा कर आई और कमरे में कपड़े चेंज कर रही थी. तो करण फिर से उसको कुछ इस तरह का इशारा कर रहा था जैसे वो किसी चीज को लाइक कर रहा हो.
मुझको लगा कि अन्दर कमरे में बहुत कुछ गड़बड़ चल रही है. इसी वजह से मुझे ये भी लगने लगा कि करण रात में मेरी सिस्टर के कमरे में आता है.
एक दिन मैंने अपना फोन में हिडन कैमरा ऑन करके उसके कमरे की खूंटी में टांग कर चार्जिंग पिन को लगा दिया. ताकि इस तरह से उसको शक ना हो.
जब मैंने सुबह फोन निकाला तो जो वीडियो उसमें शूट हुआ था, उसको देख करके मैं दंग रह गया. मैं सोच भी नहीं सकता था कि मेरी बहना पल्लवी, जिसको इतने अच्छे संस्कार मिले हों, वो ये सब काम भी कर सकती है.
मुझे उस वीडियो में चल रही क्लिप को देख कर कई दिनों तक ये चिंता बनी रही थी.
दरअसल करण जिस तरह से उसके मुँह में अपना लंड डाले हुए चुसवा रहा था … वो ऐसा लग रहा था मानो पल्लवी कोई पॉर्न स्टार हो. दूसरे सीन में वो लंड चुसवाता हुआ पल्लवी की गांड पर तेज तेज थप्पड़ भी बरसा रहा था, जिससे पल्लवी के चूतड़ एकदम लाल हो गए थे.
मैं ये सब याद कर कर के पागल हो गया. मुझे पल्लवी को लंड चूसते देख कर ये ध्यान ही नहीं रहा था कि यह लड़की मेरी सगी बहन है, हम दोनों एक ही माँ के जाये हैं. नतीजा यह हुआ कि अंत में मैं भी पल्लवी को चोदने का प्रयास करने में जुट गया. मैंने सोचना चालू किया कि ये सब उसके साथ कैसे करूँ.
मैं एक दिन दोपहर में उसके कमरे में गया और अपने मोबाइल में फीड उस लंड चुसाई वाले वीडियो को, उसके रूम के टीवी में कनेक्ट करके प्ले कर दिया.
मेरी भगिनी ने सेक्स वीडियो को देखा तो वो घबरा गई और उसके पास कुछ बोलने कहने को कोई शब्द ही नहीं थे.
अब मुझे मेरी सेक्सी बहन को कुछ बोलने की आवश्यकता ही रह गई नहीं थी. वो मेरे करीब आकर रोने लगी- भैया.. आप किसी को मत बोलना.. आप जो चाहो कर लो, पर इस बात को किसी से मत बोलना.
मेरा गुस्सा उफान पर था. मैंने बहन की गांड पर 5-6 झापड़ जड़ दिए और उसको बोला- अब तू रंडी बन गई है.. तू मुझे भाई मत बोल.
उस दिन तो मैं वहां से चला गया.
दो दिन तक जब भी मेरा मन होता, मैं उस वीडियो को देखने लगता. तीसरे दिन मैंने उससे कहा कि रात में तुम मेरे कमरे में आ जाना.
रात हुई, सब लोग खाना खाकर सोने चले गए. मैं भी अपने कमरे में आ गया. मैंने कमरे के दरवाजे को खुला छोड़ दिया था. करीब 11:30 बजे वो मेरे कमरे में आई और सिसक सिसक के रोने लगी.
मैंने कहा- जो हुआ सो हुआ.. अब चुप हो जाओ.. जब तुमको चुदाई ही करवाना था तो मुझको बोल देती.
इतना कहते हुए मैंने एक ब्लू मूवी चालू कर दी. मैंने टीवी का वॉल्यूम म्यूट कर दिया था. जैसे जैसे ब्लू मूवी की चुदाई आगे बढ़ने लगी, मेरी बहन की कामुकता जागती गई. मैंने उसे देखा तो वो नंगी होने लगी और अपना रंग दिखाने लगी. में लेटा हुआ सब देख रहा था.
वो मेरे करीब आई और चिपकने लगी. मैंने उसको दूर हटाया तो वो मुझको उत्तेजित करने के लिए अपने कपड़े खोलने लगी.
मैं जीवन में पहली बार अपनी बहन की चूचियों को देख रहा था. क्या मस्त चूचियां थीं … एकदम से तनी हुई. मुझे तो पता भी नहीं था कि उसके चूचियों के निप्पल डार्क ब्राउन रंग के हो गए हैं. नीचे देखा तो उसकी चूत में झांटें भी आ गई थीं.
अगले दस मिनट में मेरे सामने एक 18 साल की लड़की पूरी तरह नंगी खड़ी थी. उसका साइज़ तो नहीं बता सकता, पर हां जब वो पीछे घूमी, तो उसकी उठी हुई गांड देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.
अब मैं सोचने लगा कि इसलिए ही करण इसकी गांड पर थप्पड़ बरसा रहा था.
अब उसकी गांड पर थप्पड़ बरसाने की बारी मेरी थी. मैं उसको अपनी गोद में लेकर उसकी गांड को मसलने लगा. उसके मम्मों को मसलने लगा. मैं भूल चुका था कि वो मेरी छोटी बहन है. मैं उसके साथ रंडी जैसे व्यवहार करने लगा.
पहले मैं 20 मिनट तक उसके चूचों को मसलता रहा. जब वो गर्म हो चुकी तो उसने मुझे खड़ा किया और खुद नीचे बैठ कर मेरा पैन्ट खोल कर मेरे लौड़े को, जो 6 इंच से कुछ ज़्यादा ही होगा, उसको निकाल लिया.
मैंने उसको इशारा किया तो वो मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. मैं उसके माथे को पकड़ के उसके मुँह में अपना लंड पेल रहा था. वाह क्या चूसना सीख गई थी एकदम रंडी जैसे लंड चूस रही थी.
इस वक्त उसके चूचे मेरे हाथों में दबे थे. उसके कसे लेकिन मुलायम मम्मों, जैसे गुब्बारों में पानी भरा हो, का क्या कहना. फिर मैंने उसको घोड़ी बना दिया. पीछे आकर उसकी चुत को चूमना शुरू किया.
उसकी चुत से पानी की धार आ रही थी. मैं उसकी चुत को मस्ती से चूस रहा था.
दस मिनट उसकी चुत को चूसने के बाद मैंने अपनी छोटी बहन की चुत में अपना लंड लगाया और एक ही झटके में पूरा लंड घुसा दिया. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उसकी चुत बहुत ही टाइट थी. वो इससे पहले एक दो बार ही चुदी थी. मैं उसकी चुत को करीब 15 मिनट तक चोदता रहा.
वो मेरे लंड की मोटाई को झेल नहीं पा रही थी, जिससे वो हल्के स्वर में चिल्लाए जा रही थी- आह … भैया छोड़ दो … मुझे दर्द हो रहा है … आपका बहुत बड़ा है.
जब भी वो चिल्लाती, मैं उसके मुँह को दबा कर अपनी स्पीड और तेज कर देता था. कुछ देर बाद वो झड़ गई. मगर मैं अभी गरम था. तो मैंने उसकी चुत को चोदने के बाद उसकी गांड मारने का सोचा.
मैंने उसको बेड के किनारे पर घोड़ी बना कर दिया और मैं नीचे खड़ा हो गया. जैसे ही मैंने उसकी गांड में अपना लंड लगाया, वो समझ गई. वो उठ कर बैठ गई और मेरे पैर पकड़ते हुए बोली- भैया, प्लीज़ गांड मत मारो.. बहुत दर्द होता है.. और आपका तो बहुत बड़ा है.
मैंने उसके चूचों को दबाते हुए कहा- रंडी साली.. जब करण तेरी गांड मार रहा था.. तो दर्द नहीं कर रहा था.
वो चुप रह गई.
फिर मैंने उसको घोड़ी बना कर उसकी गांड में लंड पेलना शुरू किया.
अगर अन्तर्वासना के पाठकों को मेरी छोटी बहन की गांड देखना हो तो वे उसे वीडियो पर देख सकते हैं.
उसकी मस्त गांड देख कर आपलोगों को भी उसकी गांड में लंड पेलने का मन करने लगेगा.
अब मैं उसकी गांड को लंड पेल कर बेरहमी से चोद रहा था. वो चिल्ला रही थी, लेकिन मैं बिना परवाह किए, उसकी गांड को चोदे जा रहा था.
थोड़ी देर में मैं झड़ने लगा.. मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके मुँह में पेलने लगा. कुछ देर बाद मैंने सारा माल उसके मुँह में ही निकाल दिया और मैंने उसकी नाक को दबाए रखा क्योंकि मैं चाहता था कि वो मेरे लंड के माल को उगल ना दे. जब उसने मेरे लंड का पूरा पानी पी लिया, तभी मैंने लंड को बाहर निकाला.
अब जब भी मेरा सेक्स करने का मन होता है तो मैं अपनी बहन को चोद लेता हूँ. अब वो रोती भी नहीं है, मजे से पूरी गांड उठा कर गांड और चूत मरवाती है.
आप लोग मेल करके बताएं कि आपको मेरी बहन की गांड चूत चुदाई स्टोरी कैसी लगी. यह मेरा पहली कहानी थी.


Wednesday, November 1, 2017

ट्रेन के टॉयलेट में भाभी चोदी

हेल्लो यारो.. My Hindi Sex Stories की सभी स्टोरीस मैंने पढ़ी हुई हैं और आज मुझे अपनी train sexy story भेजने का मन हुआ. ये ट्रेन में मेरे साथ हुई सच्ची घटना है. एक मस्त अनजान भाभी को मैंने ट्रेल के टॉयलेट के छोड़ डाला. पढ़िए मेरा एक्सपीरियंस..
मेरा नाम मेहुल हैं और मैं 21 साल का हूँ. यह सच्ची घटना आज से दो साल पहले हुई थी जब मैं अपने मम्मी पापा के साथ मुंबई से अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस में जा रहा था. हम लोग थ्री टायर एसी में सफ़र कर रहे थे और ट्रेन के वेस्टर्न टॉयलेट में मैंने एक मारवाड़ी सेक्सी भाभी की चूत मारी थी. यह मारवाड़ी भाभी वापी से ट्रेन में चढ़ी थी अपने पति के साथ. आइये आपको इस कहानी को विस्तार से बताता हूँ.
मेरी बहन लतिका की शादी अमृतसर में हुई हैं और हर साल एक बार हम दो दिन के लिए उसे मिलने जाते है. हम मुंबई से पश्चिम एक्सप्रेस से ही अक्सर जाते हैं, और अगर ट्रेन में जगह ना मिले तो फ्लाईट से चले जाते हैं. मैं अभी बी.इ. लास्ट सेम में हूँ और यह बात तब की हैं जब में फोर्थ सेम में था. मैंने अपने मम्मी पापा के साथ अमृतसर जा रहा था. पश्चिम एक्सप्रेस के थ्री टायर एसी डिब्बे में बहार की गर्मी महसूस नहीं हो रही थी. ट्रेन आधी घंटा लेट चली थी और वापी आते आते तो मैं आधी नींद सो चूका था. वापी उतर के मैंने चिप्स और ड्रिंक ली और दरवाजे के ऊपर ही खड़ा रह गया. तभी मैंने देखा की एक सेक्सी भाभी जिस की उम्र कुछ 30 के करीब होगी वो ट्रोली बेग खिंच के आ रही थी.उसके पीछे एक बूढा भी छोटी सी बेग ले के आ रहा था. ट्रेन यहाँ ज्यादा रूकती नहीं थी इसलिए मुझे लगा की हो ना हो वो हमारे ही डिब्बे में होंगी. इस सेक्सी भाभी ने बड़े गोगल्स लगाये थे और उसने मेरे सामने देख के वही डिब्बे का नंबर पूछा. मैंने उसे हाथ से इशारा किया. भाभी अपनी सेक्सी गांड दिखाते हुए डिब्बे में चढ़ गई. साथ में आया बूढा तो उसे बेग दे के निचे उतर गया, शायद यह सेक्सी भाभी अकेली ही ट्रेन से जाने वाली थी.
मेरा दिल जोर जोर से धडक रहा था, क्यूंकि यह सेक्सी भाभी को देख के पुरे रस्ते मस्त टाइम पास हो सकता था. वो एक ही डिब्बे में थी इसलिए दरवाजे पे खड़े रहने के बहाने से भी उसे ताड़ सकते हैं. मैंने ड्रिंक खतम की उसके पहले तो ट्रेन चल पड़ी. मैंने दरवाजे पे खड़े खड़े हुए ही चिप्स ख़तम की और कान में हेडफोन वापस लगा के मैंने जब अपने कम्पार्टमेंट में आया तो हक्काबक्का रह गया. इस सेक्सी भाभी का नम्बर वही पर था. वो मेरे मोम से बाते कर रही थी. मेरी सिट साइड अपर थी और मैंने ऊपर चढ़ के इस सेक्सी भाभी की गली देखना चालू किया. तभी मेरी मोम ने इस सेक्सी भाभी को कहा, ये मेरा बेटा मेहुल हैं, अन्जिनियरिंग कर रहा हैं. मैंने भाभी को स्माइल दी और उसने भी बड़े सेक्सी अंदाज से स्माइल का जवाब दिया. मैंने उपर अखबार खोल के बैठा था और इस बहाने उसकी गली को देखे जा रहा था. भाभी की क्लेवेज काफी गहरी थी, इस से साफ़ जाहिर था की उसके चुंचे काफी बड़े होंगे. मेरा लंड खड़ा हो रहा था. लेकिन मोम डेड के वहाँ होने की वजह से मैं कुछ कर नहीं सकता था.
थोड़ी देर बाद भाभी ने डिब्बे से कुछ खाना निकाल के खाया, उसने मोम डेड को और मुझे भी खाने के लिए कहा. मोम ने एक बाईट ली और मैंने और डेड ने मना कर दिया. खाने के बाद यह सेक्सी भाभी अपनी अपर बर्थ पे आ गई. मोम डेड ने भी सिट उठा दी. मोम मिडल बर्थ में और डेड लोवर में लेट गए. सामने की तीनो सीटो में अभी कोई नहीं आया था. मेरे निचे एक सरदार जी मुंबई से चढ़े हुए थे, लेकिन वो तो ट्रेन चालु होने से पहले से ही सो गए थे. भाभी अब बिलकुल मेरे सामने थी. मैंने उन्हें देख रहा था. वो सोने के लिए चद्दर खोल के लेटी हुई थी. मेरी नजर बार बार उसकी तरफ जाती थी. सेक्सी भाभी के उभरे हुए अंगो को देख एक लंड के अंदर अजब सा तनाव आया था. भाभी ने कुछ देर तक सोने की ट्राय की लेकिन शायद उसे शोर से नींद नहीं आई. मैं अब भी उसे हर दूसरी मिनिट देख रहा था. पहले तो यह सेक्सी भाभी जैसे की मुझ में इंटरेस्टेड नहीं हो वैसे इधर उधर नजरे घुमाती रही. लेकिन थोड़ी देर बाद उनकी तिरछी नजरे भी मेरे तरफ घुमने लगी. वो बार बार किसी ना किसी बहाने मेरी तरफ देख रही थी. अब वो मुझे हलकी हलकी स्माइल भी दे रही थी. मैं मनोमन सोच रहा था, भाभी एक बार सिग्नल दे दो तुम्हारी चूत में अपनी ट्रेन हम चला देंगे. वैसे भी मोम डेड तो पुरे रास्ते में 75% वक्त सोये रहते हैं इसलिए उनकी टेंशन नहीं थी. भाभी अब मेरी तरफ घूरने लगी. मैंने भी अपनी नजरे उसके उपर से हटाई ही नहीं.
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रंडी कहीं की साली
मैंने सोचा की ऐसे देखादेख से कुछ पता नहीं चलेगा, और अमृतसर आ जाएगा. मैंने सिट से निचे उतरा और जाके दरवाजे के पास की खुली जगह पे खड़ा हुआ. यहाँ का बैरा अंदर किसी खाली सिट में जाके सोया होंगा क्यूंकि वहाँ पर उस वक्त मेरे अलावा कोई नहीं था. मैंने अपने हेडफोन की वोल्यूम कम कर दी. पता नहीं मुझे ऐसा क्यूँ लग रहा था की वह सेक्सी भाभी यहाँ आएगी. 10 मिनिट तक तो ऐसा कुछ हुआ नहीं. मैं मनोमन सोच रहा था की चल बेटे मेहुल बाथरूम जा के सेक्सी भाभी को सपनो में चोद ले. मैं मुठ मारने का पक्का मन बना चूका था तभी मैंने देखा की वह भाभी सिट से निचे उतर गई थी. वो इधर ही आ रही थी. मेरे बदन में एक शीतलहर सी दौड़ गई. भाभी वहाँ आ के रुकी और बोली, हाई…अंदर बहुत बोर लग रहा हैं ना…!!!
मैंने उसके सेक्सी चुंचो की तरफ कुत्ते की तरह देखते हुए कहा, हाँ अंदर सच में बोर लग रहा हैं. उसने अपनी पानी की बोतल से सिप लेते हुए कहा, कहाँ जा रहे हो आप लोग. मैंने कहा, अमृतसर. मैंने उसे पूछा और आप. मैंने भी वहीँ जा रही हूँ. उसने आगे पूछा, कहाँ रहते हो वहाँ पे. मैंने कहा, हम तो यही मुंबई में ही रहते हैं. मेरी दीदी और जीजाजी वहाँ रहते हैं…और आप? सेक्सी भाभी ने आँखों को छोटी करते हुए कहा, मैं वहीँ रहती हूँ, वैसे मैं अँधेरी की हूँ लेकिन मेरे पति की वहाँ साड़ी शो-रूम हैं. मैंने उसके चुंचो से नजर हटा के उसकी तरफ देख के कहा, अमृतसर तो मुंबई से बहुत छोटा हैं, आप एडजस्ट हो गई. भाभी ने अपने चुंचो की उपर मेरी नजर को देखा था लेकिन फिर भी उसने आधे खुले अपने चुंचो के उपर पल्लू नहीं डाला और बोली, मैं सच में मुंबई मिस करती हूँ. कहाँ यहाँ की तेज और रंगीन लाईफ, डिस्को, पबिंग, ड्रिंकिंग, वन-नाईट स्तेंड्स…और वहाँ तो बस में घर की बिल्ली बन गई हूँ….!!
ओत्तेरी, साली यह सेक्सी भाभी तो पार्टी एनीमल थी, मैंने ख़ासकर उसके वन-नाईट स्टेंड वाली बात पे ध्यान किया और उसे कहा, सही बात हैं, लेकिन वन-नाईट स्टेंड तो आप वहाँ भी डेटिंग साईट से कर सकते हैं. उसने हँसते हुए कहा, नहीं यार उसपे मेरा अनुभव इतना अच्छा नहीं हैं. एक बार 55 साल का बुढा 28 की उम्र बता के मुझे मिलने आया था. वैसे तुम तो काफी हेंडसम हो, गर्लफ्रेंड वगेरह हैं या नहीं. मैंने कहा, आज से एक महीने पहले तक थी, अभी हाल में ब्रेकअप हुआ हैं (मैंने जानबूझ के जुठ कहा था, अकेले लडको को भाभी और आंटियां ज्यादा लाइक करती हैं.) सेक्सी भाभी ने मुझे देख के कहा, फिर तो दिक्कत होती होंगी एक महीने से……और वो हंसने लगी, उसके हंसी और बातो का मतलब सीधे मेरी सेक्स लाइफ के ऊपर थी. पता नहीं मुझे उस वक्त क्या हुआ, मैंने उस हंसती हुई सेक्स बम की आँखे देख रुक नहीं पाया. मैंने भाभी के दोनों गालो को अपने हाथो में ले के उसके होंठो के ऊपर किस कर दी. यह सब एकदम से हो गया और भाभी को संभलने का जरा भी मौका नहीं मिला. उसने मेरी छाती के उपर जोर जोर से दो मुक्के लगाये और मैंने उसे छोड़ दिया.

Tuesday, October 31, 2017

चुदाई अपने कॉलेज की लड़कियों के साथ

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भाभी चुदी देवर से

नमस्कार दोस्तों कैसे हो आप लोग | आशा करता हूँ की आप सब मस्ती में होकर रोज चूत की कहानिया पढ़ रहे होंगे | दोस्तों मैं आज आप लोगो को आज अपने जीवन पर बीती एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ उससे पहले आप लोग थोडा मेरे बारे में जान लीजिये फिर मैं अपनी कहानी को आगे ले चलता हूँ |
दोस्तों मेरा नाम गौतम सिंह राठौर है | मैं सीतापुर का रहने वाला हूँ | मेरा एक छोटा परिवार है जिसमे मेरे मम्मी-पापा और मेंरा एक बडा भाई है | पापा मेरे अपनी गारमेंट्स की दूकान पर बैठते है और मम्मी एक सीधी-सादी हाउसवाइफ हैं जो ज्यादातर घर पर ही रहती हैं | बड़ा भाई बैंक में नौकरी करता है जो हमेशा घर के  बाहर रहते हैं और साल में कहीं 1-2 बार घर पर आते है | तो चलिए दोस्तों मैं आप लोगो को अपनी ज्यादा बकवास न सुनाते हुए सीधा कहानी की ओर ले सचलता हूँ |
दोस्तों ये बात उस समय की है जब मैं 10 स्कूल में पढता था और मेरा बड़ा भाई मेरे ही कॉलेज में 12वीं में पढता था | बढे भाई ने अपनी पढाई पूरी कर ली थी और बैंकिंग की तैयारी करके बैंक में नौकरी मिल गयी थी | तो वो उनकी पोस्टिंग कहीं दूर हो हुई थी और उनका घर में आना कम होता था | लगभग नौकरी लगने के 1 साल बाद उन्होंने सादी कर ली थी | मैंने अपने भईया की साडी में खूब मस्ती की थी | भईया अपनी सादी में 20 दिन की छुट्टी ले के आये थे | और फिर वे अपनी नौकरी पर चले गये थे | अब हम लोग अपने घर में 4 लोग रहते थे | पापा मेरे शॉप पर चले जाते थे और मम्मी और भाभी घर पर ही रहा करती थी | मैं भी अपने स्कूल चला जाता था और कहीं शाम को अपनी कोचिंग करके आता था | दोस्तों मेरी भाभी दिखने में बहुत सुन्दर थी | मैं उनसे जब मुझे टाइम मिलता था तब मैं उनसे खूब मजाक करता था और वो भी मुझसे करती रहती थी | मैं थोडा शुरू में शरमाया करता था फिर धीरे-धीरे जाके खुल गया था |  दोस्तों मैं अब अपने कॉलेज में बहुत मस्ती करता था | दोस्तों मैं अपने कॉलेज में पढने मे ज्यादा सही नही था | इसी चीज का फायदा उठा कर मैं अपना ज्यादा तर काम लडकियो से करवा लेता था थोडा इमोशनल हो जाता था | मैं बहुत कमीना था हमेशा क्लास की बेक सीट पर बैठकर दोस्तों के साथ मस्ती करता था |

इक दिन हम लोगो का इंटरवल के बाद साइंस का पीरियड था और उसे हमारे प्रिंसिपल सर पढ़ाते थे | हम लोगो ने इंटरवल में  खाना-पीना खाया और अपनी-अपनी बुक्स ले के कॉलेज के ग्राउंड में चले गये और बैठ गये जाके | क्योकि जाड़ो की सीजन था और हम लोग धुप में बैठना चाहते थे | हम सब लोग जाके ग्राउंड में  बैठ गये थे और अभी सर नही आते थे हम लोग उनका वेट कर रहे थे | थोड़ी देर बाद सर आ गये और हम लोग खड़े होकर ऊनको विश किया और बैठ गये और पढने लगे | जब हम लोग पढ़ रहे थे तो हम लोगो के सामने लडकिया बैठी थी | मेरी अचानक से नज़र एक लड़की की तरफ गयी वो जब बैठी थी तब उसने अपनी स्कर्ट नही ठीक से नही संभाली थी और उसकी झांघे और अंडरवियर दिख रही थी | मैं पढाई की ओर ध्यान न करके उसकी झंघो और अंडर वियर की और देख रहा था | मैं उसकी झांघो को देख-देख कर फील कर रहा था | भाई साहब क्या जांघे थी उसकी | अब वो नज़ारा देखते-देखते मेरा लंड खड़ा हो चूका था | उसकी गोरी-गोरी झांघे मेरा दिमाक ख़राब कर रहा था | उसने काले रंग की अंडरवियर पहन रख्खी थी | पीरियड ख़त्म हुआ और हम सब लोग अपनी क्लास में पहुंचे | मेरा लंड अब भी खड़ा हुआ था और मुझे कण्ट्रोल नही हो रहा | अगला पीरियड खली था मैं लडकियो की कमर और चुतरो को देख कर कॉलेज के टॉयलेट में जाके मुठ मार दिया जाके और अपनी साड़ी गर्मी निकाल दी तब जाके मुझे चैन आया | मैं वापस आके अपनी क्लास में बैठ गया | अब मैं उसी लड़की को देख रहा था उसने भी मुझे एक नज़र देखा और पूंछा की क्या देख रहे हो मैंने कहा की कुछ नही जनाब | वो एक तरह से मेरी दोस्त ही थी मैं उससे कभी-कभी बाते कर लेता था | क्लास में सभी लड़के मस्ती कर रहे थे मैं भी जाके उसके पास बैठ गया जाके और मजाक-मजाक में उससे पूंछा की आज मैंने तुम्हारा कुछ देखा | उसने कहा की क्या मैंने उससे गेस करने को कहा वो थोड़ी देर तक सोंचती रही और सोंचती रही | फिर मैंने बता ही दिया उसे की आज तुमने काले रंग की अंडरवियर पहन रखी है | पहले तो वो शरमा गयी फिर उसने मुझे मारने के लिए दौड़ाया मैं भाग गया | हम लोग का मजाक चलता रहता था आपस में हम लोग मजाक कर लेते थे | हम लोगो के हाई स्कूल के एग्जाम आ गये थे | हम लोग ने अपने दिए और अब इंटर में आ गये थे | मैं हाई स्कूल में मैं कम कमीना था उससे ज्यादा मैं अब इंटर में हो गया था | एक दिन मेरा दोस्त कॉलेज में मोबाइल लाया था वह पोर्न विडियो देख रहा उसके पास एक दो लड़के क्लास के पास ओर बैठ कर देख रहे थे | मैंने भी ज्यादा भीड़ देखी औरमैं भी चला गया और देखने लगा | मैंने पोर्न विडियो पहली बार देखी थी | पोर्न विडियो देख कर मेरा संतुलन ख़राब हो और अब मुझे चूत चोदने की ललक लग चुकी थी | पर मेरे पास कोई उपाय नही था | मैंने अपना कॉलेज कम्पलीट किया और घर पर गया | मैं शाम को अपने घर पहुंचा था | मेरे मन में अब चूत चोदने की ललक ही जग रही थी पर अफशोस कोई रास्ता और नही था | मैंने अपना डिनर किया और जाके अपने कमरे में लेट गया जाके |  मैंने पाने सारे कपडे उतार दिया और मुठ मारने जा रहा था | मैं अपने लंड में थूक लगा कर मूठ मार रहा था और अपने मुह से आह आह आहा आहा आहा अह आहा आहा अह आहा आहा अह आह आहा अह आहा अह आह आहा अह आह आहा आहा अह आह आह अह आह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह आह आह आहा आहा हा आह आहा अहः आहा आहा अह की सिस्कारियां निका रहा था तभी अचानक से मेरी भाभी दूध का गिलास ले के मेरे कमरे में आ गयी | मैंने जोश में ध्यान नही दिया और मूठ मारे जा रहा था और जब मैं झड़ने वाला ही था तब मेरा ध्यान मेरी भाभी की तरफ गया | मेरी फट गयी मैं एक दम नंगा हाथ में लंड पकड़ कर खड़ा था और मेरे लंड से पानी निकल रहा था | भाभी ने दूध का गिलास टेबल पर रख दिया और थोडा मुस्कुराया और शरमा के चली गयी |  मैं पूरी तरह से झड गया था और अपने लंड को साफ़ कर के बेड पर लेट गया और भाभी के बारे में सोंच रहा था और मन में यही कह रहा था की भाभी क्या सोंच रही होंगी मेरे बारे में | रात बीती मैं सुबह उठा भाभी ने मुझे ब्रेकफास्ट दिया और मुझे देख कर हंसी जा रही थी | मैंने अपना ब्रेकफास्ट ख़त्म किया और कॉलेज चला गया | मैंने सारा दिन भाभी के बारे में सोंचता रहा की अगर भाभी को बुरा लगता तो कब का मम्मी से या भईया से कीह देती यूँ मुझे देख कर हंसती थोड़ी न | मैंने सारा दिन कॉलेज में अपना दिमाक लगाया | और शाम को घर पहुंचा और कपडे निकाल कर खेलने चला गया | शाम को दीनर किया और कमरे में चला गया इस बार मैंने दूध डाईनिंग टेबल पर ही पी लिया था ताकि भाभी को मेरे कमरे में ना आना पड़े | मैं कमरे में लेता था और इधर-उधर दिमाक लगा रहा था फिर अचानक से मेरे दिमाक में आया की भाभी क्या कर रही है |
मैं अपने कमरे से बाहर आके भाभी के कमरे में गया और कमरे में झाँक कर देखा तो भाभी भी पूरी नंगी होकर बेड पर लेती थी और अपनी चूत में उंगली कर रही थी | मुझसे यह सीन देख कर कंटोल नही हुआ और मैं अचानक से भाभी के कमरे में चला गया और सामने ही खड़ा हो गया | भाभी एक दम से खड़ी हो गयी और थोड़ी दे बाद भाभी ने कमरे को लॉक कर दिया और मेरे भी कपडे निकाल दिए | मैं तो चूत का भूंका ही था मैंने कुछ नही कहा | फिर भाभी बेड पर लेट गयी मैं भी भाभी के ऊपर लेट कर भाभी के होंठो को चूस रहा था और उनके दूध दबा रहा था | थोड़ी देर तक मैंने भाभी को चूमा और फिर बाद में मैंने भाभी के दोनों पैरों को फैला दिया और भाबी को चूत में अपना लौंडा डाल कर चोदने लगा और भाभी के मुह से आह आह आहा आहा आहा अह आहा आहा आहा आहा अह आह आहा आहा आहा उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्होह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह इह्ह इह्ह इह  सिस्कारियां ले रही थी | इस तरह से मैंने अपनी और भाभी की गर्मी को शांत किया |
तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | आशा करता हूँ की आप लोगो को पसंद आएगी |

अपनी बहन को दोस्त से चुदवाया

Apni Behan Ko Dost Se Chudwaya : हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम पीलू है और मेरी उम्र 24 साल है। आज में आपको मेरी एक रियल स्टोरी शेयर कर रहा हूँ। मेरी फेमिली में हम 5 लोग रहते है मेरे मम्मी, पापा और 2 बहनें है, बड़ी बहन की उम्र 28 साल, वो शादीशुदा है और शिल्पा की उम्र 22 साल, वो कॉलेज में पढ़ रही है। मेरी बहन शिल्पा का बहुत कम उम्र में ही मस्त फिगर हो गया था, बड़े-बड़े दूध और गांड भी बहुत मस्त हो गयी थी। अब में जब भी उसको सोते हुए देखता तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था। अब में अपनी बहन को चोदने की सोच रहा था, लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि कैसे चोदूं? उसकी मोटी-मोटी जांघे, बड़ी गांड, सांवला भरा-भरा बदन, मुझे मदहोश कर देता था।
मेरा एक फ्रेंड था नील, वो मेरे बहुत क्लोज़ था। एक दिन हम दोनों ने सौदा किया कि हम दोनों एक दूसरे की बहन को पटायेंगे और चोदेंगे। फिर 2-3 महीने में मैंने नील की बहन पूनम को पटा लिया और नील ने मेरी बहन को पटा लिया। मेरी बहन तो नील से चुदवाने को बैचेन थी और मोबाईल पर ज़्यादा टाईम नील से ही बात करती थी। अब में जब भी नील के घर जाता और नील मेरी बहन को कॉल करता था और नील और मेरी बहन के बीच बहुत सेक्सी बातें होती थी। नील इयरफोन लगाकर उससे बात करता था और एक साईड का इयरफोन में अपने कान में लगाता था। मेरी बहन क्या हॉट बातें करती थी? उसकी बातों से ये समझ में आता था कि वो नील से जल्दी ही चुदना चाहती है। मैंने भी नील को बोल रखा था कि जितनी जल्दी हो सके मेरी बहन शिल्पा को चोदो, क्योंकि में अपनी बहन को चुदते हुए देखना चाहता था।
फिर कुछ दिनों के बाद नील ने शिल्पा को चोदने का प्लान बनाया और चुदाई की जगह मेरा रूम फिक्स हुआ। फिर जब नील ने शिल्पा से कहा कि तुम्हारे भाई के रूम में ही करेंगे। फिर वो बोली कि भाई कहाँ रहेगा? तो नील ने कहा कि वो मेरी बहन को गणित पढ़ाने जायेगा तो हम उसी टाईम करेंगे। फिर वो भी मान गयी। मेरा रूम घर के फ्रंट में है और बाकी फेमिली के लोग अंदर की तरफ ही रहते है और मेरे रूम की तरफ बहुत कम आते है, मेरी बहन ही मेरे रूम में सबसे ज़्यादा टाईम आती है और हम दोनों घंटो वहाँ बैठते है और बातें करते रहते है, इसलिए घर के लोग ध्यान नहीं देते है। फिर अगले दिन दोपहर 1 बजे नील ने मुझे कॉल किया कि वो शिल्पा को चोदने घर आ रहा है तो ये सुनकर में पहले से ही अपने रूम में आ गया और अपने बेड के नीचे छुप गया और बेडशीट भी थोड़ा नीचे कर लिया जिससे में छुप सकूँ। मेरे बेड के नीचे और भी बड़ा सामान रखा था, जिससे में आसानी से छुप गया और ये सब मेरे दोस्त को पहले से ही मालूम था।

फिर थोड़े टाईम के बाद मेरी बहन रूम में आकर सोफे पर बैठ गयी और नील के आने का इंतजार  करने लगी। अब में बहुत खुश था, क्योंकि अब में अपनी बहन को नंगा देखने वाला था। फिर 10 मिनट में नील भी आ गया। फिर जैसे ही वो अंदर आया तो मेरी बहन ने डोर लॉक कर दिया और बिना टाईम ख़राब किए वो दोनों एक दूसरे से चिपक गये। फिर नील ने बेड से गद्दा उठाया और फर्श पर रख लिया, जिससे में पूरा सीन देख सकूँ, अब मुझे सब कुछ दिख रहा था। फिर नील ने मेरी बहन के कपड़े उतारने शुरू किए, उसने पहले सलवार उतारा तो जैसे ही सलवार उतरा तो मुझे शिल्पा की मस्त-मस्त जांघे दिखी। फिर कुर्ती उतारी, अब मेरी बहन पेंटी और ब्रा में थी, मेरी बहन क्या मस्त माल लग रही थी? भरा-भरा बदन। अभी तो उसके पेंटी और ब्रा भी नहीं उतरे थे और मेरा लंड टाईट हो गया और अब मेरा लंड पानी निकाल रहा था।
फिर थोड़ी देर में नील ने मेरी बहन की ब्रा का हुक खोला तो जैसे ही ब्रा निकली तो मेरी बहन के बूब्स झूल गये, क्या बड़े-बड़े बूब्स थे मेरी बहन के? फिर नील ने शिल्पा के बूब्स दबाना शुरू किया और मैंने मुठ मारना शुरू किया। फिर नील ने शिल्पा की पेंटी उतार दी, वाऊ क्या माल थी मेरी बहन? उसकी चूत के ऊपर काले-काले बाल थे। मैंने पहली बार अपनी बहन की चूत देखी, उसकी झांट देखी, उसकी गांड देखी। मैंने अपनी बहन का हर अंग देखा। अब मुझे अपनी बहन को पूरी नंगी देखकर बहुत मस्त लग रहा था। अब में मुठ मारते जा रहा था। फिर  जैसे ही मेरा माल निकलने वाला होता तो में रुक जाता और अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था, अब मुझे ऐसा लग रहा था कि बाहर निकल कर अपनी बहन की चूत चाट लूँ। फिर शिल्पा गद्दे पर लेट गयी और नील ने भी अपनी जीन्स, टी-शर्ट निकाल दी, अब उन दोनों की साँसे तेज चलने लगी थी और मुझे उनकी सांसो की आवाज़ आ रही थी। मैंने पहली बार महसूस किया कि मेरी बहन कितनी हॉट और सेक्सी है।
फिर नील ने शिल्पा की चूत में उंगली घुसा दी तो शिल्पा ने अपनी आँखे बंद कर ली। फिर नील अपनी उंगली अंदर बाहर करता रहा। फिर नील ने जीभ से मेरी बहन की चूत चाटना शुरू किया तो मेरी बहन सिसकियां भरने लगी। अब शिल्पा नील का लंड चूस रही थी और नील शिल्पा की चूत चाट रहा था और में मूठ मार रहा था। फिर नील शिल्पा के ऊपर चढ़ गया और अपने लंड पर ऑयल लगाया और चूत पर अपना लंड रख दिया। फिर मेरी बहन ने नील का लंड पकड़ा और चूत में घुसाने लगी, अब नील का आगे का सुपाड़ा ही अंदर गया था कि शिल्पा मदहोश हो गयी। फिर नील ने धीरे से अपना पूरा लंड अंदर चूत में घुसा दिया तो शिल्पा ने नील को कस कर जकड़ लिया। फिर नील ने झटके देने चालू किए और इधर मेरे लंड ने झटके मार दिए, मेरा पहली बार इतना ज़्यादा माल निकला और मेरा पूरा बदन कांप गया और मेरे बदन में जोरदार झटके लग गये।

और भाई कैसा पकड़ के देखो ऐसा

नमस्कार दोस्तों, कैसे हैं आप सभी ? मैं आशा करती हूँ कि आप सभी खुश होंगे अपनी लाइफ में और अपनी अपनी चुदाई की दुनिया में खुश होंगे | मेरा नाम प्रशा है और मैं तेजपुर की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 20 साल है और मैं ग्रेजुएट हूँ | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरा फिगर भी जीरो फिगर सेक्सी करीना है | मेरा फिगर 28-34-36 है | मेरे घर मेरे अलावा मेरे मम्मी और पापा और मेरी एक बड़ी दीदी हैं जो कि पापा के साथ डेल्ही में ही जॉब करती हैं | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश कर रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं चुदाई की कहानी रोजाना पढ़ती हूँ और मुझे चुदाई की कहानिया पढना बहुत पसंद है | मेरी एक फ्रेंड है जिसका नाम अर्पिता है उसी ने मुझे इस चुदाई की कहानी के बारे में बताया था | आज मुझे मौका मिल रहा है कि मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश करू | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय नही लूंगी और सीधा कहानी पर आती हूँ |
ये घटना गर्मी के टाइम की है | मेरा भाई जो बुआ का बेटा जिसका नाम राजुल है उसका एग्जाम था आईबी का | उसका एक दिन फ़ोन आया और उसने कहा कि मैंने तेजपुर अपना सेंटर लिया है और इसी बहाने तुम लोगो के यहाँ कुछ टाइम भी बिता लूँगा | ( उसका फ़ोन मेरे पास आया था क्यूंकि मैं ही घर में मोबाइल चलाती हूँ और मम्मी को फ़ोन चलाते नही बनता है ) | मैंने भी कहा ठीक है और फिर मम्मी से बात करवा दी कुछ देर मम्मी ने बुआ लोग से भी बात की | फिर मम्मी ने मुझे बताया कि राजुल एग्जाम देने के बाद कुछ दिन यहीं रहेगा तो दीदी वाला कमरा उसे दे देते हैं | मैंने भी हामी भर दी क्यूंकि मुझे कोई दिक्कत नही थी और उसे देखे हुए काफ़ी साल हो चुके थे | फिर एग्जाम के दो दिन पहले ही राजुल घर आया | जैसे ही वो आया तो मैंने देखा कि एक दम स्टाइलिश बन कर आया | मैं तो सोच भी नही सकती थी कि इतने साल में ये इतना बदल जायगा | राजुल अब बहुत स्मार्ट दिखने लगा और उसका ड्रेसिंग सेन्स भी कमाल का हो गया है | मम्मी खाना बना रही थी तो मैंने उन्हें आवाज़ दी और कहा कि राजुल आ गया है | फिर हम तीनो बैठ कर कुछ देर बात किये और फिर मम्मी खाना बनाने चली गई | मैंने मम्मी से कहा कि मम्मी मैं इसका सामान दीदी के रूम में जमा देती हूँ | मम्मी ने भी कहा ठीक है | फिर मैंने सीड़ी से ऊपर चढ़ने लगी कि तभी मेरा पैर फिसल गया और मैं सीधा उसकी गोद में जा गिरी | हम दोनों एक दूसरे को देख कर मुक्सुरा दिए और फिर उसने मुझसे कहा आराम से ! तो मैंने कहा हाँ हाँ ठीक है मेरा पैर फिसल गया था ओके | फिर दीदी के रूम गए वहां उसका सामान जमाने लगी | तभी मम्मी ने आवाज दी कि बेटा राजुल तू नहा कर फ्रेश हो जा फिर खाना खा लेना | उसके बाद वो नहाने चला गया और मैं नीचे जा कर टीवी देखने लगी | फिर वो नहा कर आया और हम तीनो बैठ कर खाना खाने लगे | खाना खाने के बाद फिर मम्मी अपने काम में लग गई और मैं और राजुल दीदी के रूम चले गए | हम तीनो ऐसे ही नार्मल बात करने लगे | बात करते करते हम दोनों बहुत आगे बढ़ गए और हम दोनों कि अब अशलील बाते होने लगी | हम दोनों बात करते करते बहुत गरम हो चुके थे और तभी मम्मी ने कहा कि अर्पिता इसको आराम कर लेने दे इसका पेपर है | फिर मैंने उससे कहा कि अपन रात में अपनी बात करेंगे | ये कह कर मैं भी अपने रूम में आ कर सो गई | उसके बाद रात में खाना खाने के बाद हम तीनो सोने चले गए | मम्मी जल्दी सो जाती हैं तो मैंने सीधा उसके रूम गई और हम दोनों के बीच फिर से अशलील बात करने लगे | ऐसे ही बात करते करते हम दोनों फिर से गरम हो गये और फिर उसने मेरे होंठ में अपने होंठ रख दिए और मेरे होंठ को चूसने लगा और मैं भी उसका साथ देने लगी और उसके होंठ को चूसने लगी | वो मेरे होंठ को चूसते हुए मेरे दूध दबाने लगा और मैं भी उसको किस करते हुए उसके लंड को दबाने लगी | हम दोनों ने करीब 10 मिनट तक किस किये | उसके बाद उसने मेरे टॉप को निकाल दिया और ब्रा के ऊपर से ही मेरे दूध को मसलने लगा तो मेरे मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया लेने लगी | फिर उसने मेरी ब्रा को भी उतार दिया और मेरे दोनों दूध को अपने मुंह में ले कर बारी बारी से चूसने लगा तो मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके सिर पर हाँथ फेरने लगी | वो बहुत जोर जोर से मेरे दूध को मसल कर चूस रहा था और निप्पलस भी होंठ में दबा कर चूस रहा था और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कर रही थी | फिर मैंने उसके हाफ पेन्ट को उतार दिया और अंडरवियर को उतार कर नंगा कर दिया | फिर मैंने उसके लंड को अपने हाँथ में ली और चाटने लगी जीभ से तो उसके मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया निकलने लगी | मैं उसके लंड को चाट चाट कर गीला कर रही थी और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया ले रहा था | फिर मैंने उसके लंड को अपने मुंह में डाल लिया और ऊपर नीचे करते हुए चूसने लगी तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए आन्हे भरने लगा | मैं उसके लंड को जोर जोर से ऊपर नीचे करते हुए चूस रही थी और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया ले रहा था |
फिर उसने मुझे लेटा दिया और मेरा हाफ पेन्ट उतार कर अंडरवियर को भी उतार कर नंगा कर दिया फिर मेरी चूत में अपनी जीभ रख कर चाटने लगा तो मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मचलने लगी | वो मेरी चूत में अपनी जीभ रगड़ते हुए चूत के दाने को भी होंठ से खींचते हुए चूसने लगा तो मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मदहोश होने लगी | फिर उसने मेरी चूत की चुदाई अपनी ऊँगली से चालू कर दिया और जोर जोर से मेरी चूत के अन्दर बाहर करने लगा और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए अपने दूध मसल रही थी | उसके बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत को रगड़ते हुए अन्दर डाल दिया और अन्दर बाहर करते हुए चोदने लगा और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करने लगी | फिर उसने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दिया और जोर जोर से धक्के मारते हुए चोदना लगा | मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए अपनी गांड उठा उठा कर चुदवा रही थी | उसके बाद उसने मुझे कुतिया बना दिया और मेरे पीछे आ कर अपना लंड मेरी चूत में डाल कर चोदने लगा और मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चुदवाने लगी | कुछ देर की चुदाई के बाद उसने अपना माल मेरे मुंह के ऊपर ही छोड़ दिया और हम दोनों ने उस रात दो बार और चुदाई की थी |
तो दोस्तों, ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी जरुर पसंद आई होगी |